सुकमा में कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला सशक्तिकरण केंद्र द्वारा शनिवार को एक भव्य जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या के प्रति समाज को जागरूक करना और परिवार कल्याण, महिला स्वास्थ्य व शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना था। इस जागरूकता अभियान में स्कूली छात्रों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस रैली के दौरान "छोटा परिवार, सुखी परिवार" और "जनसंख्या नियंत्रण, खुशहाल जीवन का आधार" जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती दीपिका सिंह, वित्तीय साक्षरता एवं समन्वयक विशेषज्ञ श्री प्रदीप मंडल और समिला कोर्राम ने अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि के दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के पोषण और उनके उज्ज्वल भविष्य को भी प्रभावित करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण केंद्र अंतिम छोर तक पहुंचकर महिलाओं को परिवार नियोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के प्रति लगातार जागरूक करने का प्रयास कर रहा है ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण हो सके। रैली के समापन पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान उपस्थित नागरिकों और प्रतिभागियों ने जनसंख्या नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण और परिवार कल्याण के संदेशों को अपने-अपने क्षेत्रों में फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों को जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की शपथ दिलाई गई।
सुकमा में कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला सशक्तिकरण केंद्र द्वारा शनिवार को एक भव्य जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य बढ़ती जनसंख्या के प्रति समाज को जागरूक करना और परिवार कल्याण, महिला स्वास्थ्य व शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना था। इस जागरूकता अभियान में स्कूली छात्रों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस रैली के दौरान "छोटा परिवार, सुखी परिवार" और "जनसंख्या नियंत्रण, खुशहाल जीवन का आधार" जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती दीपिका सिंह, वित्तीय साक्षरता एवं समन्वयक विशेषज्ञ श्री प्रदीप मंडल और समिला कोर्राम ने अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि के दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों के पोषण और उनके उज्ज्वल भविष्य को भी प्रभावित करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण केंद्र अंतिम छोर तक पहुंचकर महिलाओं को परिवार नियोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के प्रति लगातार जागरूक करने का प्रयास कर रहा है ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण हो सके। रैली के समापन पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान उपस्थित नागरिकों और प्रतिभागियों ने जनसंख्या नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण और परिवार कल्याण के संदेशों को अपने-अपने क्षेत्रों में फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों को जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की शपथ दिलाई गई।
- सुकमा के कोंटा में थाना कोंटा पुलिस ने 18 मवेशियों को ट्रक से कुचलने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ग्राम डोण्ड्रा निवासी मडकम वीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 11 जुलाई 2026 की रात करीब 1 बजे ट्रक क्रमांक CG 12 AX 4808 के चालक ने तेज गति एवं लापरवाही से वाहन चलाते हुए बैल, गाय, बछड़ा एवं बछिया सहित 18 मवेशियों को कुचल दिया। इस हादसे में 14 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रार्थी की शिकायत पर थाना कोंटा में अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 तथा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 10 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी ट्रक चालक राजकुमार उरांव (पिता महेश उरांव, निवासी वार्ड क्रमांक 10, फरठिया, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा, झारखंड) को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसके कब्जे से ट्रक तथा वाहन के दस्तावेज जब्त किए। पुलिस ने आरोपी चालक को 11 जुलाई 2026 को शाम 5 बजे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया है। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए आगे की विवेचना जारी होने की जानकारी दी है।2
- सुकमा जिला मुख्यालय के कुम्हारास इलाके में हॉस्टल में रहने वाले बच्चे भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। बारिश के कारण हॉस्टल के पीछे वाले हिस्से में अत्यधिक कीचड़ जमा हो गया है, जिससे छात्रों का आवागमन और दैनिक जीवन बेहद मुश्किल हो गया है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन से अपील की जा रही है कि वे कलेक्ट्रेट के पीछे स्थित इस स्थान का जायजा लें और समस्या का समाधान करें ताकि बच्चों को हो रही इन परेशानियों से राहत मिल सके।3
- 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर यह विचार साझा किया गया कि यदि दुनिया की आधी आबादी गायब हो जाए, तो क्या स्थिति पहले से बेहतर होगी। इस सवाल को अंतरात्मा से जोड़ने की बात कही गई है, क्योंकि इसके जवाब आंकड़ों के बजाय गहरे आत्ममंथन में निहित हैं। इस विषय पर गहन चिंतन के लिए ऑडियो के माध्यम से संदेश को पूरा सुनने का आह्वान किया गया है।1
- कोण्डागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र स्थित ग्राम चेमा में प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को लगभग 54 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। मंत्री ने कहा कि माओवाद के प्रभाव में कमी आने के बाद बस्तर के अंदरूनी इलाकों में विकास कार्यों ने गति पकड़ी है और सरकार की प्राथमिकता सुदूर गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया, उनमें 9.60 लाख रुपये की लागत से जयराम खेत के पास पुलिया, 6.40 लाख रुपये की लागत से रूपधर शोरी के खेत के पास पुलिया, 9.50 लाख रुपये की लागत से करागुडरा पारा से हसलननार मुख्य मार्ग तक सीसी सड़क, 9.60 लाख रुपये की लागत से मलनार स्कूल मार्ग पर पुलिया, 9.60 लाख रुपये की लागत से मनीराम खेत के पास पुलिया और 9.60 लाख रुपये की लागत से पुजारीपारा में मनाजी के घर के पास पुलिया निर्माण शामिल है। इन कार्यों से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को साल भर बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी चर्चा की और उन्हें पशुपालन व मत्स्य पालन जैसी आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता कोर्राम, जनपद सदस्य रमशीला कोर्राम, सरपंच खेम सोरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।3
- कोंडागांव के सामाजिक बहिष्कार मामले में छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। आयोग के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से लिखित सहमति दी गई है। इस फैसले के तहत ग्राम समिति को अब बहिष्कार का सामना कर रही आवेदिका को मुख्य धारा में वापस शामिल करना होगा। यदि ग्राम समिति आपसी सुलह नहीं करती है या आवेदिका को मुख्य धारा में नहीं लिया जाता है, तो आवेदिका के पास संबंधित लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज कराने का अधिकार होगा।1
- सुकमा जिले के कोन्टा थाना क्षेत्र में एक ट्रक चालक ने तेज गति से जानबूझकर और बेरहमी से 18 मवेशियों को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही 14 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गई और चार मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वाले मवेशियों में बैल, गाय, बछड़ा और बछिया शामिल हैं। यह घटना 11 जुलाई 2026 की रात करीब 1:00 बजे की है। घटना के बाद डोण्ड्रा निवासी प्रार्थी मडकम वीरा (पिता मरकाम राजा, उम्र 32 वर्ष) ने कोन्टा थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए कोन्टा पुलिस ने अपराध क्रमांक 19/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 और छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 10 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना में शामिल ट्रक क्रमांक सीजी 12 AX 4808 और उसके दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। आरोपी ट्रक चालक राजकुमार उरांव (पिता महेश उरांव, उम्र 30 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 10 फरठीया, थाना गढ़वा, जिला गढ़वा, झारखंड) को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद 11 जुलाई 2026 को शाम 5:00 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी का न्यायिक रिमांड तैयार कर उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।1