रमजान माह में शांतिपूर्ण संपन्न हुई नमाज, ईदगाह मस्जिद पर पढ़ी गई जुम्मे की नमाज मथुरा में ईद उल फितर से पहले रमजान माह के शुक्रवार को मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद पर जुम्मे की नमाज शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुई। नमाज अता करने के लिए सैकड़ों की संख्या में नमाजी शाही ईदगाह पहुंचे। नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। नमाज के लिए आने वाले लोगों को पहचान पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया गया। मस्जिद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था, जिससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। नमाज अता करने आए जमालुद्दीन ने कहा कि मथुरा एक धर्मनगरी है, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिलजुल कर रहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां हमेशा से आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहा है और किसी प्रकार की बेमनुस्यता की भावना नहीं है। जुम्मे की नमाज के दौरान देश में अमन-चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं। उन्होंने बताया कि रमजान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इसी माह के अंत में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाता है। चांद दिखने के बाद अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाएगा। संभावना है कि गुरुवार या शुक्रवार को चांद नजर आने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाएगा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर रमजान के आखिरी दिनों की मुबारकबाद दी और समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे की दुआ मांगी। ईद के दिन मथुरा में हमेशा की तरह इस बार भी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिलेगी।
रमजान माह में शांतिपूर्ण संपन्न हुई नमाज, ईदगाह मस्जिद पर पढ़ी गई जुम्मे की नमाज मथुरा में ईद उल फितर से पहले रमजान माह के शुक्रवार को मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद पर जुम्मे की नमाज शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुई। नमाज अता करने के लिए सैकड़ों की संख्या में नमाजी शाही ईदगाह पहुंचे। नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। नमाज के लिए आने वाले लोगों को पहचान
पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया गया। मस्जिद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था, जिससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। नमाज अता करने आए जमालुद्दीन ने कहा कि मथुरा एक धर्मनगरी है, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिलजुल कर रहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां हमेशा से आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहा है और किसी प्रकार की बेमनुस्यता की भावना नहीं है। जुम्मे की नमाज के दौरान देश में अमन-चैन और भाईचारे के लिए विशेष
दुआएं की गईं। उन्होंने बताया कि रमजान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इसी माह के अंत में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाता है। चांद दिखने के बाद अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाएगा। संभावना है कि गुरुवार या शुक्रवार को चांद नजर आने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाएगा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर रमजान के आखिरी दिनों की मुबारकबाद दी और समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे की दुआ मांगी। ईद के दिन मथुरा में हमेशा की तरह इस बार भी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिलेगी।
- मथुरा में ईद उल फितर से पहले रमजान माह के शुक्रवार को मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद पर जुम्मे की नमाज शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हुई। नमाज अता करने के लिए सैकड़ों की संख्या में नमाजी शाही ईदगाह पहुंचे। नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, वहीं प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। नमाज के लिए आने वाले लोगों को पहचान पत्र के आधार पर ही प्रवेश दिया गया। मस्जिद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम देखने को मिले। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया था, जिससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। नमाज अता करने आए जमालुद्दीन ने कहा कि मथुरा एक धर्मनगरी है, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग गंगा-जमुनी तहजीब के साथ मिलजुल कर रहते हैं। उन्होंने कहा कि यहां हमेशा से आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहा है और किसी प्रकार की बेमनुस्यता की भावना नहीं है। जुम्मे की नमाज के दौरान देश में अमन-चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं की गईं। उन्होंने बताया कि रमजान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। इसी माह के अंत में ईद उल फितर का त्योहार मनाया जाता है। चांद दिखने के बाद अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाएगा। संभावना है कि गुरुवार या शुक्रवार को चांद नजर आने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाएगा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर रमजान के आखिरी दिनों की मुबारकबाद दी और समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे की दुआ मांगी। ईद के दिन मथुरा में हमेशा की तरह इस बार भी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिलेगी।3
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- Post by Subhash Chand1