बारां जिले के हरनावदाशाहजी कस्बे में अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल ने चिकित्सालय, पुलिस थाना और अन्नपूर्णा रसोई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी जगह की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अन्नपूर्णा रसोई में, अतिरिक्त जिला कलक्टर ने खाने की व्यवस्था और टोकन संबंधी जानकारी ली। उन्होंने भोजन कर रहे लाभार्थियों से बात कर भोजन की गुणवत्ता और टोकन के लिए ली जा रही राशि के बारे में पूछा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान, उन्होंने दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली और अस्पताल के वार्डों की स्थिति देखकर मरीजों से उनका हालचाल तथा सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। इस अवसर पर, ब्लॉक चिकित्साधिकारी हरिसिंह ने बताया कि अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, और अतिरिक्त जिला कलक्टर ने अन्य दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद, अतिरिक्त जिला कलक्टर ने पुलिस थाने पहुंचकर थानाधिकारी से कस्बे की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल भी उनके साथ मौजूद रहे।
बारां जिले के हरनावदाशाहजी कस्बे में अतिरिक्त जिला कलक्टर भंवरलाल जनागल ने चिकित्सालय, पुलिस थाना और अन्नपूर्णा रसोई का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी जगह की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। अन्नपूर्णा रसोई में, अतिरिक्त जिला कलक्टर ने खाने की व्यवस्था और टोकन संबंधी जानकारी ली। उन्होंने भोजन कर रहे लाभार्थियों से बात कर भोजन की गुणवत्ता और टोकन के लिए ली जा रही राशि के बारे में पूछा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान, उन्होंने दवाओं की उपलब्धता की जानकारी
ली और अस्पताल के वार्डों की स्थिति देखकर मरीजों से उनका हालचाल तथा सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। इस अवसर पर, ब्लॉक चिकित्साधिकारी हरिसिंह ने बताया कि अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, और अतिरिक्त जिला कलक्टर ने अन्य दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद, अतिरिक्त जिला कलक्टर ने पुलिस थाने पहुंचकर थानाधिकारी से कस्बे की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल भी उनके साथ मौजूद रहे।
- छीपाबड़ौद में वीर गुर्जर विकास समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रताप सिंह सिंघवी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें गुर्जर समाज के छात्रों के लिए छात्रावास भूमि आवंटित करने की मांग की गई है। विधायक ने इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने अपने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र के कई छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर से आते हैं, लेकिन उचित छात्रावास व्यवस्था न होने के कारण उन्हें आवास सहित अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समिति का मानना है कि गुर्जर समाज छात्रावास के लिए भूमि आवंटन होने से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी और समाज को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्राप्त होगी। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से आग्रह किया कि वे इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दें। विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने समिति की मांग को गंभीरता से सुना और उचित स्तर पर विचार कर आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वीर गुर्जर विकास समिति के पदाधिकारी और समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रावास निर्माण को समाज के शैक्षणिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भूमि आवंटन की मांग शीघ्र पूरी होने की अपेक्षा व्यक्त की।3
- स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग के विषय में जानकारी दी गई है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छबड़ा में योग और ध्यान कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, अमीरपुर खेड़ी और ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी में उत्साहपूर्वक मनाया गया। केंद्र संचालक एस.एल. नागर ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि स्वामी ध्यान गगन ने इसकी अध्यक्षता और सानिध्य प्रदान किया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान अभ्यास करवाए गए, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, स्वामी ध्यान गगन ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे अच्छे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवन के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान करें। केंद्र संचालक एस.एल. नागर ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को निरंतर योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में योगी सतीश शर्मा सहित अनेक योग साधक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।4
- खानपुर में विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को स्थानीय मुक्तिधाम परिसर में एक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे परिसर की गहन साफ-सफाई की। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से श्रमदान करते हुए आमजन को अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखने और स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि मुक्तिधाम को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का यह कार्य दो चरणों में पूरा किया गया है। पिछले सप्ताह शुरू हुए पहले चरण के अभियान के दौरान परिसर के एक बड़े हिस्से की सफाई कर दी गई थी, लेकिन कुछ हिस्सों में कार्य शेष रह गया था। इसी क्रम में शनिवार को दूसरे चरण के रूप में यह विशेष अभियान आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने सुबह से ही तत्परता दिखाते हुए शेष बचे पूरे क्षेत्र की सफाई की और कचरा हटाकर परिसर को पूरी तरह व्यवस्थित बना दिया। आयोजकों ने इस सफल अभियान के लिए सभी नगरवासियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव में इसी तरह सहयोग देने की अपील की।1
