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इस बार सेब की स्थिति हिमाचल में कैसी है सेब किस-किस के लगे हैं कमेंट में जरूर बताएं लाइक शेयर और फॉलो जरूर करें
ऋतिक बरागटा
इस बार सेब की स्थिति हिमाचल में कैसी है सेब किस-किस के लगे हैं कमेंट में जरूर बताएं लाइक शेयर और फॉलो जरूर करें
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- जानबूझ कर जंगल में लगाई आग तो होगी सीधी जेल, हिमाचल में 15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू | आग पर काबू पाने के लिए मंडी में त्वरित प्रतिक्रिया दल सहित विभिन्न टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ क्षेत्रों में तैनात | जनवरी फरवरी में अभियान चलाकर पहले ही ज्वलनशील चलारू को समेट दिया है विभाग ने, जनता को भी किया गया है जागरूक | डीएफओ वन मंडल मंडी वासु डोगर ने आगजनी की घटना होने पर तुरंत विभाग को सूचित करने की, की अपील |1
- आईजीएमसी में कर्मचारियों को चेंजिंग रूम तक की सुविधा नहीं तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कहाँ रिपोर्ट करें इसको लेकर भी कोई आदेश नही.. मनोज शर्मा, एनजीओ अध्यक्ष केएनएच अस्पताल2
- रेलवे स्टेशन पर RPF जवान की हरकत कैमरे में कैद, किन्नर को सबके सामने मारा थप्पड़, वीडियो वायरल।.1
- विधायक सुरेश चौहान ने जिला अस्पताल उत्तरकाशी को दो और नयी डायलिसिस मशीन की सौगात दी जिनकी संख्या अब बढ़कर 8 (आठ) हुई।उत्तरकाशी जिला अस्पताल में अभी तक कोई डायलिसिस सेंटर ना होने के चलते किडनी के मरीजों को देहरादून ऋषिकेश जेसे बड़े अस्पताल में अपना इलाज कराना पड़ता था जिसमें उनको भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. जिला मुख्यालय में डायलिसिस सुविधा ना होने के चलते कई लोगों को किराए पर कमरा लेकर अपना इलाज कराना पड़ता था और कई लोग एक हफ्ते में दो- दो चक्कर लगाते थे जिससे इन परिवारों को आर्थिक बोझ के साथ साथ समय की बरबादी का सामना करना पड़ता था। विधायक सुरेश चौहान ने बताया कि जब मैं 2022 में चुनाव जीता तो मैं देहरादून एवं ऋषिकेश के अस्पतालों में गया जहां बडी संख्या में उत्तरकाशी जनपद के कई मरीजों से मुलाकात हुई तब मैंने संकल्प लेकर अपने जनपद में डायलिसिस केंद्र होने के दिशा में काम करना शुरू किया.साथ ही गंगोत्री विधायक ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का और हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले महाराज व मंगला माता का जिन्होंने उन सभी मरीजों की समस्या को समझा और उनके द्वारा पहले साल दो मशीनें लगाई गई, उसके बाद चार अन्य मशीनें लगाई जिनकी संख्या 6 हुई लेकिन 113 लोगों की संख्या होने पर डायलिसिस मशीनें कम पड़ी जिसके लिए हमने बढ़ाने का प्रयास किया और आज दो और मशीन की सौगात के साथ कुलमिलाकर 8 आठ मशीनें लग चुकी है और इन सभी मशीनों से लगभग 113.115 लोगों का सचल डायलिसिस निरंतर किया जायेगा। वहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों ने विधायक सुरेश चौहान का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह हमारे लिए संजीवनी है हम पहले देहरादून ऋषिकेश जेसे शहरों में जगह जगह भटकते थे.फिर भी नम्बर नहीं आता था लेकिन विधायक के प्रयासों से पहली बार उत्तरकाशी में डायलिसिस मशीनें मिली और आज हम खुश हैं कि हमारे नजदीकी अस्पताल उपचार चल रहा है और हम खुश हैं। इस मौके पर विधायक सुरेश चौहान ने एक एक मरीजों के पास जाकर उनकी कुशल-क्षेम ली और उनकी स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए मरीजों का ढांढस बंधाया। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी अधिकारी डॉ नागेन्द्र रावत , प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रेम पोखरियाल, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश भंडारी, धर्मेंद्र पंवार, प्रदीप राणा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।4
- सदर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हवान केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला में 10 लाख रुपये की लागत से नए स्कूल भवन व आधुनिक हॉल का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसकी पहली किस्त घुमारवीं स्थित हिमुडा कार्यालय भेज दी गई है। यह जानकारी हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल ने क्षेत्र दौरे के दौरान दी। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति की मांग पर उन्होंने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के समक्ष उठाया, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। चंदेल ने एसएमसी के साथ बैठक कर समस्याएं सुनीं और उन्होंने बच्चों के लिए आउटडोर जिम की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। उन्होंने स्कूल की पढ़ाई, अनुशासन और ड्रेस की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र का उत्कृष्ट विद्यालय बताया। एसएमसी प्रधान अनिल ने बताया करीब 100 छात्रों वाले स्कूल में केवल दो जेबीटी शिक्षक कार्यरत हैं जबकि एक जेबीटी व सीएचटी पद खाली है जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।