logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

चित्रकूट के जानकी कुण्ड में परम हंस संत रणछोड़ दास जी द्वारा स्थापित विश्व प्रसिद्ध सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के पूर्व निदेशक व ट्रस्टी दिवंगत पद्मश्री डॉ. बी के जैन को मरणोपरांत प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। बेंगलुरु के शंकरा आई हॉस्पिटल में 'वीजन 2020 द राइट टू साइट इंडिया' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में दृष्टिहीनता की रोकथाम और नेत्रदान के महत्व को उजागर करना था, जिसमें देश-विदेश के लगभग 180 एनजीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। डॉ. जैन के निधन के बाद यह अवॉर्ड उनके सुपुत्र और सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के निदेशक व ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन ने प्राप्त किया। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक समय तक अथक परिश्रम करने और इस क्षेत्र में संस्थान को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए डॉ. जैन को यह सम्मान दिया गया है। डॉ. जैन का निधन 27 फरवरी 2026 को हुआ था और उनके जीवनकाल में भी उन्हें पद्मश्री सहित देश-विदेश के सैकड़ों पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनके जाने के बाद भी यह सम्मान मिलना समूचे विंध्य और चित्रकूट क्षेत्र के साथ-साथ सद्गुरु परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है। पुरस्कार ग्रहण करने के दौरान डॉ. इलेश जैन बेहद भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि यह पल बहुत भावुक करने वाला था और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम थीं। वहां मौजूद सभी लोगों ने दिवंगत डॉ. बी के जैन साहब को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यह भी साझा किया कि अब हर वर्ष वीजन 2020 में दिवंगत डॉ. जैन की स्मृति में 'पद्मश्री डॉ बी के जैन मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एक्सलेंस इन कम्युनिटी आई फेयर' (पद्मश्री डॉ बी के जैन स्मृति सामुदायिक नेत्र सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार) दिया जाएगा। यह पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, असहाय और वंचित समुदायों तक उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र सेवाएं पहुंचाने में असाधारण नेतृत्व, नवाचार और समर्पण दिखाने वाले लोगों को मिलेगा। अंत में डॉ. इलेश जैन ने बताया कि स्व. डॉ. जैन कभी भी पुरस्कारों से अपनी सफलता नहीं मापते थे, बल्कि उनके लिए वास्तविक सफलता मरीजों के चेहरे पर आने वाली मुस्कान थी। उन्होंने इस लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार को सभी नेत्र रोगियों, विंध्य और देश के निवासियों तथा सद्गुरु परिवार के एक-एक सदस्य को समर्पित किया है।

17 hrs ago
user_PushpRaj kashyap
PushpRaj kashyap
Karwi, Chitrakoot•
17 hrs ago

चित्रकूट के जानकी कुण्ड में परम हंस संत रणछोड़ दास जी द्वारा स्थापित विश्व प्रसिद्ध सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के पूर्व निदेशक व ट्रस्टी दिवंगत पद्मश्री डॉ. बी के जैन को मरणोपरांत प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। बेंगलुरु के शंकरा आई हॉस्पिटल में 'वीजन 2020 द राइट टू साइट इंडिया' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में दृष्टिहीनता की रोकथाम और नेत्रदान के महत्व को उजागर करना था, जिसमें देश-विदेश के लगभग 180 एनजीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। डॉ. जैन के निधन के बाद यह अवॉर्ड उनके सुपुत्र और सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के निदेशक व ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन ने प्राप्त किया। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक समय तक अथक परिश्रम करने और इस क्षेत्र में संस्थान को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए डॉ. जैन को यह सम्मान दिया गया है। डॉ. जैन का निधन 27 फरवरी 2026 को हुआ था और उनके जीवनकाल में भी उन्हें पद्मश्री सहित देश-विदेश के सैकड़ों पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनके जाने के बाद भी यह सम्मान मिलना समूचे विंध्य

