कालपी में बार एसोसिएशन के अधिवक्ता की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, जमीन विवाद में 10 लाख की सुपारी देकर कराई गई वारदात -जालौन यूपी डेट-02-11-2026 जालौन के कालपी में 31 अक्टूबर को बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 32 बीघा जमीन के विवाद में अधिवक्ता की हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए 10 लाख रुपये में सुपारी दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक सुरेश चद्र रावत के अनुसार, 31 अक्टूबर को अधिवक्ता को एक व्यक्ति फाइल पर चर्चा करने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद चाय पीने के बहाने उन्हें गाड़ी में बैठाकर दूसरी जगह ले जाया गया। काफी देर तक अधिवक्ता के घर नहीं लौटने पर उनके बेटे ने करीब डेढ़ घंटे तक तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कालपी थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। पुलिस ने शाम से लेकर पूरी रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया। कई स्थानों पर छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन लगातार पूछताछ के बाद सुबह करीब नौ बजे उनकी निशानदेही पर अधिवक्ता के शव के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सर्वेश, आशीष और कटियार नाम के आरोपी शामिल बताए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद करने के लिए पुलिस टीम जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने पहले से छिपाकर रखे तमंचों से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार, एक रक्तरंजित पाना रिंच, एक चेक, जिससे अधिवक्ता पर हमला किए जाने की बात सामने आई है, दो तमंचे और पांच कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में हत्या के पीछे करीब 32 बीघा जमीन का विवाद सामने आया है। बताया गया कि गयादीन और इंद्रजीत यादव पक्ष के बीच इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद और मुकदमेबाजी चल रही थी। जमीन लखीराम की दत्तक पुत्री के नाम से संबंधित बताई गई है, जिसे लेकर दोनों पक्ष अपना दावा कर रहे थे। इसी रंजिश के चलते अधिवक्ता की हत्या की साजिश रचे जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम में मोनू यादव की मुख्य भूमिका सामने आई है। उसने 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। वहीं, इंद्रजीत यादव पर हत्या की साजिश के लिए सुपारी देने और वारदात में भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस ने इंद्रजीत यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, मोनू के पिता अजय यादव पर भी पूरी योजना में सहयोग करने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने मोबाइल फोन से घटना से पहले और बाद की व्हाट्सएप चैट भी बरामद की हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इस पूरे हत्याकांड में कुल छह लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें चार आरोपियों की भूमिका वारदात को अंजाम देने और सक्रिय रूप से साजिश में शामिल होने की बताई गई है। तीन शूटरों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि इंद्रजीत यादव की गिरफ्तारी के साथ अब कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। मुख्य आरोपी मोनू यादव की गिरफ्तारी बाकी है। अजय यादव की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बाइट:- सुरेश चंद्र रावत--एसपी जालौन
कालपी में बार एसोसिएशन के अधिवक्ता की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, जमीन विवाद में 10 लाख की सुपारी देकर कराई गई वारदात -जालौन यूपी डेट-02-11-2026 जालौन के कालपी में 31 अक्टूबर को बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 32 बीघा जमीन के विवाद में अधिवक्ता की हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए 10 लाख रुपये में सुपारी दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक सुरेश चद्र रावत के अनुसार, 31 अक्टूबर को अधिवक्ता को एक व्यक्ति फाइल पर चर्चा करने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद चाय पीने के बहाने उन्हें गाड़ी में बैठाकर दूसरी जगह ले जाया गया। काफी देर तक अधिवक्ता के घर नहीं लौटने पर उनके बेटे ने करीब डेढ़ घंटे तक तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कालपी थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। पुलिस ने शाम से लेकर पूरी रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया। कई स्थानों पर छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन लगातार पूछताछ के बाद सुबह करीब नौ बजे उनकी निशानदेही पर अधिवक्ता के शव के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सर्वेश, आशीष और कटियार नाम के आरोपी शामिल बताए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद करने के लिए पुलिस टीम जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने पहले से छिपाकर रखे तमंचों से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। दोनों को
तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार, एक रक्तरंजित पाना रिंच, एक चेक, जिससे अधिवक्ता पर हमला किए जाने की बात सामने आई है, दो तमंचे और पांच कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में हत्या के पीछे करीब 32 बीघा जमीन का विवाद सामने आया है। बताया गया कि गयादीन और इंद्रजीत यादव पक्ष के बीच इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद और मुकदमेबाजी चल रही थी। जमीन लखीराम की दत्तक पुत्री के नाम से संबंधित बताई गई है, जिसे लेकर दोनों पक्ष अपना दावा कर रहे थे। इसी रंजिश के चलते अधिवक्ता की हत्या की साजिश रचे जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम में मोनू यादव की मुख्य भूमिका सामने आई है। उसने 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। वहीं, इंद्रजीत यादव पर हत्या की साजिश के लिए सुपारी देने और वारदात में भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस ने इंद्रजीत यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, मोनू के पिता अजय यादव पर भी पूरी योजना में सहयोग करने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने मोबाइल फोन से घटना से पहले और बाद की व्हाट्सएप चैट भी बरामद की हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इस पूरे हत्याकांड में कुल छह लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें चार आरोपियों की भूमिका वारदात को अंजाम देने और सक्रिय रूप से साजिश में शामिल होने की बताई गई है। तीन शूटरों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि इंद्रजीत यादव की गिरफ्तारी के साथ अब कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। मुख्य आरोपी मोनू यादव की गिरफ्तारी बाकी है। अजय यादव की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बाइट:- सुरेश चंद्र रावत--एसपी जालौन
- कालपी में बार एसोसिएशन के अधिवक्ता की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, जमीन विवाद में 10 लाख की सुपारी देकर कराई गई वारदात -जालौन यूपी डेट-02-11-2026 जालौन के कालपी में 31 अक्टूबर को बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, करीब 32 बीघा जमीन के विवाद में अधिवक्ता की हत्या की साजिश रची गई थी। वारदात को अंजाम देने के लिए 10 लाख रुपये में सुपारी दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक सुरेश चद्र रावत के अनुसार, 31 अक्टूबर को अधिवक्ता को एक व्यक्ति फाइल पर चर्चा करने के बहाने अपने साथ ले गया था। इसके बाद चाय पीने के बहाने उन्हें गाड़ी में बैठाकर दूसरी जगह ले जाया गया। काफी देर तक अधिवक्ता के घर नहीं लौटने पर उनके बेटे ने करीब डेढ़ घंटे तक तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कालपी थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। पुलिस ने शाम से लेकर पूरी रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया। कई स्थानों पर छापेमारी कर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन लगातार पूछताछ के बाद सुबह करीब नौ बजे उनकी निशानदेही पर अधिवक्ता के शव के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सर्वेश, आशीष और कटियार नाम के आरोपी शामिल बताए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद करने के लिए पुलिस टीम जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने पहले से छिपाकर रखे तमंचों से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार, एक रक्तरंजित पाना रिंच, एक चेक, जिससे अधिवक्ता पर हमला किए जाने की बात सामने आई है, दो तमंचे और पांच कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में हत्या के पीछे करीब 32 बीघा जमीन का विवाद सामने आया है। बताया गया कि गयादीन और इंद्रजीत यादव पक्ष के बीच इस जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद और मुकदमेबाजी चल रही थी। जमीन लखीराम की दत्तक पुत्री के नाम से संबंधित बताई गई है, जिसे लेकर दोनों पक्ष अपना दावा कर रहे थे। इसी रंजिश के चलते अधिवक्ता की हत्या की साजिश रचे जाने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। इस पूरे घटनाक्रम में मोनू यादव की मुख्य भूमिका सामने आई है। उसने 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। वहीं, इंद्रजीत यादव पर हत्या की साजिश के लिए सुपारी देने और वारदात में भूमिका निभाने का आरोप है। पुलिस ने इंद्रजीत यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी मोनू यादव अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, मोनू के पिता अजय यादव पर भी पूरी योजना में सहयोग करने का आरोप सामने आया है। पुलिस ने मोबाइल फोन से घटना से पहले और बाद की व्हाट्सएप चैट भी बरामद की हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इस पूरे हत्याकांड में कुल छह लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें चार आरोपियों की भूमिका वारदात को अंजाम देने और सक्रिय रूप से साजिश में शामिल होने की बताई गई है। तीन शूटरों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि इंद्रजीत यादव की गिरफ्तारी के साथ अब कुल चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। मुख्य आरोपी मोनू यादव की गिरफ्तारी बाकी है। अजय यादव की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बाइट:- सुरेश चंद्र रावत--एसपी जालौन2
- आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनर नवीन दीक्षित व प्रधानाध्यापक अरविंद राजपूत ने मलेरिया रोग से बचाव की दी जानकारी सिठमरा के बच्चों ने ली दस दस लोगों को जागरूक करने की शपथ कानपुर देहात बच्चों आपको माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्र की सर्वोत्तम संपत्ति मानते हुए कहा है कि बच्चों के ज्ञान और पोषण में किया गया खर्च सबसे अच्छा निवेश है इसलिए स्वस्थ रहने के लिए भी आप सब को मच्छर जनित एवं अन्य रोगों से जागरूक होना पड़ेगा मलेरिया मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला एक गंभीर रोग है बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें,पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें उक्त बात आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनर नवीन कुमार दीक्षित ने मध्यावकाश के समय स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त मलेरिया के जन जागरूकता पंपलेट देते हुए 10-10 लोगों को जागरूक करने का दायित्व देते हुए कही। इस अवसर पर उक्त कार्यक्रम के आयोजक प्राथमिक विद्यालय सिठमरा के प्रधानाध्यापक अरविंद राजपूत ने आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनर नवीन दीक्षित का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मलेरिया से बचाव हेतु मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं खुली त्वचा पर मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम का उपयोग करें।दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, उन पर जाली लगवाएं आसपास सफाई और जल-भराव रोकना पानी एकत्र न होने दें: गमलों, पुराने टायरों, कूलर, गटर या गड्ढों में पानी इकट्ठा न होने दें और कीटनाशकों का छिड़काव करें1
- *➡️थाना मंगलपुर पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए गैर इरादतन हत्या की घटना में वांछित 03 अभियुक्तगण को किया गया गिरफ्तार ।* जनपद कानपुर देहात में अपराधों की रोकथाम एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे विशेष अभियान के क्रम में, दिनांक 22.10.2026 को थाना मंगलपुर पर वादिनी सिद्ध कुमारी पुत्री रामचंद निवासिनी ग्राम प्रयागपुर थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात द्वारा लिखित तहरीर बावत अभियुक्तगणों द्वारा दिनांक 21.10.26 को समय करीब 19.30 बजे मेरे घर के अंदर लाठी-डण्डे व धारदार हथियार लेकर घुस आना व मेरे पिता रामचन्द्र के साथ गाली-गलौच करते हुये जानलेवा हमला करना एवं मेरे द्वारा बीच बचाव करने पर मेरे साथ भी मारपीट करने जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में दी गयी । जिसके आधार पर थाना मंगलपुर पर मु0अ0स0 359/2026, धारा 333/115(2)/352/351(3) बीएनएस बनाम 1. शोभित पुत्र अरविंद कुमार, 2. सुमित पुत्र अरविंद कुमार, 3. सुनीता पत्नी अरविंद कुमार निवासीगण ग्राम प्रयागपुर थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात, 4.राहुल पुत्र सुखवासी निवासी ग्राम भानदत्तपुरवा थाना रूरा जनपद कानपुर देहात के विरुद्ध पंजीकृत किया गया। दौराने विवेचना मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित मजरूब रामचन्द्र पुत्र स्व0 धनीराम उम्र करीब 57 वर्ष निवासी प्रयागपुर थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात की दिनांक 30.10.2026 को दौराने इलाज हैलट अस्पताल कानपुर नगर में मृत्यु हो गयी। थाना मंगलपुर पुलिस टीम द्वारा मुकदमा उपरोक्त में कार्यवाही करते हुए साक्ष्य संकलन के आधार पर धारा 3(5)/105 बीएनएस की बढोत्तरी की गयी। आज दिनांक 02.11.2026 को थाना मंगलपुर पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए नामित वांछित अभियुक्तगण 1. शोभित पुत्र अरविन्द, 2. सुमित पुत्र अरविन्द कुमार निवासीगण ग्राम प्रयागपुर थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात, 3. राहुल पुत्र सुखवासी निवासी ग्राम भानदत्तपुरवा थाना रूरा जनपद कानपुर देहात को ग्राम प्रयागपुर जाने वाली सडक के मोड थाना क्षेत्र मंगलपुर से गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्तगण की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लकङी के फट्टे को बरामद किया गया। गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण उपरोक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। *गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण का विवरण-* 1.. शोभित पुत्र अरविन्द उम्र करीब 25 वर्ष निवासी ग्राम प्रयागपुर थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात । 2. सुमित पुत्र अरविन्द उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम प्रयागपुर थाना मंगलपुर जनपद कानपुर देहात । 3. राहुल पुत्र सुखवासी उम्र करीब 32 वर्ष निवासी ग्राम भानदत्तपुरवा थाना रूरा जनपद कानपुर देहात । *अभियुक्तगण शोभित, सुमित व राहुल उपरोक्त का अपराधिक इतिहास-* 1. मु0अ0स0 359/26 धारा 333/115(2)/352/351(3)/105/3(5) बीएनएस थाना मंगलपुर का0दे0। *गिरफ्तार करने वाली थाना मंगलपुर पुलिस टीम-* 1. उ0नि0 कीर्ति प्रकाश कनौजिया 2. का0 987 आलोक कुमार 3. का0 1304 रविन्द्र राणा। 4. हे0का0 109 मुकेश कुमार1
