**आंधी से बिजली लाइन (Power Line) को नुकसान** — ये बिहार में आम समस्या है। तेज आंधी-तूफान में पेड़ गिरने, तार टूटने या खंभे झुकने से बिजली लाइन खराब हो जाती है। ### क्या करें अगर आपकी लाइन प्रभावित हो? 1. **बिजली विभाग को शिकायत करें**: - **Bihar Electricity** या अपने Discom (NBPDCL / SBPDCL) के हेल्पलाइन पर कॉल करें। - मुख्य नंबर: **1912** (बिजली शिकायत हेल्पलाइन)। - ऐप: **Bihar Bijli** या **Vidyut Sahayogi** ऐप से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। - लोकल एरिया इलेक्ट्रिक ऑफिस या लाइनमैन को बताएं। 2. **शिकायत के समय ये बताएं**: - पोल नंबर (Pole No.) - गांव/मोहल्ला/लैंडमार्क - क्या हुआ — पेड़ गिरा, तार टूटा, आग लगी आदि। - फोटो/वीडियो भेजें तो जल्दी काम होता है। 3. **नुकसान की भरपाई (Compensation)**: - अगर घरेलू संपत्ति (मीटर, वायरिंग) को नुकसान हुआ तो लिखित आवेदन दें। - कृषि कनेक्शन या ट्रांसफार्मर डैमेज पर भी क्लेम किया जा सकता है। - सरकारी राहत: कुछ मामलों में जिला प्रशासन या आपदा विभाग से मदद मिलती है (आंधी को प्राकृतिक आपदा माना जाता है)। ### बचाव के उपाय (Prevention): - आस-पास के सूखे/ढीले पेड़ कटवाएं। - घर की वायरिंग चेक करवाएं। - आंधी आने पर मुख्य स्विच ऑफ रखें। अगर आप **पटना या बिहार** के किसी खास इलाके से हैं तो ज्यादा डिटेल बताएं — मैं सटीक हेल्पलाइन या न्यूज बता सकत
**आंधी से बिजली लाइन (Power Line) को नुकसान** — ये बिहार में आम समस्या है। तेज आंधी-तूफान में पेड़ गिरने, तार टूटने या खंभे झुकने से बिजली लाइन खराब हो जाती है। ### क्या करें अगर आपकी लाइन प्रभावित हो? 1. **बिजली विभाग को शिकायत करें**: - **Bihar Electricity** या अपने Discom (NBPDCL / SBPDCL) के हेल्पलाइन पर कॉल करें। - मुख्य नंबर: **1912** (बिजली शिकायत हेल्पलाइन)। - ऐप: **Bihar Bijli** या **Vidyut Sahayogi** ऐप से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। - लोकल एरिया इलेक्ट्रिक ऑफिस या लाइनमैन को बताएं। 2. **शिकायत के समय ये बताएं**: - पोल नंबर (Pole No.) - गांव/मोहल्ला/लैंडमार्क - क्या हुआ — पेड़ गिरा, तार टूटा, आग लगी आदि। - फोटो/वीडियो भेजें तो जल्दी काम होता है। 3. **नुकसान की भरपाई (Compensation)**: - अगर घरेलू संपत्ति (मीटर, वायरिंग) को नुकसान हुआ तो लिखित आवेदन दें। - कृषि कनेक्शन या ट्रांसफार्मर डैमेज पर भी क्लेम किया जा सकता है। - सरकारी राहत: कुछ मामलों में जिला प्रशासन या आपदा विभाग से मदद मिलती है (आंधी को प्राकृतिक आपदा माना जाता है)। ### बचाव के उपाय (Prevention): - आस-पास के सूखे/ढीले पेड़ कटवाएं। - घर की वायरिंग चेक करवाएं। - आंधी आने पर मुख्य स्विच ऑफ रखें। अगर आप **पटना या बिहार** के किसी खास इलाके से हैं तो ज्यादा डिटेल बताएं — मैं सटीक हेल्पलाइन या न्यूज बता सकत
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- नौहट्टा प्रखंड के खरका तेलवा (वार्ड नंबर 5) में इन दिनों जलजमाव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर घुटनों तक भरे गंदे पानी और कीचड़ के कारण स्थानीय ग्रामीणों सहित राहगीरों का पैदल चलना भी दुर्लभ हो गया है। इस समस्या को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। ग्रामीण रंजीत शाह, जगन्नाथ प्रसाद सिंह और जितेंद्र गुप्ता ने वार्ड नंबर 5 की वार्ड सदस्य मीरा