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शिकोहाबाद पुलिस ने अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी रामनरेश उर्फ जगमोहन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी आरोपी के पास से बरामद की है। पुलिस के अनुसार, एक पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी ने रात में छत पर सो रही अपनी पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस जघन्य घटना के आरोपी को 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है।
MTF News फीरोजाबाद Taliv raza
शिकोहाबाद पुलिस ने अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी रामनरेश उर्फ जगमोहन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी आरोपी के पास से बरामद की है। पुलिस के अनुसार, एक पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी ने रात में छत पर सो रही अपनी पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस जघन्य घटना के आरोपी को 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है।
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- फिरोजाबाद के सिरसागंज (नगला खंगर) के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी। यह दर्दनाक घटना गुरुवार/शुक्रवार की रात 26 जून, 2026 को करीब 2:00 बजे एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 63 पर हुई। यह क्षेत्र नगला खंगर थानांतर्गत सिरसागंज सर्किल में आता है। गोरखपुर से चंडीगढ़/लुधियाना जा रही डबल डेकर प्राइवेट स्लीपर बस की शुरुआती जाँच के अनुसार, चालक को रात के समय अचानक नींद की झपकी आ गई। इसके परिणामस्वरूप, अनियंत्रित बस आगे चल रहे भारी वाहन ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। मृतकों में बस का चालक, गुरी (निवासी पंजाब), और केबिन में बैठा एक अन्य व्यक्ति, दलजीत (निवासी रोपड़), शामिल हैं। हादसे में घायल अन्य यात्रियों को जिला अस्पताल शिकोहाबाद में भर्ती कराया गया है। AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 27 जून, 2026 को इस खबर को अपडेट किया गया है।1
- कट्टर निषाद उर्फ रामलला निषाद निषाद समाज को एकजुट करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। वे एक समाज सेवक के तौर पर लोगों की मदद करते हैं और समुदाय के कल्याण में अपना योगदान दे रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की फतेहाबाद तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत शाहवेद के ऊपग्राम नेहरे का पुरा (पोस्ट निबोहरा) में पानी की निकासी के लिए कोई नाली या तालाब मौजूद नहीं है। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय निवासियों के निकलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक जी से प्रार्थना की है कि वे एक बार गांव का दौरा कर वहां की स्थिति का आकलन करें और इस जल निकासी संकट का समाधान करें।2
- फतेहाबाद के मीठपुरा गांव में शुक्रवार दोपहर फतेहाबाद-रिहावली मार्ग पर एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में सड़क से गुजर रहे बाइक सवारों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई, हालांकि उनकी बाइक और एक ट्रॉली क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के कारण मार्ग पर कई घंटों तक आवागमन बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, मीठपुरा गांव में ग्राम प्रधान रामदेव के घर के सामने खड़ा यह वर्षों पुराना पीपल का पेड़ दोपहर करीब एक बजे सड़क पर गिरा। पेड़ गिरने से विद्युत केबल भी टूट गई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। ग्राम प्रधान ने तत्काल विद्युत उपकेंद्र को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद करवाई। पेड़ सड़क पर गिरने से फतेहाबाद-रिहावली मार्ग पर लंबे समय तक यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर सड़क से हटाया।4
- शुक्रवार को फतेहाबाद कस्बे में मुहर्रम के अवसर पर पारंपरिक श्रद्धा और आपसी सौहार्द के साथ भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। कस्बे के विभिन्न मोहल्लों से आए ताजिए परिहार मोहल्ले में एकत्रित हुए, जहाँ से 'या हुसैन' की सदाओं और मातमी धुनों के बीच यह विशाल जुलूस करबला के लिए रवाना हुआ। जुलूस बाह रोड, गांधी चौक, सदर बाजार, अंबेडकर चौक, रोडवेज बस स्टैंड और अवंतीबाई चौक से होते हुए करबला पहुँचा, जहाँ धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अखाड़ों के युवाओं ने जुलूस में आगे-आगे लाठी, तलवार और अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं के हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग बैंड-बाजों और मातमी धुनों के साथ शामिल हुए। जुलूस के दौरान कस्बे में गंगा-जमुनी तहजीब की एक सुंदर मिसाल देखने को मिली, जहाँ विभिन्न स्थानों पर हिंदू समाज के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों का पुष्पवर्षा कर गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय, फल और अन्य खाद्य सामग्री का भी वितरण किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा; एसीपी इमरान अहमद के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र सहित भारी पुलिस बल पूरे मार्ग पर तैनात था, और अधिकारियों ने स्वयं जुलूस के साथ चलकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस अवसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि रवि प्रकाश शल्या, पूर्व चेयरमैन शैलेश यादव, राजेश शर्मा, मुन्ना फारुकी, जफर खान मलिक सूफी खान, डॉ. जमीर बेग, जाकिर अहमद, इकरार खान, राशिद खान, दानिश खान, कासिम मलिक, राजू मंसूरी, शमसाद अली, नीरज चक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- जनपद आगरा के टेडी बगिया क्षेत्र में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजिया जुलूस अत्यंत गमगीन, अनुशासित और शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया। यह आयोजन पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और कर्बला के मैदान में शहीद हुए उनके 72 साथियों की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद करने और नम आँखों से मातम मनाने के लिए किया गया। मुख्य ताजिया जुलूस की शुरुआत इंडियन टूर एंड ट्रेवल्स से हुई और यह टेडी बगिया पुलिस चौकी चौराहे, रोड वाली मस्जिद, तथा इस्लाम नगर के वीर अब्दुल हमीद पार्क के पास मौजूद कर्बला से गुजरा। इस दौरान अकीदतमंदों की संख्या लगातार बढ़ती गई और पूरा क्षेत्र “या हुसैन” की सदाओं से गूँज उठा। यह मातमी जुलूस टेडी बगिया के 100 फुटा मार्ग समेत विभिन्न निर्धारित मार्गों और प्रमुख चौराहों से होते हुए इस्लाम नगर स्थित कर्बला मैदान पहुँचा, जहाँ विशेष दुआओं और धार्मिक रस्मों के साथ ताजियों को पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस संवेदनशील धार्मिक आयोजन को देखते हुए आगरा पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। थाना ट्रांस यमुना पुलिस बल और खंदौली क्षेत्र की मुढ़ी चौकी पुलिस ने पूरे जुलूस मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। टेडी बगिया चौराहे से लेकर कर्बला मैदान तक भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई। पुलिस अधिकारियों की सतत निगरानी, स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और आयोजकों के सहयोग से यह धार्मिक आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की सराहना की, जिससे यह आयोजन सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और धार्मिक सौहार्द का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। इस जुलूस में क्षेत्रीय जिम्मेदार व्यक्ति पार्षद सज्जन अली, जमील खान, गोरी साहब, शमशेर अब्बास, आकिल अब्बास, इंडियन टूर एंड ट्रेवल्स के संचालक आरिफ उर्फ शेरा, शाहरुख खान, पत्रकार अकरम अली, पत्रकार मयूर खान और पत्रकार शाहिद अली शाह सहित कई सामाजिक व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- जोधपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' महारैली को संबोधित किया। यह आयोजन NEET पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता पर केंद्रित था, जिसमें हजारों छात्र शामिल हुए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं थी, बल्कि छात्रों की पीड़ा सुनने और उनकी आवाज बनने का एक मंच था, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में क्रांति लाना है। उन्होंने बताया कि देश इस समय गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट का सामना कर रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है। प्रश्नपत्र लीक होने की लगातार घटनाएँ, परीक्षाओं का अचानक रद्द होना, छात्रों को बार-बार परीक्षा देने पर मजबूर करना, भर्ती प्रक्रियाओं में भारी देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का सीधा परिणाम हैं। राहुल गांधी ने NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की विफलताओं पर चिंता व्यक्त की, जिससे छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा का माहौल बन रहा है, और दुखद रूप से छात्र आत्महत्याओं की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह से मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था एक "लूट की मशीन" बन गई है, जहाँ देशभर के परिवार प्रति वर्ष 3.5 लाख करोड़ रुपये सिर्फ पाँच बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE) पर खर्च करते हैं, जो केंद्र सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है। कोचिंग उद्योग फलता-फूलता है, लेकिन छात्रों के सपने टूट रहे हैं; NEET में 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ है, जो बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने का परिणाम है, यह एक "सिस्टमिक नाकाम" है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार इस पर चुप