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शुभ मंगलवार के पावन अवसर पर, भक्तों को मिनी वृंदावन धाम पन्ना में भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस शुभ दिन पर 'जय श्री कृष्णा' का उद्घोष किया गया।
Sandeep shukla
शुभ मंगलवार के पावन अवसर पर, भक्तों को मिनी वृंदावन धाम पन्ना में भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस शुभ दिन पर 'जय श्री कृष्णा' का उद्घोष किया गया।
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- Yourkar ऑटोमोटिव और यात्रा एक्सेसरीज का एक ब्रांड है जो वाहनों के लिए उपयोगी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। उनके कैटलॉग में कार सीट हेडरेस्ट हुक, दस्तावेज़ और बीमा धारक, वापस लेने योग्य विंडशील्ड सनशेड और चाबी की चेन जैसे कई उत्पाद शामिल हैं।1
- पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गनियारी से श्री कल्लू पटेल और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सिया भाई पटेल जल भरने की तीर्थ यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस अवसर पर गाँव के लोगों और सभी रिश्तेदारों ने उनसे भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।1
- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में राम भगत सोनी और धुराम चौधरी को जिला कांग्रेस कमेटी में स्थान मिला है। इस नियुक्ति के बाद से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
- मैहर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई इन दिनों सरकारी संवेदनशीलता की कमी का अनोखा नमूना पेश कर रही है। जहां एक ओर अधिकारी वर्ग वातानुकूलित कमरों में आराम से आवेदन सुन रहा है, वहीं जिलेभर से पहुंचे बुजुर्ग, महिलाएं और ग्रामीण भीषण गर्मी में कार्यालय के बाहर पसीना बहाने को मजबूर हैं। करीब 43-44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में आवेदक लंबी कतारों में पंखों की हवा को भी तरस रहे हैं, न्याय से पहले उन्हें धूप की परीक्षा देनी पड़ रही है। स्थिति इतनी बदतर है कि इंतजार कर रहे आवेदक पानी पीने के लिए भी नहीं जा सकते। हालांकि ठंडे पानी की व्यवस्था तो दिखती है, लेकिन वहां गिलास गायब हैं, जिसके चलते लोग मजबूरन कटे हुए पानी के डिब्बों का इस्तेमाल सरकारी गिलास के तौर पर कर रहे हैं। बताया गया है कि इंडियन बैंक ने वाटर कूलर दान किया है, लेकिन गिलास और पंखे अभी भी प्रशासनिक फाइलों में मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। इस असंवेदनशील स्थिति को देखते हुए, नगर के व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधियों से अपील की जा रही है कि वे कलेक्टर कार्यालय के लिए कुछ पंखे, कूलर और गिलास दान करें। इसका उद्देश्य यह है कि जनता कम से कम बेहोश हुए बिना अपनी शिकायतें दर्ज करा सके। लोग तंज कस रहे हैं कि मैहर में जनसुनवाई का अर्थ शायद यही है कि 'जनता गर्मी सहे और सिस्टम ठंडक में शासन चलाए'।3
- सतना के टिकुरिया टोला स्थित गली नम्बर 1 में एक ई-रिक्शा नाले में जा गिरा। इस घटना की विस्तृत जानकारी प्रतीक्षा में है।1
- एक संदेश के माध्यम से देश में नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की जोरदार मांग की गई है। इस आह्वान के साथ ही, यह भी कहा गया है कि 'जय भीम' के अनुयायियों को मुख्यमंत्री पद पर आसीन किया जाए। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की गई है।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पन्ना के महाराज सागर तालाब में श्रमदान का आयोजन किया गया, जिसमें जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने अपनी जिम्मेदारी संभाली, जिससे तालाब सफाई के इस कार्य में पूरा शहर एकजुट होकर जुट गया। यह पहल जल गंगा संवर्धन अभियान का हिस्सा थी, जिसे व्यापक जनसमर्थन मिला और इसी के तहत महाराज सागर तालाब में एक विशाल स्वच्छता महाअभियान सफलतापूर्वक चलाया गया।1
- जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सांसद बीडी शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने पन्ना नगर के सभी 16 तालाबों का ई-वी स्कूटी के माध्यम से विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने विभिन्न तालाबों और जल संरचनाओं से जुड़े संरक्षण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से तालाबों की साफ-सफाई, गहरीकरण, उनकी जल संग्रहण क्षमता बढ़ाने और सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। सांसद बीडी शर्मा ने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए जोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को तालाबों में जलभराव क्षमता बढ़ाने, उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा अतिक्रमण हटाने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देकर जल संकट की समस्या को कम करने पर भी बल दिया।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की मालथोन तहसील में आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। ये कार्यकर्ताएँ स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधे आरोप लगा रही हैं। उनका कहना है कि जो आशा कार्यकर्ताएँ गांव-गांव जाकर लोगों की जान बचाती हैं, उन्हें अपनी मेहनत का पैसा पाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत देनी पड़ती है, और जब वे अपनी आवाज उठाती हैं तो उन्हें अपमानित किया जाता है। इसी वजह से आज वही कार्यकर्ताएँ अपने हक के लिए आवाज उठाने को मजबूर हैं।1