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पूरे माहौल में 'जय श्रीराम' के उद्घोष बार-बार सुनाई दिए, जिससे एक भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ।
राजू काँकोरिया खण्डार
पूरे माहौल में 'जय श्रीराम' के उद्घोष बार-बार सुनाई दिए, जिससे एक भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ।
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- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा में थाना प्रभारी महेंद्र शर्मा ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने वाहन चालकों और आमजन से हेलमेट पहनने की अपील की, जोर देकर कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह जागरूकता अभियान थाना परिसर और मुख्य बाजार क्षेत्र में चलाया गया। अभियान के दौरान, थाना प्रभारी ने दोपहिया वाहन चालकों से यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करने, तेज गति से वाहन न चलाने और नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए न देने का भी आग्रह किया। पुलिसकर्मियों ने भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाते हुए लोगों को हेलमेट पहनने के फायदे बताए और सभी को सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है, जो सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और जीवन को सुरक्षित रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।1
- चौथ माता सरोवर पर 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के अंतर्गत श्रमदान का आयोजन किया गया। इस पहल में विधायक जितेंद्र गोठवाल के साथ-साथ अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लेकर श्रमदान किया।1
- सवाई माधोपुर में सारसोप गांव के खातेदारों और अन्य नागरिकों ने ईसरदा डैम से प्रस्तावित नहर योजना के वर्तमान सर्वे पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। यह आपत्ति ग्राम सारसोप में आयोजित सर्व समाज व खाता धारकों के आपसी विचार-विमर्श के बाद दर्ज की गई है। अपनी इन्हीं आपत्तियों और मांगों को लेकर आज सैकड़ों की संख्या में ईसरदा गांव के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों के अनुसार, प्रस्तावित सर्वे में नहर को ईसरदा डैम से बंगला ढाणी होते हुए सारसोप गांव की पूर्वी दिशा में यू आकार में घुमाकर ढील बंद से ऊपर होकर शिवाड़ महापुरा रोड से जोड़ा जाना दिखाया गया है। यह मार्ग करीब 15-20 किलोमीटर लंबा है, जिसे ग्रामीण अनुचित मानते हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग से अधिकांश काश्तकार प्रभावित होंगे और नहर निर्माण से पूरे गांव में बारिश और गांव के पानी की निकासी अवरुद्ध हो जाएगी। इससे लगभग 10-12 हजार की आबादी वाला क्षेत्र प्रभावित होगा और बाढ़ जैसे हालात बने रहेंगे। ग्रामीणों ने ईसरदा डैम से सीधी नहर निर्माण का सुझाव दिया है, जो शिवाड़ महापुरा मार्ग से निकाली जाए। उनके अनुसार, यह सीधा मार्ग केवल 8 से 10 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे कम से कम काश्तकार प्रभावित होंगे और सारसोप गांव के आबादी क्षेत्र में पानी भरने की समस्या का भी समाधान होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह वैकल्पिक सर्वे पूर्व में भी किया गया था और यह आर्थिक दृष्टि से कम लागत वाला है। ग्रामीण वर्तमान सर्वे को निरस्त करवाकर कम नुकसान वाले विकल्प के तहत नहर निर्माण कार्य करवाने की मांग कर रहे हैं ताकि नागरिकों का कम से कम नुकसान हो और आबादी क्षेत्र में पानी भराव की समस्या से निजात मिल सके। ज्ञापन सौंपने वालों में कैलाश सोनी, शंकर लाल सैनी, रामस्वरूप और जगदीश सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।1
- राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा उपखंड कार्यालय के ठीक सामने लंबे समय से जाम पड़ी नाली की सफाई न होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने आखिरकार खुद ही इसकी जिम्मेदारी संभाली और सफाई अभियान शुरू कर दिया। नगरपालिका प्रशासन की लगातार अनदेखी और इस वजह से सड़क पर फैल रहे गंदे पानी के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर घायल होने की घटनाओं से परेशान होकर लोगों ने यह कदम उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगरपालिका प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद लोगों ने स्वयं फावड़े लेकर नाली की सफाई की और पानी की निकासी को सुचारु बनाया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि उपखंड कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान के सामने गंदगी और जलभराव से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस सफाई के बाद राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिली है, जिसके साथ ही लोगों ने नगरपालिका से भविष्य में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है।1
- गंगापुर सिटी के नंगेश्रर बाबा की धूनी दीवान का बाग बाढ़ रायल कैमला नयागांव में संत नागा बाबा श्री प्रमोद गिरी जी महाराज द्वारा धूनी तपस्या की गई।1
- टोंक जिले में कुणाल गुर्जर से जुड़े मामले को लेकर यह जानने की जिज्ञासा है कि राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर सचिन पायलट की क्या प्रतिक्रिया रही है। प्रमुख सवाल यही है कि सचिन पायलट ने इस मामले पर क्या बयान दिया है या उनकी क्या राय है।1
- मूल पाठ में 'जय श्रीराम' के पवित्र नाम का लगातार कई बार उद्घोष किया गया है।1