सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 331 वाहनों का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 331 वाहनों* का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।
सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 331 वाहनों का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 331 वाहनों* का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।
- जनपद के समस्त सर्किल स्तर पर "परिवार जागृति" विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों का आयोजन, 6 परिवारों में आपसी सहमति से कराया गया सफल समझौता पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन में जनपद के समस्त सर्किल स्तर पर संचालित *"परिवार जागृति" विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों* का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पारिवारिक विवादों से संबंधित प्रकरणों में दोनों पक्षों की निष्पक्ष, संवेदनशील एवं धैर्यपूर्ण काउंसलिंग कर आपसी संवाद एवं समझौते के माध्यम से विवादों के सौहार्दपूर्ण एवं स्थायी समाधान का प्रयास किया गया।कार्यक्रम के दौरान सर्किल अकबरपुर में 3 तथा सर्किल डेरापुर में 1 व सर्किल भोगनीपुर में 1 व सर्किल सिकंदरा में 1 परिवारों में आपसी सहमति से समझौता कराया गया। इस प्रकार आज कुल 6 परिवारों को पुनः एक सूत्र में जोड़ते हुए उनके पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराया गया। शेष प्रकरणों में प्रभावी काउंसलिंग करते हुए अगली तिथि नियत की गई। परिवार जागृति विकेन्द्रित परिवार परामर्श केन्द्रों के माध्यम से पारिवारिक विवादों का त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से निस्तारण करते हुए परिवारों में संवाद, विश्वास एवं सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।1
- 47 हजार रुपये के ऑनलाइन लेन-देन का विवाद पहुंचा पुलिस तक, धमकाने और आरोपियों को छोड़ने के लगाए आरोप ऑनलाइन फ्रॉड के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप, कोंच में महिला ने दो पुलिसकर्मियों को घेरा सीओ को दोबारा शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग कोंच (जालौन)। ऑनलाइन लेन-देन के कथित विवाद के बाद कोंच में एक महिला ने दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि उसके पति के बैंक खाते से करीब 47 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जिसके बाद मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पीड़िता के मुताबिक, मामले की शिकायत पुलिस से किए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को पकड़ लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। महिला का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी अनिल यादव ने उसकी दुकान पर पहुंचकर उसे और उसके पक्ष के लोगों को धमकाया। पीड़िता ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला ने अपनी शिकायत में एसआई अभिषेक को दी गई शिकायत और उसके आधार पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई और उसकी शिकायत के तथ्यों को उचित तरीके से सामने नहीं लाया गया। पीड़िता ने 10 अगस्त को पुलिस क्षेत्राधिकारी कोंच परमेश्वर प्रसाद को दोबारा शिकायत देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। महिला ने पुलिस अधिकारियों से कथित ऑनलाइन फ्रॉड में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग करते हुए अपने पति की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है तो वह उच्च पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रखेगी। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है फिलहाल पूरे प्रकरण में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बाइट :- पंकज पीड़ित4
- जालौन हर घर तिरंगा अभियान के तहत भव्य तिरंगा यात्रा निकली। जालौन हर घर तिरंगा अभियान के तहत भव्य तिरंगा यात्रा निकली। पुलिस लाइन उरई से निकली 3 किमी लंबी यात्रा। अधिकारी, जनप्रतिनिधि, छात्र और लोग हुए शामिल। अंबेडकर चौराहे पर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया1
- उरई में गूंजा वंदे मातरम्, पुलिस लाइन से निकली भव्य तिरंगा यात्रा उरई, जालौन हर घर तिरंगा अभियान-2026 के तहत सोमवार को पुलिस लाइन उरई से भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, पुलिसकर्मी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। करीब तीन किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारों से माहौल गूंजता रहा। तिरंगा यात्रा पुलिस लाइन से निकलकर अंबेडकर चौराहे पहुंची, जहां उरई सदर विधायक, कालपी विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा में डीजे पर देशभक्ति गीत बजते रहे और लोग हाथों में तिरंगा लेकर पैदल चलते हुए ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाते रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। यात्रा के आगे-पीछे पुलिस बल तैनात रहा, जबकि आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस भी साथ रही। पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया। #हरघर_तिरंगा #TirangaYatra #HarGharTiranga2026 #Jalaun #Orai #Urai #TirangaYatra2026 #VandeMataram #Deshbhakti #JalaunNews #OraiNews #BreakingNews #UPNews #तिरंगा_यात्रा2
