सवाई माधोपुर जिले के मखौली गांव से कानसीर लिंक रोड पर लगातार गंदा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीण और मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजी खासे परेशान हैं। यह गंदा पानी न सिर्फ आने-जाने वाले ग्रामीणों के लिए बाधा बनता है, बल्कि नमाजियों पर भी इसके छींटे पड़ते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। आगामी ईद से ठीक एक दिन पहले यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि नमाजी मस्जिद में नमाज अदा करने जाएंगे। इसके साथ ही, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। यह मार्ग लगभग एक दर्जन गांवों को जोड़ता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार सरपंच और प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतों पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है और समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण मखौली गांव के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
सवाई माधोपुर जिले के मखौली गांव से कानसीर लिंक रोड पर लगातार गंदा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीण और मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजी खासे परेशान हैं। यह गंदा पानी न सिर्फ आने-जाने वाले ग्रामीणों के लिए बाधा बनता है, बल्कि नमाजियों पर भी इसके छींटे पड़ते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। आगामी ईद से ठीक एक दिन पहले यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि नमाजी मस्जिद में नमाज अदा करने जाएंगे। इसके साथ ही, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। यह मार्ग लगभग एक दर्जन गांवों को जोड़ता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार सरपंच और प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतों पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है और समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण मखौली गांव के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
- मूल पाठ में 'जय श्रीराम' के पवित्र नाम का लगातार कई बार उद्घोष किया गया है।1
- टोंक जिले के निवाई बस स्टैंड पर इस वक्त भारी हलचल मची हुई है। यहां 100 साल पुरानी पालिका बिल्डिंग को ढहाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिससे क्षेत्र में यह बड़ी खबर बनी हुई है।1
- राजस्थान के अलवर जिले में एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस शोभायात्रा के दौरान वातावरण 'जय श्रीराम' और 'बजरंगबली' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया।1
- राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा उपखंड कार्यालय के ठीक सामने लंबे समय से जाम पड़ी नाली की सफाई न होने से नाराज स्थानीय निवासियों ने आखिरकार खुद ही इसकी जिम्मेदारी संभाली और सफाई अभियान शुरू कर दिया। नगरपालिका प्रशासन की लगातार अनदेखी और इस वजह से सड़क पर फैल रहे गंदे पानी के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर घायल होने की घटनाओं से परेशान होकर लोगों ने यह कदम उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगरपालिका प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद लोगों ने स्वयं फावड़े लेकर नाली की सफाई की और पानी की निकासी को सुचारु बनाया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि उपखंड कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान के सामने गंदगी और जलभराव से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस सफाई के बाद राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिली है, जिसके साथ ही लोगों ने नगरपालिका से भविष्य में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है।1
- गंगापुर सिटी के नंगेश्रर बाबा की धूनी दीवान का बाग बाढ़ रायल कैमला नयागांव में संत नागा बाबा श्री प्रमोद गिरी जी महाराज द्वारा धूनी तपस्या की गई।1
- लालसोट में गंगा दशमी के पावन अवसर पर अनुराग सेवा संस्थान ने अपनी स्थापना के 31 वर्ष पूरे होने पर "अनुराग-31" अभियान के तहत दो मातृ-पितृ एवं भाई विहीन बेटियों का विवाह मात्र एक-एक रुपये में सम्पन्न करवाया। जैन नसियां परिसर में सर्व समाज की सहभागिता और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुए इस भावुक एवं प्रेरणादायी आयोजन में सालिगरामपुरा निवासी स्वर्गीय ताराचंद की पुत्री निकिता और आयुषी का विवाह डिगो निवासी बृजमोहन के पुत्र ज्योति प्रकाश और विकास के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं अग्नि के सात फेरों के साथ सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः सवा नौ बजे विनायक स्थापना एवं मंडप पूजन के साथ हुई, जिसके बाद दोपहर तीन बजे परशुराम मंदिर से बारात की अगवानी की गई। संस्थान के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने पुष्प वर्षा एवं मंगल तिलक के साथ बारातियों का आत्मीय स्वागत किया, भीषण गर्मी के बावजूद बारातियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सायं आयोजित आशीर्वाद समारोह में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, भामाशाहों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने नवविवाहित युगलों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 101 तुलसी पौधों का वितरण भी किया गया। पर्णकुटी महाराज मदन मोहन दास महाराज ने नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए ऐसे सेवा कार्यों को मानवता की सच्ची मिसाल बताया। विवाह समारोह में समाज के भामाशाहों और सहयोगियों ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री भेंट की। इनमें सोने-चांदी के आभूषण, फ्रिज, एलईडी टीवी, डबल बेड, सिलाई मशीन, कूलर, गैस चूल्हा, पंखे, मिक्सी, ओवन, बर्तन, ट्रॉली बैग, ड्रेसिंग टेबल, पलंग, गद्दे, बेडशीट, कुर्सियाँ और सेंटर टेबल सहित अनेक उपयोगी वस्तुएँ शामिल रहीं। कई दानदाताओं ने 21 हजार रुपये से लेकर 5100 रुपये तक की सहयोग राशि प्रदान कर सामाजिक सरोकार निभाया, जिसे समाज के लोगों ने सेवा, संवेदना और संस्कार का अनुपम उदाहरण बताया। भोजन व्यवस्था में भी अनेक भामाशाहों ने चीनी, बेसन, आटा, मिठाई, मसाले, सब्जी एवं अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर सेवा भावना का परिचय दिया। संस्थान की संरक्षिका श्रीमती अंजना मेनपाल त्यागी, अध्यक्ष अंशुल सोनी, सचिव श्याम सुंदर शर्मा, उपसचिव अजय हट्टीका सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस आयोजन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे। सर्व समाज की सहभागिता और सहयोग ने यह संदेश दिया कि यदि समाज ठान ले तो कोई बेटी स्वयं को असहाय महसूस नहीं करेगी।1
- सवाई माधोपुर जिले के मखौली गांव से कानसीर लिंक रोड पर लगातार गंदा पानी भरा रहता है, जिससे स्थानीय ग्रामीण और मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजी खासे परेशान हैं। यह गंदा पानी न सिर्फ आने-जाने वाले ग्रामीणों के लिए बाधा बनता है, बल्कि नमाजियों पर भी इसके छींटे पड़ते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। आगामी ईद से ठीक एक दिन पहले यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, क्योंकि नमाजी मस्जिद में नमाज अदा करने जाएंगे। इसके साथ ही, मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। यह मार्ग लगभग एक दर्जन गांवों को जोड़ता है, जिससे बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कई बार सरपंच और प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतों पर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है और समस्या जस की तस बनी हुई है। सड़क पर गंदे पानी के जमाव और संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई सुनवाई न होने के कारण मखौली गांव के लोगों में भारी रोष व्याप्त है।1
- पूरे माहौल में 'जय श्रीराम' के उद्घोष बार-बार सुनाई दिए, जिससे एक भक्तिमय और उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर कछला घाट पर एक दुखद हादसा हो गया। इस दौरान गंगा में स्नान कर रहे कुछ श्रद्धालु डूब गए। यह घटना गंगा दशहरा पर्व के दौरान हुई।1