छिरिया सलेमपुर में सरकारी निर्माण पर बड़ा सवाल—पहले 19.43 लाख खर्च, अब उसी मरघट की फोटो लगाकर फिर लाखों की धनराशि का प्रस्ताव; रकम फिलहाल पेंडिंग 19 लाख का मरघट, साल भर भी नहीं टिका और उसी की फोटो लगाकर फिर 24.50 लाख का खेल? जनपद जालौन के जालौन ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत छिरिया सलेमपुर में सरकारी धन से बनाए गए अंत्येष्टि स्थल की हालत और सरकारी रिकॉर्ड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मरघट के निर्माण पर करीब 19.43 लाख रुपये खर्च होना दर्ज है, उसमें निर्माण के कुछ ही समय बाद दरारें दिखाई दे रही हैं। सवाल यह है कि जब निर्माण अभी नया है और उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, तो उसी मरघट की तस्वीर लगाकर दोबारा लगभग 20 से 24.50 लाख रुपये की धनराशि के लिए रिकॉर्ड क्यों तैयार किया गया? पहले 19.43 लाख खर्च, अब उसी जगह फिर लाखों का प्रस्ताव! मेरी पंचायत पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार छिरिया सलेमपुर ग्राम पंचायत में अंत्येष्टि स्थल से जुड़े निर्माण कार्य में 19,43,879 रुपये का व्यय दर्ज है, जबकि अनुमानित लागत 20 लाख रुपये दिखाई गई है। कार्य को पूर्ण भी दर्शाया गया है। लेकिन मौके पर निर्माण की स्थिति देखकर गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लैंटर के नीचे की पट्टियों और निर्माण के कुछ हिस्सों में दरारें दिखाई दे रही हैं। यानी निर्माण पुराना होने की बात नहीं, बल्कि सवाल यह है कि साल भर भी पूरा नहीं हुआ और निर्माण में दरारें कैसे आ गईं? सबसे बड़ा सवाल—उसी मरघट की फोटो फिर क्यों? मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस मरघट का निर्माण पहले ही हो चुका है, उसी स्थान की फोटो लगाकर ग्राम पंचायत के ऑनलाइन रिकॉर्ड में फिर एक नए कार्य के लिए लगभग 20 से 24.50 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि दिखाई गई है। उपलब्ध स्क्रीनशॉट में दूसरे कार्य की अनुमानित लागत 24,50,000 रुपये, पंजीकरण की तारीख 28 जुलाई 2026 और व्यय ₹0 दर्ज है। कार्य वर्तमान में चल रहा/प्रस्तावित स्थिति में दिखाई दे रहा है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल इस नए कार्य की धनराशि खर्च होना रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा और रकम पेंडिंग स्थिति में है। यहीं से बड़ा सवाल पैदा होता है— जब उसी जगह पहले से करीब 19 लाख रुपये खर्च करके मरघट बनाया जा चुका है, तो फिर उसी मरघट की फोटो लगाकर दोबारा 20-24 लाख रुपये के नए कार्य का रिकॉर्ड क्यों तैयार किया गया? अगर समय रहते सवाल नहीं उठता तो...? आज अगर इस मामले पर सवाल नहीं उठाया जाता और रिकॉर्ड की पड़ताल नहीं की जाती, तो आशंका थी कि आने वाले दिनों में उसी स्थान पर दोबारा लाखों रुपये की धनराशि स्वीकृत या खर्च की दिशा में आगे बढ़ सकती थी। फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड में इस नए कार्य पर ₹0 व्यय दिखाई दे रहा है। इसलिए अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी धनराशि जारी होने से पहले ही पूरे मामले की जांच करें। क्या पहले से बने अंत्येष्टि स्थल की तकनीकी जांच हुई है? क्या पुराने कार्य की एमबी और भुगतान की जांच हुई? क्या नए प्रस्ताव में उसी पुराने निर्माण की फोटो इस्तेमाल की गई? क्या दोनों कार्यों का एस्टीमेट अलग-अलग है? और सबसे महत्वपूर्ण—जब पुराना निर्माण मौजूद है तो उसी स्थान पर फिर 24.50 लाख रुपये का नया काम आखिर किस आधार पर प्रस्तावित किया गया? जांच हुई तो खुल सकती है पूरी तस्वीर इस मामले में सीधे तौर पर किसी को दोषी ठहराने के बजाय जरूरी है कि प्रशासन रिकॉर्ड और मौके की संयुक्त जांच कराए। पुराने कार्य की एमबी, एस्टीमेट, भुगतान वाउचर, पूर्णता प्रमाणपत्र और नए कार्य के प्रस्ताव की तकनीकी फाइल की जांच की जाए। अगर जांच में सामने आता है कि एक ही निर्माण को अलग-अलग नाम या फोटो के जरिए दोबारा धनराशि लेने