दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा एवं महिला सुरक्षा को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, खण्डार। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, खण्डार के तत्वावधान में दहेज मृत्यु, दहेज उत्पीड़न एवं क्रूरता की रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रविन्द्र कुमार, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डार एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति खंडार ने उपस्थित आमजन, महिलाओं एवं बालिकाओं को दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा एवं महिला सुरक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दहेज की मांग करना, दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर महिला को प्रताड़ित करना, मारपीट करना अथवा मानसिक रूप से परेशान करना कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि गाली-गलौच, अपमानित करना, डराना-धमकाना, घर से निकालने की धमकी देना तथा आर्थिक रूप से परेशान करना भी घरेलू हिंसा के रूप हो सकते हैं। उन्होंने आमजन से दहेज प्रथा का विरोध करने तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को पारिवारिक मामला समझकर नजरअंदाज नहीं करने का आह्वान किया। रविन्द्र कुमार, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डार एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति खंडार ने प्रारंभिक एवं कम उम्र की गर्भावस्था के दुष्प्रभावों, मातृ स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में भी आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को मानसिक तनाव, भय, चिंता अथवा हिंसा की स्थिति में अपनी समस्या छिपाने के बजाय समय पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जबरन श्रम एवं शोषण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध कार्य करने के लिए मजबूर करना अथवा उसके श्रम का शोषण करना गंभीर विषय है तथा ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी होनी चाहिए। इस अवसर पर पैनल अधिवक्ता हरिलाल बैरवा ने उपस्थित आमजन को उपरोक्त योजनाओं एवं कानूनों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि एसिड अटैक, यौन उत्पीड़न एवं अन्य अपराधों के पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, परामर्श, पुनर्वास तथा नियमानुसार पीड़ित प्रतिकर उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, भारतीय न्याय संहिता, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों तथा मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए आमजन से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने एवं आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता हरिलाल बैरवा , रमेशचंद तेहरिया, रविशंकर गर्ग एवं अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विधिक जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।
दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा एवं महिला सुरक्षा को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, खण्डार। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, खण्डार के तत्वावधान में दहेज मृत्यु, दहेज उत्पीड़न एवं क्रूरता की रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रविन्द्र कुमार, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डार एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति खंडार ने उपस्थित आमजन, महिलाओं एवं बालिकाओं को दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा एवं महिला सुरक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दहेज की मांग करना, दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर महिला को प्रताड़ित करना, मारपीट करना अथवा मानसिक रूप से परेशान करना कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि गाली-गलौच, अपमानित करना, डराना-धमकाना, घर से निकालने की धमकी देना तथा आर्थिक रूप से परेशान करना भी घरेलू हिंसा के रूप हो सकते हैं। उन्होंने आमजन से दहेज प्रथा का विरोध करने तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को पारिवारिक मामला समझकर नजरअंदाज नहीं करने का आह्वान किया। रविन्द्र कुमार, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डार एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति खंडार ने प्रारंभिक एवं कम उम्र की गर्भावस्था के दुष्प्रभावों, मातृ स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में भी आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को मानसिक तनाव, भय, चिंता अथवा हिंसा की स्थिति में अपनी समस्या छिपाने के बजाय समय पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जबरन श्रम एवं शोषण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध कार्य करने के लिए मजबूर करना अथवा उसके श्रम का शोषण करना गंभीर विषय है तथा ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी होनी चाहिए। इस अवसर पर