सड़क के अभाव में जूझ रहे कोलयादामर के ग्रामीण, बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित सिमडेगा:- सदर प्रखंड अंतर्गत बड़ाबरपानी पंचायत के राजस्व ग्राम कोलयादामर में लगभग 25 परिवार निवास करते हैं, जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव की सबसे बड़ी समस्या सड़क की कमी है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों को आवागमन में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों को बाजार, प्रखंड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जबकि ये सभी स्थान गांव से महज चार से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। सड़क नहीं होने के कारण लोगों को लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधि एवं प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें आवागमन में सहूलियत मिल सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। मौके पर सुनील सुरीन, आनंद बड़ाईक,कुवारी सोरेग.क्लारा ईंदवार,नीरजा बाघवार,अमृता बाघवार,मेरिना होरो,सुनीता ईंदवार,शशी ईंदवार ,मनोज बाघवार, तेलेसफोर केरकेट्टा,नीलेश डुंगडुंग,जेबियर बाघवार,सुचिता तिर्की,लिबनुश बाघवार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
सड़क के अभाव में जूझ रहे कोलयादामर के ग्रामीण, बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित सिमडेगा:- सदर प्रखंड अंतर्गत बड़ाबरपानी पंचायत के राजस्व ग्राम कोलयादामर में लगभग 25 परिवार निवास करते हैं, जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव की सबसे बड़ी समस्या सड़क की कमी है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों को आवागमन में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों को बाजार, प्रखंड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जबकि ये सभी स्थान गांव से महज चार से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। सड़क नहीं होने के कारण लोगों को लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधि एवं प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें आवागमन में सहूलियत मिल सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। मौके पर सुनील सुरीन, आनंद बड़ाईक,कुवारी सोरेग.क्लारा ईंदवार,नीरजा बाघवार,अमृता बाघवार,मेरिना होरो,सुनीता ईंदवार,शशी ईंदवार ,मनोज बाघवार, तेलेसफोर केरकेट्टा,नीलेश डुंगडुंग,जेबियर बाघवार,सुचिता तिर्की,लिबनुश बाघवार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
- प्रशासन ने रामनवमी अखाड़ा समिति अध्यक्ष एवं डीजे संचालक के साथ बैठक सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन किया साझा1
- Post by Durga Baraik10
- शक्ति का संचार (भाव आना): धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान जब भक्ति और मंत्रोच्चार अपने चरम पर होते हैं, तो भक्त के शरीर में देवी की दिव्य ऊर्जा या 'शक्ति' का प्रवेश होता है। इस अवस्था को 'भाव आना' कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अनियंत्रित रूप से झूमने या डोलने लगता है। आध्यात्मिक तल्लीनता: भजन और कीर्तन की लय पर पंडा पूरी तरह से देवी की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यह शारीरिक हलचल उनके गहरे ध्यान और समर्पण की अभिव्यक्ति होती है, जहाँ वे बाहरी दुनिया को भूलकर ईश्वर से जुड़ जाते हैं। सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव: नवरात्रि में वातावरण मंत्रों और धूप-दीप से अत्यंत ऊर्जावान होता है। पंडा, जो नौ दिनों तक कड़ा उपवास और साधना करते हैं, इस ऊर्जा के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उनके शरीर में कंपन या झूपना शुरू हो जाता है।1
- Post by AAM JANATA1
- Post by Bablu oraon1
- Post by Jharkhand local news1
- सिमडेगा:- जिले के बिंधाईनटोली पारिस में रविवार को बीरू भिखारियेट कैथोलिक सभा का नौवां वार्षिक अधिवेशन धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत मिस्सा पूजा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसिमा खाखा उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के सम्मेलन समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं और कैथोलिक सभा में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता है।उन्होंने पुरुषों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि पुरुष केवल परिवार का कमाने वाला सदस्य नहीं, बल्कि संस्कारों का पहला शिक्षक होता है। परिवार की मजबूती से ही समाज मजबूत बनता है। उन्होंने लोगों से आत्ममंथन करते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने की अपील की।जोसिमा खाखा ने शिक्षा, सेवा और जरूरतमंदों की सहायता में आगे आने का आह्वान किया। साथ ही कैथोलिक समाज के लोगों से राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने की भी बात कही, ताकि समाज की आवाज हर स्तर तक पहुंच सके। कार्यक्रम में डीन फा. हरमन खलखो सहित कई धर्मगुरु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- जानकारी के अनुसार नाबालिक बालिका 24 फरवरी कि सुबह तक़रीबन 8 बजे अपने घर से दसवीं कि परीक्षा देने के लिए निकली थी,लेकिन आधे रास्ते में क्या होने वाला ये उसे भी नहीं पता था,पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि इष्टा राणा नाम के एक व्यक्ति से उसकी दोस्ती फोन के माध्यम से हुई थी। इष्टा राणा ने शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ओडिशा भगा कर ले गया, जहां उसने नाबालिग के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर गठित टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना पर पाया कि छात्रा ओडिशा के एक गांव में इष्टा राणा के साथ है। पुलिस की टीम ने तत्काल दबिश देकर पीड़िता को ओड़िसा से बरामद किया और सुपुर्द को सौंप दिया और आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। आरोपी इष्टा राणा के विरुद्ध थाना पत्थलगांव में BNS की धारा 137(2),64(2)(M),65(1) व 4,6 पॉस्को एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। 🚨जशपुर पुलिस द्वारा शक्त सन्देश महिलाओं एवं नाबालिको के साथ छेड़ छाड़ करने वाले व्यक्ति को बक्सा नहीं जायेगा सूचना मिलते ही तत्काल कड़ी कार्यवाही कि जाएगी।1
- Post by Jharkhand local news1