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टोंक जिले में कुणाल गुर्जर से जुड़े मामले को लेकर यह जानने की जिज्ञासा है कि राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर सचिन पायलट की क्या प्रतिक्रिया रही है। प्रमुख सवाल यही है कि सचिन पायलट ने इस मामले पर क्या बयान दिया है या उनकी क्या राय है।

2 hrs ago
user_धनेश गुर्जर सेदरी
धनेश गुर्जर सेदरी
उनियारा, टोंक, राजस्थान•
2 hrs ago

टोंक जिले में कुणाल गुर्जर से जुड़े मामले को लेकर यह जानने की जिज्ञासा है कि राजनीतिक गलियारों में इस विषय पर सचिन पायलट की क्या प्रतिक्रिया रही है। प्रमुख सवाल यही है कि सचिन पायलट ने इस मामले पर क्या बयान दिया है या उनकी क्या राय है।

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  • राजस्थान के अलवर जिले में एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा के दौरान वातावरण 'जय श्रीराम' और 'बजरंगबली' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया।
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    राजस्थान के अलवर जिले में एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा के दौरान वातावरण 'जय श्रीराम' और 'बजरंगबली' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • आज सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट पर रेलवे कॉलोनी के वार्ड नंबर 53 की महिलाएं अपनी मांगों को लेकर पहुंचीं और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। सुनीता, रजिया, अनिता और गुड्डी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि पिछले दो महीने से उनके इलाके में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, क्योंकि पानी की टंकी का लाइट कनेक्शन काट दिया गया है। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए इधर-उधर भटककर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इन महिलाओं ने जिला कलेक्टर से पानी की व्यवस्था को सुचारु रूप से बहाल करने और पानी की टंकी को तत्काल चालू करवाने की मांग की है।
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    आज सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट पर रेलवे कॉलोनी के वार्ड नंबर 53 की महिलाएं अपनी मांगों को लेकर पहुंचीं और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। सुनीता, रजिया, अनिता और गुड्डी सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि पिछले दो महीने से उनके इलाके में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, क्योंकि पानी की टंकी का लाइट कनेक्शन काट दिया गया है। भीषण गर्मी में लोग पानी के लिए इधर-उधर भटककर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। इन महिलाओं ने जिला कलेक्टर से पानी की व्यवस्था को सुचारु रूप से बहाल करने और पानी की टंकी को तत्काल चालू करवाने की मांग की है।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    6 hrs ago
  • राजस्थान के टोंक जिले में 17 वर्षीय कुणाल गुर्जर की मौत का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। परिवार और स्थानीय गुर्जर समाज इसे 'लव जिहाद' और जबरन धर्म परिवर्तन की साजिश बता रहा है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। कुणाल, जिसने हाल ही में 12वीं कक्षा में 85% अंक प्राप्त किए थे, का परिवार के अनुसार अलिश्मा नाम की एक मुस्लिम लड़की से रिश्ता था। परिवार का आरोप है कि लड़की के परिवार ने कुणाल पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला, उसे ब्लैकमेल किया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बताया जा रहा है कि चैट्स और अन्य सबूतों में मारने की धमकियों का भी जिक्र है। 15-16 मई 2026 के आसपास कुणाल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, हालांकि परिवार इसे हत्या या प्रताड़ना के कारण मजबूरन की गई आत्महत्या मान रहा है। इस घटना के बाद टोंक में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते सर्व समाज, गुर्जर संगठनों और सनातनी कार्यकर्ताओं, जिनमें रिद्धिमा शर्मा और तनीषा सनातनी भी शामिल हैं, ने कैंडल मार्च और प्रदर्शन किए। कांग्रेस नेता और टोंक विधायक सचिन पायलट की शुरुआती चुप्पी पर कड़ी आलोचना हुई, लेकिन आज उन्होंने कुणाल गुर्जर के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। इस दौरान कुणाल गुर्जर की मां ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई।
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    राजस्थान के टोंक जिले में 17 वर्षीय कुणाल गुर्जर की मौत का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। परिवार और स्थानीय गुर्जर समाज इसे 'लव जिहाद' और जबरन धर्म परिवर्तन की साजिश बता रहा है, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। कुणाल, जिसने हाल ही में 12वीं कक्षा में 85% अंक प्राप्त किए थे, का परिवार के अनुसार अलिश्मा नाम की एक मुस्लिम लड़की से रिश्ता था।

