शिवपुरी जिले की नरवर तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चकरामपुर के बड़ोनियापुरा गाँव के ग्रामीणों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को एक आवेदन दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के कुछ दबंगों ने पिछले 15 दिनों से वर्षों पुराने एक महत्वपूर्ण रास्ते को बंद कर रखा है, जिसके कारण ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रावतपुरा स्कूल से बड़ोनियापुरा तक जाने वाला यह मार्ग लगभग 700 वर्षों से गाँव के लोगों के आवागमन का मुख्य साधन रहा है। किसान इसी रास्ते से अपने खेतों तक पहुँचते हैं और बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए इसका उपयोग करते हैं। दबंगों ने पत्थर और अन्य अवरोध लगाकर इस रास्ते को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को खेतों तक पहुँचने और बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं गाँव में भी लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल अतिक्रमण हटाकर रास्ता खुलवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी अपील की है कि भविष्य में इस मार्ग का पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाए, जिससे मौजूदा समस्याओं का समाधान हो सके और बच्चों के भविष्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोका जा सके।
शिवपुरी जिले की नरवर तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चकरामपुर के बड़ोनियापुरा गाँव के ग्रामीणों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को एक आवेदन दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के कुछ दबंगों ने पिछले 15 दिनों से वर्षों पुराने एक महत्वपूर्ण रास्ते को बंद कर रखा है, जिसके कारण ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रावतपुरा स्कूल से
बड़ोनियापुरा तक जाने वाला यह मार्ग लगभग 700 वर्षों से गाँव के लोगों के आवागमन का मुख्य साधन रहा है। किसान इसी रास्ते से अपने खेतों तक पहुँचते हैं और बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए इसका उपयोग करते हैं। दबंगों ने पत्थर और अन्य अवरोध लगाकर इस रास्ते को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को खेतों तक पहुँचने और बच्चों को स्कूल जाने में
भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं गाँव में भी लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल अतिक्रमण हटाकर रास्ता खुलवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी अपील की है कि भविष्य में इस मार्ग का पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाए, जिससे मौजूदा समस्याओं का समाधान हो सके और बच्चों के भविष्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोका जा सके।
- शिवपुरी जिले के खनियाधाना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जुंगीपुर में सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कपिलधारा योजना के तहत बनाए गए कुएं के निर्माण का भुगतान जारी कराने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में की गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जुंगीपुर के हितग्राही राहुल सिंह यादव ने वर्ष 2025 में कपिलधारा योजना के तहत एक कुएं का निर्माण कराया था। इस कार्य का भुगतान स्वीकृत कराने के लिए सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने उनसे 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। राहुल सिंह यादव ने 3 जुलाई 2026 को इसकी शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद, लोकायुक्त ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे जाल बिछाकर सरपंच के निवास पर कार्रवाई की। टीम ने सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोकायुक्त की दबिश की खबर तेजी से फैल गई। टीम आरोपियों और फरियादी को लेकर तुरंत वहां से रवाना हो गई, जिसके कारण लगभग तीन घंटे तक किसी को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिल सकी। इस दौरान, कस्बे में यह अफवाह भी फैल गई कि कार्रवाई करने वाली टीम फर्जी थी। बाद में पता चला कि लोकायुक्त की टीम शेष वैधानिक कार्रवाई के लिए पिछोर थाना क्षेत्र से करीब 45 किलोमीटर दूर दिनारा रेस्ट हाउस पहुंची थी, जहाँ पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की गईं। लोकायुक्त की इस कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक उपेंद्र दुबे और निरीक्षक अंजली शर्मा ने किया। टीम में प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, आरक्षक प्रशांत कुशवाहा, अंकेश शर्मा, सुरेंद्र सेमल, आरिफ खान, बिसंबर भदौरिया, बलबीर सहित अन्य सदस्य शामिल थे। आरोपी सरपंच और उनके पति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- शिवपुरी जिले के खनियाधाना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जुंगीपुर में ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कपिलधारा योजना के तहत बनाए गए कुएं के निर्माण का भुगतान जारी कराने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में की गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जुंगीपुर के हितग्राही राहुल सिंह यादव ने वर्ष 2025 में कपिलधारा योजना के तहत कुएं का निर्माण कराया था। इस निर्माण कार्य का भुगतान स्वीकृत कराने के लिए सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने राहुल सिंह यादव से 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। राहुल सिंह यादव ने इसकी शिकायत 3 जुलाई 2026 को ग्वालियर लोकायुक्त से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद, लोकायुक्त ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक जाल बिछाया। टीम ने उपजेल के पीछे स्थित सरपंच के निवास पर कार्रवाई करते हुए सरपंच और उनके पति को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोकायुक्त की इस दबिश की खबर तेजी से फैल गई, हालांकि टीम आरोपियों और फरियादी को तुरंत अपने साथ लेकर वहां से रवाना हो गई, जिससे करीब तीन घंटे तक उनके ठिकाने की जानकारी किसी को नहीं मिल सकी। इस दौरान कस्बे में यह अफवाह भी फैली कि कार्रवाई करने वाली टीम फर्जी थी। बाद में पता चला कि लोकायुक्त की टीम शेष वैधानिक कार्रवाई के लिए पिछोर थाना क्षेत्र से