जालौन जिले के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत घिलोर में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है। रविवार सुबह ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने बताया कि सर्वे और जांच के दौरान अधिकारियों ने पात्र लोगों को योजना से वंचित कर दिया। इसके विपरीत, अपात्र लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए कथित तौर पर दूसरों के मकानों के सामने खड़ा कर उनकी तस्वीरें खींची गईं और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में कई परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं, फिर भी उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला। आरोप है कि जांच अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति की अनदेखी करते हुए पात्र लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। गाँव की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में कल्पना देवी पत्नी मंगल सिंह, गीता देवी पत्नी अवधेश और रागिनी देवी पत्नी वृज बिहारी सहित कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें बिना उचित कारण के अपात्र घोषित किया गया। इस दौरान कल्पना देवी, गीता देवी, रागिनी, सगुना, गेंदा रानी, पिंकी देवी, रेखा देवी और प्रियंका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, साथ ही वास्तविक पात्र परिवारों के नाम आवास योजना की सूची में शामिल कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।
जालौन जिले के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत घिलोर में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है। रविवार सुबह ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने बताया कि सर्वे और जांच के दौरान अधिकारियों ने पात्र लोगों को योजना से वंचित कर दिया। इसके विपरीत, अपात्र लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए कथित तौर पर दूसरों के मकानों के सामने खड़ा कर उनकी तस्वीरें खींची गईं और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में कई परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं, फिर भी उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला। आरोप है कि जांच अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति की अनदेखी करते हुए पात्र लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। गाँव की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में कल्पना देवी पत्नी मंगल सिंह, गीता देवी पत्नी अवधेश और रागिनी देवी पत्नी वृज बिहारी सहित कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें बिना उचित कारण के अपात्र घोषित किया गया। इस दौरान कल्पना देवी, गीता देवी, रागिनी, सगुना, गेंदा रानी, पिंकी देवी, रेखा देवी और प्रियंका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, साथ ही वास्तविक पात्र परिवारों के नाम आवास योजना की सूची में शामिल कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।
- जालौन जिले के कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नया पटेल नगर में एक 22 वर्षीय विवाहिता महक को कथित रूप से मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का मामला सामने आया है। यह घटना 21 जून की शाम की है, जब महक संदिग्ध परिस्थितियों में आग से गंभीर रूप से झुलस गई थी। घायल महिला ने उपचार के दौरान अपने पति पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। वर्तमान में उसका उपचार ग्वालियर के एक अस्पताल में चल रहा है, जहाँ चिकित्सकों की टीम उसकी हालत पर लगातार निगरानी रख रही है। इस मामले में पुलिस ने रविवार दोपहर 12 बजे एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता के पिता किशुन कुमार, जो ग्राम सुलखना के निवासी हैं, की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति हरीकिशुन, ससुर पुनू, सास मीना और ननद के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इन सभी पर हत्या के प्रयास और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। सभी आरोपी नया पटेल नगर, बाबू पैलेस के निकट के निवासी बताए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश बहादुर सिंह के निर्देशन में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति हरीकिशुन को शनिवार को ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों ने जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का दावा किया है।1
- जनपद जालौन के जगम्मनपुर क्षेत्र स्थित जुहीखा पुल से लापता हुए एक व्यापारी का शव रविवार सुबह यमुना नदी से बरामद किया गया, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान ग्राम भोजपुरा, थाना कुठौंद, जनपद जालौन निवासी राजू पटवा पुत्र बाबूराम के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए उरई भेज दिया है। परिजनों के अनुसार, राजू शनिवार 27 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे, जिसकी गुमशुदगी कुठौंद थाने में दर्ज कराई गई थी। उनकी तलाश के दौरान, जगम्मनपुर क्षेत्र के जुहीखा पुल पर उनकी बाइक, कपड़े और एक डायरी लावारिस हालत में मिली थी। इन सामानों के मिलने के बाद आशंका जताई गई थी कि उन्होंने यमुना नदी में छलांग लगा दी है, जो अब सच साबित हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने नदी में व्यापक खोज अभियान चलाया। रविवार 28 जून की सुबह, घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर हिम्मतपुर और गुड़ा के बीच स्थित दमगढ़ पथरी के पास यमुना नदी में उनका शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही जगम्मनपुर चौकी प्रभारी पंकज कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी कराई। शव मिलने की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया है, वहीं क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी। फिलहाल, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।4
- उरई के राजकीय मेडिकल कॉलेज में रविवार को अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान, अस्पताल परिसर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई, जिसमें चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को राहत एवं बचाव कार्यों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। फायर सेफ्टी टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने, मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया, साथ ही अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग और सुरक्षा मानकों के पालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह मॉक ड्रिल मेडिकल कॉलेज की आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने और सभी कर्मचारियों को किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करने के लिए आयोजित की गई थी। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में फायर ब्रिगेड के चंद्रशेखर यादव, फायर नोडल अधिकारी डॉ. चरक सांगवान और इमरजेंसी प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।3
- जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र से आज एक दर्जन से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। यह भव्य यात्रा नगर क्षेत्र के द्वारिका धीष मंदिर से शुरू हुई और विभिन्न स्थानों से होती हुई गुजरी।3
- उत्तर प्रदेश के जालौन में बकरी चोरों और पुलिस के बीच मुठभेड़ की घटना सामने आई है। इस मुठभेड़ के दौरान, पुलिस ने एक आरोपी को घायल कर दिया, जबकि दूसरे आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। यह रिपोर्ट जीशान राईन द्वारा फाइल की गई है।1
- जालौन जिले के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत घिलोर में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगा है। रविवार सुबह ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं ने बताया कि सर्वे और जांच के दौरान अधिकारियों ने पात्र लोगों को योजना से वंचित कर दिया। इसके विपरीत, अपात्र लोगों को लाभ पहुँचाने के लिए कथित तौर पर दूसरों के मकानों के सामने खड़ा कर उनकी तस्वीरें खींची गईं और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव में कई परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं, फिर भी उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला। आरोप है कि जांच अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति की अनदेखी करते हुए पात्र लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। गाँव की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में कल्पना देवी पत्नी मंगल सिंह, गीता देवी पत्नी अवधेश और रागिनी देवी पत्नी वृज बिहारी सहित कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें बिना उचित कारण के अपात्र घोषित किया गया। इस दौरान कल्पना देवी, गीता देवी, रागिनी, सगुना, गेंदा रानी, पिंकी देवी, रेखा देवी और प्रियंका सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, साथ ही वास्तविक पात्र परिवारों के नाम आवास योजना की सूची में शामिल कर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए।1
- जालौन जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पचोखरा में रविवार दोपहर बिजली के शॉर्ट सर्किट से एक मकान में आग लग गई। इस अग्निकांड में घर में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया, हालांकि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ग्राम पचोखरा निवासी मकबूल खान पुत्र जमाल खान के घर में बिजली के तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से यह आग लगी। मकान से धुआं उठता देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और घर की महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से दमकल कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया। गृहस्वामी मकबूल खान ने बताया कि आग में उनका फ्रिज, कूलर, कपड़े और अनाज समेत गृहस्थी का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया है, जिससे उन्हें करीब ₹5 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश ने भी आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को भेजने और समय रहते आग पर काबू पाने की पुष्टि करते हुए किसी प्रकार की जनहानि न होने की जानकारी दी।1