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दमोह जिले के मड़ियापूरण सतरिया गांव में एक बड़े सांप के साथ उसका छोटा सर्प मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इस अनोखी घटना को देखकर लोग हैरान रह गए। कई लोग इस दृश्य को सौभाग्य के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इस प्रकार सांप के बच्चों को पहले कभी किसी ने नहीं देखा होगा। इस हैरानी का कारण यह भी बताया गया कि सांप आमतौर पर अपने बच्चों को बड़ा होने से पहले एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं ले जाते हैं। यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई है कि क्या किसी ने पहले कभी इस तरह एक बड़े सांप के साथ उसके छोटे सर्प को देखा है।
AAJ EK SACH NEWS
दमोह जिले के मड़ियापूरण सतरिया गांव में एक बड़े सांप के साथ उसका छोटा सर्प मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इस अनोखी घटना को देखकर लोग हैरान रह गए। कई लोग इस दृश्य को सौभाग्य के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इस प्रकार सांप के बच्चों को पहले कभी किसी ने नहीं देखा होगा। इस हैरानी का कारण यह भी बताया गया कि सांप आमतौर पर अपने बच्चों को बड़ा होने से पहले एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं ले जाते हैं। यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई है कि क्या किसी ने पहले कभी इस तरह एक बड़े सांप के साथ उसके छोटे सर्प को देखा है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक का घेराव किया गया। इस घेराव में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हुए।1
- आज गंगा दशमी पर्व के उपलक्ष्य में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कुंडेश्वर धाम पर जमडार नदी के घाट पर शाम 6:00 बजे महा आरती और जल संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण और नदियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसी अभियान के अंतर्गत, गंगा दशमी पर्व से पहले कुण्डेश्वर धाम मंदिर परिसर और नदी के घाटों की सफाई के लिए एक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस स्वच्छता अभियान में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, संयुक्त कलेक्टर श्री शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम बल्देवगढ़ श्रीमती भारती देवी मिश्रा, और तहसीलदार श्री सतेन्द्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जन अभियान परिषद के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और नदी के घाटों की साफ-सफाई की। आज शाम जमडार नदी पर होने वाली महाआरती, जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कुंडेश्वर धाम परिसर में घाटों की साफ-सफाई के बाद, इस पूरे आयोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर छतरपुर स्थित विंध्यवासिनी तलैया में श्रमदान का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ मंत्री और विधायकों ने भी सक्रिय रूप से श्रमदान में भाग लिया।1
- छतरपुर जिले के नौगांव थाना परिसर में आगामी ईद पर्व के मद्देनजर क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नौगांव तहसीलदार, थाना प्रभारी, नगर परिषद प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, धार्मिक गुरुओं और विभिन्न समुदायों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, अधिकारियों ने आगामी ईद पर्व को सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का परिचय देने का आग्रह किया और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की चेतावनी दी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट साझा करने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी। नौगांव तहसीलदार ने आश्वस्त किया कि त्योहारों के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा और नगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को देने की अपील की। थाना प्रभारी ने बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस पेट्रोलिंग, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और यातायात व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईद के अवसर पर बाजारों और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में त्योहार मना सकें। बैठक में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, बिजली व्यवस्था और यातायात संचालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित सभी लोगों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया और क्षेत्र में शांति व भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।3
- पलेरा नगर परिषद पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ 'नंबर वन' बनने और शासन स्तर पर वाहवाही लूटने के चक्कर में कई विभागों पर दिखावटी काम करने और आंकड़ों की बाजीगरी दिखाने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अफसरशाही किसी भी हद तक जाकर कागजी घोड़े दौड़ा रही है, जिससे जनता भी हैरान है। आरोप है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। सर्वेक्षण में अच्छे नंबर प्राप्त करने के उद्देश्य से एक एनजीओ के माध्यम से फर्जी ओटीपी के ज़रिए सर्वे फॉर्म भरवाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, नगर में हरित वातावरण का संदेश देने के लिए लगाए गए पौधे कुछ ही समय बाद हटा दिए गए। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसके बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर और भी सवाल उठने लगे। नगरवासियों का साफ कहना है कि यदि नगर को वास्तव में स्वच्छ और हरित बनाना है तो ईमानदार और स्थायी कार्य किए जाने चाहिए, न कि केवल सर्वेक्षणों में वाहवाही बटोरने के लिए दिखावटी व्यवस्थाएं बनाई जाएं। लोगों ने फर्जी पौधारोपण और फोटो सेशन को लेकर सवाल उठाए हैं, साथ ही शासन की राशि के दुरुपयोग और जनता की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।1
