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मैहर की कलेक्टर विदिशा मुखर्जी द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के बाद नगरपालिका में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर के इस अचानक एक्शन के बाद से ही नगरपालिका प्रशासन के भीतर हड़कंप का माहौल बना हुआ है।
Sharda Shrivastava
मैहर की कलेक्टर विदिशा मुखर्जी द्वारा की गई सख्त कार्रवाई के बाद नगरपालिका में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर के इस अचानक एक्शन के बाद से ही नगरपालिका प्रशासन के भीतर हड़कंप का माहौल बना हुआ है।
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- मध्य प्रदेश के मैहर में शराब की पैकारी करने वाले मनोज केशरवानी पर मैहर पुलिस की मेहरबानी देखने को मिल रही है। शराब पैकारी के काम में शामिल मनोज केशरवानी पर मैहर पुलिस लगातार अपनी मेहरबानी बनाए हुए है।1
- मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी और किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर जिला किसान कांग्रेस कमेटी ने मैहर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन के माध्यम से किसानों की ज्वलंत समस्याओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में प्रदेश में सामने आए व्यापम एवं पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा, ई-टोकन व्यवस्था के कारण डीएपी व अन्य उर्वरकों के वितरण में हो रही अव्यवस्था को दूर करने और किसानों को बिना रुकावट पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने फसलों के नुकसान को रोकने के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, मनमाने बिजली बिलों पर रोक, और मूंग खरीदी की सीमा प्रति एकड़ 1 क्विंटल से बढ़ाकर 4 क्विंटल करने की मांग रखी। साथ ही मैहर नगर की जर्जर व गड्ढायुक्त सड़कों की मरम्मत, नियमित सफाई और बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी गई। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल ने चेतावनी दी कि यदि किसानों और युवाओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गोविंद नाथ पटेल, जयपाल सिंह, रामसूजान पाण्डेय, मिठ्ठू महाराज, रावेंद्र सिंह, गुड्डू, राजेंद्र सिंह बबलू, सतेंद्र कुशवाहा, नागेंद्र सिंह चौहान, अनवर आलम, मो. खलील, चूड़ामणि बढ़ौलिया सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- मैहर जिला सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां दो मृतकों के शव लगभग पांच घंटे तक पोस्टमार्टम के इंतजार में पड़े रहे। जानकारी के अनुसार, धनवाही निवासी कारण चौधरी (पिता: राम शरण) की कथित रूप से सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी, वहीं सोनवारी निवासी मोहम्मद शहीद को भी आकस्मिक मृत्यु के मामले में अस्पताल लाया गया था। इसके बावजूद घंटों तक दोनों का पोस्टमार्टम नहीं किया गया। पोस्टमार्टम में हुई इस देरी से परिजनों में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखी गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था, व्यापमं, पेपर लीक और खाद-बिजली संकट के खिलाफ जिला किसान कांग्रेस कमेटी मैहर ने हुंकार भरी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के आह्वान पर जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया तथा महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने व्यापमं घोटालों और हालिया पेपर लीक प्रकरणों को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जेल भेजने की मांग रखी। इसके साथ ही खरीफ सीजन में खाद-डीएपी के लिए ई-टोकन व्यवस्था का ढोंग बंद कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, मूंग खरीदी की सीमा 1 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 4 क्विंटल प्रति एकड़ करने, और 24 घंटे निर्बाध बिजली देने के साथ मनमाने भारी-भरकम बिलों पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान मैहर नगर की जर्जर सड़कों, बदहाल यातायात और ठप पड़ी सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। जिला अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल ने "समाधान करो या कुर्सी छोड़ो" की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि युवाओं और किसानों का शोषण बंद नहीं हुआ, तो किसान कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ईंट से ईंट बजा देगी। इस प्रदर्शन में गोविंद नाथ पटेल, जयपाल सिंह, रामसूजान पाण्डेय, मिठ्ठू महाराज, रावेंद्र सिंह, गुड्डू, राजेंद्र सिंह बबलू, सतेंद्र कुशवाहा, नागेंद्र सिंह चौहान, अनवर आलम, मो. खलील, चूड़ामणि बढ़ौलिया, अनिलेंद्र सिंह, बंशीलाल सिंह, सुखलाल कुशवाहा, लाखन सिंह, नितिन प्रताप सिंह एडवोकेट, अर्जुन सिंह बुंदेला, दिनेश गौतम, वीरेंद्र सिंह भदौरिया, सुनील बंसल, बेनीलाल कुशवाहा, दुर्गेश पटेल, बलवान सिंह, जितेंद्र सिंह बुंदेला, हीरा सिंह, महेश विश्वकर्मा, रावेंद्र सिंह पंचू और नलनीकांत शर्मा सहित भारी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होने के लिए रीवा समेत विंध्य क्षेत्र से बड़ी संख्या में छात्र और युवा दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। यात्रा के दौरान ट्रेन के डिब्बों में छात्रों का भारी आक्रोश देखने को मिला, जहां एकजुट होकर छात्रों ने जोरदार नारेबाजी की और सफर के दौरान ट्रेन के डिब्बों को ही विरोध का मंच बना दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और "छात्र एकता जिंदाबाद" के नारे लगाए। इस दौरान छात्रों के हाथों में शिक्षा व्यवस्था और हालिया लाठीचार्ज के विरोध में लिखे स्लोगन के पोस्टर-बैनर नजर आए। ट्रेन के भीतर हो रहे इस प्रदर्शन से अन्य सह-यात्रियों का ध्यान भी छात्रों की मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की ओर गया, वहीं ट्रेन के अंदर नारेबाजी और प्रदर्शन के कई वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। आंदोलन में भाग लेने जा रहे युवाओं ने आक्रोश जताते हुए बताया कि दिल्ली में पूर्व में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में वे राजधानी पहुंच रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, "हम जंतर-मंतर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।" विंध्य क्षेत्र से दिल्ली जा रहे इन छात्रों के समर्थन में सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चाएं तेज हो गई हैं।