और चित्रकूट क्षेत्र के साथ-साथ सद्गुरु परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है। पुरस्कार ग्रहण करने के दौरान डॉ. इलेश जैन बेहद भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि यह पल बहुत भावुक करने वाला था और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम थीं। वहां मौजूद सभी लोगों ने दिवंगत डॉ. बी के जैन साहब को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यह भी साझा किया कि अब हर वर्ष वीजन 2020 में दिवंगत डॉ. जैन की स्मृति में 'पद्मश्री डॉ बी के जैन मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एक्सलेंस इन कम्युनिटी आई फेयर' (पद्मश्री डॉ बी के जैन स्मृति सामुदायिक नेत्र सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार) दिया जाएगा। यह पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, असहाय और वंचित समुदायों तक उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र सेवाएं पहुंचाने में असाधारण नेतृत्व, नवाचार और समर्पण दिखाने वाले लोगों को मिलेगा। अंत में डॉ. इलेश जैन ने बताया कि स्व. डॉ. जैन कभी भी पुरस्कारों से अपनी सफलता नहीं मापते थे, बल्कि उनके लिए वास्तविक सफलता मरीजों के चेहरे पर आने वाली मुस्कान थी। उन्होंने इस लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार को सभी नेत्र रोगियों, विंध्य और देश के निवासियों तथा सद्गुरु परिवार के एक-एक सदस्य को समर्पित किया है।

More news from Chitrakoot and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद की मानिकपुर तहसील में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी झरी-कल्याण केंद्र बाईपास सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह धंसने लगी है। निर्माण के महज डेढ़ महीने के भीतर ही सड़क की बदहाली का वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोग सड़क निर्माण में भारी अनियमितता और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगा रहे हैं। बुंदेलखंड विकास निधि से पीडब्ल्यूडी के माध्यम से बनी इस सड़क से दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्याप्त रोलिंग और मजबूत बेस तैयार किए बिना ही जल्दबाजी में ब्लैकटॉपिंग कर दी गई। सड़क पर अभी भारी वाहनों का संचालन भी शुरू नहीं हुआ है, फिर भी सड़क कई हिस्सों में उखड़ने लगी है। इसके अलावा, सड़क के किनारे लाखों रुपये की लागत से कराई गई मिट्टी की भराई भी पहली ही बारिश में बह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने करीब 6 महीने पहले गिट्टी डालने के बाद काम बंद रखा था और बाद में जल्दबाजी में इसे पूरा किया। मामला मीडिया में आने के बाद ठेकेदार और विभागीय अधिकारी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर लीपापोती करने में जुट गए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नवनिर्मित सड़क की इस बदहाली के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
    1
    उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद की मानिकपुर तहसील में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी झरी-कल्याण केंद्र बाईपास सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह धंसने लगी है। निर्माण के महज डेढ़ महीने के भीतर ही सड़क की बदहाली का वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्थानीय लोग सड़क निर्माण में भारी अनियमितता और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगा रहे हैं।

बुंदेलखंड विकास निधि से पीडब्ल्यूडी के माध्यम से बनी इस सड़क से दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्याप्त रोलिंग और मजबूत बेस तैयार किए बिना ही जल्दबाजी में ब्लैकटॉपिंग कर दी गई। सड़क पर अभी भारी वाहनों का संचालन भी शुरू नहीं हुआ है, फिर भी सड़क कई हिस्सों में उखड़ने लगी है। इसके अलावा, सड़क के किनारे लाखों रुपये की लागत से कराई गई मिट्टी की भराई भी पहली ही बारिश में बह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने करीब 6 महीने पहले गिट्टी डालने के बाद काम बंद रखा था और बाद में जल्दबाजी में इसे पूरा किया।

मामला मीडिया में आने के बाद ठेकेदार और विभागीय अधिकारी क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कर लीपापोती करने में जुट गए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नवनिर्मित सड़क की इस बदहाली के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_PushpRaj kashyap
    PushpRaj kashyap
    Karwi, Chitrakoot•
    16 hrs ago
  • चित्रकूट के पहाड़ी थाना क्षेत्र के ओरा गांव में सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक लड़की को अपशब्द बोलने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पूरी घटना में दोनों पक्षों से कुल 6 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर एक पक्ष के खैरी गांव निवासी नीरज ने बताया कि वह अपने परिजनों के साथ ओरा गांव के देवी मंदिर में कन्या भोज कराने आए थे। इसी दौरान उनकी बहन मंदिर के पास स्थित एक दुकान पर गई, जहां एक युवक ने उसे अपशब्द कहे। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के लोग इकट्ठा हो गए और मारपीट शुरू हो गई। वहीं, दूसरे पक्ष की प्रेमा नामक महिला ने आरोप लगाया कि उनका भतीजा दुकान पर बैठा था, तभी कुछ लोग उसके साथ मारपीट करने लगे और जब वे उसे बचाने गईं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। फिलहाल, दोनों पक्षों ने पहाड़ी थाने में तहरीर दी है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    1
    चित्रकूट के पहाड़ी थाना क्षेत्र के ओरा गांव में सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक लड़की को अपशब्द बोलने के विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पूरी घटना में दोनों पक्षों से कुल 6 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

