जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेल नगर में एक 22 वर्षीय विवाहिता महक को कथित रूप से मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का मामला सामने आया है। यह घटना 21 जून की शाम की है, जब महक संदिग्ध परिस्थितियों में आग से गंभीर रूप से झुलस गई थी। घायल महिला ने उपचार के दौरान अपने पति पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। वर्तमान में उसका उपचार ग्वालियर के एक अस्पताल में चल रहा है, जहाँ चिकित्सकों की टीम उसकी हालत पर लगातार निगरानी रख रही है। इस मामले में पुलिस ने रविवार दोपहर 12 बजे एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता के पिता किशुन कुमार, जो ग्राम सुलखना के निवासी हैं, की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति हरीकिशुन, ससुर पुनू, सास मीना और ननद के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इन सभी पर हत्या के प्रयास और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। सभी आरोपी नया पटेल नगर, बाबू पैलेस के निकट के निवासी बताए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश बहादुर सिंह के निर्देशन में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति हरीकिशुन को शनिवार को ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का दावा किया है।
जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेल नगर में एक 22 वर्षीय विवाहिता महक को कथित रूप से मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का मामला सामने आया है। यह घटना 21 जून की शाम की है, जब महक संदिग्ध परिस्थितियों में आग से गंभीर रूप से झुलस गई थी। घायल महिला ने उपचार के दौरान अपने पति पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। वर्तमान में उसका उपचार ग्वालियर के एक अस्पताल में चल रहा है, जहाँ चिकित्सकों की टीम उसकी हालत पर लगातार निगरानी रख रही है। इस मामले में पुलिस ने रविवार दोपहर 12 बजे एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता के पिता किशुन कुमार, जो ग्राम सुलखना के निवासी हैं, की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति हरीकिशुन, ससुर पुनू, सास मीना और ननद के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इन सभी पर हत्या के प्रयास और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। सभी आरोपी नया पटेल नगर, बाबू पैलेस के निकट के निवासी बताए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश बहादुर सिंह के निर्देशन में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति हरीकिशुन को शनिवार को ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का दावा किया है।
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के कोंच में शाहूजी महाराज जयंती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।1
- रविवार को जालौन के कोंच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अंतर्गत सघन पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन नगर के 35 बूथों सहित सीएचसी और कमला नेहरू इंटर कॉलेज जैसे निर्धारित केंद्रों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन बूथों पर बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का श्रीगणेश किया। कोंच स्थित बूथ पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत पटेल ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया और अभिभावकों से अपने सभी छोटे बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल शाक्य ने नगर के विभिन्न पोलियो बूथों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के तहत कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। डॉ. शाक्य ने आगे बताया कि 29 जून से 3 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो किसी कारणवश पहले बूथों तक नहीं पहुंच सके थे। इस चरण में ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों और प्रवासी परिवारों के बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि सभी बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कोंच नगर में अभियान के सफल संचालन के लिए कुल 35 पोलियो बूथ, 37 टीमें और 9 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा पोलियो रोधी दवा से वंचित न रहे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दीपू पेंटर, सुरजीत, अनुराधा, दीपक, पवन कुमार, मुकेश कुमार, आराधना दीक्षित, सुपरवाइजर सुशील चतुर्वेदी, पवन, अमर सिंह, अजय झा, रामनारायण, के.के. भार्गव तथा डॉ. देव कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान को लेकर अभिभावकों में भी उल्लेखनीय उत्साह देखा गया।1
- पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने रविवार को जालौन के कुठौंद थाने का आकस्मिक निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय के अभिलेखों की गहनता से जांच की और रिकॉर्ड को अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। एसपी सिंह ने एचएस इंडेक्स, मिशन शक्ति केंद्र, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क, हवालात और मालखाने का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही, वांछित और फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए प्रभावी अभियान चलाने और अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर दिया। पुलिस अधीक्षक ने महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों की रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी, विशेषकर महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए, और उनकी शिकायतों का निष्पक्ष एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर, कार्यालय और हवालात की साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। एसपी ने पुलिस कर्मियों को अनुशासन, बेहतर कार्यशैली और जनसहभागिता के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर थाना प्रभारी जगदम्बा प्रसाद दुबे भी मौजूद रहे।5
