छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के जंगीपुर निवासी 23 वर्षीय राकेश अहिरवार की जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद मौत हो गई। राकेश ने कथित तौर पर मौत को गले लगाने से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने ससुराल पक्ष पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ग्राम बगौता निवासी 20 वर्षीय प्रेमवाई अहिरवार से हुआ था, जिनकी सात माह की बेटी भी है। बेटी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण राकेश उसे लेने ससुराल पहुँचा था। राकेश के पक्ष के अनुसार, ससुराल में उसके साथ लात-घूँसों से मारपीट की गई, जिसे वह सहन नहीं कर पाया और गुस्से में वहाँ से निकलकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। इसके बाद वह अपने गाँव जंगीपुर पहुँचा, जहाँ उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल छतरपुर ले जा रहे थे, लेकिन ग्राम बृजपुरा के समीप रास्ते में ही राकेश ने दम तोड़ दिया। वहीं, राकेश की पत्नी प्रेमबाई के पिता बब्बू अहिरवार ने बताया कि दामाद राकेश अहिरवार अपने बड़े भाई और जीजा के साथ बेटी को लेने घर आए थे। उनके अनुसार, राकेश शराब के नशे में थे और अपनी पत्नी व मासूम बच्ची को कड़ी धूप में ले जाने की जिद कर रहे थे, जिसे मना करने पर उन्होंने मरने की धमकी दी और गाली-गलौज की। बब्बू अहिरवार ने बताया कि राकेश और उनके बेटे कमलेश के बीच कुछ देर हाथापाई हुई थी, जिसके बाद मामला शांत हो गया था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देर बाद राकेश जान से मारने व मरने की धमकी देकर वहाँ से निकल गए और बाद में उन्हें मालूम चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया है। सूचना मिलने पर बब्बू अपने परिवार के साथ छतरपुर जिला अस्पताल पहुँचे, जहाँ डॉक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जाँच शुरू कर दी है और मृत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के जंगीपुर निवासी 23 वर्षीय राकेश अहिरवार की जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद मौत हो गई। राकेश ने कथित तौर पर मौत को गले लगाने से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने ससुराल पक्ष पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ग्राम बगौता निवासी 20 वर्षीय प्रेमवाई अहिरवार से हुआ था, जिनकी सात माह की बेटी भी है। बेटी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण राकेश उसे लेने ससुराल पहुँचा था। राकेश के पक्ष के अनुसार, ससुराल में उसके साथ लात-घूँसों से मारपीट की गई, जिसे वह सहन नहीं कर पाया और गुस्से में वहाँ से निकलकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। इसके बाद वह अपने गाँव जंगीपुर पहुँचा, जहाँ उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल छतरपुर ले जा रहे थे, लेकिन ग्राम बृजपुरा के समीप रास्ते में ही राकेश ने दम तोड़ दिया। वहीं, राकेश की पत्नी प्रेमबाई के पिता बब्बू अहिरवार ने बताया कि दामाद राकेश अहिरवार अपने बड़े भाई और जीजा के साथ बेटी को लेने घर आए थे। उनके अनुसार, राकेश शराब के नशे में थे और अपनी पत्नी व मासूम बच्ची को कड़ी धूप में ले जाने की जिद कर रहे थे, जिसे मना करने पर उन्होंने मरने की धमकी दी और गाली-गलौज की। बब्बू अहिरवार ने बताया कि राकेश और उनके बेटे कमलेश के बीच कुछ देर हाथापाई हुई थी, जिसके बाद मामला शांत हो गया था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देर बाद राकेश जान से मारने व मरने की धमकी देकर वहाँ से निकल गए और बाद में उन्हें मालूम चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया है। सूचना मिलने पर बब्बू अपने परिवार के साथ छतरपुर जिला अस्पताल पहुँचे, जहाँ डॉक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जाँच शुरू कर दी है और मृत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के जंगीपुर निवासी 23 वर्षीय राकेश अहिरवार की जहरीला पदार्थ सेवन करने के बाद मौत हो गई। राकेश ने कथित तौर पर मौत को गले लगाने से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने ससुराल पक्ष पर गंभीर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ग्राम बगौता निवासी 20 वर्षीय प्रेमवाई अहिरवार से हुआ था, जिनकी सात माह की बेटी भी है। बेटी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण राकेश उसे लेने ससुराल पहुँचा था। राकेश के पक्ष के अनुसार, ससुराल में उसके साथ लात-घूँसों से मारपीट की गई, जिसे वह सहन नहीं कर पाया और गुस्से में वहाँ से निकलकर जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। इसके बाद वह अपने गाँव जंगीपुर पहुँचा, जहाँ उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर हालत में परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल छतरपुर ले जा रहे थे, लेकिन ग्राम बृजपुरा के समीप रास्ते में ही राकेश ने दम तोड़ दिया। वहीं, राकेश की पत्नी प्रेमबाई के पिता बब्बू अहिरवार ने बताया कि दामाद राकेश अहिरवार अपने बड़े भाई और जीजा के साथ बेटी को लेने घर आए थे। उनके अनुसार, राकेश शराब के नशे में थे और अपनी पत्नी व मासूम बच्ची को कड़ी धूप में ले जाने की जिद कर रहे थे, जिसे मना करने पर उन्होंने