पीने का पानी नदी से लाकर दूषित पानी पीने मजबूर हैं गांव के लोग, वर्षों से दंश झेल रहे ग्रामीण सरकार के विकास की पोल खोलती तस्वीरें शाहाबाद जहाँ देश को आजादी मिले 77 वर्ष हो गए लेकिन ऐसे में अगर दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी के लिए इतना संघर्ष करना पड़ जाए तो फिर यह सभी सरकारी योजनाओं की पोल खोलती नजर आती कि। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के डूडावर गांव में आज भी पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है इसके चलते गांव के लोग पास में वह रही कुन्नू एवं तिलपसी नदी से गंदा एवं मटमैला पानी पीने को मजबूर है गांव में करीब 180 मतदाता निवास करते हैं यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से महज ढाई किलोमीटर दूरी पर बसा हुआ है ग्रामीण महिला शरबती सहरिया एवं गुजरिया सहरिया का कहना है कि गांव के सभी लोग 12 महीने नदी में जाने के लिए काफी दुर्गम रास्तों से होकर ये महिलाए नदी से पानी लाकर ही पीते हैं बरसात में गंदा पानी पीना पड़ता है। गर्मी में यह समस्या और बढ़ जाती है। शाहाबाद उपखंड के गांव डूडावर में वर्षों से पेयजल सुविधा नहीं होने का दंश झेल रहे हैँ न ही उन्हें मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में यहां के ग्रामीणों को अभी भी नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा न तो कोई व्यवस्था की गई और न ही पेयजल व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पानी को महिलाएं अपनी ही साड़ी या कपड़े से छानकर घर लाती हैं और इस पानी को ही पीने के लिए उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीण महिला कनपुतरी, गुजरिया, मुन्नी, रामकली, भभूती, फूलवती, मछला, अशरफी, कल्लो, गुड्डी, श्रीमती, कमलेश, नैना, मोनिका सहरिया आदि ने बताया कि यहां पर वर्षों से यही हाल है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनावों के समय वोट के लिए तरह-तरह के वादे कर जाते हैं फिर इन गांवों की ओर देखने तक नहीं आते। यहां पर एक हैंड पंप है जो पहले बंद था लेकिन कुछ दिनों पहले ठीक कराया उसमें भी खारा पानी एवं मटमैला लाल पानी आता ये जिसमें से कोई भी पानी नहीं भरता इस मामले में शाहाबाद विकास अधिकारी हर्ष महावर का कहना है कि यह गांव आबादी भूमि में आता होगा तो हमारे अधीनस्थ होता है फिर भी में जांच करवा लेता हूं, ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया यदि आवश्यकता होगी तो इसका जल्द समाधान किया जाएगा।
पीने का पानी नदी से लाकर दूषित पानी पीने मजबूर हैं गांव के लोग, वर्षों से दंश झेल रहे ग्रामीण सरकार के विकास की पोल खोलती तस्वीरें शाहाबाद जहाँ देश को आजादी मिले 77 वर्ष हो गए लेकिन ऐसे में अगर दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी के लिए इतना संघर्ष करना पड़ जाए तो फिर यह सभी सरकारी योजनाओं की पोल खोलती नजर आती कि। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के डूडावर गांव में आज भी पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है इसके चलते गांव के लोग पास में वह रही कुन्नू एवं तिलपसी नदी से गंदा एवं मटमैला पानी पीने को मजबूर है गांव में करीब 180 मतदाता निवास करते हैं यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से महज ढाई किलोमीटर दूरी पर बसा हुआ है ग्रामीण महिला शरबती सहरिया एवं गुजरिया सहरिया
का कहना है कि गांव के सभी लोग 12 महीने नदी में जाने के लिए काफी दुर्गम रास्तों से होकर ये महिलाए नदी से पानी लाकर ही पीते हैं बरसात में गंदा पानी पीना पड़ता है। गर्मी में यह समस्या और बढ़ जाती है। शाहाबाद उपखंड के गांव डूडावर में वर्षों से पेयजल सुविधा नहीं होने का दंश झेल रहे हैँ न ही उन्हें मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में यहां के ग्रामीणों को अभी भी नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा न तो कोई व्यवस्था की गई और न ही पेयजल व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पानी को महिलाएं अपनी ही साड़ी या कपड़े से छानकर घर लाती हैं और इस पानी को ही पीने के लिए उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीण महिला कनपुतरी,