पैनल अधिवक्ता हरिलाल बैरवा ने उपस्थित आमजन को उपरोक्त योजनाओं एवं कानूनों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि एसिड अटैक, यौन उत्पीड़न एवं अन्य अपराधों के पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, परामर्श, पुनर्वास तथा नियमानुसार पीड़ित प्रतिकर उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, भारतीय न्याय संहिता, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों तथा मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए आमजन से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने एवं आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता हरिलाल बैरवा , रमेशचंद तेहरिया, रविशंकर गर्ग एवं अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विधिक जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।
- करणपुर कस्बे की ग्राम पंचायत महाराजपुरा में माली बस्ती लोगों अपने सहयोग से रास्ते में मोहर्रम डलवाने का काम शुरू कर दिया है राह आसान होगी1
- दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा एवं महिला सुरक्षा को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, खण्डार। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति, खण्डार के तत्वावधान में दहेज मृत्यु, दहेज उत्पीड़न एवं क्रूरता की रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रविन्द्र कुमार, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डार एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति खंडार ने उपस्थित आमजन, महिलाओं एवं बालिकाओं को दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा एवं महिला सुरक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दहेज की मांग करना, दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर महिला को प्रताड़ित करना, मारपीट करना अथवा मानसिक रूप से परेशान करना कानूनन अपराध है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा केवल मारपीट तक सीमित नहीं है, बल्कि गाली-गलौच, अपमानित करना, डराना-धमकाना, घर से निकालने की धमकी देना तथा आर्थिक रूप से परेशान करना भी घरेलू हिंसा के रूप हो सकते हैं। उन्होंने आमजन से दहेज प्रथा का विरोध करने तथा घरेलू हिंसा की घटनाओं को पारिवारिक मामला समझकर नजरअंदाज नहीं करने का आह्वान किया। रविन्द्र कुमार, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खण्डार एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति खंडार ने प्रारंभिक एवं कम उम्र की गर्भावस्था के दुष्प्रभावों, मातृ स्वास्थ्य एवं मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में भी आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को मानसिक तनाव, भय, चिंता अथवा हिंसा की स्थिति में अपनी समस्या छिपाने के बजाय समय पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही जबरन श्रम एवं शोषण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध कार्य करने के लिए मजबूर करना अथवा उसके श्रम का शोषण करना गंभीर विषय है तथा ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी सहायता की जानकारी होनी चाहिए। इस अवसर पर पैनल अधिवक्ता हरिलाल बैरवा ने उपस्थित आमजन को उपरोक्त योजनाओं एवं कानूनों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि एसिड अटैक, यौन उत्पीड़न एवं अन्य अपराधों के पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, परामर्श, पुनर्वास तथा नियमानुसार पीड़ित प्रतिकर उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, शिक्षा का अधिकार, भारतीय न्याय संहिता, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों तथा मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए आमजन से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने एवं आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता हरिलाल बैरवा , रमेशचंद तेहरिया, रविशंकर गर्ग एवं अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विधिक जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।1
- जिला पत्रकार विकास समिति का अधिवेशन आयोजित, पत्रकारों ने रखी समस्याएं सवाई माधोपुर। जिला पत्रकार विकास समिति के तत्वावधान में शनिवार को जिला मुख्यालय पर पत्रकार अधिवेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। अधिवेशन में पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों, पत्रकारों की समस्याओं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समाचार संकलन के दौरान आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में कार्यवाहक जिला कलेक्टर गौरव बुडानिया, जिला पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने पत्रकारों से संवाद करते हुए प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में स्थानीय पत्रकार अहम कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। अधिवेशन के दौरान पत्रकारों ने क्षेत्र में समाचार संकलन के दौरान आने वाली समस्याओं, सूचना उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय को लेकर अपने विचार रखे। समिति पदाधिकारियों ने पत्रकार हितों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करने की बात कही।1