देवी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वार्ड सदस्य के घर के नलकूप का गंदा पानी बिना किसी निकासी व्यवस्था के सीधे मुख्य सड़क पर बहाया जा रहा है। नियमित रूप से पानी बहने के कारण सड़क ने नाले का रूप ले लिया है। कीचड़ और जलजमाव की वजह से आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं और दुर्गंध से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया हैँ ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यालय मार्ग होने के कारण यहाँ से सैकड़ों लोगों का रोज आना-जाना होता है, लेकिन एक जनप्रतिनिधि की लापरवाही का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर जल निकासी की व्यवस्था करने तथा आरोपी वार्ड सदस्य पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।1
- Post by Pawan Mahto Reporter1
- hamara Gali kab se kharab hai nahin banaa raha hai koi bhi1
- Post by Rahul kumar1
- छातापुर के भीमपुर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने खुद पीछा कर एक संदिग्ध मवेशी लदे ट्रक को पकड़ लिया,ट्रक में करीब 40 मवेशी होने की बात सामने आ रही है। हैरानी की बात यह है कि ट्रक कई थाना क्षेत्रों से गुजरता रहा,लेकिन कहीं भी पुलिस ने रोकने की कोशिश नहीं की, ट्रक रुकते ही चालक समेत 3 लोग मौके से फरार हो गए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची,अब सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों हुई ? पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है1
- मधुबनी जिला में आंधी तूफान और तेज बारिश8
- कलुआही थाना क्षेत्र के मलमल गांव से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां रिश्तों को तार-तार करते हुए बहू ने अपनी सास की हत्या कर दी।1
- नौहट्टा सरकार द्वारा लाखों की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण इसलिए कराया जाता है ताकि ग्रामीणों को सार्वजनिक कार्यों, बैठकों और छोटे-मोटे आयोजनों के लिए जगह मिल सके। लेकिन नौहट्टा प्रखण्ड के मोहनपुर पंचायत (वार्ड नंबर 5) में स्थिति इसके ठीक उलट है। यहाँ का सामुदायिक भवन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सामुदायिक भवन के परिसर और कमरों में कचरे का अंबार लगा हुआ है। इतना ही नहीं, सार्वजनिक संपत्ति होने के बावजूद कुछ लोगों ने इसे अपना निजी गोदाम समझ लिया है। भवन के भीतर भारी मात्रा में जलावन और भूसा भरकर रखा गया है, जिससे यह पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं बचा है। भवन में रखे गए सूखे भूसे और जलावन के कारण यहाँ हर वक्त अगलगी (आग लगने) का खतरा बना रहता है। गंदगी की वजह से आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को दुर्गंध और बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल वार्ड नंबर 5 के निवासियों का कहना है कि सामुदायिक भवन की इस हालत की जानकारी होने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि और पंचायत प्रशासन मौन है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भवन को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। परिसर की साफ-सफाई कराकर इसे जनता के लिए बहाल किया जाए। जब सार्वजनिक भवनों का उपयोग निजी स्वार्थ के लिए होने लगे और प्रशासन आंखें मूंद ले, तो विकास की योजनाएं दम तोड़ने लगती हैं। हमें उम्मीद है कि प्रखण्ड प्रशासन इस खबर का संज्ञान लेगा।"1