- जालौन जनपद के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में किसी भी आकस्मिक अग्निकांड या आपदा की स्थिति में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की तैयारियों का आकलन करना तथा उन्हें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। सूचना मिलते ही फायर सेफ्टी टीम, सुरक्षा कर्मी और मेडिकल स्टाफ तत्काल सक्रिय हो गए और आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, वार्डों को खाली कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों का सफल प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) के सही और प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई, साथ ही आग लगने की विभिन्न परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया गया। फायर सेफ्टी टीम ने यह भी बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखना और निर्धारित सुरक्षा मानकों व आपदा प्रबंधन गाइडलाइन का पालन करते हुए त्वरित कार्रवाई करना जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोक सकता है। इस दौरान आपातकालीन निकासी (इवैक्यूएशन) की पूरी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर सभी कर्मचारी बिना किसी भ्रम के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित करना अत्यंत आवश्यक है। इससे कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ती है, आपदा के समय समन्वित तरीके से कार्य करने की क्षमता विकसित होती है और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर ऐसे अभ्यास आयोजित किए जाएंगे जिससे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। इस मॉक ड्रिल में फायर ब्रिगेड विभाग से चंद्रशेखर यादव, फायर नोडल अधिकारी डॉ. चरक सांगवान, इमरजेंसी प्रभारी डॉ. शैलेंद्र सिंह सहित मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी और सुरक्षा कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की।4
- जालौन जिले के माधोगढ़ स्थित रामपुरा नगर में रविवार को निस्वार्थ जन सेवा फाउंडेशन द्वारा एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। संस्था के संरक्षक केश्वेन्द्र सिंह जूदेव (राजा साहब), मुख्य अतिथि एम.पी. सिंह और विशिष्ट अतिथि शीतल सिंह सेंगर ने फीता काटकर इस जनकल्याणकारी शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में विभिन्न रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लगभग 500 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क चिकित्सीय परामर्श, आवश्यक जांच और दवाइयाँ उपलब्ध कराईं। चिकित्सकों की टीम में डॉ. रस कुमार, डॉ. हरेन्द्र सिंह, डॉ. अंकुर शुक्ला, डॉ. राधवेन्द्र सिंह, जे.पी. राजपूत, डॉ. पी. कुमार, सत्येन्द्र कुमार और प्रवीण कुमार शामिल थे। इसी के साथ आयोजित रक्तदान शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मानव सेवा का संदेश दिया, जिनमें शीतल सिंह सेंगर, अरविन्द भदौरिया, मानवेन्द्र सिंह, हेमन्त प्रताप सिंह, अंकुर मिश्रा, उमेश सिंह, आकाश भदौरिया, अर्पित भदौरिया, राकेश महेश्वरी, विनीता महेश्वरी, हर्ष गुप्ता और मयंक चक्रवर्ती प्रमुख रक्तदाता रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था के पुनीत तिवारी, हेमन्त सिंह, केशव सिंह राजावत, सुगम द्विवेदी, रोहित राठौर, मनीष मोनस, मनीष गुबरेले, उदय प्रताप सिंह, आशाराम (बापू) सहित अनेक स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना तथा लोगों में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने शिविर को सफल बनाने वाले सभी चिकित्सकों, रक्तदाताओं, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितैषी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।4
- जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र में यमुना नदी में एक बुजुर्ग का शव तैरता हुआ मिला है। जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग अपनी बाइक से घर से निकले थे। ग्रामीणों ने यमुना किनारे जुहीखा पुल पर एक बाइक, कपड़े और एक डायरी पड़ी हुई देखी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घटनास्थल से लगभग 2 किलोमीटर दूर यमुना नदी से बुजुर्ग का शव बरामद किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- उत्तर प्रदेश, जो कभी कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और 'बीमारू' राज्य की छवि के कारण निवेश की होड़ में पीछे था, अब तेजी से देश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बड़े औद्योगिक निवेशों के चलते राज्य की पहचान में बदलाव आ रहा है, जिससे यह देश के नए ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में पहचान बना रहा है। राज्य में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क, निर्माणाधीन जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी, जिसके लिए सड़क, हवाई और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार नई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति में और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। हालांकि, विकास के इन दावों के साथ-साथ रोजगार सृजन, निवेश के वास्तविक क्रियान्वयन और परियोजनाओं के समय पर पूरा होने जैसे पहलुओं पर भी सभी की नजर बनी हुई है, ऐसे में इस विकास मॉडल की वास्तविक सफलता आने वाले समय में परखी जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक युवक उस समय घायल हो गया, जब उसकी बाइक एक पुलिया पर फिसल गई। यह हादसा युवक के ससुराल से लौटते समय हुआ।1