सिद्धार्थनगर जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र के कड़जहवा गांव निवासी अकबर अली अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मुंबई में रहकर रोजी-रोटी कमाने वाले अकबर अली का आरोप है कि उनका पड़ोसी उबैदुल्ला उनकी निजी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से अपने घर के पीछे दरवाजा खोलने का प्रयास कर रहा है। अकबर अली के अनुसार, उनका परिवार गांव स्थित पुश्तैनी मकान में रहता है, जबकि वह खुद रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। उनके घर के सामने पड़ोसी उबैदुल्ला का मकान है, जिसका पिछला हिस्सा अकबर अली की जमीन की ओर पड़ता है। अकबर अली ने आरोप लगाया है कि उबैदुल्ला कई वर्षों से अपने घर की पिछली दीवार तोड़कर दरवाजा लगाने की कोशिश कर रहा है, जिससे उनकी निजी भूमि पर अतिक्रमण की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में इस विवाद को लेकर हुई कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक सुलहनामा हुआ था, जिसमें घर के पीछे पानी की निकासी तक न करने की बात दर्ज की गई थी। हाल ही में एक इकरारनामा भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुनः दीवार तोड़कर दरवाजा बनाने का प्रयास शुरू कर दिया। अपनी भूमि की सुरक्षा के लिए अकबर अली ने अपने हिस्से में दीवार खड़ी कर दी, ताकि कोई उनकी जमीन का रास्ते के रूप में उपयोग न कर सके। उनका आरोप है कि इसके बाद विपक्षी लगातार पुलिस और प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर दीवार हटवाने तथा दरवाजा खोलने का दबाव बना रहा है। पीड़ित अकबर अली ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उनकी पुश्तैनी भूमि को सुरक्षित रखने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब पड़ोसी के मकान का मुख्य प्रवेश द्वार पहले से मौजूद है, तो उनकी निजी भूमि की ओर नया दरवाजा खोलने का कोई औचित्य नहीं है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
सिद्धार्थनगर जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र के कड़जहवा गांव निवासी अकबर अली अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मुंबई में रहकर रोजी-रोटी कमाने वाले अकबर अली का आरोप है कि उनका पड़ोसी उबैदुल्ला उनकी निजी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से अपने घर के पीछे दरवाजा खोलने का प्रयास कर रहा है। अकबर अली के अनुसार, उनका परिवार गांव स्थित पुश्तैनी मकान में रहता है, जबकि वह खुद रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। उनके घर के सामने पड़ोसी उबैदुल्ला का मकान है, जिसका पिछला हिस्सा अकबर अली की जमीन की ओर पड़ता है। अकबर अली ने आरोप लगाया है कि उबैदुल्ला कई वर्षों से अपने घर की पिछली दीवार तोड़कर दरवाजा लगाने की कोशिश कर रहा है, जिससे उनकी निजी भूमि पर अतिक्रमण की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में इस विवाद को लेकर हुई कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक सुलहनामा हुआ था, जिसमें घर के पीछे पानी की निकासी तक न करने की बात दर्ज की गई थी। हाल ही में एक इकरारनामा भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुनः दीवार तोड़कर दरवाजा बनाने का प्रयास शुरू कर दिया। अपनी भूमि की सुरक्षा के लिए अकबर अली ने अपने हिस्से में दीवार खड़ी कर दी, ताकि कोई उनकी जमीन का रास्ते के रूप में उपयोग न कर सके। उनका आरोप है कि इसके बाद विपक्षी लगातार पुलिस और प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर दीवार हटवाने तथा दरवाजा खोलने का दबाव बना रहा है। पीड़ित अकबर अली ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उनकी पुश्तैनी भूमि को सुरक्षित रखने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब पड़ोसी के मकान का मुख्य प्रवेश द्वार पहले से मौजूद है, तो उनकी निजी भूमि की ओर नया दरवाजा खोलने का कोई औचित्य नहीं है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
- सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र के पिपरा मिश्र गांव में मंगलवार सुबह विद्युत स्पर्शाघात की चपेट में आने से 16 वर्षीय किशोर राज कुमार शुक्ला की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में गहरा कोहराम मच गया है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। पिपरा मिश्र निवासी गणेश दत्त शुक्ला के पुत्र राज कुमार शुक्ला मंगलवार सुबह अपने घर के बाहर मौजूद थे, तभी यह हादसा हुआ। बताया गया है कि मकान के सामने लगे टीन शेड के ऊपर से विद्युत केबल गुजरी हुई थी। इसी दौरान किसी कारणवश विद्युत पोल से आए तार का संपर्क टीन शेड से हो गया, जिससे उसमें करंट प्रवाहित होने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब आठ से नौ बजे के बीच राज कुमार करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। वह कंप्यूटर संबंधी कार्य कर परिवार की आजीविका में सहयोग करता था, और उसके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की जानकारी होते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राज कुमार को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर बांसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक जांच-पड़ताल शुरू की। कोतवाली प्रभारी मृत्युंजय पाठक ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से क्षेत्र में जर्जर एवं असुरक्षित विद्युत तारों की तत्काल जांच कर सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1
