सामुदायिक भवन बना 'कचरा घर' और गोदाम; मोहनपुर पंचायत के वार्ड-5 की बदहाली नौहट्टा सरकार द्वारा लाखों की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण इसलिए कराया जाता है ताकि ग्रामीणों को सार्वजनिक कार्यों, बैठकों और छोटे-मोटे आयोजनों के लिए जगह मिल सके। लेकिन नौहट्टा प्रखण्ड के मोहनपुर पंचायत (वार्ड नंबर 5) में स्थिति इसके ठीक उलट है। यहाँ का सामुदायिक भवन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सामुदायिक भवन के परिसर और कमरों में कचरे का अंबार लगा हुआ है। इतना ही नहीं, सार्वजनिक संपत्ति होने के बावजूद कुछ लोगों ने इसे अपना निजी गोदाम समझ लिया है। भवन के भीतर भारी मात्रा में जलावन और भूसा भरकर रखा गया है, जिससे यह पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं बचा है। भवन में रखे गए सूखे भूसे और जलावन के कारण यहाँ हर वक्त अगलगी (आग लगने) का खतरा बना रहता है। गंदगी की वजह से आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को दुर्गंध और बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल वार्ड नंबर 5 के निवासियों का कहना है कि सामुदायिक भवन की इस हालत की जानकारी होने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि और पंचायत प्रशासन मौन है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भवन को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। परिसर की साफ-सफाई कराकर इसे जनता के लिए बहाल किया जाए। जब सार्वजनिक भवनों का उपयोग निजी स्वार्थ के लिए होने लगे और प्रशासन आंखें मूंद ले, तो विकास की योजनाएं दम तोड़ने लगती हैं। हमें उम्मीद है कि प्रखण्ड प्रशासन इस खबर का संज्ञान लेगा।"
सामुदायिक भवन बना 'कचरा घर' और गोदाम; मोहनपुर पंचायत के वार्ड-5 की बदहाली नौहट्टा सरकार द्वारा लाखों की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण इसलिए कराया जाता है ताकि ग्रामीणों को सार्वजनिक कार्यों, बैठकों और छोटे-मोटे आयोजनों के लिए जगह मिल सके। लेकिन नौहट्टा प्रखण्ड के मोहनपुर पंचायत (वार्ड नंबर 5) में स्थिति इसके ठीक उलट है। यहाँ का सामुदायिक भवन अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, इस सामुदायिक भवन के परिसर और कमरों में कचरे का अंबार लगा हुआ है। इतना ही नहीं, सार्वजनिक संपत्ति होने के बावजूद कुछ लोगों ने इसे अपना निजी गोदाम समझ लिया है। भवन के भीतर भारी मात्रा में जलावन और भूसा भरकर रखा गया है, जिससे यह पूरी तरह उपयोग के लायक नहीं बचा है। भवन में रखे गए सूखे भूसे और जलावन के कारण यहाँ हर वक्त अगलगी (आग लगने) का खतरा बना रहता है। गंदगी की वजह से आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को दुर्गंध और बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल वार्ड नंबर 5 के निवासियों का कहना है कि सामुदायिक भवन की इस हालत की जानकारी होने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि और पंचायत प्रशासन मौन है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भवन को जल्द से जल्द अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। परिसर की साफ-सफाई कराकर इसे जनता के लिए बहाल किया जाए। जब सार्वजनिक भवनों का उपयोग निजी स्वार्थ के लिए होने लगे और प्रशासन आंखें मूंद ले, तो विकास की योजनाएं दम तोड़ने लगती हैं। हमें उम्मीद है कि प्रखण्ड प्रशासन इस खबर का संज्ञान लेगा।"
- गौड़ाबौराम में उपभोक्ताओं की गैस की हो रही कालाबाजारी से लोगो मे आक्रोश1
- नमस्कार मैं मिथिलेश कुमार हाजिर हूं आज के मुख्य खबर के साथ। खबर है सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के अजगेबा पंचायत से जहां मुखिया डेजी देवी और मुखिया प्रतिनिधि विजेन्द्र यादव ने पूरे पंचायत में प्रचार करवाकर सोमवार को मध्य विद्यालय जीवछपुर में फसल क्षति मुबावजे को लेकर शिविर आयोजित किया । इसको लेकर मुखिया प्रतिनिधि विजेन्द्र यादव ने बताया की पंचायत वासियों को फसल क्षति मुबावजे को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए कृषि कॉर्डिनेटर अशोक पासवान के साथ शिविर का आयोजन किया गया है। इस प्रकार का पहल सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र में शायद पहली बार देखा जा रहा है जो किसी सरकारी सुविधा प्राप्त करने के लिए बिना किसी भेदभाव के सभी को समुचित लाभ मिल सके वरना सरकारी सुविधा प्राप्त करने के लिए बिचौलिया का सहारा लेना पड़ता है।1
- Post by RANJEET YADAV1
- Post by Ram Chandra Kumar1
- पटना सीएम हॉस्पिटल1
- Post by Phulparas tak1
- बंगाल में भाजपा की जीत पर बिरौल में झाल मुड़ी की हुई पार्टी1
- नमस्कार मैं मिथिलेश कुमार हाजिर हूं आपके बीच एक अहम मुद्दे को लेकर। प्रकृति की मार अगर कोई झेल सकता है तो वो है किसान। जैसा की आप सभी जानते हैं की इस बार किसानों को लगातार प्रकृति की मार झेलनी पड़ी जिसमें अब तक किसान के धान का फसल हाल में आई आंधी तूफान से गेहूं और मक्का का फसल बर्बाद हो गया और अब जिस फसल को लेकर किसान को उम्मीद थी की नगदी फसल मूंग से सभी प्रकार की परेशानी दूर हो जाएगी मगर इस बार भी किसान के उम्मीदों पर पानी फेर गया है क्योंकि लगातार बारिश के कारण खेतों में लगा मूंग का फसल भी सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के कई पंचायतों के किसान का बर्बाद हो गया है। इस तरह से देखा जाए तो इस वर्ष किसानों को भारी क्षति हुई है। ऐसे में जो किसान केवल खेती पर निर्भर होकर अपना जीविका चलाते हैं आप भी सोच सकते हैं की उनका परिवार कैसे चलता होगा। कई सदी बीत चुके हैं और कई सरकार आई और गई मगर किसी ने अब तक किसानों के हालात पर तरस खाकर कोई तीस पहल किया है। इसीलिए कहा जाता है की जहां किसान है वहीं स्वर्ग है क्योंकि जिस मिट्टी की वे सेवा करते हैं उसकी सुगंध ही उसके लिए स्वर्ग है। वैसे भी किसान अन्नदाता कहे जाते हैं जो अपने खून और पसीने की मेहनत से सभी लोगों तक अन्न पहुंचाते है तभी जाकर हर किसी का पेट भरता है।1
- Post by Ram Chandra Kumar1