जिम्मेदारों की अनदेखी: पीपली गांव ! आधा गांव पानी पीने को तरस रहा है जिम्मेदारों की अनदेखी: पीपली गांव ! आधा गांव पानी पीने को तरस रहा है सोडावास. एक और राज्य सरकार गांव की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर नई-नई योजनाएं बना रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण मुंडावर उपखंड के पीपली गांव में लोग आज भी आधा गांव पेयजल को तरस रहा है। पीपली गांव में पेयजल टंकी तैयार है। लेकिन परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही के चलते पीपली गांव के आधे गांव के ग्रामीणों को अब तक पानी नहीं मिल पाया है। पीपली गांव में करीब 2 साल से चल रहे कार्य अभी धीमी गति से ही चल रहा है। पीपली गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जांगिड़ ने बताया जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते आधा गांव पानी को तरस रहा है। भीषण गर्मी के चलते ग्रामीणों को दूर दराज से पेयजल व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रति नल कनेक्शन के लिए एक हजार रूपये भी दे दिए गए हैं मगर अब तक कनेक्शन नहीं हुए हैं। ग्रामीण महिलाओ का कहना है कि समय रहते जल्दी कार्य नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन करना पड़ेगा। सोडावास.. पीपली गांव कि पेयजल टंकी बनकर तैयार, ग्रामीण देख रहे पानी की बाट
जिम्मेदारों की अनदेखी: पीपली गांव ! आधा गांव पानी पीने को तरस रहा है जिम्मेदारों की अनदेखी: पीपली गांव ! आधा गांव पानी पीने को तरस रहा है सोडावास. एक और राज्य सरकार गांव की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर नई-नई योजनाएं बना रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण मुंडावर उपखंड के पीपली गांव में लोग आज भी आधा गांव पेयजल को तरस रहा है। पीपली गांव में पेयजल टंकी तैयार है। लेकिन परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही के चलते पीपली गांव के आधे गांव के ग्रामीणों को अब तक पानी नहीं मिल पाया है। पीपली गांव में करीब 2 साल से चल रहे कार्य अभी धीमी गति से ही चल रहा है। पीपली गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जांगिड़ ने बताया जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते आधा गांव पानी को तरस रहा है। भीषण गर्मी के चलते ग्रामीणों को दूर दराज से पेयजल व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रति नल कनेक्शन के लिए एक हजार रूपये भी दे दिए गए हैं मगर अब तक कनेक्शन नहीं हुए हैं। ग्रामीण महिलाओ का कहना है कि समय रहते जल्दी कार्य नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन करना पड़ेगा। सोडावास.. पीपली गांव कि पेयजल टंकी बनकर तैयार, ग्रामीण देख रहे पानी की बाट
- चिकानी बस स्टैंड बहादुरपुर 3 प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई मौके पर करीब 45 किलो दूषित मिठाई कराई नष्ट* खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चिकानी बहादुरपुर तहसील किशनगढ़ बास में डॉ अरविंद गेट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला खैरथल तिजारा के दिशा निर्देश में कार्रवाई की गई। जिला नोडल अधिकारी खाद्य सुरक्षा विभाग हेमंत कुमार यादव ने बताया कि विभाग द्वारा संपर्क पोर्टल की शिकायत के आधार पर चिकानी स्टैंड की मुख्य तीन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। मेसर्स सैनी मिष्ठान भंडार और झिलमिल मिष्ठान भंडार से दूध पाक दूध चीनी से निर्मित सैंपल लिए गए। इसके बाद विभाग द्वारा भगत जी चाट और मिष्ठान भंडार से मावा मिठाई बर्फी का सैंपल लिया गया। सैंपल लेने के दौरान प्रतिष्ठान पर काफी गंदगी और करीब 40 किलो पुरानी एवं बदबूदार मिठाई मिली। जिस विभाग द्वारा मौके पर ही नष्ट करवाया गया और प्रतिष्ठान के मालिक को एफएसएसएआई अधिनियम 2006 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस देते हुए भविष्य में साफ सफाई एवं स्वच्छ मिठाई बेचने के लिए पाबंद किया गया। विभाग की टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी बबीता, मनीषा शर्मा, लैब टेक्नीशियन महिपाल सिंह मौजूद रहे।1
- खाद्य सुरक्षा विभाग ने की कार्रवाई. चिकानी-बहादुरपुर में 45 किलो दूषित मिठाई को किया नष्ट. खैरथल-तिजारा। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तीन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट के निर्देशन में टीम ने चिकानी बस स्टैंड,बहादुरपुर,तहसील किशनगढ़ बास क्षेत्र में कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला नोडल अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर विभाग की टीम ने चिकानी स्टैंड स्थित प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान झिलमिल मिष्ठान भंडार एवं मैसर्स सैनी मिष्ठान भंडार से दूध एवं चीनी निर्मित दूध पाक के नमूने लिए गए। वहीं भगत जी चाट एवं मिष्ठान भंडार से मावा मिठाई एवं बर्फी का नमूना लिया। निरीक्षण में भगत जी चाट एवं मिष्ठान भंडार पर साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।टीम ने मौके पर करीब 45 किलो पुरानी,दूषित एवं बदबूदार मिठाई को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने नियमानुसार ही मौके पर नष्ट करवाया। प्रतिष्ठान संचालक को एफएसएसएआई अधिनियम, 2006 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी कर तथा भविष्य में प्रतिष्ठान में साफ-सफाई बनाए रखने और गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए भी पाबंद किया। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से भी अपील की कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी स्वच्छता,गुणवत्ता,निर्माण एवं समाप्ति तिथि पर जरूर ध्यान दें। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी बबीता एवं मनीषा शर्मा तथा लैब टेक्नीशियन महिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।4
