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जम्मू-कश्मीर संत समाज न्यास के अध्यक्ष महंत शांतिगिरी महाराज जी ने कठुआ के डीसी राजेश शर्मा जी से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सामाजिक, धार्मिक और जनहित से जुड़े कई विषयों पर गहन चर्चा हुई। सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई इस बैठक में अन्य संत महात्मा भी उपस्थित रहे।
Shivinder singh Bhadwal
जम्मू-कश्मीर संत समाज न्यास के अध्यक्ष महंत शांतिगिरी महाराज जी ने कठुआ के डीसी राजेश शर्मा जी से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सामाजिक, धार्मिक और जनहित से जुड़े कई विषयों पर गहन चर्चा हुई। सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई इस बैठक में अन्य संत महात्मा भी उपस्थित रहे।
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- जम्मू-कश्मीर संत समाज न्यास के अध्यक्ष महंत शांतिगिरी महाराज जी ने कठुआ के डीसी राजेश शर्मा जी से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में सामाजिक, धार्मिक और जनहित से जुड़े कई विषयों पर गहन चर्चा हुई। सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई इस बैठक में अन्य संत महात्मा भी उपस्थित रहे।1
- इन्दौरा में नामांकन पत्र रद्द किए जाने पर महिलाएँ आक्रोशित हो गईं। उन्होंने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।1
- जम्मू-कश्मीर में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) और विलेज डिफेंस गार्ड (VDG) के लिए न्याय की मांग उठाई गई है। उनकी सेवाओं और जान के जोखिम को देखते हुए बेहतर समर्थन और सुविधाएं दिए जाने की वकालत की गई।1
- जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह पैलेस के पास दो यात्री बसें आपस में टकरा गईं। इनमें डोडा से जम्मू और जम्मू से कटरा जाने वाली बसें शामिल थीं।3
- जम्मू-कश्मीर के अखनूर में भीषण आग लगने से भारी तबाही हुई। इस अग्निकांड में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।1
- जम्मू के जौरियां में वार्ड नंबर 2 की 20 साल पुरानी नाली जर्जर हालत में थी। सरकारी मदद की प्रतीक्षा में थककर स्थानीय निवासियों ने अंततः खुद ही इसकी मरम्मत करवाई है।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में नगर निकाय चुनाव के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है, रविवार को मतदान होगा। 48 वार्डों में 118 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनके लिए 49 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है, खासकर संवेदनशील क्षेत्रों में।1
- शिवसेना (UBT) ने श्रीनगर से केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा और संवैधानिक विशेष सुरक्षा देने की मांग की। पार्टी ने कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक स्वीकार्यता के साथ घर वापसी पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि अब जम्मू-कश्मीर की जनता सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी।1