रविवार को जालौन के कोंच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अंतर्गत सघन पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन नगर के 35 बूथों सहित सीएचसी और कमला नेहरू इंटर कॉलेज जैसे निर्धारित केंद्रों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन बूथों पर बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का श्रीगणेश किया। कोंच स्थित बूथ पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत पटेल ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया और अभिभावकों से अपने सभी छोटे बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल शाक्य ने नगर के विभिन्न पोलियो बूथों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के तहत कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। डॉ. शाक्य ने आगे बताया कि 29 जून से 3 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो किसी कारणवश पहले बूथों तक नहीं पहुंच सके थे। इस चरण में ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों और प्रवासी परिवारों के बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि सभी बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कोंच नगर में अभियान के सफल संचालन के लिए कुल 35 पोलियो बूथ, 37 टीमें और 9 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा पोलियो रोधी दवा से वंचित न रहे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दीपू पेंटर, सुरजीत, अनुराधा, दीपक, पवन कुमार, मुकेश कुमार, आराधना दीक्षित, सुपरवाइजर सुशील चतुर्वेदी, पवन, अमर सिंह, अजय झा, रामनारायण, के.के. भार्गव तथा डॉ. देव कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान को लेकर अभिभावकों में भी उल्लेखनीय उत्साह देखा गया।
रविवार को जालौन के कोंच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अंतर्गत सघन पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन नगर के 35 बूथों सहित सीएचसी और कमला नेहरू इंटर कॉलेज जैसे निर्धारित केंद्रों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इन बूथों पर बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का श्रीगणेश किया। कोंच स्थित बूथ पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) हेमंत पटेल ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया और अभिभावकों से अपने सभी छोटे बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की, ताकि उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल शाक्य ने नगर के विभिन्न पोलियो बूथों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान के तहत कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। डॉ. शाक्य ने आगे बताया कि 29 जून से 3 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी, जो किसी कारणवश पहले बूथों तक नहीं पहुंच सके थे। इस चरण में ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों और प्रवासी परिवारों के बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि सभी बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कोंच नगर में अभियान के सफल संचालन के लिए कुल 35 पोलियो बूथ, 37 टीमें और 9 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य लक्ष्य है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा पोलियो रोधी दवा से वंचित न रहे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दीपू पेंटर, सुरजीत, अनुराधा, दीपक, पवन कुमार, मुकेश कुमार, आराधना दीक्षित, सुपरवाइजर सुशील चतुर्वेदी, पवन, अमर सिंह, अजय झा, रामनारायण, के.के. भार्गव तथा डॉ. देव कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान को लेकर अभिभावकों में भी उल्लेखनीय उत्साह देखा गया।
- जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेल नगर में एक 22 वर्षीय विवाहिता महक को कथित रूप से मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का मामला सामने आया है। यह घटना 21 जून की शाम की है, जब महक संदिग्ध परिस्थितियों में आग से गंभीर रूप से झुलस गई थी। घायल महिला ने उपचार के दौरान अपने पति पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। वर्तमान में उसका उपचार ग्वालियर के एक अस्पताल में चल रहा है, जहाँ चिकित्सकों की टीम उसकी हालत पर लगातार निगरानी रख रही है। इस मामले में पुलिस ने रविवार दोपहर 12 बजे एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता के पिता किशुन कुमार, जो ग्राम सुलखना के निवासी हैं, की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति हरीकिशुन, ससुर पुनू, सास मीना और ननद के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इन सभी पर हत्या के प्रयास और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। सभी आरोपी नया पटेल नगर, बाबू पैलेस के निकट के निवासी बताए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश बहादुर सिंह के निर्देशन में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति हरीकिशुन को शनिवार को ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का दावा किया है।1
- जालौन जनपद के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में किसी भी आकस्मिक अग्निकांड या आपदा की स्थिति में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की तैयारियों का आकलन करना तथा उन्हें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान मेडिकल कॉलेज परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। सूचना मिलते ही फायर सेफ्टी टीम, सुरक्षा कर्मी और मेडिकल स्टाफ तत्काल सक्रिय हो गए और आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, वार्डों को खाली कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों का सफल प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) के सही और प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई, साथ ही आग लगने की विभिन्न परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया गया। फायर सेफ्टी टीम ने यह भी बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम बनाए रखना और निर्धारित सुरक्षा मानकों व आपदा प्रबंधन गाइडलाइन का पालन करते हुए त्वरित कार्रवाई करना जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोक सकता है। इस दौरान आपातकालीन निकासी (इवैक्यूएशन) की पूरी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर सभी कर्मचारी बिना किसी भ्रम के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित करना अत्यंत आवश्यक है। इससे कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ती है, आपदा के समय समन्वित तरीके से कार्य करने की क्षमता विकसित होती है और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर ऐसे अभ्यास आयोजित किए जाएंगे जिससे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। इस मॉक ड्रिल में फायर ब्रिगेड विभाग से चंद्रशेखर यादव, फायर नोडल अधिकारी डॉ. चरक सांगवान, इमरजेंसी प्रभारी डॉ. शैलेंद्र सिंह सहित मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारी और सुरक्षा कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की।4
- उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान, अस्पताल परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को राहत एवं बचाव कार्यों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। फायर सेफ्टी टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, साथ ही अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग और सुरक्षा मानकों के पालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह मॉक ड्रिल मेडिकल कॉलेज की आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने और सभी कर्मचारियों को किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करने के लिए आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में फायर ब्रिगेड के चंद्रशेखर यादव, फायर नोडल अधिकारी डॉ. चरक सांगवान और इमरजेंसी प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।3
- उत्तर प्रदेश, जो कभी कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और 'बीमारू' राज्य की छवि के कारण निवेश की होड़ में पीछे था, अब तेजी से देश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बड़े औद्योगिक निवेशों के चलते राज्य की पहचान में बदलाव आ रहा है, जिससे यह देश के नए ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप में पहचान बना रहा है। राज्य में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क, निर्माणाधीन जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी, जिसके लिए सड़क, हवाई और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार नई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति में और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। हालांकि, विकास के इन दावों के साथ-साथ रोजगार सृजन, निवेश के वास्तविक क्रियान्वयन और परियोजनाओं के समय पर पूरा होने जैसे पहलुओं पर भी सभी की नजर बनी हुई है, ऐसे में इस विकास मॉडल की वास्तविक सफलता आने वाले समय में परखी जाएगी।1
- जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र से आज एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। यह भव्य यात्रा नगर क्षेत्र के द्वारिका धीष मंदिर से शुरू हुई और विभिन्न स्थानों से होती हुई गुजरी।3
- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक युवक उस समय घायल हो गया, जब उसकी बाइक एक पुलिया पर फिसल गई। यह हादसा युवक के ससुराल से लौटते समय हुआ।1
- जालौन जिले के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत घिलोर में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है। रविवार सुबह ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने बताया कि सर्वे और जांच के दौरान अधिकारियों ने पात्र लोगों को योजना से वंचित कर दिया। इसके विपरीत, अपात्र लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए कथित तौर पर दूसरों के मकानों के सामने खड़ा कर उनकी तस्वीरें खींची गईं और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में कई परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं, फिर भी उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला। आरोप है कि जांच अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति की अनदेखी करते हुए पात्र लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। गाँव की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में कल्पना देवी पत्नी मंगल सिंह, गीता देवी पत्नी अवधेश और रागिनी देवी पत्नी वृज बिहारी सहित कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें बिना उचित कारण के अपात्र घोषित किया गया। इस दौरान कल्पना देवी, गीता देवी, रागिनी, सगुना, गेंदा रानी, पिंकी देवी, रेखा देवी और प्रियंका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, साथ ही वास्तविक पात्र परिवारों के नाम आवास योजना की सूची में शामिल कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।1
- जनपद जालौन के जगम्मनपुर क्षेत्र स्थित जुहीखा पुल से लापता हुए एक व्यापारी का शव रविवार सुबह यमुना नदी से बरामद किया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान ग्राम भोजपुरा, थाना कुठौंद, जनपद जालौन निवासी राजू पटवा पुत्र बाबूराम के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए उरई भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, राजू शनिवार 27 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे, जिसकी गुमशुदगी कुठौंद थाने में दर्ज कराई गई थी। उनकी तलाश के दौरान, जगम्मनपुर क्षेत्र के जुहीखा पुल पर उनकी बाइक, कपड़े और एक डायरी लावारिस हालत में मिली थी। इन सामानों के मिलने के बाद आशंका जताई गई थी कि उन्होंने यमुना नदी में छलांग लगा दी है, जो अब सच साबित हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने नदी में व्यापक खोज अभियान चलाया। रविवार 28 जून की सुबह, घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर हिम्मतपुर और गुड़ा के बीच स्थित दमगढ़ पथरी के पास यमुना नदी में उनका शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही जगम्मनपुर चौकी प्रभारी पंकज कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी कराई। शव मिलने की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।4
- जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पचोखरा में रविवार दोपहर बिजली के शॉर्ट सर्किट से एक मकान में आग लग गई। इस अग्निकांड में घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया, हालांकि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ग्राम पचोखरा निवासी मकबूल खान पुत्र जमाल खान के घर में बिजली के तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से यह आग लगी। मकान से धुआं उठता देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और घर की महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से दमकल कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। गृहस्वामी मकबूल खान ने बताया कि आग में उनका फ्रिज, कूलर, कपड़े और अनाज समेत गृहस्थी का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया है, जिससे उन्हें करीब ₹5 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश ने भी आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को भेजने और समय रहते आग पर काबू पाने की पुष्टि करते हुए किसी प्रकार की जनहानि न होने की जानकारी दी।1