- अलवर जिले के बकतल की चौकी में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। फल और सब्जी विक्रेताओं द्वारा सड़क किनारे कचरा फेंके जाने से गंदगी का अंबार लगा हुआ है और आसपास के क्षेत्र में बदबू फैल रही है। आखिर इस गंदगी की जिम्मेदारी किसकी है? क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर ध्यान देगा और बकतल की चौकी को साफ-सुथरा रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा?1
- Goga Medi Mele Mein Do ghutnon Mein Hui ladai Mata aur Revadi Haryana1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह (SP)पहुंचे,नगर निकाय प्रथम चरण चुनाव शांतिपूर्ण होने पर मीडिया से की वार्ता,बहरोड़ DSP कार्यालय पर पुलिस स्टाफ के जाप्ते को लेकर ली मीटिंग,1
- तिजारा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 23 के मतदान बूथ पर वोट डालने को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद, डीएसपी शिवराज सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाइश कर मामला कराया शांत। क्षेत्र की तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो1
- 17वें श्याम महोत्सव में गूंजेंगे बाबा श्याम के जयकारे, आज होगा भव्य संकीर्तन। तिजारा के सुधांशु गौतम और कानपुर के अभिषेक शुक्ला भजनों से बांधेंगे समां नारनौल, भगवत शर्मा। शहर की अग्रणी धार्मिक एवं सामाजिक संस्था श्री श्याम स्वयंसेवक मंडल के तत्वावधान में शुक्रवार को 17वें श्याम महोत्सव एवं भव्य श्री श्याम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक महोत्सव को लेकर श्याम भक्तों में विशेष उत्साह बना हुआ है। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत एवं पुष्प सज्जा से सजाया जा रहा है तथा आयोजन की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। मंडल पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष आयोजित होने वाले श्याम महोत्सव में राजस्थान के तिजारा से सुप्रसिद्ध भजन गायक सुधांशु गौतम तथा उत्तर प्रदेश के कानपुर से ख्यातिप्राप्त भजन प्रवाहक अभिषेक शुक्ला अपनी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे। दोनों कलाकारों के भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक बाबा श्याम के गुणगान में लीन रहेंगे और पूरा वातावरण जय श्री श्याम के उद्घोष से भक्तिमय हो उठेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य संकीर्तन 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को सायं 7:15 बजे से श्री श्याम मंदिर, चौकी नंबर 45-सी, नारनौल में आयोजित होगा। कार्यक्रम के दौरान बाबा श्याम का अलौकिक एवं भव्य दरबार सजाया जाएगा। रंग-बिरंगी रोशनी, मनमोहक पुष्प सज्जा और संगीतमय भजनों के बीच श्रद्धालु बाबा के चरणों में अपनी आस्था एवं श्रद्धा अर्पित करेंगे। मंडल पदाधिकारियों के अनुसार श्याम महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को भक्ति और संस्कारों के सूत्र में पिरोने का एक सशक्त माध्यम है। हर वर्ष की भांति इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्री श्याम स्वयंसेवक मंडल ने नारनौल शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के सभी श्याम प्रेमियों से सपरिवार कार्यक्रम में पहुंचकर बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा इस भव्य आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। मंडल ने "कल की शाम बाबा श्याम के नाम" के संदेश के साथ श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत इस दिव्य संध्या का हिस्सा बनने का आह्वान किया है।3
- ग्रामीण बोले: बंदरों से मिले स्थाई निजात सोडावास के बाशिदों की पीड़ा: बंदरों का आतंक ग्रामीण बोले: बंदरों से मिले स्थाई निजात सोडावास के बाशिदों की पीड़ा: बंदरों का आतंक सोडावास. सोडावास में सबसे अधिक आंतक बंदरों का है। सोडावास कस्बे के सेवानिवृत सैनिक बाबूलाल जोशी का कहना है कि हर समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के वादे होते हैं लेकिन अब उन्हें स्थाई समाधान चाहिए। वर्तमान कस्बे व बस स्टैंड इलाके में 150 बंदर के लगभग घूमते रहते हैं। जिससे स्कूली बच्चों व बुजुर्गों एवंम महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें सोडावास कस्बे में एक साल पूर्व सरपंच प्रतिनिधि सरजीत चौधरी ने बंदरों को पकड़वाया। तब दुकानदारों व कस्बे के सभी लोगों को निजात मिली थी मगर अब बंदरो की चार गुणा संख्या बढ़ गई हैं। बड़ी अजीब विडंबना तो यह बंदर पकड़े जाते हैं। उससे अधिक फिर नजर आने लगते हैं। आए दिन बंदर काटने के मामले सामने आ रहे हैं। सोडावास व्यापार मंडल अध्यक्ष शीशराम चौधरी का कहना है कि ऐसे में अब बार-बार बंदरो के पकड़ने की कार्रवाई की बजाय प्रशासन से समस्या के स्थाई समाधान की मांग की है।1