- झालावाड़ पर्यटन विकास समिति ने आज जल दुर्ग गागरोन को विश्व सूची में शामिल हुए 13 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दुर्ग परिसर में एक गोष्ठी का आयोजन किया। इस अवसर पर समिति के संयोजक ओम पाठक ने बताया कि जल दुर्ग गागरोन का ऐतिहासिक और गौरवशाली इतिहास रहा है, और यह सदियों से पर्यटन का मुख्य केंद्र रहा है। उन्होंने दुर्ग की अद्भुत विशेषता पर प्रकाश डाला कि यह विशाल दुर्ग बिना नींव के चट्टानों पर अडिग खड़ा है, जिसके कारण 21 जून 2013 को इसे विश्व विरासत में शामिल किया गया था। पाठक ने विभागीय लापरवाही पर चिंता व्यक्त की, जिसके कारण समिति के प्रयासों से आवंटित बजट का योजनाबद्ध तरीके से सदुपयोग नहीं हो सका। समिति द्वारा प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के फलस्वरूप नदी पर दो पुलियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनके बनने के बाद पर्यटक पूरे 12 महीने सुगमता से दुर्ग आ सकेंगे। समिति ने दुर्ग को और आकर्षक बनाने के लिए ऊंट सवारी, दुर्ग के अंदर एक संग्रहालय गैलरी और पर्यटकों को लुभाने वाले कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। गोष्ठी में समिति के उपाध्यक्ष और इतिहासकार ललित शर्मा ने जल दुर्ग गागरोन के गौरवशाली इतिहास का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने बताया कि इस दुर्ग का निर्माण 12वीं सदी में हुआ था, जहां दो जौहर और 14 युद्ध हुए हैं। इसकी प्राकृतिक संरचना के कारण यह विश्व प्रसिद्ध है, और यूनेस्को की टीम इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इसे 21 जून 2013 को विश्व विरासत में शामिल किया गया। शर्मा ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन को दुर्ग में कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं विकसित करनी चाहिए, जिससे इसका सौंदर्य और पर्यटन अधिक विकसित हो सके। उन्होंने शासक प्रताप राव का भी उल्लेख किया, जिन्होंने राज-पाट छोड़कर भक्ति मार्ग अपनाया और संत पीपा जी के नाम से भक्ति की अलख जगाई। उन्हीं के वंशज अचल दास खींची गागरोन के ख्याति प्राप्त शासक हुए। उन्होंने यह भी बताया कि दुर्ग में आदमी की बोली बोलने वाले राय तोते विश्व प्रसिद्ध हैं। समिति के सदस्य डॉ. नंद सिंह राठौड़ ने गागरोन दुर्ग में स्थित सभी देवालयों में मूर्ति स्थापना और पूजा-अर्चना की मांग की, जिससे पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके। एक अन्य सदस्य भगवती प्रकाश मेहर ने झालावाड़ जल दुर्ग के प्रचार-प्रसार के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सभी सार्वजनिक स्थलों पर दुर्ग के इतिहास की जानकारी वाले पोस्ट लगाने का सुझाव दिया। गोष्ठी के बाद, समिति के सदस्यों ने दुर्ग गागरोन का अवलोकन किया और उपस्थित पर्यटकों को इससे संबंधित जानकारी प्रदान की।4
- झालावाड़ के श्रीमती विजयाराजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चला, जिसमें इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Aging” (स्वस्थ आयु के लिए योग) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और सीईओ एसडी मीणा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों, पुलिस जवानों, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड सदस्यों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, सर्व समाज के अध्यक्षों और मेडिकल कॉलेज सहित अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस आयोजन में आमजन की भी व्यापक सहभागिता देखने को मिली। “Yoga for Healthy Aging” थीम का मूल संदेश यह है कि बढ़ती उम्र में भी योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन जिया जा सकता है। योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया गया है, जो मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन में हजारों लोगों ने योग किया और स्वस्थ जीवन जीने की शपथ ली।1
- ग्राम पंचायत राई के अंतर्गत आने वाला राई का तालाब, जो कि एक बहुत बड़ा तालाब है, उसकी पाल पर साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। पूर्व उप सरपंच भरत राज मीणा ने प्रशासन से इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि तालाब के दोनों तरफ झाड़ियां उग गई हैं, जिससे गांव वालों को आने-जाने में भारी परेशानी होती है। मोटरसाइकिल और जानवरों को भी इस रास्ते से निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। मुख्य रास्ते पर बबूल के पेड़ लटके हुए हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है। भरत राज मीणा ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब की साफ-सफाई करवाई जाए और पाल के चारों ओर उगे हुए पेड़-पौधों, विशेषकर अंग्रेजी बबूल, की कटाई करवाकर क्षेत्र को स्वच्छ किया जाए।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में छीपाबड़ौद के ब्लॉक खेल मैदान में आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस कार्यक्रम के समापन के बाद, कस्बे में योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पूरा कस्बा “करें योग, रहें निरोग” जैसे नारों से गूंज उठा। रैली में बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। यह रैली कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” और “योग है जीवन का आधार” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को योग का महत्वपूर्ण संदेश दिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग प्रोटोकॉल के अनुसार, योग विशेषज्ञों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षार्थियों ने इन आसनों का अभ्यास कर मुख्य कार्यक्रम 21 जून के लिए अपनी तैयारियाँ कीं। समापन समारोह में ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने जोर देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और आगामी 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा, योग क्रियान्वयन समिति सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।3