उमरिया जिले का जिला शिक्षा केंद्र (डीपीसी) कार्यालय शासन के नियमों की अनदेखी और जिले के उच्च अधिकारियों को धोखे में रखने की कार्यप्रणाली के कारण हमेशा सुर्खियों में रहा है, जहाँ एक 'बड़ा खेल' चलने का आरोप है। मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यालय में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सहायक परियोजना समन्वयक के पदों को लेकर स्पष्ट निर्देश हैं कि 25 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को जिला स्तर पर मेरिट के आधार पर काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थ किया जाए। राज्य शिक्षा केंद्र ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में किन्हीं कारणों से पद रिक्त होने पर इसी चयन सूची के आधार पर प्रतिनियुक्ति की कार्यवाही की जाए। इसके अलावा, जिनकी सेवाएं पूर्व में अनियमितता या लापरवाही के कारण वापस ली गई हैं, वे प्रतिनियुक्ति के पात्र नहीं होंगे। वहीं, नवनियुक्त उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों की पदस्थापना शाला विशेष के लिए होने से उनके प्रतिनियुक्ति आवेदन मान्य नहीं किए जाने चाहिए। लोक शिक्षण संचालनालय ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय के शिक्षकों को संलग्नीकरण कार्य में नहीं रखा जाए।
उमरिया जिले का जिला शिक्षा केंद्र (डीपीसी) कार्यालय शासन के नियमों की अनदेखी और जिले के उच्च अधिकारियों को धोखे में रखने की कार्यप्रणाली के कारण हमेशा सुर्खियों में रहा है, जहाँ एक 'बड़ा खेल' चलने का आरोप है। मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्यालय में नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सहायक परियोजना समन्वयक के पदों को लेकर स्पष्ट निर्देश हैं कि 25 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को जिला स्तर पर मेरिट के आधार पर काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थ किया जाए। राज्य शिक्षा केंद्र ने यह भी निर्देश दिया है कि भविष्य में किन्हीं कारणों से पद रिक्त होने पर इसी चयन सूची के आधार पर प्रतिनियुक्ति की कार्यवाही की जाए। इसके अलावा, जिनकी सेवाएं पूर्व में अनियमितता या लापरवाही के कारण वापस ली गई हैं, वे प्रतिनियुक्ति के पात्र नहीं होंगे। वहीं, नवनियुक्त उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों की पदस्थापना शाला विशेष के लिए होने से उनके प्रतिनियुक्ति आवेदन मान्य नहीं किए जाने चाहिए। लोक शिक्षण संचालनालय ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषय के शिक्षकों को संलग्नीकरण कार्य में नहीं रखा जाए।
- उमरिया जिले के ग्राम जरहा में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण वितरित किए। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ग्राम जरहा निवासी नरेश सिंह जी भी उपस्थित रहे। वितरित किए गए उपकरण पाकर दिव्यांगजन अत्यधिक प्रसन्न दिखाई दिए। यह पहल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में जन कल्याण और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।1
- उमरिया जिले के अन्तिम छोर पर, अनुपपुर की सीमा से सटे तिवनी गांव के पास अमौदा बिजौरा में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित संवेदनशीलता दिखाते हुए राहत और उपचार कार्यों की कमान संभाल ली है। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर राखी सहाय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुंचकर घायल मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को सभी घायलों को गुणवत्तापूर्ण और समुचित उपचार प्रदान करने, साथ ही गंभीर रूप से घायल मरीजों की विशेष निगरानी रखने तथा उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता का भी भरोसा दिलाया। दूसरी ओर, पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे ने दुर्घटना से प्रभावित सभी व्यक्तियों का सत्यापित और लिखित विवरण तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा है। प्रशासनिक पुष्टि के अनुसार, इस हादसे में पड़मनिया निवासी भूपत सिंह (50 वर्ष), गिजरी निवासी बीर सिंह (60 वर्ष), पड़मनिया निवासी घनश्याम सिंह (45 वर्ष) और गिजरी निवासी सहबल बैगा (55 वर्ष) की दुखद मृत्यु हो गई है। वहीं, सूत्रों से यह सूचना भी मिली है कि मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों का निधन हो गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राहत दल लगातार प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं, और पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक व संवेदना का वातावरण व्याप्त है।1
- शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 350.500 किलोग्राम गांजा, दो चार पहिया वाहन और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 20 वर्षीय राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर जनकपुर रोड बाईपास मार्ग पर की गई नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक स्विफ्ट कार और एक इनोवा वाहन की तलाशी ली, जिसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 35.05 लाख रुपये बताई गई है, और जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य लगभग 61.12 लाख रुपये है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1
- कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने उमरिया के ग्राम तिवनी में हुए सड़क हादसे में घायल हुए लोगों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुँचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी घायलों का हालचाल जाना और स्वास्थ्यकर्मियों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। श्रीमती सहाय ने चिकित्सकों को घायलों के बेहतर उपचार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।1
- जयसिंहनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 350 किलोग्राम गांजा और दो वाहन जब्त करने का दावा किया है, जिसके साथ एक आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में जब्त गांजे की वास्तविक मात्रा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कुछ स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि बरामदगी की मात्रा पुलिस द्वारा बताई गई 350 किलोग्राम से अधिक थी, जिससे यह बहस तेज हो गई है कि जब्त गांजा वास्तव में 350 किलो था या 5 क्विंटल। सार्वजनिक मंचों पर यह भी चर्चा हो रही है कि इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच किस स्तर तक पहुंची है और क्या पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर पाएगी। लोगों के बीच यह प्रमुख सवाल भी उठ रहे हैं कि जब्त गांजे की वास्तविक मात्रा क्या है, क्या पूरे गिरोह की पहचान हो चुकी है, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है या नहीं, और जब्त वाहन किसके नाम पर पंजीकृत हैं। क्षेत्र की जनता यह मांग कर रही है कि यदि जब्ती इतनी बड़ी है, तो मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। इन चर्चाओं के बीच, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चल रही इन चर्चाओं एवं आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और मामले से संबंधित तथ्य केवल जांच तथा पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ही प्रमाणित माने जाएंगे।1