गुजरिया, मुन्नी, रामकली, भभूती, फूलवती, मछला, अशरफी, कल्लो, गुड्डी, श्रीमती, कमलेश, नैना, मोनिका सहरिया आदि ने बताया कि यहां पर वर्षों से यही हाल है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनावों के समय वोट के लिए तरह-तरह के वादे कर जाते हैं फिर इन गांवों की ओर देखने तक नहीं आते। यहां पर एक हैंड पंप है जो पहले बंद था लेकिन कुछ दिनों पहले ठीक कराया उसमें भी खारा पानी एवं मटमैला लाल पानी आता ये जिसमें से कोई भी पानी नहीं भरता इस मामले में शाहाबाद विकास अधिकारी हर्ष महावर का कहना है कि यह गांव आबादी भूमि में आता होगा तो हमारे अधीनस्थ होता है फिर भी में जांच करवा लेता हूं, ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया यदि आवश्यकता होगी तो इसका जल्द समाधान किया जाएगा।
- शाहाबाद जहाँ देश को आजादी मिले 77 वर्ष हो गए लेकिन ऐसे में अगर दूर दराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी के लिए इतना संघर्ष करना पड़ जाए तो फिर यह सभी सरकारी योजनाओं की पोल खोलती नजर आती कि। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के डूडावर गांव में आज भी पेयजल सुविधा उपलब्ध नहीं है इसके चलते गांव के लोग पास में वह रही कुन्नू एवं तिलपसी नदी से गंदा एवं मटमैला पानी पीने को मजबूर है गांव में करीब 180 मतदाता निवास करते हैं यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से महज ढाई किलोमीटर दूरी पर बसा हुआ है ग्रामीण महिला शरबती सहरिया एवं गुजरिया सहरिया का कहना है कि गांव के सभी लोग 12 महीने नदी में जाने के लिए काफी दुर्गम रास्तों से होकर ये महिलाए नदी से पानी लाकर ही पीते हैं बरसात में गंदा पानी पीना पड़ता है। गर्मी में यह समस्या और बढ़ जाती है। शाहाबाद उपखंड के गांव डूडावर में वर्षों से पेयजल सुविधा नहीं होने का दंश झेल रहे हैँ न ही उन्हें मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में यहां के ग्रामीणों को अभी भी नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा न तो कोई व्यवस्था की गई और न ही पेयजल व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पानी को महिलाएं अपनी ही साड़ी या कपड़े से छानकर घर लाती हैं और इस पानी को ही पीने के लिए उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीण महिला कनपुतरी, गुजरिया, मुन्नी, रामकली, भभूती, फूलवती, मछला, अशरफी, कल्लो, गुड्डी, श्रीमती, कमलेश, नैना, मोनिका सहरिया आदि ने बताया कि यहां पर वर्षों से यही हाल है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि चुनावों के समय वोट के लिए तरह-तरह के वादे कर जाते हैं फिर इन गांवों की ओर देखने तक नहीं आते। यहां पर एक हैंड पंप है जो पहले बंद था लेकिन कुछ दिनों पहले ठीक कराया उसमें भी खारा पानी एवं मटमैला लाल पानी आता ये जिसमें से कोई भी पानी नहीं भरता इस मामले में शाहाबाद विकास अधिकारी हर्ष महावर का कहना है कि यह गांव आबादी भूमि में आता होगा तो हमारे अधीनस्थ होता है फिर भी में जांच करवा लेता हूं, ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया यदि आवश्यकता होगी तो इसका जल्द समाधान किया जाएगा।3
- छबड़ा:स्थानीय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केंद्र, छबड़ा में 1 मई शुक्रवार को मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र संचालिका नीलू दीदी ने की। केंद्र के मीडिया प्रभारी शंकर लाल नागर ने जानकारी देते हुए बताया कि मोती कॉलोनी स्थित सेवा केंद्र पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:• उपस्थित सभी मजदूरों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई। • नीलू दीदी द्वारा श्रमिकों को शिव परमात्मा का दिव्य परिचय दिया गया। • अपने संबोधन में नीलू दीदी ने कहा, "श्रमिक केवल ईंट-पत्थर से मकान नहीं बनाता, बल्कि वह हमारे कल्पनाशील सपनों को साकार रूप प्रदान करता है।श्रमिक हमारे समाज की रीढ़ की हड्डी हैं। उनके परिश्रम से ही राष्ट्र का निर्माण होता है।" कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित श्रमिकों को प्रभु प्रसाद वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर सेवा केंद्र के अन्य भाई-बहन भी मौजूद रहे।3