मरने की धमकी दी और गाली-गलौज की। बब्बू अहिरवार ने बताया कि राकेश और उनके बेटे कमलेश के बीच कुछ देर हाथापाई हुई थी, जिसके बाद मामला शांत हो गया था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ देर बाद राकेश जान से मारने व मरने की धमकी देकर वहाँ से निकल गए और बाद में उन्हें मालूम चला कि उन्होंने जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया है। सूचना मिलने पर बब्बू अपने परिवार के साथ छतरपुर जिला अस्पताल पहुँचे, जहाँ डॉक्टर ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जाँच शुरू कर दी है और मृत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिन्दूरखी निवासी मूलचन्द राजपूत ने आज 25 मई को दोपहर करीब 3:30 बजे पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी और बेटे के साथ मारपीट की गई है। अपने आवेदन में मूलचन्द राजपूत ने बताया है कि गांव के कुछ लोगों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की, जिससे उसके हाथ में गंभीर चोट आई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस घटना की रिपोर्ट 25 मई 2026 को थाना महाराजपुर में दर्ज कराई गई थी, लेकिन आरोपियों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के मद्देनजर, आवेदक ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- छतरपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में ई-रिक्शा और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- पलेरा नगर परिषद पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ 'नंबर वन' बनने और शासन स्तर पर वाहवाही लूटने के चक्कर में कई विभागों पर दिखावटी काम करने और आंकड़ों की बाजीगरी दिखाने का आरोप है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अफसरशाही किसी भी हद तक जाकर कागजी घोड़े दौड़ा रही है, जिससे जनता भी हैरान है। आरोप है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। सर्वेक्षण में अच्छे नंबर प्राप्त करने के उद्देश्य से एक एनजीओ के माध्यम से फर्जी ओटीपी के ज़रिए सर्वे फॉर्म भरवाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, नगर में हरित वातावरण का संदेश देने के लिए लगाए गए पौधे कुछ ही समय बाद हटा दिए गए। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिसके बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर और भी सवाल उठने लगे। नगरवासियों का साफ कहना है कि यदि नगर को वास्तव में स्वच्छ और हरित बनाना है तो ईमानदार और स्थायी कार्य किए जाने चाहिए, न कि केवल सर्वेक्षणों में वाहवाही बटोरने के लिए दिखावटी व्यवस्थाएं बनाई जाएं। लोगों ने फर्जी पौधारोपण और फोटो सेशन को लेकर सवाल उठाए हैं, साथ ही शासन की राशि के दुरुपयोग और जनता की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी पर भी कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।1
- आज बुंदेलखंड के सतना जिले में स्थित सती अनुसुइया धाम आश्रम का दौरा किया गया। इस दौरान 'जय हिंद जय भारत' का उद्घोष भी किया गया।1
- शासन के निर्देशानुसार, गंगा दशमी पर्व के उपलक्ष्य में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कुण्डेश्वर धाम मंदिर परिसर और नदी के घाटों पर श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, संयुक्त कलेक्टर श्री शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम बल्देवगढ़ श्रीमती भारती देवी मिश्रा, तहसीलदार श्री सतेन्द्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जन अभियान परिषद के सदस्यों ने सक्रिय रूप से श्रमदान कर नदी के घाटों की सफाई की। इसी क्रम में, आज शाम जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशमी पर्व के अवसर पर जमड़ार नदी पर महाआरती का भी आयोजन किया जाएगा।1
- महाराजपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम टाटा के ग्रामीणों को सड़क न होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अपनी इसी समस्या को लेकर आज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया।1
- छतरपुर में नगर पालिका-निगम कर्मचारी महासंघ ने आज 25 मई को दोपहर करीब 4:00 बजे कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। महासंघ ने कलेक्टर को बताया कि नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों को लंबे समय से आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में पिछले कई वर्षों से कार्यरत लगभग 180 आउटसोर्स कर्मचारियों को फिर से काम पर रखना शामिल है। साथ ही, नगर पालिका में संचालित वाहनों और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के काम को बंद करने के बजाय कर्मचारियों के हित में व्यवस्थित रूप से जारी रखने की भी मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान हो, ईपीएफ और अन्य संबंधित राशियों को नियमित रूप से जमा किया जाए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ चर्चा कर उचित और निर्णायक कदम उठाने की भी मांग रखी गई है।1
- छतरपुर में एक घटना सामने आई है जहाँ पांच बच्चों की मां को इंस्टाग्राम पर एक व्यक्ति से प्यार हो गया। इसके बाद वह महिला अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमी और उसकी प्रेमिका, यानी पांच बच्चों की मां को पकड़ लिया है।1