का प्रयास किया गया, तो यह बेहद गंभीर मामला होगा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के साथ सरकारी धन की सुरक्षा भी जरूरी होगी। जनता से सीधा सवाल 19 लाख रुपये में बना मरघट, साल भर भी नहीं हुआ और दरारें सामने आ गईं। अब उसी मरघट की फोटो लगाकर फिर करीब 20 से 24.50 लाख रुपये का काम रिकॉर्ड में दिखाई दे रहा है, जबकि फिलहाल खर्च ₹0 दर्ज है। आखिर एक ही मरघट पर बार-बार सरकारी धन क्यों? अगर समय रहते यह मामला सामने नहीं आता तो क्या आने वाले दिनों में फिर लाखों रुपये उसी जगह खर्च हो जाते? आपकी क्या राय है? क्या यह सिर्फ रिकॉर्ड की गलती है या इसके पीछे कोई बड़ा खेल हो सकता है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। कागजों में कुछ और, जमीन पर कुछ और—अब जांच बताएगी असली सच। #Jalaun #JalaunNews #ChhiriyaSalempur #GramPanchayat #JalaunBlock #GovernmentFund #PanchayatVibhag #PanchayatiRaj #BDOJalaun #DPROJalaun #CDOJalaun #DMJalaun #JalaunAdministration #GramPanchayatSecretary #GramPradhan #DevelopmentWork #GovernmentConstruction #Corruption #Accountability #JalaunCorruption #BreakingNews #LocalNews
छिरिया सलेमपुर में सरकारी निर्माण पर बड़ा सवाल—पहले 19.43 लाख खर्च, अब उसी मरघट की फोटो लगाकर फिर लाखों की धनराशि का प्रस्ताव; रकम फिलहाल पेंडिंग 19 लाख का मरघट, साल भर भी नहीं टिका और उसी की फोटो लगाकर फिर 24.50 लाख का खेल? जनपद जालौन के जालौन ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत छिरिया सलेमपुर में सरकारी धन से बनाए गए अंत्येष्टि स्थल की हालत और सरकारी रिकॉर्ड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मरघट के निर्माण पर करीब 19.43 लाख रुपये खर्च होना दर्ज है, उसमें निर्माण के कुछ ही समय बाद दरारें दिखाई दे रही हैं। सवाल यह है कि जब निर्माण अभी नया है और उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, तो उसी मरघट की तस्वीर लगाकर दोबारा लगभग 20 से 24.50 लाख रुपये की धनराशि के लिए रिकॉर्ड क्यों तैयार किया गया? पहले 19.43 लाख खर्च, अब उसी जगह फिर लाखों का प्रस्ताव! मेरी पंचायत पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार छिरिया सलेमपुर ग्राम पंचायत में अंत्येष्टि स्थल से जुड़े निर्माण कार्य में 19,43,879 रुपये का व्यय दर्ज है, जबकि अनुमानित लागत 20 लाख रुपये दिखाई गई है। कार्य को पूर्ण भी दर्शाया गया है। लेकिन मौके पर निर्माण की स्थिति देखकर गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लैंटर के नीचे की पट्टियों और निर्माण के कुछ हिस्सों में दरारें दिखाई दे रही हैं। यानी निर्माण पुराना होने की बात नहीं, बल्कि सवाल यह है कि साल भर भी पूरा नहीं हुआ और निर्माण में दरारें कैसे आ गईं? सबसे बड़ा सवाल—उसी मरघट की फोटो फिर क्यों? मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि जिस मरघट का निर्माण पहले ही हो चुका है, उसी स्थान की फोटो लगाकर ग्राम पंचायत के ऑनलाइन रिकॉर्ड में फिर एक नए कार्य के लिए लगभग 20 से 24.50 लाख रुपये की अनुमानित धनराशि दिखाई गई है। उपलब्ध स्क्रीनशॉट में दूसरे कार्य की अनुमानित लागत 24,50,000 रुपये, पंजीकरण की तारीख 28 जुलाई 2026 और व्यय ₹0 दर्ज है। कार्य वर्तमान में चल रहा/प्रस्तावित स्थिति में दिखाई दे रहा है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल इस नए कार्य की धनराशि खर्च होना रिकॉर्ड में नहीं दिख रहा और रकम पेंडिंग स्थिति में है। यहीं से बड़ा सवाल पैदा होता है— जब उसी जगह पहले से करीब 19 लाख रुपये खर्च करके मरघट बनाया जा चुका है, तो फिर उसी मरघट की फोटो लगाकर दोबारा 20-24 लाख रुपये के नए कार्य का रिकॉर्ड क्यों तैयार किया गया? अगर समय रहते सवाल नहीं उठता तो...? आज अगर इस मामले पर सवाल नहीं उठाया जाता और रिकॉर्ड की पड़ताल नहीं की जाती, तो आशंका थी कि आने वाले दिनों में उसी स्थान पर दोबारा लाखों