घटना को लेकर एक पक्ष के खैरी गांव निवासी नीरज ने बताया कि वह अपने परिजनों के साथ ओरा गांव के देवी मंदिर में कन्या भोज कराने आए थे। इसी दौरान उनकी बहन मंदिर के पास स्थित एक दुकान पर गई, जहां एक युवक ने उसे अपशब्द कहे। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों के लोग इकट्ठा हो गए और मारपीट शुरू हो गई। वहीं, दूसरे पक्ष की प्रेमा नामक महिला ने आरोप लगाया कि उनका भतीजा दुकान पर बैठा था, तभी कुछ लोग उसके साथ मारपीट करने लगे और जब वे उसे बचाने गईं तो उनके साथ भी मारपीट की गई। फिलहाल, दोनों पक्षों ने पहाड़ी थाने में तहरीर दी है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    user_सरस्वती सिंह कुशवाहा
    सरस्वती सिंह कुशवाहा
    करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सतना के सार्थक अस्पताल प्रबंधन पर एक नवजात शिशु के इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का बड़ा आरोप लगा है। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती महज डेढ़ घंटे के नवजात शिशु के दस्तावेजों में उसका लिंग लड़के की जगह लड़की दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, जन्म के करीब डेढ़ घंटे बाद भर्ती हुए इस शिशु की आयु भी दस्तावेजों में एक माह लिखकर उसका उपचार शुरू कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की इस गंभीर त्रुटि के कारण नवजात को उसकी वास्तविक उम्र और स्थिति के अनुरूप इलाज नहीं मिल सका। गलत विवरण के आधार पर दवाएं दिए जाने से बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नवजात को दवा की ओवरडोज़ दी गई, जिसके बाद उसकी हालत काफी चिंताजनक हो गई है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी डॉक्टरों और संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस गंभीर मामले में सार्थक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    1
    सतना के सार्थक अस्पताल प्रबंधन पर एक नवजात शिशु के इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का बड़ा आरोप लगा है। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती महज डेढ़ घंटे के नवजात शिशु के दस्तावेजों में उसका लिंग लड़के की जगह लड़की दर्ज कर दिया गया। इतना ही नहीं, जन्म के करीब डेढ़ घंटे बाद भर्ती हुए इस शिशु की आयु भी दस्तावेजों में एक माह लिखकर उसका उपचार शुरू कर दिया गया।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की इस गंभीर त्रुटि के कारण नवजात को उसकी वास्तविक उम्र और स्थिति के अनुरूप इलाज नहीं मिल सका। गलत विवरण के आधार पर दवाएं दिए जाने से बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नवजात को दवा की ओवरडोज़ दी गई, जिसके बाद उसकी हालत काफी चिंताजनक हो गई है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी डॉक्टरों और संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल इस गंभीर मामले में सार्थक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाने वाली जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा में सड़क खराब होने के कारण दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। सड़क हादसों को रोकने के लिए इसे रिपेयर करने की मांग की गई है। इस खराब सड़क को दुरुस्त करने के लिए साजन से इसे कृपया सही करने की अपील की गई है ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
    4
    उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा में सड़क खराब होने के कारण दुर्घटना होने की संभावना बनी हुई है। सड़क हादसों को रोकने के लिए इसे रिपेयर करने की मांग की गई है। इस खराब सड़क को दुरुस्त करने के लिए साजन से इसे कृपया सही करने की अपील की गई है ताकि संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
    user_Ankit Love A Banda
    Ankit Love A Banda
    अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बांकीपुर चुनाव में प्रशांत किशोर का सबसे बड़ा दांव चर्चा का विषय बन गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या प्रशांत किशोर के प्रचार में थलपति विजय आएंगे? इसे बांकीपुर चुनाव में पीके का सबसे बड़ा दांव माना जा रहा है।
    1
    बांकीपुर चुनाव में प्रशांत किशोर का सबसे बड़ा दांव चर्चा का विषय बन गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या प्रशांत किशोर के प्रचार में थलपति विजय आएंगे? इसे बांकीपुर चुनाव में पीके का सबसे बड़ा दांव माना जा रहा है।