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने देश की परीक्षा तथा भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की गई है। इसके साथ ही संगठनों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, शिक्षा माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं व पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच कराने की मांग रखी। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और यदि जांच में किसी छात्र की मृत्यु आंदोलन से संबंधित पाई जाती है, तो उसके परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार को लेकर NEET UG और JEE Main सहित सभी परीक्षाओं में पारदर्शी व सुरक्षित प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क समाप्त करने, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध भर्ती, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त करने और सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने की मांग उठाई गई। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एड. विक्रम सूर्यवंशी ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है तथा युवा निष्पक्ष शिक्षा व समान अवसर का हकदार है। वहीं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष राघवेंद्र अहिरवार ने कहा कि सरकार की नीतियां छात्र-छात्राओं के हितों के विपरीत हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ नेता संजीत वर्मा, प्रदीप सूर्यवंशी, दिलीप साकेत, सूरज सूर्यवंशी, विशाल प्रदीप, रामप्रकाश कोल, महेंद्र कोल, रोशनी दीपांकर, दीपक प्रजापति, विजय चौधरी, अजय साकेत, विधानसभा अध्यक्ष रामप्रकाश कोल, पूर्व जिला सह-संयोजक शेखर साकेत और प्रवेश निराला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- मैहर जिला सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ दो मृतकों के शव लगभग पाँच घंटे तक पोस्टमार्टम के इंतजार में पड़े रहे। धनवाही निवासी कारण चौधरी (पिता: राम शरण) की कथित रूप से सर्पदंश से मौत हो गई थी, वहीं सोनवारी निवासी मोहम्मद शहीद की भी आकस्मिक मृत्यु के बाद शव को अस्पताल लाया गया था। इसके बावजूद घंटों तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश और नाराजगी फैल गई। मृतकों के परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल में जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारियों की अनुपस्थिति और लापरवाही के कारण उन्हें इस पीड़ादायक स्थिति और परेशानी से गुजरना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय निवासियों में भी गहरा गुस्सा है। लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- धार्मिक नगरी मैहर में जिला पुलिस कप्तान के नेतृत्व में जिले को नशामुक्त बनाने और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए 'नशे से दूर है जरूरी' अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है। हालांकि, दूसरी तरफ भाटिया शराब कंपनी के मैनेजर संतोष सिंह द्वारा पूरे जिले भर में अवैध शराब के व्यापार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पुलिस के इस अभियान की प्रभावशीलता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। संतोष सिंह की इन गतिविधियों के कारण उत्पन्न हुई विरोधाभासी स्थिति ने पुलिस प्रशासन के सामने एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत कर दी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और जल्द ही संतोष सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस का सहयोग करें।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले स्थित भदनपुर में चौपड़ा इंडेन गैस एजेंसी पर पिछले 3 महीनों से जारी गैस की कालाबाजारी की कवरेज करने पहुंचे एक स्थानीय पत्रकार के साथ सरेआम गाली-गलौज और हाथापाई की गई। शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को उपभोक्ताओं की लगातार मिल रही शिकायतों की जमीनी हकीकत जानने पहुंचे पत्रकार पर उस वक्त हमला किया गया जब वह ग्राहकों के बयान दर्ज कर रहे थे। स्थानीय उपभोक्ताओं ने कैमरे पर खुलासा किया कि एजेंसी गैस सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहकों को फोन करके ओटीपी मांगती है। ओटीपी देने पर एक-दो दिन में सिलेंडर देने की बात कही जाती है, लेकिन बाद में स्टॉक खत्म होने का बहाना बनाकर ग्राहकों को खाली हाथ लौटा दिया जाता है। वहीं, फोन पर ओटीपी न देने वाले ग्राहकों को एजेंसी पहुंचने और सामने ओटीपी देने के बावजूद परेशान किया जाता है और सिलेंडर नहीं दिया जाता। उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस ओटीपी के खेल के जरिए सिलेंडरों को अवैध रूप से ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। कवरेज के दौरान सच उजागर होता देख एजेंसी प्रोपराइटर उमाशंकर जायसवाल के पिता बेडिलाल जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर पत्रकार के काम में बाधा डाली, सरेआम गाली-गलौज की और हाथापाई शुरू कर दी। दबंगई दिखाते हुए आरोपी ने पत्रकार को खुलेआम चुनौती दी कि जहाँ शिकायत करनी हो कर दो, उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और पत्रकार जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित पत्रकार ने बदेरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। अब देखना यह है कि मैहर पुलिस प्रशासन और जिला कलेक्ट्रेट इस पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या एजेंसी का लाइसेंस निरस्त होगा।3