- छतरपुर के डेरा पहाड़ी क्षेत्र में आज, 25 मई की शाम करीब 7:30 बजे, एक अनियंत्रित चार पहिया वाहन एक दुकान में जा घुसा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिसके बाद घटनास्थल पर भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहाँ उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- मध्य प्रदेश के बल्देवगढ़ के अंतर्गत मां गहौली वाईन -हटा– शराब दुकान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि यह दुकान अवैध शराब की आपूर्ति, निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बिक्री (ओवररेटिंग) और आबकारी विभाग के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश है और ग्रामीणों का माहौल लड़ाई-झगड़ों का अड्डा बन गया है। आरोप है कि बुढेरा हटा पटोरी रोड पर संचालित इस शराब दुकान के बाहर न तो रेट सूची लगी है और न ही खुलने-बंद होने का निर्धारित समय प्रदर्शित है। यह दुकान सुबह से ही खुल जाती है और देर रात तक संचालित रहती है, जबकि शासन द्वारा तय समय सीमा का पालन अनिवार्य है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह दुकान एक स्कूल के बिल्कुल बगल में स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां बुलेरो और मोटरसाइकिलों से शराब के गत्तों को बोरियों में भरकर चोरी-छिपे बाहर भेजा जाता है; वायरल वीडियो में भी कथित तौर पर दुकान परिसर से शराब ले जाते हुए वाहन दिखाई दे रहे हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। इसके पीछे जिम्मेदार अधिकारियों की कथित साठगांठ के चलते शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि नियम केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं। उपभोक्ताओं का यह भी आरोप है कि दुकान पर शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दामों में बेची जाती है, और प्रत्येक बोतल पर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार और दबंगई की जाती है। ग्रामवासियों का कहना है कि ओवररेटिंग का यह खेल दुकान शुरू होने के समय से ही जारी है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, दुकान से जुड़े कुछ लोग आसपास के गांवों में भी अवैध रूप से शराब पहुंचा रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से नशाखोरी बढ़ रही है। महिलाओं और बुजुर्गों ने चिंता जताते हुए कहा है कि शराब के कारण गांवों का सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है और युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद टीकमगढ़ आबकारी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ने के बावजूद विभाग की खामोशी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि शराब दुकान की निष्पक्ष जांच कर अवैध सप्लाई, ओवररेटिंग और नियमों के उल्लंघन में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।3
- महाराजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम टाटा के ग्रामीणों को सड़क न होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपनी इसी समस्या को लेकर आज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया।1
- छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के जंगीपुर निवासी 23 वर्षीय राकेश अहिरवार की जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद मौत हो गई। राकेश ने कथित तौर पर मौत को गले लगाने से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने ससुराल पक्ष पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ग्राम बगौता निवासी 20 वर्षीय प्रेमवाई अहिरवार से हुआ था, जिनकी सात माह की बेटी भी है। बेटी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण राकेश उसे लेने ससुराल पहुँचा था। राकेश के पक्ष के अनुसार, ससुराल में उसके साथ लात-घूँसों से मारपीट की गई, जिसे वह सहन नहीं कर पाया और गुस्से में वहाँ से निकलकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। इसके बाद वह अपने गाँव जंगीपुर पहुँचा, जहाँ उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल छतरपुर ले जा रहे थे, लेकिन ग्राम बृजपुरा के समीप रास्ते में ही राकेश ने दम तोड़ दिया। वहीं, राकेश की पत्नी प्रेमबाई के पिता बब्बू अहिरवार ने बताया कि दामाद राकेश अहिरवार अपने बड़े भाई और जीजा के साथ बेटी को लेने घर आए थे। उनके अनुसार, राकेश शराब के नशे में थे और अपनी पत्नी व मासूम बच्ची को कड़ी धूप में ले जाने की जिद कर रहे थे, जिसे मना करने पर उन्होंने मरने की धमकी दी और गाली-गलौज की। बब्बू अहिरवार ने बताया कि राकेश और उनके बेटे कमलेश के बीच कुछ देर हाथापाई हुई थी, जिसके बाद मामला शांत हो गया था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देर बाद राकेश जान से मारने व मरने की धमकी देकर वहाँ से निकल गए और बाद में उन्हें मालूम चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया है। सूचना मिलने पर बब्बू अपने परिवार के साथ छतरपुर जिला अस्पताल पहुँचे, जहाँ डॉक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जाँच शुरू कर दी है और मृत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1