ठेका कर्मचारियों के आर्थिक शोषण का आरोप, प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन श्रमिकों का शोषण करने का आरोप, 6 सूत्रीय मांग उठाईं। रावतभाटा परमाणु ऊर्जा विभाग की इकाइयों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने की मांग को लेकर संघ के राजस्थान प्रदेश इंटक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व ठेका इंटक के अध्यक्ष डीपी सिंह और महा सचिव संदीप लॉट कार्यकारी अध्यक्ष संजय हाड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कृति व्यास को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रावतभाटा स्थित नाभिकीय विद्युत निगम की इकाइयों 1 से 8, भारी पानी संयंत्र (कोटा) और न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स में कार्यरत हजारों ठेका कर्मियों का शोषण हो रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि भारत सरकार की जीईएम (GeM) पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया के तहत कंपनियों और ठेकेदारों को कार्य आदेश दिए जाते हैं। इसके बाद ठेका कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नीति के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा और कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की कि जिन श्रमिकों के मामले खारिज हो चुके हैं या आपसी समझौते से समाप्त हो गए हैं, उनकी पीवीसी पर संबंधित धाराएं दर्ज नहीं की जाएं। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की पीवीसी स्थानीय पुलिस थाने से सत्यापित करवाई जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिन श्रमिकों पर मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनके भी गेट पास बनाए जाएं ताकि वे काम कर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। श्रमिकों ने स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इकाइयों 1 से 8, भारी पानी संयंत्र और एनएफसी प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए तथा शटडाउन के दौरान भी स्थानीय श्रमिकों को ही काम मिले। इसके अलावा ठेकेदारों पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए श्रमिकों ने कहा कि इकाइयों में कार्यरत ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों से अवैध वसूली की जा रही है, जिसे तुरंत बंद कराया जाए और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि इलेक्ट्रीशियन, हेल्पर, रिगर, वेल्डर, फीटर और खलासी जैसे पदों पर स्थानीय श्रमिकों को ही रखा जाए तथा सभी कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन और ओवरटाइम का डबल भुगतान दिया जाए। ज्ञापन देने में इंटक प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.पी सिंह,कार्यकारी अध्यक्ष संजय हाडा,महासचिव संदीप लोट और कुंदन सिंह,परमजीतसिंह ढिल्लों,पांडुरंग शार्दुल,जाहिद अंसारी,लियाकत अली,मनीष पवार,कमलेश सिंह,धर्मराज बारेशा,विकास आदिवाल, विशाल घावरी,दीपक संगत विनोद बारेशा,गौरव चौहान, निखिल घुसर,गोलू पगारे,गौरव रेगर,राकेश,भीमराव सोनवणे, पप्पू सिंह, व सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। आपका ही भवनिष्ट संदीप लोट
ठेका कर्मचारियों के आर्थिक शोषण का आरोप, प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन श्रमिकों का शोषण करने का आरोप, 6 सूत्रीय मांग उठाईं। रावतभाटा परमाणु ऊर्जा विभाग की इकाइयों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने की मांग को लेकर संघ के राजस्थान प्रदेश इंटक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व ठेका इंटक के अध्यक्ष डीपी सिंह और महा सचिव संदीप लॉट कार्यकारी अध्यक्ष संजय हाड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कृति व्यास को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रावतभाटा स्थित नाभिकीय विद्युत निगम की इकाइयों 1 से 8, भारी पानी संयंत्र (कोटा) और न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स में कार्यरत हजारों ठेका कर्मियों का शोषण हो रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि भारत सरकार की जीईएम (GeM) पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया के तहत कंपनियों और ठेकेदारों को कार्य आदेश दिए जाते हैं। इसके बाद ठेका कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नीति के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा और कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की कि जिन श्रमिकों के मामले खारिज हो चुके हैं या आपसी समझौते से समाप्त हो गए हैं, उनकी पीवीसी पर संबंधित धाराएं दर्ज नहीं की जाएं। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की
