कोंच,नरी-पहाड़गांव के बीच जरया नाले में विशाल मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत कोंच। विकासखंड कोंच क्षेत्र के ग्राम नरी और पहाड़गांव के बीच स्थित जरया नाले के किनारे रविवार को धूप सेंकता विशाल मगरमच्छ दिखने से दहशत फैल गई। मगरमच्छ को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया कि मगरमच्छ काफी बड़ा था और कुछ देर तक नाले के आसपास दिखाई देता रहा। ग्रामीणों की नजर पड़ने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर बाद मगरमच्छ नाले की ओर बढ़ा और पानी में प्रवेश कर गया। इसके बाद वह ग्रामीणों की नजरों से ओझल हो गया। मगरमच्छ के नाले में चले जाने के बाद भी आसपास के गांवों के लोगों में चिंता बनी हुई है। भेंपता निवासी वितन पटेल, नरी निवासी अब्दुल जाहिद और परम सुख ने सबसे पहले मगरमच्छ देखा। ग्रामीणों का कहना है कि जरया नाले के आसपास खेत हैं, जहां किसानों और ग्रामीणों का अक्सर आना-जाना रहता है। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी से लोगों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नाले के आसपास निगरानी बढ़ाने और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बच्चों और पशुओं को नाले के पास न जाने देने तथा खेतों की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना आसपास के गांवों में भी फैल गई। फिलहाल मगरमच्छ नाले के पानी में चला गया है, लेकिन उसकी मौजूदगी को लेकर नरी, पहाड़गांव और आसपास के ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वन रेंजर संजीव तिवारी ने बताया कि अभी जानकारी नहीं है, टीम को मौके पर रवाना किया गया है।
कोंच,नरी-पहाड़गांव के बीच जरया नाले में विशाल मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत कोंच। विकासखंड कोंच क्षेत्र के ग्राम नरी और पहाड़गांव के बीच स्थित जरया नाले के किनारे रविवार को धूप सेंकता विशाल मगरमच्छ दिखने से दहशत फैल गई। मगरमच्छ को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया कि मगरमच्छ काफी बड़ा था और कुछ देर तक नाले के आसपास दिखाई देता रहा। ग्रामीणों की नजर पड़ने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर बाद मगरमच्छ नाले की ओर बढ़ा और पानी में प्रवेश कर गया। इसके बाद वह ग्रामीणों की नजरों से ओझल हो गया। मगरमच्छ के नाले में चले जाने के बाद भी आसपास के गांवों के लोगों में चिंता बनी हुई है। भेंपता निवासी वितन पटेल, नरी निवासी अब्दुल जाहिद और परम सुख ने सबसे पहले मगरमच्छ देखा। ग्रामीणों का कहना है कि जरया नाले के आसपास खेत हैं, जहां किसानों और ग्रामीणों का अक्सर आना-जाना रहता है। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी से लोगों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नाले के आसपास निगरानी बढ़ाने और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बच्चों और पशुओं को नाले के पास न जाने देने तथा खेतों की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना आसपास के गांवों में भी फैल गई। फिलहाल मगरमच्छ नाले के पानी में चला गया है, लेकिन उसकी मौजूदगी को लेकर नरी, पहाड़गांव और आसपास के ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वन रेंजर संजीव तिवारी ने बताया कि अभी जानकारी नहीं है, टीम को मौके पर रवाना किया गया है।
- कोंच,नरी-पहाड़गांव के बीच जरया नाले में विशाल मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत कोंच। विकासखंड कोंच क्षेत्र के ग्राम नरी और पहाड़गांव के बीच स्थित जरया नाले के किनारे रविवार को धूप सेंकता विशाल मगरमच्छ दिखने से दहशत फैल गई। मगरमच्छ को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया कि मगरमच्छ काफी बड़ा था और कुछ देर तक नाले के आसपास दिखाई देता रहा। ग्रामीणों की नजर पड़ने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को इसकी जानकारी दी। कुछ ही देर बाद मगरमच्छ नाले की ओर बढ़ा और पानी में प्रवेश कर गया। इसके बाद वह ग्रामीणों की नजरों से ओझल हो गया। मगरमच्छ के नाले में चले जाने के बाद भी आसपास के गांवों के लोगों में चिंता बनी हुई है। भेंपता निवासी वितन पटेल, नरी निवासी अब्दुल जाहिद और परम सुख ने सबसे पहले मगरमच्छ देखा। ग्रामीणों का कहना है कि जरया नाले के आसपास खेत हैं, जहां किसानों और ग्रामीणों का अक्सर आना-जाना रहता है। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी से लोगों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नाले के आसपास निगरानी बढ़ाने और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बच्चों और पशुओं को नाले के पास न जाने देने तथा खेतों की ओर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना आसपास के गांवों में भी फैल गई। फिलहाल मगरमच्छ नाले के पानी में चला गया है, लेकिन उसकी मौजूदगी को लेकर नरी, पहाड़गांव और आसपास के ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। वन रेंजर संजीव तिवारी ने बताया कि अभी जानकारी नहीं है, टीम को मौके पर रवाना किया गया है।1
- 200 साल पुराना ऐतिहासिक ताईबाई महल भरभराकर ध्वस्त, बाल-बाल टला बड़ा हादसा जर्जर भवन में पहले चलता था तहसील कार्यालय, अवकाश के दिन हादसा होने से टली अनहोनी; ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर उठे सवाल अखबार के लिए खबर जालौन। नगर के बीचों-बीच स्थित करीब 200 साल पुराना बताया जा रहा ऐतिहासिक ताईबाई महल शनिवार को अचानक भरभराकर धराशायी हो गया। लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ी इस ऐतिहासिक इमारत का इस्तेमाल वर्षों तक तहसील भवन के रूप में किया जाता रहा था। भवन की स्थिति खराब होने के बाद तहसील कार्यालय को नए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था। गनीमत रही कि जिस समय पुराना भवन ढहा, उस समय तहसील में अवकाश था और कर्मचारियों तथा आम लोगों की आवाजाही नहीं थी। यदि यह हादसा कार्यदिवस के दौरान हुआ होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। जर्जर हालत में