रुपये की धनराशि स्वीकृत या खर्च की दिशा में आगे बढ़ सकती थी। फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड में इस नए कार्य पर ₹0 व्यय दिखाई दे रहा है। इसलिए अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी धनराशि जारी होने से पहले ही पूरे मामले की जांच करें। क्या पहले से बने अंत्येष्टि स्थल की तकनीकी जांच हुई है? क्या पुराने कार्य की एमबी और भुगतान की जांच हुई? क्या नए प्रस्ताव में उसी पुराने निर्माण की फोटो इस्तेमाल की गई? क्या दोनों कार्यों का एस्टीमेट अलग-अलग है? और सबसे महत्वपूर्ण—जब पुराना निर्माण मौजूद है तो उसी स्थान पर फिर 24.50 लाख रुपये का नया काम आखिर किस आधार पर प्रस्तावित किया गया? जांच हुई तो खुल सकती है पूरी तस्वीर इस मामले में सीधे तौर पर किसी को दोषी ठहराने के बजाय जरूरी है कि प्रशासन रिकॉर्ड और मौके की संयुक्त जांच कराए। पुराने कार्य की एमबी, एस्टीमेट, भुगतान वाउचर, पूर्णता प्रमाणपत्र और नए कार्य के प्रस्ताव की तकनीकी फाइल की जांच की जाए। अगर जांच में सामने आता है कि एक ही निर्माण को अलग-अलग नाम या फोटो के जरिए दोबारा धनराशि लेने का प्रयास किया गया, तो यह बेहद गंभीर मामला होगा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के साथ सरकारी धन की सुरक्षा भी जरूरी होगी। जनता से सीधा सवाल 19 लाख रुपये में बना मरघट, साल भर भी नहीं हुआ और दरारें सामने आ गईं। अब उसी मरघट की फोटो लगाकर फिर करीब 20 से 24.50 लाख रुपये का काम रिकॉर्ड में दिखाई दे रहा है, जबकि फिलहाल खर्च ₹0 दर्ज है। आखिर एक ही मरघट पर बार-बार सरकारी धन क्यों? अगर समय रहते यह मामला सामने नहीं आता तो क्या आने वाले दिनों में फिर लाखों रुपये उसी जगह खर्च हो जाते? आपकी क्या राय है? क्या यह सिर्फ रिकॉर्ड की गलती है या इसके पीछे कोई बड़ा खेल हो सकता है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। कागजों में कुछ और, जमीन पर कुछ और—अब जांच बताएगी असली सच। #Jalaun #JalaunNews #ChhiriyaSalempur #GramPanchayat #JalaunBlock #GovernmentFund #PanchayatVibhag #PanchayatiRaj #BDOJalaun #DPROJalaun #CDOJalaun #DMJalaun #JalaunAdministration #GramPanchayatSecretary #GramPradhan #DevelopmentWork #GovernmentConstruction #Corruption #Accountability #JalaunCorruption #BreakingNews #LocalNews
- अकील अहमदJalaun, Uttar Pradeshअमृत सरोवर और देखलो विकास की गंगा बह रही है।।3 hrs ago
- Vineeta rajputजालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश👍👍3 hrs ago
- Vineeta rajputजालौन, जालौन, उत्तर प्रदेशbilkul sahi kaha bhaiya ji apne3 hrs ago
- जालौन हर घर तिरंगा अभियान के तहत भव्य तिरंगा यात्रा निकली। जालौन हर घर तिरंगा अभियान के तहत भव्य तिरंगा यात्रा निकली। पुलिस लाइन उरई से निकली 3 किमी लंबी यात्रा। अधिकारी, जनप्रतिनिधि, छात्र और लोग हुए शामिल। अंबेडकर चौराहे पर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया1
- उरई में गूंजा वंदे मातरम्, पुलिस लाइन से निकली भव्य तिरंगा यात्रा उरई, जालौन हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत सोमवार को पुलिस लाइन उरई से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। करीब तीन किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारों से माहौल गूंजता रहा। तिरंगा यात्रा पुलिस लाइन से निकलकर अंबेडकर चौराहे पहुंची, जहां उरई सदर विधायक, कालपी विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा में डीजे पर देशभक्ति गीत बजते रहे और लोग हाथों में तिरंगा लेकर पैदल चलते हुए ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाते रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। यात्रा के आगे-पीछे पुलिस बल तैनात रहा, जबकि आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस भी साथ रही। पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया। #हरघर_तिरंगा #TirangaYatra #HarGharTiranga2026 #Jalaun #Orai #Urai #TirangaYatra2026 #VandeMataram #Deshbhakti #JalaunNews #OraiNews #BreakingNews #UPNews #तिरंगा_यात्रा2