- 🎤तिरंगे के रंग में रंगा जालौन,गूंजा ‘भारत माता की जय’ का जयघोष🖥️ 🇮🇳हर घर तिरंगा अभियान में उमड़ा जनसैलाब,पुलिस लाइन से टाउन हॉल तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा 🇮🇳 शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर बढ़ाया उत्साह जनपद जालौन, हाथों में लहराता तिरंगा, जुबां पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष, देशभक्ति गीतों से गूंजता वातावरण और सड़क के दोनों ओर उमड़ा नागरिकों का उत्साह, सोमवार को जिला मुख्यालय उरई का नजारा देखते ही बन रहा था। हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकली विशाल तिरंगा यात्रा ने पूरे शहर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम की भावना का जीवंत संदेश दिया। पुलिस लाइन परिसर से शुरू हुई विशाल तिरंगा यात्रा में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने सहभागिता की। तिरंगा यात्रा जिला परिषद, अंबेडकर चौराहा और शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए टाउन हॉल पहुंची। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही शहर की फिजा देशभक्ति के जज्बे से भरती गई। ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी उद्घोष और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। सड़क पर लहराते तिरंगों का दृश्य मानो स्वतंत्रता दिवस से पहले ही पूरे शहर को राष्ट्रीय पर्व के उत्सव में बदल रहा था। तिरंगा यात्रा में पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड, सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, छात्र-छात्राएं सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जालौन की एकजुट राष्ट्रभावना का विराट प्रदर्शन बन गई। यात्रा के मार्ग में शहरवासियों ने जगह-जगह आत्मीय स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके सम्मान में देश का प्रत्येक नागरिक भावनात्मक रूप से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसमें सभी लोगों को पूरे उत्साह के साथ सहभागी बनना चाहिए। माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन ने कहा कि देश को आजादी सहज रूप से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए असंख्य वीरों ने अपना जीवन न्योछावर किया। तिरंगे के सम्मान का अर्थ उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान करना भी है। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। आज की तिरंगा यात्रा ने जनपदवासियों के भीतर देशप्रेम की भावना को और मजबूत किया है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस को उत्साहपूर्वक मनाने और हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता करने की अपील की। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करने वाला अभियान है। उन्होंने जनपदवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय पर्व में सहभागी बनने का आह्वान किया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आज से 15 अगस्त तक जनपद में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से अनेक देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज जिला मुख्यालय पर विशाल तिरंगा यात्रा आयोजित की गई है। इसका उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को यह एहसास कराना है कि देश की आजादी के पीछे कितने संघर्ष, त्याग और बलिदान की लंबी गाथा छिपी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दिया। उनका त्याग और योगदान राष्ट्र के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। आजादी के इस अमूल्य उपहार की रक्षा करना और देश की एकता-अखंडता को मजबूत रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव का प्रतीक है और इसके सम्मान में पूरा जनपद एकजुट होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी तिरंगा यात्रा में सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश दिया। पुलिस लाइन से टाउन हॉल तक निकली इस विशाल तिरंगा यात्रा ने जालौन की धरती पर देशभक्ति की ऐसी छटा बिखेरी कि पूरा शहर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित जनप्रतिनिधि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। व्यूरो रिपोर्ट:जनपद जालौन से soni news के लिये अजय सोनी उरई4