- नर्सिंग आफिसर सुनील शर्मा ने बढ़ाया गंगापुर सिटी का मान, अजमेर संभाग मुख्यालय पर स्वाधीनता दिवस पर हुए सम्मानित गंगापुर सिटी/सवाईमाधोपुर ( चंद्रशेखर शर्मा )। अजमेर संभाग मुख्यालय पर आयोजित 80वें स्वाधीनता दिवस समारोह में उत्कृष्ट सेवाओं ( पूर्ण ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा के साथ दायित्व निर्वहन पर ) पर गंगापुर सिटी निवासी सुनील कुमार शर्मा "नर्सिंग अधिकारी" ( विधानसभा अध्यक्ष हेल्प डेस्क ) जवाहरलाल नेहरू अस्पताल, अजमेर को जिला व संभाग प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया है। पुलिस लाइन मैदान में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि राजकुमारी दिया कुमारी (उपमुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार ), विधायक श्रीमती अनीता भदेल, जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक, अजमेर ने शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर श्रेष्ठ कार्य के लिए सम्मान प्रदान किया। इसके अतिरिक्त विधानसभा अध्यक्ष हेल्प डेस्क ( जेएलएन अस्पताल परिसर) के सफलतम दो वर्ष पूर्ण होने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की ओर से भी नर्सिंग अधिकारी वर्ग की सम्पूर्ण टीम को( सुनील कुमार शर्मा भी शामिल) को प्रमाण पत्र सौंप कर सभी का स्वागत - सत्कार कर किया गया। इस दोहरी उपलब्धि पर सवाईमाधोपुर जिले के गांव बामन बड़ौदा (गंगापुर सिटी) निवासी सेवानिवृत्ति वैद्य नन्द लाल पटेल के सुपुत्र सुनील शर्मा ( नर्सिंग अधिकारी) को निकटतम रिश्तेदारों, परिजनों व घनिष्ठ मित्रों सहित ग्रामीणों द्वारा बधाई प्रेषित कर गहरी खुशी जाहिर की गई है। विप्र समाज को प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित महसूस करवाने पर भी विभिन्न विप्र संगठनों व नर्सिंग एसोसिएशन का मान बढ़ाने पर नर्सिंग एसोसिएशन कीओर से भी शर्मा का आभार प्रकट किया गया है। शुरू एप परिवार की ओर से शर्मा को अपनी उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्जवल भविष्य की अनन्त शुभकामनाएं...1
- सारसोप में हर्षोल्लास से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस सारसोप। गांव सारसोप में शनिवार को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण के साथ हुई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत प्रशासक मन्नी देवी और प्रधानाचार्य अमित कुमार ने तिरंगा फहराया और उपस्थित विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य अमित कुमार ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे देश के लिए गौरव और सम्मान का दिन है। यह दिन हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है, जिनके प्रयासों से देश को आजादी मिली। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय परिसर में भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रहित में कार्य करने और देश की प्रगति में योगदान देने का संकल्प लिया।2
- 80 वां स्वतंत्रता दिवस आजादी के जश्न में बदइंतजामी का पानी। टेंट गिरा, टला बड़ा हादसा। सवाई माधोपुर पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का 80 वां जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया जा रहा था। इस दौरान लगभग करीब 20 मिनट की तेज बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद समारोह स्थल पर बारिश से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आए। बारिश के दौरान टेंट पर पानी भर गया ।और एक स्थान पर टेंट का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा होने का खतरा पैदा हो गया। हालात बिगड़ने पर जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी समारोह स्थल से निकलना पड़ा। इसके चलते कार्यक्रम को निर्धारित समय से पहले ही समाप्त करना पड़ा।1
- पुलिस लाइन मैदान मे बारिश होने से कार्यक्रम के चलते बीच कार्यक्रम मे टेंट मे पानी भरे होने से टेंट फट गया सवाई माधोपुर पुलिस लाइन मे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान हुई बारिश मे खुली प्रशासन की व्यवस्थाओ की पोल बारिश होने से फटा टेंट, टेंट फट जाने के कारण टेंट के ऊपर भरा पानी गिरा निचे1
- सवाई माधोपुर पुलिस लाइन परेड मैदान तेज बारिश के चलते कार्यक्रम किया गया स्थगित। मौसम विभाग ने दी गई चेतावनी। विभाग द्वारा वाटरप्रूफ नहीं लगाए गए टेंट। की गई खानापूर्ति, फटे टेंट में से पानी बाहर निकाला। जिसके चलते आला अधिकारियों को भारी बारिश के चलते मौके पर से ही निकलना पड़ा सवाई माधोपुर पुलिस लाइन परेड मैदान तेज बारिश के चलते कार्यक्रम किया गया स्थगित। मौसम विभाग ने दी गई चेतावनी। विभाग द्वारा वाटरप्रूफ नहीं लगाए गए टेंट। की गई खानापूर्ति, फटे टेंट में से पानी बाहर निकाला। जिसके चलते आला अधिकारियों को भारी बारिश के चलते मौके पर से ही निकलना पड़ा1