नौहट्टा प्रखंड मुख्यालय मार्ग पर जलजमाव से राहगीर परेशान, वार्ड सदस्य पर लगा मनमानी का आरोप नौहट्टा प्रखंड के खरका तेलवा (वार्ड नंबर 5) में इन दिनों जलजमाव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण स्थानीय ग्रामीणों सहित राहगीरों का पैदल चलना भी दुर्लभ हो गया है। इस समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ग्रामीण रंजीत शाह, जगन्नाथ प्रसाद सिंह और जितेंद्र गुप्ता ने वार्ड नंबर 5 की वार्ड सदस्य मीरा देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड सदस्य के घर के नलकूप का गंदा पानी बिना किसी निकासी व्यवस्था के सीधे मुख्य सड़क पर बहाया जा रहा है। नियमित रूप से पानी बहने के कारण सड़क ने नाले का रूप ले लिया है। कीचड़ और जलजमाव की वजह से आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं और दुर्गंध से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया हैँ ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यालय मार्ग होने के कारण यहाँ से सैकड़ों लोगों का रोज आना-जाना होता है, लेकिन एक जनप्रतिनिधि की लापरवाही का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर जल निकासी की व्यवस्था करने तथा आरोपी वार्ड सदस्य पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
नौहट्टा प्रखंड मुख्यालय मार्ग पर जलजमाव से राहगीर परेशान, वार्ड सदस्य पर लगा मनमानी का आरोप नौहट्टा प्रखंड के खरका तेलवा (वार्ड नंबर 5) में इन दिनों जलजमाव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण स्थानीय ग्रामीणों सहित राहगीरों का पैदल चलना भी दुर्लभ हो गया है। इस समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ग्रामीण रंजीत शाह, जगन्नाथ प्रसाद सिंह और जितेंद्र गुप्ता ने वार्ड नंबर 5 की वार्ड सदस्य मीरा देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड सदस्य के घर के नलकूप का गंदा पानी बिना किसी निकासी व्यवस्था के सीधे मुख्य सड़क पर बहाया जा रहा है। नियमित रूप से पानी बहने के कारण सड़क ने नाले का रूप ले लिया है। कीचड़ और जलजमाव की वजह से आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं और दुर्गंध से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया हैँ ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यालय मार्ग होने के कारण यहाँ से सैकड़ों लोगों का रोज आना-जाना होता है, लेकिन एक जनप्रतिनिधि की लापरवाही का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर जल निकासी की व्यवस्था करने तथा आरोपी वार्ड सदस्य पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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- नमस्कार मैं मिथिलेश कुमार हाजिर हूं आज के मुख्य खबर के साथ। खबर है सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के अजगेबा पंचायत से जहां मुखिया डेजी देवी और मुखिया प्रतिनिधि विजेन्द्र यादव ने पूरे पंचायत में प्रचार करवाकर सोमवार को मध्य विद्यालय जीवछपुर में फसल क्षति मुबावजे को लेकर शिविर आयोजित किया । इसको लेकर मुखिया प्रतिनिधि विजेन्द्र यादव ने बताया की पंचायत वासियों को फसल क्षति मुबावजे को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए कृषि कॉर्डिनेटर अशोक पासवान के साथ शिविर का आयोजन किया गया है। इस प्रकार का पहल सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र में शायद पहली बार देखा जा रहा है जो किसी सरकारी सुविधा प्राप्त करने के लिए बिना किसी भेदभाव के सभी को समुचित लाभ मिल सके वरना सरकारी सुविधा प्राप्त करने के लिए बिचौलिया का सहारा लेना पड़ता है।1
- Post by RANJEET YADAV1
- Post by Ram Chandra Kumar1
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- Post by Phulparas tak1
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- नमस्कार मैं मिथिलेश कुमार हाजिर हूं आपके बीच एक अहम मुद्दे को लेकर। प्रकृति की मार अगर कोई झेल सकता है तो वो है किसान। जैसा की आप सभी जानते हैं की इस बार किसानों को लगातार प्रकृति की मार झेलनी पड़ी जिसमें अब तक किसान के धान का फसल हाल में आई आंधी तूफान से गेहूं और मक्का का फसल बर्बाद हो गया और अब जिस फसल को लेकर किसान को उम्मीद थी की नगदी फसल मूंग से सभी प्रकार की परेशानी दूर हो जाएगी मगर इस बार भी किसान के उम्मीदों पर पानी फेर गया है क्योंकि लगातार बारिश के कारण खेतों में लगा मूंग का फसल भी सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों के किसान का बर्बाद हो गया है। इस तरह से देखा जाए तो इस वर्ष किसानों को भारी क्षति हुई है। ऐसे में जो किसान केवल खेती पर निर्भर होकर अपना जीविका चलाते हैं आप भी सोच सकते हैं की उनका परिवार कैसे चलता होगा। कई सदी बीत चुके हैं और कई सरकार आई और गई मगर किसी ने अब तक किसानों के हालात पर तरस खाकर कोई तीस पहल किया है। इसीलिए कहा जाता है की जहां किसान है वहीं स्वर्ग है क्योंकि जिस मिट्टी की वे सेवा करते हैं उसकी सुगंध ही उसके लिए स्वर्ग है। वैसे भी किसान अन्नदाता कहे जाते हैं जो अपने खून और पसीने की मेहनत से सभी लोगों तक अन्न पहुंचाते है तभी जाकर हर किसी का पेट भरता है।1
- Post by Ram Chandra Kumar1