- राहुल ने प्रधानमंत्री को 'COMPROMISED PM' करार दिया है। यह आरोप तब लगाया गया जब एक 'कप्तान' कैमरे पर गुहार लगा रहा था, वहीं दूसरी ओर 'मोदी' नृत्य का आनंद ले रहे थे।1
- संत कबीर नगर के मेंहदावल में हर वर्ष की तरह इस साल भी ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भाजपा नेता मदन नारायण सिंह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हनुमान भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ छोले चावल और हलवे का प्रसाद वितरित किया। इस भव्य भंडारे की व्यवस्था अभिषेक मदन सिंह और अन्य लोगों ने की, जिन्होंने पहले विधिवत पूजन-अर्चन करवाया और फिर राहगीरों सहित सभी लोगों को प्रसाद दिया। वरिष्ठ भाजपा नेता मदन नारायण सिंह हर साल ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार को भगवान हनुमानजी के बाल स्वरूप भगवान बाला जी का पूजन कर प्रसाद वितरण करते हैं। इस बार भी टड़वरिया चौराहे पर पूरे उत्साह के साथ एक स्टाल लगाकर छोला चावल, हलवे और पानी का प्रसाद बांटा गया। इस दौरान सैकड़ों भक्तों और राहगीरों ने भक्तिभाव से प्रसाद ग्रहण कर भगवान हनुमानजी को नमन किया। भगवान बाला जी के जयकारे और भक्तिमय माहौल में प्रसाद वितरण का दृश्य बेहद मनमोहक था। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता मदन नारायण सिंह ने कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य हमें सनातन धर्म संस्कृति से प्रेरणा देते हैं, जहाँ 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के महत्व पर बल दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हिन्दू धर्म में भंडारा करवाना बेहद पूण्य का कार्य माना जाता है। इस कार्यक्रम के आयोजक अभिषेक मदन सिंह ने भक्तिमय वातावरण में लोगों को प्रसाद वितरित किया, जिसमें मदन नारायण सिंह, अजीत गुप्ता, विकास अग्रहरि और प्रशांत श्रीवास्तव सहित अनेक भक्तों ने सैकड़ों लोगों में प्रसाद बांटा।4
- cockroach Janta party ...............9…..................1
- सिद्धार्थनगर जिले के विकास खण्ड बर्डपुर से चिलहीया तक जाने वाले मार्ग की हालत बेहद बदहाल है। स्थानीय लोग प्रशासन की ओर देख रहे हैं कि इस खस्ताहाल मार्ग को लेकर वह क्या कदम उठाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में कपिलवस्तु नगर पंचायत के कर्मचारियों ने कथित मारपीट की घटना को लेकर अपना कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है। यह कदम एक जेसीबी चालक के साथ कथित रूप से की गई मारपीट के विरोध में उठाया गया है, जिसके कारण कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है और उन्होंने काम बंद करके विरोध दर्ज कराया है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरूआ थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में नाली की सुविधा न होने के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। नाली के आगे कोई व्यवस्था न होने से लोगों के घरों में पानी भर रहा है, जिससे गांव के सभी निवासी बहुत अधिक परेशान हैं। ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र के कड़जहवा गांव निवासी अकबर अली अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। मुंबई में रहकर रोजी-रोटी कमाने वाले अकबर अली का आरोप है कि उनका पड़ोसी उबैदुल्ला उनकी निजी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से अपने घर के पीछे दरवाजा खोलने का प्रयास कर रहा है। अकबर अली के अनुसार, उनका परिवार गांव स्थित पुश्तैनी मकान में रहता है, जबकि वह खुद रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहते हैं। उनके घर के सामने पड़ोसी उबैदुल्ला का मकान है, जिसका पिछला हिस्सा अकबर अली की जमीन की ओर पड़ता है। अकबर अली ने आरोप लगाया है कि उबैदुल्ला कई वर्षों से अपने घर की पिछली दीवार तोड़कर दरवाजा लगाने की कोशिश कर रहा है, जिससे उनकी निजी भूमि पर अतिक्रमण की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में इस विवाद को लेकर हुई कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच एक सुलहनामा हुआ था, जिसमें घर के पीछे पानी की निकासी तक न करने की बात दर्ज की गई थी। हाल ही में एक इकरारनामा भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद विपक्षी पक्ष ने पुनः दीवार तोड़कर दरवाजा बनाने का प्रयास शुरू कर दिया। अपनी भूमि की सुरक्षा के लिए अकबर अली ने अपने हिस्से में दीवार खड़ी कर दी, ताकि कोई उनकी जमीन का रास्ते के रूप में उपयोग न कर सके। उनका आरोप है कि इसके बाद विपक्षी लगातार पुलिस और प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर दीवार हटवाने तथा दरवाजा खोलने का दबाव बना रहा है। पीड़ित अकबर अली ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उनकी पुश्तैनी भूमि को सुरक्षित रखने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब पड़ोसी के मकान का मुख्य प्रवेश द्वार पहले से मौजूद है, तो उनकी निजी भूमि की ओर नया दरवाजा खोलने का कोई औचित्य नहीं है। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।1