- गरीब की झोपड़ी पर कब पड़ेगी सरकार की नजर?, नदीगांव ब्लॉक के कुठौंदा गांव से गरीब परिवार की दर्दनाक दास्तान!! आवास योजना के दावों के बीच 50 वर्षों से कच्चे मकान में जिंदगी काटने को मजबूर भूमिहीन परिवार! (जालौन)नदीगांव सरकार की योजनाओं में गरीबों को पक्का आशियाना देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर तमाम सरकारी योजनाओं के जरिए जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। लेकिन नदीगांव ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुठौंदा से सामने आई एक तस्वीर इन दावों पर कई सवाल खड़े कर रही है। गांव की रहने वाली मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय बाबूराम लुहार का परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक उनके चार बच्चे थे, जिनमें एक बच्चे की मृत्यु हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बताया गया कि परिवार भूमिहीन भी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परिवार के पास अपनी जमीन तक नहीं है और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है, तो आखिर उसे सरकारी आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिल सका? सबसे बड़ा सवाल—आखिर गरीब की सुनवाई क्यों नहीं? क्या गरीब परिवार वास्तव में आवास योजना के मानकों में पात्र नहीं है? अगर पात्र है तो अब तक आवास क्यों नहीं मिला? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया? क्या ग्राम पंचायत स्तर पर आवास के लिए परिवार का नाम पात्रता सूची में शामिल किया गया? अगर नाम शामिल नहीं किया गया तो उसका कारण क्या है? क्या किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इस परिवार के घर पहुंचकर उसकी स्थिति देखी? सरकार गरीबों को पक्की छत देने की बात कर रही है, लेकिन अगर वास्तव में कोई भूमिहीन और जरूरतमंद परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंच रहा है या नहीं, इस सवाल से भी जुड़ा है। वीडियो को अंत तक जरूर देखिए और सुनिए मुन्नी देवी के परिवार की पूरी दास्तान। क्या आपके गांव में भी ऐसा कोई गरीब परिवार है, जिसे पात्र होने के बावजूद अभी तक आवास नहीं मिला? कमेंट में गांव का नाम और समस्या जरूर बताइए। हमारी टीम मामले को सामने लाने का प्रयास करेगी। हो सकता है आपकी एक आवाज किसी जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत दिलाने की वजह बन जाए। अब सवाल सिर्फ आवास का नहीं, सरकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचने का है।1
- सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कानपुर देहात पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 331 वाहनों का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत बिना नंबर प्लेट के वाहन, ट्रिपल राइडिंग, हेलमेट न पहनना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना आदि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्यवाही की गई। अभियान के दौरान *कुल 331 वाहनों* का चालान व 1 वाहन को सीज किया गया। इसके साथ ही, जनपदीय पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें। यह अभियान जनपद में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए निरंतर जारी रहेगा।1
- उरई में डूडा विभाग का बड़ा खेल? ठेकेदारों से कथित सांठगांठ, शिकायतों पर भी नहीं होती कार्रवाई! एक ही ठेकेदार को लगातार काम देने के आरोप, बिना मानक निर्माण से लोगों में भारी आक्रोश उरई (जालौन)। उरई शहर में डूडा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विभाग में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश निर्माण कार्य कथित रूप से एक ही ठेकेदार को दिए जा रहे हैं और गुणवत्ता संबंधी शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय ठेकेदार का पक्ष लेते दिखाई देते हैं। मोहल्लों के लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर सीसी सड़क, नाली और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे हैं। शिकायत करने पर अधिकारी मौके का निरीक्षण तक नहीं करते और बिना जांच के ही कार्य को सही बता देते हैं। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जहां-जहां डूडा विभाग के निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां के लोगों ने गुणवत्ता को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज कराई है। इसके बावजूद न तो किसी निर्माण की तकनीकी जांच कराई गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बात गंभीरता से सुनी। लोगों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि डूडा विभाग द्वारा कराए जा रहे सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता, मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। जब इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी रतन प्रकाश यादव से की गई तो उन्होंने उनका जवाब यह रहा की पहले रोड डालते हैं उसके बाद नाली बनती है अब आप लोग समझ सकते हैं कि जब ऐसे अधिकारी ही ठेकेदारों की पक्ष में बात कर रहे हैं तो इस रोड को तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ना एक आम बात है। अब देखना यह होगा की खबर प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारी मामले को संज्ञान लेकर कार्रवाई करवाते हैं या ठेकेदारों की पक्ष लेकर इस रोड को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया जाता है।3
- जालौन दोनों पक्षों में चले जमकर लाठी डंडे लाठी l जालौन ➡️दोनों पक्षों में चले जमकर लाठी डंडे ➡️लाठी डंडों के बाद हुई मारपीट। ➡️फायरिंग करने का वीडियो वायरल ➡️आटा थाना क्षेत्र के अटरिया गांव का मामला Suru ऐप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।1