- राघव चड्डा ने कहा था की बीजेपी गुंडों की पार्टी है को लेकर दिलीप राणावत आपनेता ने दिया जवाब1
- Bramre Pranayam at home chhipabarod1
- बे मौसम अचानक राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश सौगंध न्यूज1
- Post by Chauthmal Verma1
- आक्रोशित ग्रामीणों ने चौराहे पर जाम लगाकर प्रशासन से की कार्रवाई व मुआवजे की मांग -एनएच-70 पर इटावा थाना क्षेत्र में गणेशगंज के पास हुआ हादसा कोटा/ इटावा। एनएच-70 पर कोटा जिले के इटावा थाना क्षेत्र में गणेशगंज के पास पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने एक बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में रनोदिया निवासी मजदूर घनश्याम महावर और उनकी भाभी उर्मिला बाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को करीब एक घंटे की देरी के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से इटावा अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार घनश्याम महावर अपनी भाभी उर्मिला बाई के साथ डोरली गांव मजदूरी करने जा रहे थे। इसी दौरान गणेशगंज क्षेत्र में इटावा की ओर तेज रफ्तार से आ रही पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने गणेशगंज मुख्य चौराहे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आए दिन पत्थरों के ट्रैक्टरों से हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और पीड़ित मजदूर परिवार को तुरंत सरकारी सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की।बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस टीम पहुंची और लंबी समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों को जाम हटाने के लिए राजी किया। फिलहाल यातायात सामान्य हो गया है। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों का इलाज इटावा अस्पताल में चल रहा है। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोग लंबे समय से क्षेत्र में अनियंत्रित ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार को लेकर शिकायत करते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।1
- * *वैशाख शुक्ल पूर्णिमा पर मातृ शक्ति ने किया गौसेवा का पुनीत कार्य।* छबड़ा(बारां)वैशाख शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद छबड़ा शाखा की मातृ शक्ति द्वारा कटिखंडी गौशाला में गौसेवा का सराहनीय कार्य किया गया। इस दौरान गायों के लिए खल एवं भूसे की व्यवस्था कर उन्हें हरा चारा खिलाया गया तथा पानी की समुचित व्यवस्था भी की गई।परिषद की पूर्व प्रांतीय महिला प्रमुख मृदुला जैन एवं छबड़ा शाखा की महिला प्रमुख उषा शर्मा ने बताया कि भारत विकास परिषद की मातृ शक्ति सदैव सेवा कार्यों में अग्रणी रहती है और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा प्रतिवर्ष धार्मिक, सामाजिक एवं मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई जाती है।इस अवसर पर वैशाख पूर्णिमा के पावन पर्व पर मातृ शक्ति की महिलाओं ने अपने हाथों से गायों को चारा एवं पानी पिलाकर सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। साथ ही मजदूर दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें मजदूरों के बच्चों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की गई। उन्हें शिक्षा संबंधी जानकारी, मार्गदर्शन एवं आवश्यक सुझाव भी दिए गए।कार्यक्रम में संगठन की वरिष्ठ मातृ शक्ति मंजु लुहाड़िया सहित सक्रिय सदस्याएं विजय लक्ष्मी शर्मा, ज्योति भार्गव, लाड़ गुप्ता, निरंजना जांगिड़, शोभा माहेश्वरी, किरण गालव, ममता शर्मा, सीमा गुप्ता, पूर्व महिला प्रमुख शारद सोनी, कृष्णा अग्रवाल एवं अन्य सदस्यों का आर्थिक सहयोग रहा।सभी उपस्थित महिलाओं ने वैशाख शुक्ल पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर गौसेवा को अपना धर्म बताते हुए एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।1