- कृमि मुक्त रहने से बेहतर होता है बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास: बीईओ मनोज कुमार सिंह कानपुर देहात। पीएमश्री विद्यालय बढ़ापुर अकबरपुर में सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का अत्यंत उत्साहपूर्वक और सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने बच्चों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य, साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि पेट के कीड़ों से मुक्त रहने से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होता है। साथ ही इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास तेज होता है और उनकी पढ़ाई-लिखाई (पठन-पाठन) की क्षमता भी बेहतर होती है। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कंचन यादव के कुशल दिशा-निर्देशन में बच्चों ने विद्यालय मंच पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति से संबंधित विभिन्न विषयों पर बेहद सुंदर और संदेशप्रद प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के इस प्रयास को सभी ने खूब सराहा। विद्यालय के सभी बच्चों ने अपने-अपने कक्षा अध्यापक की देखरेख में एल्बेंडाजोल की गोलियां खाई। बच्चों के साथ-साथ विद्यालय के सभी उपस्थित शिक्षकों और शिक्षणेत्तर स्टाफ ने भी गोलियां खाकर इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका कंचन यादव, सुमन यादव, सुलेखा, दिव्या सक्सेना, दिनेश पाठक एवं शिक्षामित्र उमा सहित समस्त विद्यालय परिवार सक्रिय रूप से मौजूद रहा।1
- जनपद के समस्त सर्किल स्तर पर "परिवार जागृति" विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों का आयोजन, 6 परिवारों में आपसी सहमति से कराया गया सफल समझौता पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में जनपद के समस्त सर्किल स्तर पर संचालित *"परिवार जागृति" विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पारिवारिक विवादों से संबंधित प्रकरणों में दोनों पक्षों की निष्पक्ष, संवेदनशील एवं धैर्यपूर्ण काउंसलिंग कर आपसी संवाद एवं समझौते के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान का प्रयास किया गया।कार्यक्रम के दौरान सर्किल अकबरपुर में 3 तथा सर्किल डेरापुर में 1 व सर्किल भोगनीपुर में 1 व सर्किल सिकंदरा में 1 परिवारों में आपसी सहमति से समझौता कराया गया। इस प्रकार आज कुल 6 परिवारों को पुनः एक सूत्र में जोड़ते हुए उनके पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। शेष प्रकरणों में प्रभावी काउंसलिंग करते हुए अगली तिथि नियत की गई। परिवार जागृति विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों के माध्यम से पारिवारिक विवादों का त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से निस्तारण करते हुए परिवारों में संवाद, विश्वास एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।1
- साहनीपुर पंचायत सहायक की नियुक्ति पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाए नियमों की अनदेखी के आरोप साहनीपुर पंचायत सहायक की नियुक्ति पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाए नियमों की अनदेखी के आरोप संदलपुर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत साहनीपुर में पंचायत सहायक की नियुक्ति को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सहायक की नियुक्ति बिना किसी सार्वजनिक घोषणा के कर दी गई, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। आरोप है कि पंचायत सहायक की नियुक्ति को लेकर सार्वजनिक रूप से पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई और न ही ग्रामीणों को प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई गई। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) सुशील कुमार ने सोमवार शाम 4 बजे बताया कि यह प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद पूरे प्रकरण की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत सहायक की नियुक्ति से संबंधित आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, चयन प्रक्रिया और नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी पात्र अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।1