परिवार का आरोप है कि लड़की के परिवार ने कुणाल पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला, उसे ब्लैकमेल किया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बताया जा रहा है कि चैट्स और अन्य सबूतों में मारने की धमकियों का भी जिक्र है। 15-16 मई 2026 के आसपास कुणाल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, हालांकि परिवार इसे हत्या या प्रताड़ना के कारण मजबूरन की गई आत्महत्या मान रहा है।

इस घटना के बाद टोंक में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते सर्व समाज, गुर्जर संगठनों और सनातनी कार्यकर्ताओं, जिनमें रिद्धिमा शर्मा और तनीषा सनातनी भी शामिल हैं, ने कैंडल मार्च और प्रदर्शन किए। कांग्रेस नेता और टोंक विधायक सचिन पायलट की शुरुआती चुप्पी पर कड़ी आलोचना हुई, लेकिन आज उन्होंने कुणाल गुर्जर के घर पहुंचकर परिवार से मुलाकात की। इस दौरान कुणाल गुर्जर की मां ने उन्हें अपनी आपबीती सुनाई।
    user_Asha kishan gurjar
    Asha kishan gurjar
    Local News Reporter Tonk, Rajasthan•
    23 hrs ago
  • जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम
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    जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम
    user_राजू काँकोरिया खण्डार
    राजू काँकोरिया खण्डार
    Contractor खंडर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • आबूरोड क्षेत्र में इमरान और अजय नामक दो व्यक्तियों ने एक असहाय व्यक्ति की जान बचाने का सराहनीय कार्य किया है।
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    आबूरोड क्षेत्र में इमरान और अजय नामक दो व्यक्तियों ने एक असहाय व्यक्ति की जान बचाने का सराहनीय कार्य किया है।
    user_Vishanu banjara
    Vishanu banjara
    Salesperson केशोरायपाटन, बूंदी, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • लालसोट में गंगा दशमी के पावन अवसर पर अनुराग सेवा संस्थान ने अपनी स्थापना के 31 वर्ष पूरे होने पर "अनुराग-31" अभियान के तहत दो मातृ-पितृ एवं भाई विहीन बेटियों का विवाह मात्र एक-एक रुपये में सम्पन्न करवाया। जैन नसियां परिसर में सर्व समाज की सहभागिता और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुए इस भावुक एवं प्रेरणादायी आयोजन में सालिगरामपुरा निवासी स्वर्गीय ताराचंद की पुत्री निकिता और आयुषी का विवाह डिगो निवासी बृजमोहन के पुत्र ज्योति प्रकाश और विकास के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं अग्नि के सात फेरों के साथ सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः सवा नौ बजे विनायक स्थापना एवं मंडप पूजन के साथ हुई, जिसके बाद दोपहर तीन बजे परशुराम मंदिर से बारात की अगवानी की गई। संस्थान के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्प वर्षा एवं मंगल तिलक के साथ बारातियों का आत्मीय स्वागत किया, भीषण गर्मी के बावजूद बारातियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सायं आयोजित आशीर्वाद समारोह में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, भामाशाहों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने नवविवाहित युगलों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 101 तुलसी पौधों का वितरण भी किया गया। पर्णकुटी महाराज मदन मोहन दास महाराज ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए ऐसे सेवा कार्यों को मानवता की सच्ची मिसाल बताया। विवाह समारोह में समाज के भामाशाहों और सहयोगियों ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की। इनमें सोने-चांदी के आभूषण, फ्रिज, एलईडी टीवी, डबल बेड, सिलाई मशीन, कूलर, गैस चूल्हा, पंखे, मिक्सी, ओवन, बर्तन, ट्रॉली बैग, ड्रेसिंग टेबल, पलंग, गद्दे, बेडशीट, कुर्सियाँ और सेंटर टेबल सहित अनेक उपयोगी वस्तुएँ शामिल रहीं। कई दानदाताओं ने 21 हजार रुपये से लेकर 5100 रुपये तक की सहयोग राशि प्रदान कर सामाजिक सरोकार निभाया, जिसे समाज के लोगों ने सेवा, संवेदना और संस्कार का अनुपम उदाहरण बताया। भोजन व्यवस्था में भी अनेक भामाशाहों ने चीनी, बेसन, आटा, मिठाई, मसाले, सब्जी एवं अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर सेवा भावना का परिचय दिया। संस्थान की संरक्षिका श्रीमती अंजना मेनपाल त्यागी, अध्यक्ष अंशुल सोनी, सचिव श्याम सुंदर शर्मा, उपसचिव अजय हट्टीका सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस आयोजन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। सर्व समाज की सहभागिता और सहयोग ने यह संदेश दिया कि यदि समाज ठान ले तो कोई बेटी स्वयं को असहाय महसूस नहीं करेगी।
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    लालसोट में गंगा दशमी के पावन अवसर पर अनुराग सेवा संस्थान ने अपनी स्थापना के 31 वर्ष पूरे होने पर "अनुराग-31" अभियान के तहत दो मातृ-पितृ एवं भाई विहीन बेटियों का विवाह मात्र एक-एक रुपये में सम्पन्न करवाया। जैन नसियां परिसर में सर्व समाज की सहभागिता और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुए इस भावुक एवं प्रेरणादायी आयोजन में सालिगरामपुरा निवासी स्वर्गीय ताराचंद की पुत्री निकिता और आयुषी का विवाह डिगो निवासी बृजमोहन के पुत्र ज्योति प्रकाश और विकास के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं अग्नि के सात फेरों के साथ सम्पन्न कराया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः सवा नौ बजे विनायक स्थापना एवं मंडप पूजन के साथ हुई, जिसके बाद दोपहर तीन बजे परशुराम मंदिर से बारात की अगवानी की गई। संस्थान के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्प वर्षा एवं मंगल तिलक के साथ बारातियों का आत्मीय स्वागत किया, भीषण गर्मी के बावजूद बारातियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सायं आयोजित आशीर्वाद समारोह में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, भामाशाहों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने नवविवाहित युगलों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 101 तुलसी पौधों का वितरण भी किया गया। पर्णकुटी महाराज मदन मोहन दास महाराज ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए ऐसे सेवा कार्यों को मानवता की सच्ची मिसाल बताया।

