सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित व्यापार मंडल भवन में जीविका द्वारा खरीदा जा रहा है व्यापारी से अनाज हो रही है किसान की हक मारी खबर है सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र से जहां सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित व्यापार मंडल भवन जीविका द्वारा भाड़े पर लिया गया था जिसमें किसानों से अनाज सरकारी दरों पर खरीदा जा रहा था इससे किसानों को उनके फसल का उचित मूल्य मिल रहा था। मगर सबसे बड़ा सवाल अब ये खड़ा हो रहा है की जब पेक्स अध्यक्ष के माध्यम से किसानों का गेहूं पहले ही खरीद कर लिया गया था ऐसे में किसानों के पास बेचने के लिए गेहूं बचा ही नहीं था फिर जीविका के माध्यम से इतनी बड़ी तादाद में गेहूं कहां से आ रहा था। कई लोगों के सूचना पर गौरतलब करते हुए ये बात सामने आई की किसान इससे पहले जिस अनाज व्यापारी के हाथों गेहूं बेचा था अब वही गेहूं व्यापारी से जीविका के माध्यम से लिया जा रहा है जिसका तस्वीर भी सामने आई है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है की सरकार किसान को फायदा दे रही है या व्यापारी को। आखिर जीविका द्वारा किसान की हकमारी क्यों की जा रही है और ये भी बात है की जब जीविका के माध्यम से व्यापारी से अनाज खरीदा जा रहा है तो ऐसे में किसानों के नाम पर सरकारी राशि कहां जा रही है। ये एक गंभीर मुद्दा और जांच का विषय है। फ़िलहाल इस मुद्दे पर जीविका से जुड़े अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। अब देखना है की आगे किस प्रकार की पहल की जाती है ताकि किसानों को उनका हक मिले।
सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित व्यापार मंडल भवन में जीविका द्वारा खरीदा जा रहा है व्यापारी से अनाज हो रही है किसान की हक मारी खबर है सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र से जहां सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित व्यापार मंडल भवन जीविका द्वारा भाड़े पर लिया गया था जिसमें किसानों से अनाज सरकारी दरों पर खरीदा जा रहा था इससे किसानों को उनके फसल का उचित मूल्य मिल रहा था। मगर सबसे बड़ा सवाल अब ये खड़ा हो रहा है की जब पेक्स अध्यक्ष के माध्यम से किसानों का गेहूं पहले ही खरीद कर लिया गया था ऐसे में किसानों के पास बेचने के लिए गेहूं बचा ही नहीं था फिर जीविका के माध्यम से इतनी बड़ी तादाद में गेहूं कहां से आ रहा था। कई लोगों के सूचना पर गौरतलब करते हुए ये बात सामने आई की किसान इससे पहले जिस अनाज व्यापारी के हाथों गेहूं बेचा था अब वही गेहूं व्यापारी से जीविका के माध्यम से लिया जा रहा है जिसका तस्वीर भी सामने आई है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है की सरकार किसान को फायदा दे रही है या व्यापारी को। आखिर जीविका द्वारा किसान की हकमारी क्यों की जा रही है और ये भी बात है की जब जीविका के माध्यम से व्यापारी से अनाज खरीदा जा रहा है तो ऐसे में किसानों के नाम पर सरकारी राशि कहां जा रही है। ये एक गंभीर मुद्दा और जांच का विषय है। फ़िलहाल इस मुद्दे पर जीविका से जुड़े अधिकारी कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं। अब देखना है की आगे किस प्रकार की पहल की जाती है ताकि किसानों को उनका हक मिले।
- नमस्कार आज की बात मिथिलेश कुमार के साथ। एक बेहद ही चिंताजनक खबर निकलकर सामने आ रही है नगर निगम क्षेत्र बैजनाथपुर के वार्ड नंबर 23 से जहां मनोज पासवान के पुत्र दिलचंद पासवान मारपीट की घटना को लेकर बैजनाथपुर थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाया है। लिखित आवेदन में बताया गया है की 2 मई को सहरसा के विद्यापति चौक के बगल में बिजली विभाग के ठिकेदार में काम कर रहे थे इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही सहदेव पासवान, अभिषेक पासवान अपने अन्य साथी के साथ लोहे के रॉड से लैश होकर आया और जान मारने के नियत से मेरे सर पर लोहे की रॉड से प्रहार कर दिया उसके बाद मैं भागने का प्रयास किया तब तक में अभिषेक पासवान भी रॉड चला दिया जिससे मैं मौके पर ही बेहोश हो कर गिर गया। बेहोशी की हालत में मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां ईलाज करवाया गया। घटना के असली कारणों का पता पुलिस द्वारा मामले की जांच के बाद ही चल पाएगा।1