- खोजाफूल में जहरीला कीड़ा सामने आने से बाइक अनियंत्रित, पीछे बैठी महिला सड़क पर गिरकर घायल, सीएचसी में कराया गया भर्ती सिकंदरा थाना क्षेत्र के खोजाफूल गांव निवासी ज्योति पत्नी गोविंद सोमवार शाम करीब चार बजे अपने बेटे आर्यन के साथ बाइक से सिकंदरा बाजार जा रही थीं। जैसे ही वह नेशनल हाईवे पर पहुंचीं, तभी अचानक सामने से एक जहरीला कीड़ा निकल आया। उसे देखकर बाइक अनियंत्रित हो गई, जिससे पीछे बैठी ज्योति देवी सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। घटना के बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए सीएचसी सिकंदरा लेकर पहुंचे। जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. पवन कुमार ने उनका उपचार शुरू किया। फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है।1
- उरई में डूडा विभाग का बड़ा खेल? ठेकेदारों से कथित सांठगांठ, शिकायतों पर भी नहीं होती कार्रवाई! एक ही ठेकेदार को लगातार काम देने के आरोप, बिना मानक निर्माण से लोगों में भारी आक्रोश उरई (जालौन)। उरई शहर में डूडा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विभाग में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश निर्माण कार्य कथित रूप से एक ही ठेकेदार को दिए जा रहे हैं और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय ठेकेदार का पक्ष लेते दिखाई देते हैं। मोहल्लों के लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर सीसी सड़क, नाली और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे हैं। शिकायत करने पर अधिकारी मौके का निरीक्षण तक नहीं करते और बिना जांच के ही कार्य को सही बता देते हैं। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां-जहां डूडा विभाग के निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां के लोगों ने गुणवत्ता को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज कराई है। इसके बावजूद न तो किसी निर्माण की तकनीकी जांच कराई गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनी। लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि डूडा विभाग द्वारा कराए जा रहे सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता, मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। जब इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी रतन प्रकाश यादव से की गई तो उन्होंने उनका जवाब यह रहा की पहले रोड डालते हैं उसके बाद नाली बनती है अब आप लोग समझ सकते हैं कि जब ऐसे अधिकारी ही ठेकेदारों की पक्ष में बात कर रहे हैं तो इस रोड को तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना एक आम बात है। अब देखना यह होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान लेकर कार्रवाई करवाते हैं या ठेकेदारों की पक्ष लेकर इस रोड को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया जाता है।3
- सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 331 वाहनों का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 331 वाहनों* का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।1
- जालौन दोनों पक्षों में चले जमकर लाठी डंडे लाठी l जालौन ➡️दोनों पक्षों में चले जमकर लाठी डंडे ➡️लाठी डंडों के बाद हुई मारपीट। ➡️फायरिंग करने का वीडियो वायरल ➡️आटा थाना क्षेत्र के अटरिया गांव का मामला Suru ऐप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।1