- lauhepurush..ballabh..bhai..patelki..151..Jayantipar..c.m.yogijine..lakhnau..me..ubaonko..bdi..shaugatdi..1
- सिकंदरा क्षेत्र में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, घटना के बाद परिजनों में मचा हड़कंप सिकंदरा क्षेत्र में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, घटना के बाद परिजनों में मचा हड़कंप कानपुर देहात। सिकंदरा क्षेत्र में रौशनी देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मिली जानकारी के अनुसार, रौशनी की शादी 10 मार्च 2026 को हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर क्षेत्र के महुर भरुआ निवासी संदीप कुमार पुत्र काशी प्रसाद के साथ हुई थी। शादी को करीब छह महीने हुए थे। बताया गया कि रौशनी देवी अपने ससुर काशी प्रसाद और बीमार सास मैना देवी के साथ रहती थीं, जबकि उनके पति संदीप कुमार दिल्ली में मजदूरी करते हैं। परिवार का बड़ा बेटा पंकज अपने परिवार के साथ जयपुर में रहता है। जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले रौशनी देवी खाना बनाने और घरेलू कामकाज करने के बाद अपने घर में थीं। इसी दौरान विजय नाम के व्यक्ति द्वारा कथित रूप से लात मारकर घर का गेट खोले जाने की बात सामने आई है। मृतका की माता का नाम उर्मिला, पिता का नाम लक्ष्मी तथा भाई का नाम अश्वनी बताया गया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मायके पक्ष में भी चिंता और आक्रोश का माहौल है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। एक जरूरी जानकारी: रौशनी देवी की मौत किस परिस्थिति में हुई, क्या पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम कराया गया है?4
- अमराहट पुलिस ने महेशपुर ईंट भट्ठे के पास 21 क्वार्टर देशी शराब के साथ आरोपी को किया गिरफ्तार, की कार्यवाही अमराहट थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को 21 क्वार्टर देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। अमराहट थाना प्रभारी दिनेश गौतम ने सोमवार शाम करीब पांच बजे बताया कि उपनिरीक्षक राजवीर सिंह पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान हरिहरपुर मोड़ के पास मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति देशी शराब लेकर महेशपुर गांव की ओर जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे महेशपुर ईंट भट्ठे के पास पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अरविंद उर्फ चरन सिंह बताया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद थैले से ट्विन टावर ब्रांड के 21 क्वार्टर देशी शराब बरामद हुए। पुलिस द्वारा शराब रखने का लाइसेंस मांगे जाने पर वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद उपनिरीक्षक राजवीर सिंह की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई।1
- दो महिलाओं के बीच मारपीट का वीडियो वायरल, मौके पर मौजूद दिखी पुलिस कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के परौख गांव का बताकर महिलाओं के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं आपस में मारपीट करती नजर आ रही हैं। इसी दौरान एक युवती एक महिला को जमीन पर पटकते हुए दिखाई दे रही है। घटना के दौरान मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद नजर आ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, मामले में मंगलपुर थाने के अतिरिक्त निरीक्षक हरिओम त्रिपाठी ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- ।कालपी: SDM और CO के समझाने व निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद बार संघ अध्यक्ष के दाह संस्कार को राजी हुए परिजन ।कालपी: SDM और CO के समझाने व निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद बार संघ अध्यक्ष के दाह संस्कार को राजी हुए परिजन कालपी (जालौन)। बार संघ अध्यक्ष #गयादीन_अहिरवार के संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण और हत्या की खबर के बाद परिजनों व स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था, जिसके चलते परिजन अंतिम संस्कार को तैयार नहीं थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी कालपी विनय मौर्य एवं क्षेत्राधिकारी कालपी राजेश कमल तत्काल मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ मुख्य साजिशकर्ता पर कठोर कानूनी कार्रवाई का ठोस भरोसा दिलाया। अधिकारियों के मान-मनौव्वल और आश्वासन के बाद आक्रोशित परिजन आखिरकार दिवंगत बार संघ अध्यक्ष के दाह संस्कार के लिए राजी हो गए1