लगभग 45 किलोमीटर दूर दिनारा रेस्ट हाउस पहुंची, जहाँ पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। लोकायुक्त की इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक उपेंद्र दुबे और निरीक्षक अंजली शर्मा ने किया। टीम में प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, प्रधान आरक्षक हेमंत शर्मा, आरक्षक प्रशांत कुशवाहा, अंकेश शर्मा, सुरेंद्र सेमल, आरिफ खान, बिसंबर भदौरिया, बलबीर सहित अन्य सदस्य शामिल थे। आरोपी सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- शिवपुरी जिले की नरवर तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चकरामपुर के बड़ोनियापुरा गाँव के ग्रामीणों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को एक आवेदन दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के कुछ दबंगों ने पिछले 15 दिनों से वर्षों पुराने एक महत्वपूर्ण रास्ते को बंद कर रखा है, जिसके कारण ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, रावतपुरा स्कूल से बड़ोनियापुरा तक जाने वाला यह मार्ग लगभग 700 वर्षों से गाँव के लोगों के आवागमन का मुख्य साधन रहा है। किसान इसी रास्ते से अपने खेतों तक पहुँचते हैं और बच्चे स्कूल आने-जाने के लिए इसका उपयोग करते हैं। दबंगों ने पत्थर और अन्य अवरोध लगाकर इस रास्ते को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को खेतों तक पहुँचने और बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं गाँव में भी लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल अतिक्रमण हटाकर रास्ता खुलवाने की मांग की है। उन्होंने यह भी अपील की है कि भविष्य में इस मार्ग का पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाए, जिससे मौजूदा समस्याओं का समाधान हो सके और बच्चों के भविष्य के साथ होने वाले खिलवाड़ को रोका जा सके।3
- सुबह करीब 11 बजे महादेव मंदिर रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब किशोर कुशवाह के ट्रैक्टर में एक खतरनाक कोबरा नाग घुस गया। ट्रैक्टर में सांप के दिखाई देने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनज़र ट्रैक्टर को वहीं रोक दिया गया। घटना की खबर पाते ही सर्प मित्र सलमान पठान घटनास्थल पर पहुंचे। ट्रैक्टर के जटिल हिस्सों में छिपे कोबरा को बाहर निकालना आसान नहीं था। हालांकि, करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सलमान पठान ने सावधानीपूर्वक कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू के बाद नाग को बिना किसी हानि पहुंचाए सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। सर्प मित्र सलमान पठान की सूझबूझ और तत्परता के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने उनके इस साहसिक कार्य की भरपूर सराहना की।1
- कूृष्णापुरम कॉलोनी में पति की मीत क बा è ্पलाइना, शादी का दबाव बनाने और 7ान स耳न0धमकी; पीडिता ने पुसनपी से लगाई गहा1
- नगर परिषद मगरौनी के मुख्य बाजार में बिजली के पोल और केबलों की स्थिति अत्यंत दयनीय और जर्जर हो चुकी है, जिससे वर्तमान बारिश के मौसम में विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है। बाजार क्षेत्र में आए दिन बिजली की केबलों में शॉर्ट-सर्किट के कारण आग लगने की घटनाएँ हो रही हैं। चूंकि यह मुख्य बाजार है, यहाँ व्यापारियों, ग्राहकों और आम जनता की भारी भीड़ रहती है, इसलिए जर्जर पोल और केबलों में लगने वाली आग कभी भी किसी बड़ी जनहानि या भीषण दुर्घटना का कारण बन सकती है। स्थानीय स्तर पर विद्युत विभाग के कर्मचारियों को इसकी मौखिक और लिखित जानकारी होने के बावजूद, केबलों की देखरेख, मरम्मत या उन्हें बदलने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विभाग की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को सीधा आमंत्रण दे रही है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, यह निवेदन किया गया है कि मुख्य बाजार के सभी जर्जर पोलों और झूलती हुई/कटी-फटी केबलों का तुरंत निरीक्षण करवाया जाए। पुरानी और डैमेज केबलों को हटाकर उनकी जगह नई इंसुलेटेड (कवर्ड) केबल लगवाई जाएं, ताकि बारिश में करंट फैलने या आग लगने का खतरा पूरी तरह खत्म हो सके। साथ ही, स्थानीय लाइनमैन और स्टाफ को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए जाएं।1
- शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के ग्राम छितीपुर में एक धार्मिक स्थल को कथित तौर पर अपवित्र करने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, गांव के ही एक व्यक्ति पर माता मंदिर और भगवान शिव मंदिर परिसर में मल-मूत्र डालकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद पूरे गांव में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मामले में आरोप लगने के बाद, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। अमोला क्रेशर निवासी 35 वर्षीय इंदल पुत्र मेहरबान परिहार की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद चालक वाहन सहित फरार हो गया। इंदल अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए अमोला कॉलोनी क्रमांक-1 आए हुए थे, जहां सोमवार रात विवाह समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ था। मंगलवार को इंदल किसी आवश्यक कार्य से अपनी बाइक से अमोला कॉलोनी क्रमांक-2 की ओर जा रहे थे। इसी दौरान, कोटा-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्कर्ष होटल के पास पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक बिना रुके वाहन सहित मौके से फरार हो गया। राहगीरों की सूचना पर अमोला थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है और उसकी तलाश में जुट गई है, जिसके लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में जहां कुछ घंटे पहले शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए फरार चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने वाहन चालकों से सड़क पर निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और दुर्घटना होने पर मौके से फरार होने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है, ताकि घायल व्यक्ति को समय पर सहायता मिल सके। अमोला थाना पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी चालक तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।1