Shuru
Apke Nagar Ki App…
सामने आ रहे दृश्य को देखकर चौंकिए मत, क्योंकि यह कोई बहती हुई नदी नहीं है। बल्कि, यह 'सिस्टम की उदासीनता' का जीता-जागता प्रमाण है, जिसके सीधे और गंभीर परिणाम आमजन को भुगतने पड़ रहे हैं।
NEWS BANSUR
सामने आ रहे दृश्य को देखकर चौंकिए मत, क्योंकि यह कोई बहती हुई नदी नहीं है। बल्कि, यह 'सिस्टम की उदासीनता' का जीता-जागता प्रमाण है, जिसके सीधे और गंभीर परिणाम आमजन को भुगतने पड़ रहे हैं।
More news from राजस्थान and nearby areas
- बानसूर कस्बे के अलवर बाईपास रोड पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश के बाद ही सड़क पर पानी भर जाता है। मामूली बरसात में भी दो फीट से अधिक पानी जमा हो जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों ने नगरपालिका प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, अलवर बाईपास रोड पर यह जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और बरसात का मौसम शुरू होते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है। तेज बारिश के दौरान आसपास की कई कॉलोनियों में भी पानी भर जाता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है और आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ जाता है। इस जलभराव के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी बढ़ गया है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए, क्योंकि पानी में छिपे गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते। स्थानीय लोगों ने कई बार नगरपालिका प्रशासन को शिकायतें दी हैं और ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया है। निवासियों ने नगरपालिका प्रशासन से जल्द से जल्द प्रभावी जल निकासी व्यवस्था करने और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आगामी बरसात में स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है, जिससे लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाएंगी। उनका कहना है कि इस स्थिति के कारण स्कूली बच्चों की पढ़ाई, व्यापारियों का कारोबार और मरीजों का अस्पताल पहुंचना सब ठप हो जाता है। गौरतलब है कि पांच साल पहले नगर पालिका बनने के बाद भी बानसूर की यह तस्वीर नहीं बदली है, और जनता नगरपालिका की इस घोर लापरवाही से बुरी तरह त्रस्त है।1
- सामने आ रहे दृश्य को देखकर चौंकिए मत, क्योंकि यह कोई बहती हुई नदी नहीं है। बल्कि, यह 'सिस्टम की उदासीनता' का जीता-जागता प्रमाण है, जिसके सीधे और गंभीर परिणाम आमजन को भुगतने पड़ रहे हैं।1
- इलाके में एक कबाड़ी की गला रेतकर की गई निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस जघन्य वारदात के विरोध में थाना परिसर पर धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है।1
- शाहपुरा के मनोहरपुर क्षेत्र में कबाड़ी पप्पू रामावतार असवाल की अज्ञात हमलावरों द्वारा गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया। सूचना मिलने पर मनोहरपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मृतक के शव को निम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।1
- मुण्डावर क्षेत्र के पेहल गांव निवासी एक ग्रामीण ने विद्युत विभाग के लाइनमैन पर घरेलू बिजली कनेक्शन के नाम पर हजारों रुपए लेने, काम पूरा न करने और पैसे वापस मांगने पर धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने सहायक अभियंता (AEN) विद्युत विभाग मुण्डावर को लिखित शिकायत दी है, जिसमें जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। गांव पेहल निवासी जितेंद्र पुत्र हरिसिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि लाइनमैन भरत ने घरेलू बिजली कनेक्शन जारी करने के लिए उनसे 8 हजार रुपए मांगे थे, जिसे उन्होंने फोन-पे के जरिए ट्रांसफर कर दिया था। आरोप है कि पैसे देने के बावजूद अब तक कनेक्शन जारी नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, शिकायत में यह भी उल्लेख है कि हरिसिंह और रामनिवास के नाम से एक अन्य बिजली कनेक्शन के लिए करीब 100 मीटर थ्री-फेज केबल लाने के नाम पर 7 हजार रुपए नकद लिए गए थे। बाद में काम न होने पर यह राशि 19 अगस्त 2025 को फोन-पे के माध्यम से वापस लौटा दी गई थी, लेकिन अन्य कार्यों और तार लगाने के नाम पर भी समय-समय पर रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी बिजली कनेक्शन का कार्य अधूरा है, और अब जब वह अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, तो कथित तौर पर उन्हें धमकाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले भी इसी लाइनमैन भरत पर एक रिटायर्ड फौजी जगमाल सिंह से केबल बदलने के नाम पर 2 हजार रुपए लेने का आरोप लगा था, जिसके बाद भरत का तबादला पेहल ग्रामीण क्षेत्र से रैणागिरी फीडर पर कर दिया गया था। पीड़ित ने 29 मई 2026 को दोबारा AEN विद्युत विभाग मुण्डावर को लिखित शिकायत सौंपी है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा है। सहायक अभियंता आशीष श्रीवास्तव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पीड़ित किसान की लिखित शिकायत मिल गई है और मामले को जांच तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।1
- राजस्थान के पांवटा स्थित कुजोता-अजीतपुरा गांव में धरने पर बैठे ग्रामीणों पर बदमाशों द्वारा फायरिंग की गई। इस घटना में घायल हुए ग्रामीणों को कोटपुतली के बीडीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, घायलों को जयपुर रेफर कर दिया गया है।1
- राजस्थान के अलवर जिले में स्थित नटरी बारा नामक स्थान पर दूर-दूर से लोग आते हैं। यह एक ऐसा स्थल है जहाँ प्रत्येक व्यक्ति देखने आता है, और जो अपनी ओर दर्शकों को आकर्षित करता है। आपसे भी आग्रह किया जाता है कि आप भी यहाँ आएं और इस जगह का अनुभव करें।1
- शिक्षकों पर की गई टिप्पणी के पीछे की वजह को लेकर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर ऐसी टिप्पणी करने के पीछे क्या कारण रहा होगा।1