- मधेपुरा में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में रविवार को ऐतिहासिक पहल हुई। मधेपुरा और उदाकिशुनगंज में नवनिर्मित 10-10 कोर्ट भवन जी+5 तथा दो-दो ई-सेवा केंद्रों का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर के मुख्य न्यायाधीश ने फीता काटकर भवनों का लोकार्पण किया। उनके साथ निरीक्षी न्यायाधीश समेत कई न्यायाधीश मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं , महानिबंधक तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित कई न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। उद्घाटन से पहले मुख्य न्यायाधीश ने में पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और पूरे कार्यक्रम के दौरान कड़े इंतजाम किए गए। नवनिर्मित कोर्ट भवनों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और अधिवक्ताओं व वादकारियों को बेहतर वातावरण मिलेगा। वहीं ई-सेवा केंद्र शुरू होने से केस की जानकारी, दस्तावेज एवं अन्य ऑनलाइन सेवाएं अब आसानी से मिल सकेंगी। इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्याय तक पहुंच केवल मुकदमा दाखिल करने से नहीं होती, बल्कि तब होती है जब हर नागरिक यह समझ सके कि उसके मुकदमे में क्या हो रहा है और आगे उसे क्या करना है। उन्होंने कहा कि ई-सेवा केंद्र इसी समझ को आसान और सुलभ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। नवनिर्मित कोर्ट भवनों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी और अधिवक्ताओं व वादकारियों को बेहतर वातावरण मिलेगा। वहीं ई-सेवा केंद्र शुरू होने से केस की जानकारी, दस्तावेज एवं अन्य ऑनलाइन सेवाएं अब आसानी से मिल सकेंगी। इस पहल से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और आम लोगों को समय पर व पारदर्शी न्याय मिलने का रास्ता और मजबूत होगा।4
- Post by Suraj Kumar1
- महिषी विधानसभा क्षेत्र के विकास और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय विधायक गौतम कृष्णा इन दिनों बेहद सख्त तेवर में नजर आ रहे हैं। कोसी बांध के भीतर स्थित नौला में निर्माणाधीन पुल का औचक निरीक्षण कर विधायक जी ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता के पैसे की बंदरबांट और विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक गौतम कृष्णा ने पाया कि पुल निर्माण में निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा था। विधायक ने न केवल काम को रुकवाया, बल्कि प्रयुक्त हो रही सामग्रियों की बारीकी से जांच भी की। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंताओं और संवेदकों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि: "कोसी क्षेत्र की जनता ने बड़ी मुश्किलों से विकास की राह देखी है। पुल का निर्माण उनके जीवन और सुरक्षा से जुड़ा है, इसमें घटिया सामग्री का उपयोग एक बड़ा अपराध है। सिर्फ डांट-फटकार तक सीमित न रहकर, विधायक जी ने तुरंत इस मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हेतु मामले को अग्रेषित कर दिया है, ताकि भविष्य में पुल की मजबूती सुनिश्चित हो सके और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो। विधायक की इस तत्परता ने नौला सहित पूरे महिषी विधानसभा क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना हैँ गौतम कृष्णा जी खुद जमीन पर उतरकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनके इस कदम से ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप है। अब लोगों को भरोसा है कि कोसी की लहरों के बीच बनने वाला यह पुल दशकों तक अडिग रहेगा। विधायक गौतम कृष्णा का यह प्रयास दर्शाता है कि वे केवल शिलान्यास करने वाले नेता नहीं, बल्कि निर्माण की अंतिम ईंट तक नजर रखने वाले एक सच्चे जनसेवक हैं। उनके इस "कड़क अंदाज" ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि महिषी का विकास अब 'मजबूत नींव' पर होगा।1
- राकेश उर्फ सम्राट चौधरी को 1999 में मंत्री पद से बर्खास्त किसी सरकार, पार्टी ने नहीं किया, ये राजभवन से निकला आदेश था: राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव पटना। जन सुराज पार्टी कार्यालय में शनिवार को बिहार के नए सीएम सम्राट चौधरी को लेकर महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की गई। इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम पर चुनाव लड़ा गया, जिस व्यक्ति के लिए कहा गया "25 से 30 फिर से नीतीश" उस व्यक्ति को 6 महीने में बिहार से बाहर कर दिया। बिहार में आधे से ज्यादा जिलों में सरकारी कर्मियों को पैसे नहीं दिए जा रहे, इससे समझ सकते हैं कि कोष की क्या हालत है? जो व्यक्ति अभी मुख्यमंत्री चुना गया, वो बिहार के लिए बहुत बड़ी विडंबना है। ज्ञान की धरती बिहार में आज मुख्यमंत्री वो व्यक्ति है जिसके बारे में पता नहीं कि वे कहां तक पढ़े हैं? नेता प्रतिपक्ष 9वीं तक पढ़े हैं। जिस व्यक्ति को अभी मुख्यमंत्री बनाया है, वो गृहमंत्री थे। गृहमंत्री रहते हुए बिहार में हर रोज दुष्कर्म, हत्या, व अन्य आपराधिक घटनाएं होती रही हैं। प्रशासन शून्य हो गया है। नीट