पहुंच चुकी थी इमारत ताईबाई महल लंबे समय से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। स्थानीय इतिहास में इस प्राचीन भवन को महारानी ताईबाई के महल से जोड़ा जाता है। बाद के वर्षों में इसी भवन में तहसील कार्यालय संचालित होता रहा। इमारत के धराशायी होने के बाद जालौन की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 1857 के संग्राम से जुड़ा ताईबाई का इतिहास स्थानीय ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार महारानी ताईबाई का संबंध 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से रहा। उन्हें जालौन की अंतिम शासिका के रूप में भी स्थानीय इतिहास में याद किया जाता है। ताईबाई के अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ संघर्ष और बुंदेलखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उनकी भूमिका का उल्लेख मिलता है। प्रतिमा लगाने की मांग के बीच मलबे में तब्दील हुई विरासत ताईबाई की स्मृति को संरक्षित करने और उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। ऐसे समय में ऐतिहासिक भवन का धराशायी होना स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रशासन को ठोस पहल करनी चाहिए। अब बड़ा सवाल—जालौन की बची ऐतिहासिक धरोहरों को कब मिलेगा संरक्षण?4
- जालौन के कोंच में रविवार शाम करीब 6:30 बजे नदीगांव रोड पर बीज गोदाम के पास एक लोडर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। लोडर में भैंसें लदी थीं। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद 112 पुलिस मौके पर पहुंची। घायल की पहचान ग्राम अंडा निवासी 48 वर्षीय गौरी शंकर पुत्र स्व. धनसिंह के रूप में हुई है। वह रविवार को ग्राम जुझारपुरा में अपने पितरों की पूजा कर मोटरसाइकिल से वापस गांव लौट रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि गौरी शंकर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लोडर चालक गाड़ी लेकर मौके से भाग गया। पुलिस ने घायल को सीएचसी कोंच में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया गया। जालौन के कोंच में रविवार शाम करीब 6:30 बजे नदीगांव रोड पर बीज गोदाम के पास एक लोडर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। लोडर में भैंसें लदी थीं। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद 112 पुलिस मौके पर पहुंची। घायल की पहचान ग्राम अंडा निवासी 48 वर्षीय गौरी शंकर पुत्र स्व. धनसिंह के रूप में हुई है। वह रविवार को ग्राम जुझारपुरा में अपने पितरों की पूजा कर मोटरसाइकिल से वापस गांव लौट रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि गौरी शंकर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लोडर चालक गाड़ी लेकर मौके से भाग गया। पुलिस ने घायल को सीएचसी कोंच में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज उरई रेफर कर दिया गया।1
- महीनों से टूटा पड़ा विद्युत पोल, शिकायतों के बावजूद नहीं जागा विभाग जालौन। घुआताल मोहल्ले में विद्युत विभाग की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक विद्युत पोल पिछले कई महीनों से खराब हालत में पड़ा है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। मोहल्लेवासियों के मुताबिक, पोल को लेकर कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामले में जब एसडीओ ऋषभ राजपूत से बात की गई तो उन्होंने जेई को अवगत कराने की बात कही। वहीं, जेई कृष्ण कुमार वर्मा ने बताया कि टेंडर होने के बाद पोल को बदलने की कार्रवाई की जाएगी। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। खराब पोल के कारण स्थानीय लोगों में रोष है और वे जल्द से जल्द नया विद्युत पोल लगाए जाने की मांग कर रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि विद्युत विभाग इस जर्जर पोल को कब तक बदलता है और संभावित हादसे को रोकने के लिए कब प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।1
- रामपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम निनावली जागीर में किसान हरनारायण को खेत पर जहरीले जीवk के काटने से मौत रामपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम निनावली जागीर में किसान हरनारायण को खेत पर जहरीले जीव जंतु द्वारा काट लेने पर किसान के परिजन आनंनं-फानन में रामपुरा स्वास्थ्य केंद्र ले आइ जहां पर उपचार के दौरान मौत हो गई घटना घटना के बाद से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है जिसमें मृतक के एक 15 वर्षीय बेटा है4
- जालौन में अधिक बारिश से किसान की फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग!! जालौन। ब्लॉक रामपुरा क्षेत्र के ग्राम लिटावली में लगातार हो रही बारिश से किसान राजवीर सिंह गुड्डू की फसल बर्बाद हो गई। खेत में पानी भरने और तेज बारिश के कारण फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। किसान के अनुसार मेहनत और लागत के बाद तैयार हो रही फसल बारिश की भेंट चढ़ गई। इससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसान ने प्रशासन से मौके पर फसल नुकसान का सर्वे कराकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।2
- कोंच,लोडर-बाइक की भिड़ंत में बाइक सवार गंभीर, मेडिकल कॉलेज भेजा भैंसों से लदी लोडर ने बाइक सवार को मारी टक्कर, गंभीर घायल भैंसों से लदी लोडर ने बाइक सवार को मारी टक्कर, गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज रेफर1
- कोठोंड से जालौन देवी मंदिर के लिए बनाई सड़क धसकने लगी। जालौन : कुठोद से जालौन देवी मंदिर तक बनी सड़क एक साल पूरे होने के बाद ही धसकने लगी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की गुणवत्ता खराब होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाई हो रही है। स्थानीय प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया है और जल्द सुधार की मांग की जा रही है। इस सड़क की हालत सुधारने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके और श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।1