    user_Javed Ahmad
    Javed Ahmad
    Media Consultant मऊ, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के कई रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, आधुनिक प्रवेश द्वार, एस्केलेटर, लिफ्ट, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और स्वच्छ प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अमृत भारत स्टेशन योजना 2026 के जरिए रेलवे स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को सुधारकर यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
    1
    अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के कई रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, आधुनिक प्रवेश द्वार, एस्केलेटर, लिफ्ट, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और स्वच्छ प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अमृत भारत स्टेशन योजना 2026 के जरिए रेलवे स्टेशनों के बुनियादी ढांचे को सुधारकर यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • चित्रकूट के जानकी कुण्ड में परम हंस संत रणछोड़ दास जी द्वारा स्थापित विश्व प्रसिद्ध सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के पूर्व निदेशक व ट्रस्टी दिवंगत पद्मश्री डॉ. बी के जैन को मरणोपरांत प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। बेंगलुरु के शंकरा आई हॉस्पिटल में 'वीजन 2020 द राइट टू साइट इंडिया' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में दृष्टिहीनता की रोकथाम और नेत्रदान के महत्व को उजागर करना था, जिसमें देश-विदेश के लगभग 180 एनजीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। डॉ. जैन के निधन के बाद यह अवॉर्ड उनके सुपुत्र और सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के निदेशक व ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन ने प्राप्त किया। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक समय तक अथक परिश्रम करने और इस क्षेत्र में संस्थान को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए डॉ. जैन को यह सम्मान दिया गया है। डॉ. जैन का निधन 27 फरवरी 2026 को हुआ था और उनके जीवनकाल में भी उन्हें पद्मश्री सहित देश-विदेश के सैकड़ों पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनके जाने के बाद भी यह सम्मान मिलना समूचे विंध्य और चित्रकूट क्षेत्र के साथ-साथ सद्गुरु परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है। पुरस्कार ग्रहण करने के दौरान डॉ. इलेश जैन बेहद भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि यह पल बहुत भावुक करने वाला था और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम थीं। वहां मौजूद सभी लोगों ने दिवंगत डॉ. बी के जैन साहब को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यह भी साझा किया कि अब हर वर्ष वीजन 2020 में दिवंगत डॉ. जैन की स्मृति में 'पद्मश्री डॉ बी के जैन मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एक्सलेंस इन कम्युनिटी आई फेयर' (पद्मश्री डॉ बी के जैन स्मृति सामुदायिक नेत्र सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार) दिया जाएगा। यह पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, असहाय और वंचित समुदायों तक उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र सेवाएं पहुंचाने में असाधारण नेतृत्व, नवाचार और समर्पण दिखाने वाले लोगों को मिलेगा। अंत में डॉ. इलेश जैन ने बताया कि स्व. डॉ. जैन कभी भी पुरस्कारों से अपनी सफलता नहीं मापते थे, बल्कि उनके लिए वास्तविक सफलता मरीजों के चेहरे पर आने वाली मुस्कान थी। उन्होंने इस लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार को सभी नेत्र रोगियों, विंध्य और देश के निवासियों तथा सद्गुरु परिवार के एक-एक सदस्य को समर्पित किया है।
    2
    चित्रकूट के जानकी कुण्ड में परम हंस संत रणछोड़ दास जी द्वारा स्थापित विश्व प्रसिद्ध सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के पूर्व निदेशक व ट्रस्टी दिवंगत पद्मश्री डॉ. बी के जैन को मरणोपरांत प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। बेंगलुरु के शंकरा आई हॉस्पिटल में 'वीजन 2020 द राइट टू साइट इंडिया' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में दृष्टिहीनता की रोकथाम और नेत्रदान के महत्व को उजागर करना था, जिसमें देश-विदेश के लगभग 180 एनजीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

