Shuru
Apke Nagar Ki App…
ab iske to Sarkar kuchh bolega nahin kyunki yah dar jaenge to dikha dikha karke dekhte aage kya hota hai kitna daraoge daroge vahi hal hai sab
Tohidalamansari tohidalam
ab iske to Sarkar kuchh bolega nahin kyunki yah dar jaenge to dikha dikha karke dekhte aage kya hota hai kitna daraoge daroge vahi hal hai sab
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- नोएडा में थोड़ी सी भी बारिश होने पर कई जगहों पर सड़कों पर भारी जलभराव हो जाता है, जिससे आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर इस तरह पानी जमा होने का मुख्य कारण सड़कों के किनारे बने डिवाइडर हैं, जिनमें पानी की निकासी के लिए सही से रास्ता नहीं बनाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से तो सही काम किया जाता है, लेकिन निचले स्तर पर जो अथॉरिटी मौजूद है, वह सही ढंग से काम नहीं करती है। अथॉरिटी की इसी लापरवाही की वजह से आम जनता को परेशान होना पड़ता है और इस परेशानी के चलते आखिरकार जनता सरकार को ही दोष देती है।1
- गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित एक निर्माणाधीन मॉल में सात वर्षीय बच्ची की लाश मिली है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।1
- गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में कुछ वाहन चालकों ने शिकायत की है कि पेट्रोल में 15–20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण (E20) वाले ईंधन के उपयोग से उन्हें अपनी बाइक और कार के रखरखाव में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन वाहन चालकों का दावा है कि इस ईंधन के कारण वाहन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है और उन्हें बार-बार फ्यूल टैंक व फ्यूल सिस्टम की सफाई करवानी पड़ रही है। गौरतलब है कि भारत सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के तहत ऑयल कंपनियां चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही हैं। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता को कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। इसी कड़ी में वर्तमान में कई स्थानों पर E20 यानी 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस विषय पर विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल मिलाने से सभी बाइक और कार खराब हो रही हैं, यह कहना सही नहीं है क्योंकि कई नए वाहन E20 के पूर्णतः अनुरूप बनाए गए हैं। समस्या मुख्य रूप से पुराने या E20-अनुकूल न होने वाले वाहनों में अधिक देखी जा सकती है। यदि वाहन E20 ईंधन के अनुरूप डिज़ाइन नहीं किया गया है, तो पुराने मॉडलों में इंजन, फ्यूल लाइन, रबर के पुर्जों और माइलेज पर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को निर्माता के निर्देशों का पालन करने और समय-समय पर सर्विसिंग कराने की सलाह दी है। इसके अलावा, यदि किसी वाहन चालक को पेट्रोल पंप के ईंधन की गुणवत्ता पर संदेह होता है, तो वह संबंधित ऑयल कंपनी के शिकायत पोर्टल या उपभोक्ता हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।4
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ से एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक नामी कंपनी की पानी की बोतल में पानी के स्थान पर तेजाब भरा हुआ पाया गया। इस बोतल को पीने के बाद एक शिक्षिका अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है और पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है। घटना तब हुई जब रिया नाम की शिक्षिका ज्वेलरी खरीदने बाजार गई थीं। प्यास लगने पर एक कारोबारी ने अपने नौकर को पास की एक कन्फैक्शनरी से 'बिसलेरी' की बोतल लाने के लिए कहा। नौकर डीप फ्रीजर से ठंडी बोतल लेकर आया, जिसे शिक्षिका ने पानी समझकर पी लिया। तेजाब के पेट में जाते ही उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद लोगों से अपील की जा रही है कि कोई भी पैकेज्ड ड्रिंक पीने से पहले उसकी सील और गंध को एक बार ध्यान से जरूर परख लें।1
- गाजियाबाद में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या को लेकर कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी, वीर चक्र ने जन-जागरूकता फैलाने के लिए दो मिनट से अधिक का एक वीडियो जारी किया है। एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वाहनों, निर्माण कार्यों और पराली जलने के कारण वायु गुणवत्ता अक्सर 'खराब' या 'अति-खराब' श्रेणी में दर्ज की जाती है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस जागरूकता वीडियो में वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसानों के साथ-साथ नागरिकों के लिए कुछ सरल उपाय भी बताए गए हैं। इनमें अधिक पेड़ लगाना, पटाखे और कचरा न जलाना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और मास्क पहनना शामिल है। कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने स्पष्ट किया है कि गाजियाबाद को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना प्रत्येक नागरिक का उत्तरदायित्व है। उन्होंने विश्वास जताया है कि छोटे-छोटे प्रयासों से ही भावी पीढ़ी को शुद्ध हवा दी जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से इस वीडियो को देखने और इसे अन्य लोगों तक साझा करने की अपील की है।1
- गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक बालिग और दूसरा नाबालिग है। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से इन दोनों को दबोचा है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 11 जुलाई की रात करीब 1 बजे बच्ची का शव मिलने की सूचना पर शुरू हुई थी। सूचना मिलते ही तत्काल एक्शन में आई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कराया और डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया। मौके पर पहुंची एफएसएल (FSL) टीम ने भी कई अहम साक्ष्य जुटाए। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने रेप, अपहरण, हत्या और पॉक्सो एक्ट जैसी बेहद गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए कार्यवाहक एसीपी नंदग्राम प्रियाश्री पाल ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र के तयोड़ी गांव में अवैध मिट्टी खनन से बना एक गहरा गड्ढा एक मासूम की जान का दुश्मन बन गया। अवैध खनन के कारण बने और पानी से लबालब भरे इस कुंड में डूबने से एक 14 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार शाम को घर से निकला किशोर जब देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गांव के बाहर बने गहरे कुंड के किनारे जब किशोर के कपड़े मिले, तो हड़कंप मच गया। इस हादसे के बाद बिना किसी प्रशासनिक मदद के, ग्रामीणों ने खुद ही टॉर्च और गाड़ियों की हेडलाइट की रोशनी में रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब तीन घंटे की भारी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किशोर का शव पानी से बाहर निकाला। मृतक के पिता दुबई में ड्राइवर हैं, जो इस हादसे के बाद अपने लाडले की आखिरी विदाई में भी शामिल नहीं हो सकेंगे। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।1