यही नहीं पिछले 16 दिन से कक्षा तीसरी के बच्चों को होमवर्क तक नहीं मिल रहा है । चंदेल ने आश्वासन दिया कि स्टाफ की कमी जल्द दूर की जाएगी और प्रदेश सरकार शिक्षा सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्कूल प्रबंधन समिति सहित ग्रामीणों ने स्कूल भवन को मिली 10 लाख रुपए की राशि और आउटडोर जिम मिलने को लेकर मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री राजेश धर्मानी सहित जितेंद्र चंदेल का भी का आभार प्रकट किया है1
- रिपोर्ट -20 अप्रैल,बुद्धि सिंह ठाकुर। पंचायत चुनाव का दौर शुरू हो गया है सोमवार को लारजी में कांग्रेस पार्टी ने पंचायती राज संस्थाओं के लिए प्रत्याशियों की चयन के लिए एक बैठक की जिसमें जिला परिषद बार्ड खाड़ागाड़ से भावना चौहान को कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बनाया गया है1
- पंचकूला मेयर टिकट फाइनल होने के बाद अजय गौतम ने क्या कहा1
- 50 साल तक टालती रही कांग्रेस, मोदी सरकार ने दिया 33% आरक्षण का रास्ता : डॉ जितेंद्र सिंह महिलाओं के मुद्दे पर विपक्ष ने किया विश्वासघात—INDI गठबंधन ने रोका ऐतिहासिक कानून : डॉ जितेंद्र सिंह “‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ कहने वाली प्रियंका गांधी ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई क्यों छोड़ी?” : सरोज पांडे शिमला, 18 अप्रैल 2026: केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और देश में महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बनाया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है। उन्होंने 15 अगस्त 2014 के प्रधानमंत्री के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि लाल किले से शौचालय निर्माण की बात करना एक क्रांतिकारी सोच थी, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता आई और महिलाओं को सम्मानजनक जीवन मिला। डॉ. जितेंद्र सिंह ने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई और उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घंटों चूल्हे के धुएं में काम करती थीं, जबकि अब वे समय बचाकर स्वरोजगार और अन्य गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की क्षमता पहले भी मौजूद थी, लेकिन उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाए थे। मोदी सरकार ने नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वह अवसर प्रदान किया, जिसका परिणाम आज सिविल सेवाओं, तकनीकी शिक्षा, शोध और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रही हैं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग थी और मोदी सरकार ने इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस ऐतिहासिक पहल को बाधित करने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार ने ठोस समाधान प्रस्तुत किया, तब विपक्ष ने विभिन्न बहानों और तकनीकी मुद्दों का सहारा लेकर इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपने संगठन में पहले ही महिलाओं को 33 प्रतिशत से अधिक भागीदारी दी है, जबकि कांग्रेस आज तक अपने संगठन में भी इसे लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं को अवसर नहीं, बल्कि परिवारवाद के आधार पर सीमित स्थान मिलता है, जबकि भाजपा में मेरिट के आधार पर महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर जागरूक हैं और आने वाले समय में यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल को स्वीकार नहीं करेगी। इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब उन्हें अधिकार देने का अवसर आया, तो कांग्रेस पीछे हट गई। उन्होंने प्रियंका गांधी के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सबसे बड़ी लड़ाई के समय यह नारा कहीं नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि संसद में बिल गिरने के बाद विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है और यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और आगे भी इस दिशा में कार्य करती रहेगी। अंत में भाजपा नेताओं ने कहा कि एक ओर मोदी सरकार है, जिसने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस नीतियां और अवसर दिए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस है, जिसने हर बार महिलाओं के अधिकारों को टालने और रोकने का काम किया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस अंतर को समझती हैं और आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब देंगी।2