डॉ. जैन के निधन के बाद यह अवॉर्ड उनके सुपुत्र और सदगुरू नेत्र चिकित्सालय के निदेशक व ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन ने प्राप्त किया। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में पांच दशकों से अधिक समय तक अथक परिश्रम करने और इस क्षेत्र में संस्थान को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए डॉ. जैन को यह सम्मान दिया गया है। डॉ. जैन का निधन 27 फरवरी 2026 को हुआ था और उनके जीवनकाल में भी उन्हें पद्मश्री सहित देश-विदेश के सैकड़ों पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनके जाने के बाद भी यह सम्मान मिलना समूचे विंध्य और चित्रकूट क्षेत्र के साथ-साथ सद्गुरु परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है।

पुरस्कार ग्रहण करने के दौरान डॉ. इलेश जैन बेहद भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि यह पल बहुत भावुक करने वाला था और कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम थीं। वहां मौजूद सभी लोगों ने दिवंगत डॉ. बी के जैन साहब को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यह भी साझा किया कि अब हर वर्ष वीजन 2020 में दिवंगत डॉ. जैन की स्मृति में 'पद्मश्री डॉ बी के जैन मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एक्सलेंस इन कम्युनिटी आई फेयर' (पद्मश्री डॉ बी के जैन स्मृति सामुदायिक नेत्र सेवा उत्कृष्टता पुरस्कार) दिया जाएगा। यह पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, असहाय और वंचित समुदायों तक उच्च गुणवत्ता वाली नेत्र सेवाएं पहुंचाने में असाधारण नेतृत्व, नवाचार और समर्पण दिखाने वाले लोगों को मिलेगा।

अंत में डॉ. इलेश जैन ने बताया कि स्व. डॉ. जैन कभी भी पुरस्कारों से अपनी सफलता नहीं मापते थे, बल्कि उनके लिए वास्तविक सफलता मरीजों के चेहरे पर आने वाली मुस्कान थी। उन्होंने इस लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार को सभी नेत्र रोगियों, विंध्य और देश के निवासियों तथा सद्गुरु परिवार के एक-एक सदस्य को समर्पित किया है।
    user_PushpRaj kashyap
    PushpRaj kashyap
    Karwi, Chitrakoot•
    17 hrs ago
  • चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरा गांव में सोमवार की दोपहर लगभग 1:30 बजे एक लड़की को अपशब्द बोलने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों की तरफ से कुल 6 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर पहले पक्ष के खैरी गांव निवासी नीरज ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ ओरा गांव स्थित देवी मंदिर में कन्या भोज कराने आए थे। इसी दौरान उसकी बहन मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित एक दुकान पर गई, जहां एक युवक ने उसे अपशब्द कह दिए। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जिसने जल्द ही बड़े विवाद और मारपीट का रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग वहां इकट्ठा हो गए और लाठी-डंडे चलने लगे। वहीं, दूसरे पक्ष की महिला प्रेमा ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उसका भतीजा दुकान पर बैठा हुआ था, तभी कुछ लोग वहां आए और उसके साथ मारपीट करने लगे। भतीजे को बचाने की कोशिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने प्रेमा और उनके परिवार के साथ भी मारपीट की। फिलहाल, इस पूरी घटना को लेकर दोनों पक्षों ने पहाड़ी थाने में अपनी-अपनी लिखित तहरीर दे दी है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    1
    चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरा गांव में सोमवार की दोपहर लगभग 1:30 बजे एक लड़की को अपशब्द बोलने के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों की तरफ से कुल 6 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

घटना को लेकर पहले पक्ष के खैरी गांव निवासी नीरज ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ ओरा गांव स्थित देवी मंदिर में कन्या भोज कराने आए थे। इसी दौरान उसकी बहन मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित एक दुकान पर गई, जहां एक युवक ने उसे अपशब्द कह दिए। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जिसने जल्द ही बड़े विवाद और मारपीट का रूप ले लिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग वहां इकट्ठा हो गए और लाठी-डंडे चलने लगे।

वहीं, दूसरे पक्ष की महिला प्रेमा ने अपनी बात रखते हुए बताया कि उसका भतीजा दुकान पर बैठा हुआ था, तभी कुछ लोग वहां आए और उसके साथ मारपीट करने लगे। भतीजे को बचाने की कोशिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने प्रेमा और उनके परिवार के साथ भी मारपीट की। फिलहाल, इस पूरी घटना को लेकर दोनों पक्षों ने पहाड़ी थाने में अपनी-अपनी लिखित तहरीर दे दी है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
    user_दिनेश सिंह कुशवाहा
    दिनेश सिंह कुशवाहा
    Classified ads newspaper publisher करवी, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.