छात्रा मामले में बोले प्रदेश अध्यक्ष, नया सीएम बनते ही आरोपित को बेल नीट छात्रा मामले में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा नए मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद आरोपित को बेल मिल गई है। ऐसी सरकार से बिहार की जनता और क्या उम्मीद करे? सिवाय धोखा के। बिहार के लोगों का भविष्य अगले 5 साल गहरे अंधकार में चला गया। एक दिन पहले मुजफ्फरपुर-किशनगंज में दुष्कर्म की खबर आई है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने कई पुख्ता जानकारी देते हुए कहा कि 16 नवंबर 1999 ये वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जन्मतिथि भी है। उस वक्त तत्कालीन राज्यपाल सूरजभान जी ने आदेश जारी किया, जिसमें तत्कालीन मंत्री बनाए गए राकेश कुमार, वर्तमान में सीएम सम्राट चौधरी को बर्खास्त करने का आदेश पारित किया था। एक और आदेश दिया, राकेश कुमार पर जालसाजी, धोखेबाजी करने के लिए एफआईआर करने का भी निर्देश दिया था। मंत्री पद से बर्खास्त सरकार, किसी पार्टी ने नहीं किया, ये राजभवन से निकला आदेश था। दूसरा, उनपर एफआईआर दर्ज इसलिए किया क्योंकि उन्होंने अपनी उम्र, अपना नाम गलत बताया। इस आधार पर वे मंत्री पद से हटाए गए। जो मैंने कहा वो राजभवन का दस्तावेज है कि राकेश (सम्राट चौधरी) ने अपनी उम्र, नाम, जन्मतिथि में धोखेबाजी की: कुमार सौरव पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने कहा एक जांच कमिटी बनी, तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त बसु साहब ने रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया उस समय राकेश कुमार (सम्राट चौधरी) जांच में सहयोग नहीं किया, ये साबित नहीं कर सके कि दस्तावेज में जो उम्र बताई है वो सही है या नहीं। आज भी ये रिपोर्ट ठंडे बस्ते में है। उस रिपोर्ट में कहा गया इन्होंने स्कूल छोड़ने की उम्र 31 वर्ष, मतदाता सूची में 24 वर्ष, 1995 में कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में 16 वर्ष है। कोर्ट के एफिडेविट को सही मानें तो इस हिसाब से 16 नवंबर 1999 को राकेश कुमार (सम्राट चौधरी) की उम्र 20 वर्ष होनी चाहिए थी। राजभवन की मानें तो उम्र 24 साल थी। ये लोक-लाज का विषय है, जनता ने जनादेश बना दिया है, आप जिसे चाहे उसे मुख्यमंत्री बना दे। प्रशांत किशोर लगातार ये सवाल कर रहे हैं, ये प्रश्न बिहार की सरकार, सम्राट चौधरी, बीजेपी यूनिट से नहीं है, ये सवाल नरेंद्र मोदी- अमित शाह से है। क्या ये आरोप हमने लगाए हैं? जो मैंने कहा वो राजभवन का दस्तावेज है कि उन्होंने अपनी उम्र, नाम, जन्मतिथि में धोखेबाजी की है। बता दें कि इस प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव, प्रवक्ता पद्मा ओझा, प्रवक्ता तारीक चंपारणी, रेखा गुप्ता जी मौजूद थीं।3
- Post by Dilkhush Kumar1
- मैं हूं किशन बिहारी पहली बार ब्लॉक बनाया हूं किशन गाड़ी को सपोर्ट करिए हद से भी ज्यादा शेयर करिए वीडियो1
- मधेपुरा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा सिंघेश्वर स्थान में आयोजित 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा सिंघेश्वर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंची। पूरे रास्ते भक्तों द्वारा “हर-हर महादेव” और शिव भक्ति के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कलश यात्रा के समापन के बाद मंदिर न्यास समिति के कोषाध्यक्ष दिलीप खंडेलवाल एवं प्रबंधक भावेश कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर श्री शिव महापुराण ज्ञान यज्ञ का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह आयोजन बाबा सिंघेश्वर स्थान मेला ग्राउंड में किया जा रहा है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु एवं भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि यह 11 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से संध्या 5 बजे तक चलेगा, जिसमें श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा एवं भक्ति रस का श्रवण करने का अवसर मिलेगा। इस महायज्ञ में कथावाचक के रूप में राजस्थान से पधारे परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 संत श्री दिव्य मुरारी बापू जी अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को शिव महिमा का रसपान करा रहे हैं। वहीं कार्यक्रम के व्यवस्थापक एवं आयोजक श्री घनश्याम जी महाराज एवं रामसेवक दास जी महाराज हैं। कलश यात्रा के बाद पूरा परिसर भक्ति के रंग में रंग गया। शिव महापुराण की कथा, भजन-कीर्तन और “हर-हर महादेव” के उद्घोष से पूरा मेला ग्राउंड गुंजायमान होता रहा। श्रद्धालुओं में कार्यक्रम को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।2