पीवीसी स्थानीय पुलिस थाने से सत्यापित करवाई जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिन श्रमिकों पर मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनके भी गेट पास बनाए जाएं ताकि वे काम कर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। श्रमिकों ने स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इकाइयों 1 से 8, भारी पानी संयंत्र और एनएफसी प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए तथा शटडाउन के दौरान भी स्थानीय श्रमिकों को ही काम मिले। इसके अलावा ठेकेदारों पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए श्रमिकों ने कहा कि इकाइयों में कार्यरत ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों से अवैध वसूली की जा रही है, जिसे तुरंत बंद कराया जाए और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि इलेक्ट्रीशियन, हेल्पर, रिगर, वेल्डर, फीटर और खलासी जैसे पदों पर स्थानीय श्रमिकों को ही रखा जाए तथा सभी कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन और ओवरटाइम का डबल भुगतान दिया जाए। ज्ञापन देने में इंटक प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.पी सिंह,कार्यकारी अध्यक्ष संजय हाडा,महासचिव संदीप लोट और कुंदन सिंह,परमजीतसिंह ढिल्लों,पांडुरंग शार्दुल,जाहिद अंसारी,लियाकत अली,मनीष पवार,कमलेश सिंह,धर्मराज बारेशा,विकास आदिवाल, विशाल घावरी,दीपक संगत विनोद बारेशा,गौरव चौहान, निखिल घुसर,गोलू पगारे,गौरव रेगर,राकेश,भीमराव सोनवणे, पप्पू सिंह, व सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। आपका ही भवनिष्ट संदीप लोट
- रावतभाटा परमाणु ऊर्जा विभाग की इकाइयों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों के आर्थिक शोषण पर रोक लगाने की मांग को लेकर संघ के राजस्थान प्रदेश इंटक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व ठेका इंटक के अध्यक्ष डीपी सिंह और महा सचिव संदीप लॉट कार्यकारी अध्यक्ष संजय हाड़ा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कृति व्यास को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि रावतभाटा स्थित नाभिकीय विद्युत निगम की इकाइयों 1 से 8, भारी पानी संयंत्र (कोटा) और न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स में कार्यरत हजारों ठेका कर्मियों का शोषण हो रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि भारत सरकार की जीईएम (GeM) पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया के तहत कंपनियों और ठेकेदारों को कार्य आदेश दिए जाते हैं। इसके बाद ठेका कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन नीति के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा और कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं। श्रमिकों ने प्रशासन से मांग की कि जिन श्रमिकों के मामले खारिज हो चुके हैं या आपसी समझौते से समाप्त हो गए हैं, उनकी पीवीसी पर संबंधित धाराएं दर्ज नहीं की जाएं। साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की पीवीसी स्थानीय पुलिस थाने से सत्यापित करवाई जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिन श्रमिकों पर मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनके भी गेट पास बनाए जाएं ताकि वे काम कर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। श्रमिकों ने स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इकाइयों 1 से 8, भारी पानी संयंत्र और एनएफसी प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए तथा शटडाउन के दौरान भी स्थानीय श्रमिकों को ही काम मिले। इसके अलावा ठेकेदारों पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए श्रमिकों ने कहा कि इकाइयों में कार्यरत ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों से अवैध वसूली की जा रही है, जिसे तुरंत बंद कराया जाए और दोषी ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग रखी गई कि इलेक्ट्रीशियन, हेल्पर, रिगर, वेल्डर, फीटर और खलासी जैसे पदों पर स्थानीय श्रमिकों को ही रखा जाए तथा सभी कर्मचारियों को नियमानुसार वेतन और ओवरटाइम का डबल भुगतान दिया जाए। ज्ञापन देने में इंटक प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी.पी सिंह,कार्यकारी अध्यक्ष संजय हाडा,महासचिव संदीप लोट और कुंदन सिंह,परमजीतसिंह ढिल्लों,पांडुरंग शार्दुल,जाहिद अंसारी,लियाकत अली,मनीष पवार,कमलेश सिंह,धर्मराज बारेशा,विकास आदिवाल, विशाल घावरी,दीपक संगत विनोद बारेशा,गौरव चौहान, निखिल घुसर,गोलू पगारे,गौरव रेगर,राकेश,भीमराव सोनवणे, पप्पू सिंह, व सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। आपका ही भवनिष्ट संदीप लोट2
- hamare gav Shogarh khati khera ke men puliya Jo Mani Hai khedi ke pass hai vah kshatigrast hai iska humne ek pahle bhi complaint ki thi per iski Koi purti nahin Ho Pai to government se hamen request hai ki isko jaldi se jaldi repair Karen ya FIR nahin banane ka pravdhan Karen1
- कोटा चाकू सरिया से हमला कर युवक की हत्या पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने गाड़ी रोक कर किया वार एंकर - उद्योग नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात तीन चार बदमाशों ने एक युवक पर चाकू, लोहे के सरिया से हमला कर हत्या कर दी और फरार हो गए। सूचना पर एसपी कोटा सिटी तेजस्वनी गौतम, डिप्टी एसपी रुद्र प्रकाश शर्मापुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का मौका मुआयना किया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया है। मौके पर एमओ और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। मृतक की पहचान शुभम निवासी जागा बस्ती प्रेम नगर थर्ड के रूप में हुई। पुलिस पूरे एरिया को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों और मृतक के बीच पूर्व में भी लड़ाई झगड़ा हुआ था और आरोपी उसकी हत्या करने की फिराक में घूम रहे थे। दोनों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। पुलिस उप अधीक्षक रुद्र प्रकाश ने बताया कि शुभम अपनी बाइक से आ रहा था। इसी दौरान रात करीब 11 बजे जागा बस्ती चौथ माता मंदिर के पास तीन चार बदमाशों ने उसे रोक लिया और लोहे सरिया से मारपीट की तथा उसकी बाइक को तोड़ दिया और चाकू से ताबड़ तोड़ वार कर भाग गए। शुभम के शोर मचाने पर आसपास के लोग आए और पुलिस को सूचना दी तथा चाकू उसके पेट में लगा है। इससे उसे अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।2
- रांची अनगड़ा–शराब दुकान में गोली फायरिंग वीडियो वायरल...1
- मध्यरात्रि आरती की बाद गोदावरी धाम कोटा में बालाजी के मन्दिर पर अपार भक्तों ने मिलकर एक साथ जय श्री राम 🙏 जय जय कार की1
- जंग का आज ग्यारहवां दिन: हमारे पास हथियारों का पूरा भंडार है और मिसाइलों और ड्रोनों का उत्पादन जारी है: हम अमेरिकियों के साथ 10 साल तक युद्ध के लिए तैयार हैं: जब्बारी, आईआरजीसी जनरल1
- Post by Sadbhavna sandesh news1
- नगर पालिका रावतभाटा की स्वास्थ्य शाखा को रामपुरा मोहल्ले में मस्जिद के पीछे बने बड़े नाले में कचरा जमा होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने पर पालिका टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर नाले का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाले में बड़ी-बड़ी चट्टानें होने तथा कई स्थानों पर पानी खड़ा होने के कारण छोटी जेसीबी से सफाई कार्य कर पाना संभव नहीं था। स्थिति को देखते हुए नगर पालिका द्वारा बड़ी जेसीबी, दो ट्रैक्टर तथा स्वच्छता मित्रों की टीम को मौके पर भेजा गया। इसके बाद जेसीबी मशीन की सहायता से नाले में जमा कचरा, मलबा और पत्थरों को बाहर निकालकर नाले की सफाई करवाई गई। स्वच्छता निरीक्षक नरपत सिंह ने बताया कि नगर पालिका द्वारा शहर के छोटे-बड़े नालों की साफ-सफाई का कार्य समय-समय पर लगातार किया जाता है। मुख्य मार्गों की सफाई रोड स्वीपिंग मशीन के माध्यम से करवाई जा रही है, वहीं वार्डों में तैनात कर्मचारी छोटी नालियों और गलियों की नियमित सफाई कर रहे हैं। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि घरों का कचरा वार्डों में संचालित कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें और कचरे को इधर-उधर न फेंकें। साथ ही स्वच्छता कार्यों में सहयोग कर रावतभाटा को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।3