विवाह समारोह में समाज के भामाशाहों और सहयोगियों ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की। इनमें सोने-चांदी के आभूषण, फ्रिज, एलईडी टीवी, डबल बेड, सिलाई मशीन, कूलर, गैस चूल्हा, पंखे, मिक्सी, ओवन, बर्तन, ट्रॉली बैग, ड्रेसिंग टेबल, पलंग, गद्दे, बेडशीट, कुर्सियाँ और सेंटर टेबल सहित अनेक उपयोगी वस्तुएँ शामिल रहीं। कई दानदाताओं ने 21 हजार रुपये से लेकर 5100 रुपये तक की सहयोग राशि प्रदान कर सामाजिक सरोकार निभाया, जिसे समाज के लोगों ने सेवा, संवेदना और संस्कार का अनुपम उदाहरण बताया। भोजन व्यवस्था में भी अनेक भामाशाहों ने चीनी, बेसन, आटा, मिठाई, मसाले, सब्जी एवं अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर सेवा भावना का परिचय दिया।

संस्थान की संरक्षिका श्रीमती अंजना मेनपाल त्यागी, अध्यक्ष अंशुल सोनी, सचिव श्याम सुंदर शर्मा, उपसचिव अजय हट्टीका सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस आयोजन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। सर्व समाज की सहभागिता और सहयोग ने यह संदेश दिया कि यदि समाज ठान ले तो कोई बेटी स्वयं को असहाय महसूस नहीं करेगी।
    user_Rakesh sharma
    Rakesh sharma
    Software Developer लालसोट, दौसा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कछला घाट पर एक दुखद हादसा हो गया। इस दौरान गंगा में स्नान कर रहे कुछ श्रद्धालु डूब गए। यह घटना गंगा दशहरा पर्व के दौरान हुई।
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    उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कछला घाट पर एक दुखद हादसा हो गया। इस दौरान गंगा में स्नान कर रहे कुछ श्रद्धालु डूब गए। यह घटना गंगा दशहरा पर्व के दौरान हुई।
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिले के मखौली गांव से कानसीर लिंक रोड पर लगातार गंदा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीण और मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजी खासे परेशान हैं। यह गंदा पानी न सिर्फ आने-जाने वाले ग्रामीणों के लिए बाधा बनता है, बल्कि नमाजियों पर भी इसके छींटे पड़ते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। आगामी ईद से ठीक एक दिन पहले यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि नमाजी मस्जिद में नमाज अदा करने जाएंगे। इसके साथ ही, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। यह मार्ग लगभग एक दर्जन गांवों को जोड़ता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार सरपंच और प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतों पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है और समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण मखौली गांव के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
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    सवाई माधोपुर जिले के मखौली गांव से कानसीर लिंक रोड पर लगातार गंदा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीण और मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजी खासे परेशान हैं। यह गंदा पानी न सिर्फ आने-जाने वाले ग्रामीणों के लिए बाधा बनता है, बल्कि नमाजियों पर भी इसके छींटे पड़ते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। आगामी ईद से ठीक एक दिन पहले यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि नमाजी मस्जिद में नमाज अदा करने जाएंगे। इसके साथ ही, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।

यह मार्ग लगभग एक दर्जन गांवों को जोड़ता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार सरपंच और प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतों पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है और समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण मखौली गांव के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई, 2026 को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले के बीसलपुर बांध से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत बीसलदेव महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और जल पूजन के साथ हुई, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री बीसलपुर बांध तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक बस से गए। कार्यक्रम के बाद, उन्होंने ईसरदा बांध, गलवा बांध और बंध बरेठा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी किया और विभिन्न जल परियोजनाओं की समीक्षा की। यह अभियान 25 मई, 2026 (गंगा दशमी) से 5 जून, 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान में व्याप्त जल संकट का समाधान करना, राज्य के पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ियां और तालाबों को पुनर्जीवित करना है। अभियान का लक्ष्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना और प्रदेश को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गांवों और शहरों में प्रभात फेरियां, जल चौपालें और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। पूरे प्रदेश में जन भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसके तहत शपथ ग्रहण और पौधरोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
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    राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 25 मई, 2026 को गंगा दशमी के अवसर पर टोंक जिले के बीसलपुर बांध से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' का राज्यव्यापी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत बीसलदेव महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और जल पूजन के साथ हुई, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री बीसलपुर बांध तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रिक बस से गए। कार्यक्रम के बाद, उन्होंने ईसरदा बांध, गलवा बांध और बंध बरेठा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी किया और विभिन्न जल परियोजनाओं की समीक्षा की।

यह अभियान 25 मई, 2026 (गंगा दशमी) से 5 जून, 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान में व्याप्त जल संकट का समाधान करना, राज्य के पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, बावड़ियां और तालाबों को पुनर्जीवित करना है। अभियान का लक्ष्य जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना और प्रदेश को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।

'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत पारंपरिक जल स्रोतों की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, गांवों और शहरों में प्रभात फेरियां, जल चौपालें और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को 'जल गौरव सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। पूरे प्रदेश में जन भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिसके तहत शपथ ग्रहण और पौधरोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
    user_Asha kishan gurjar
    Asha kishan gurjar
    Local News Reporter Tonk, Rajasthan•
    23 hrs ago
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