है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोई जवाबदेही नहीं ली जा रही है, जबकि माता-पिता घर बेचकर और कर्ज लेकर अपने बच्चों को कोटा भेजते हैं। राहुल गांधी ने आकांक्षा नामक एक छात्रा के आत्महत्या का मार्मिक उदाहरण दिया, जिसने पेपर लीक और सिस्टम की वजह से अपनी जान दी, और उन्होंने जोर देकर कहा कि सालों की मेहनत कुर्बान करने वाले छात्रों का सपना एक पेपर लीक से खत्म नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी ने वर्तमान व्यवस्था को "रिजेक्शन सिस्टम" करार देते हुए "सिलेक्शन सिस्टम" की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छात्रों को केवल 'रिजेक्शन' और 'फ्रस्ट्रेशन' दे रही है, जहाँ 3000 में से केवल 1 IAS या 30 IIT जैसे बहुत कम सफलता दर हैं, और युवाओं के पास रोजगार व करियर के सिर्फ 5-6 ही विकल्प हैं। कोटा में छात्रों पर अत्यधिक दबाव, महंगे कोचिंग और लोन के कारण होने वाली आत्महत्याओं को सिस्टम की नाकामी बताया गया, न कि छात्रों की। सरकार को एक ऐसी व्यवस्था देनी चाहिए जो शिक्षा, करियर सपोर्ट और रोजगार के माध्यम से छात्रों को सक्षम बनाए। इसी उद्देश्य के साथ, 'छात्रों की गूंज' अभियान कोटा से पूरे देश में छात्र आंदोलन की शुरुआत कर रहा है, जिसके तहत छात्र ऑनलाइन पिटिशन के जरिए अपनी कहानियाँ और सुझाव साझा कर सकते हैं, ताकि लाखों छात्रों की आवाज को एक "गूंज" बनाया जा सके जिसे अनसुना न किया जा सके। इसे शिक्षा को निष्पक्ष, सस्ता और सुगम बनाने की क्रांति बताया गया है। इस अभियान के माध्यम से सरकार से सीधी माँगें रखी गई हैं, जिनमें पेपर लीक रैकेट पर सख्त कार्रवाई, NTA में सुधार, शिक्षा मंत्री की जवाबदेही, परीक्षाओं में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और युवाओं के लिए निष्पक्ष अवसर शामिल हैं, क्योंकि युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार की है। राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल का भी जिक्र किया, जिन्होंने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 'एकल खिड़की' के तहत एक बार रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे बंद कर दिया, जिसे बेरोजगार युवाओं के साथ "कुठाराघात" बताया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अशोक गहलोत ने पेपर लीक करने वालों की संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास का प्रावधान वाला एक कानून बनाया था, जिसे वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया। रैली में प्रधानमंत्री द्वारा प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे को भी याद दिलाया गया, यह कहते हुए कि यदि वह क्रियान्वित हो जाता तो देश की दशा व दिशा दोनों ही बदल जाती।1
- आगरा में नुनिहाई-प्रकाश नगर के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों ने कड़ा विरोध जताया है। खंडेलवाल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में हुई एक बैठक के दौरान उद्यमियों ने एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंताएं रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से 200 से अधिक फैक्टरियों का संचालन बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की ढुलाई में भारी कठिनाइयां आएंगी। उद्यमियों ने आगाह किया कि इसका सीधा असर करीब 10 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा, जिस पर संकट खड़ा हो सकता है। फैक्टरी ओनर्स एसोसिएशन ने विधायक से प्रमुख मांग की है कि फ्लाईओवर का प्रस्तावित मार्ग इंडस्ट्रियल एरिया से हटाकर किसी वैकल्पिक रास्ते से निकाला जाए। इस पर, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि वे उनकी इन चिंताओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी के भी साथ अन्याय न हो। बैठक में मुख्य रूप से किशोर खन्ना, डॉ. बब्बू साहनी, राजीव खंडेलवाल, रजनीश खंडेलवाल, यशपाल चाहर, आदर्श चौहान सहित इंडस्ट्रियल एरिया के कई उद्यमी और फैक्टरी संचालक उपस्थित रहे।1
- फतेहाबाद (आगरा) में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर विश्वनाथ मैरिज होम के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार मैक्स पिकअप अनियंत्रित होकर पहले सब्जी से भरी एक टिर्री (हाथ ठेला/लोडिंग वाहन) से टकराई और फिर बिजली के पोल से जा भिड़ी। इस दुर्घटना में करीब 12 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैक्स पिकअप लहराते हुए आ रही थी। सामने से आ रहे टिर्री चालक ने वाहन को अनियंत्रित देख समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। बताया गया है कि मैक्स में सवार सभी लोग फतेहाबाद क्षेत्र के नहरे का पूरा गांव के एक ही परिवार के सदस्य थे, जो फिरोजाबाद में अपनी बहन के यहां शादी में भात पहनाकर वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस जांच के बाद ही घायलों की संख्या और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट हो सकेगी।2