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मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में राम भगत सोनी और धुराम चौधरी को जिला कांग्रेस कमेटी में स्थान मिला है। इस नियुक्ति के बाद से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
Arun Lodhi
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में राम भगत सोनी और धुराम चौधरी को जिला कांग्रेस कमेटी में स्थान मिला है। इस नियुक्ति के बाद से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
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- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में राम भगत सोनी और धुराम चौधरी को जिला कांग्रेस कमेटी में स्थान मिला है। इस नियुक्ति के बाद से स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।1
- पन्ना पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक आरोपी को उत्तर प्रदेश के नोएडा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू के निर्देशन में सिमरिया थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। आरोपियों ने सिमरिया थाना क्षेत्र के फरियादी गोपाल बंसकार के साथ कुल ₹1,90,000 की साइबर ठगी की थी। यह शिकायत 1930 साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से सिमरिया थाने में प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर एफआईआर क्रमांक 372/26 धारा 318(4) बीएनएस पंजीबद्ध कर जांच की गई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फरियादी के मोबाइल फोन में एक एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल कराकर उसका अनाधिकृत एक्सेस प्राप्त किया। इस एक्सेस के जरिए उन्होंने मोबाइल की संवेदनशील जानकारी, बैंकिंग एक्सेस, यूपीआई (UPI) और संबंधित ट्रांजैक्शन ओटीपी (OTP) डिटेल्स हासिल कर खाते से अवैध लेनदेन किए। पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान और एस.डी.ओ.पी. पवई भावना दांगी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिमरिया निरीक्षक माधवी अग्निहोत्री के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की और साइबर सेल टीम पन्ना से तकनीकी सहायता ली। विवेचना के दौरान, 23 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2:28 बजे ₹95,000 और 27 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 1:17 बजे पुनः ₹95,000 अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे। डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी मेहताब आलम, निवासी भमेड़ा, थाना बाबूगढ़ छावनी, जिला हापुड़ (उ.प्र.), की संलिप्तता सामने आने पर उसे नोएडा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी मेहताब आलम ने बताया कि वह अपने साथी नदीम खान और आदर्श निवासी खुरई (सागर) के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह लोगों के मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टॉल कराकर उनके बैंक खातों और यूपीआई एप्लिकेशन का एक्सेस लेता था, फिर धोखाधड़ी की राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाल लेता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि फ्रॉड से प्राप्त ₹95,000 सलमा नामक खाते में डलवाकर निकाले गए थे और उसे आपस में बांटने की योजना थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹90,000 नगद और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और साइबर गिरोह के नेटवर्क के संबंध में विस्तृत जांच की जा रही है। इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी सिमरिया निरीक्षक माधवी अग्निहोत्री, उनि. योगेन्द्र गायकवाड़, सउनि एच.सी. राठौर, प्र.आर. गजेन्द्र उरमलिया, आर. सुशील मिश्रा एवं सायबर सेल टीम का सराहनीय योगदान रहा। पन्ना पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल, लिंक अथवा मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड एवं इंस्टॉल न करें। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक डिटेल, यूपीआई पिन अथवा मोबाइल एक्सेस किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराएं।1
- गंगा दशहरा के पावन अवसर पर पन्ना के महाराज सागर तालाब में श्रमदान का आयोजन किया गया, जिसमें जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने अपनी जिम्मेदारी संभाली, जिससे तालाब सफाई के इस कार्य में पूरा शहर एकजुट होकर जुट गया। यह पहल जल गंगा संवर्धन अभियान का हिस्सा थी, जिसे व्यापक जनसमर्थन मिला और इसी के तहत महाराज सागर तालाब में एक विशाल स्वच्छता महाअभियान सफलतापूर्वक चलाया गया।1
- पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के बीहरपुवा गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब निर्माणाधीन कुआं अचानक धंस गया। इस घटना में काम कर रहे छह लोग मिट्टी के मलबे में दब गए, जिसमें से पांच की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। इस हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। जानकारी के अनुसार, बीहरपुवा गांव में एक निजी कुएं का निर्माण कार्य चल रहा था, जिसमें मजदूर और स्थानीय लोग खुदाई और निर्माण में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में कुएं के अंदर मौजूद लोग आ गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बड़े हादसे का कारण मिट्टी का अधिक दबाव और अचानक धंसाव बताया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। जेसीबी मशीनों की मदद से तेजी से मिट्टी हटाई गई और ग्रामीण भी अपनी तरफ से बचाव कार्य में जुट गए। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अब तक पांच लोगों के शव मलबे से निकाले जा चुके हैं, जबकि लापता व्यक्ति की तलाश लगातार जारी है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों में गहरा आक्रोश भी देखा जा रहा है, उनका आरोप है कि कुएं के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह दुखद घटना हुई। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी। फिलहाल, मौके पर एनडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल की टीमें लगातार मलबा हटाने और लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई हैं।4
- Yourkar एक ऑटोमोटिव और यात्रा एक्सेसरीज ब्रांड है जो वाहनों के लिए कई उपयोगी उत्पाद प्रदान करता है। इनके उत्पादों की सूची में कार सीट हेडरेस्ट हुक, दस्तावेज़ और बीमा धारक, वापस लेने योग्य विंडशील्ड सनशेड और चाबी की चेन जैसे विभिन्न उपयोगी आइटम शामिल हैं।1
- शुभ मंगलवार के पावन अवसर पर, भक्तों को मिनी वृंदावन धाम पन्ना में भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस शुभ दिन पर 'जय श्री कृष्णा' का उद्घोष किया गया।1
- एक संदेश के माध्यम से देश में नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने की जोरदार मांग की गई है। इस आह्वान के साथ ही, यह भी कहा गया है कि 'जय भीम' के अनुयायियों को मुख्यमंत्री पद पर आसीन किया जाए। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा साझा करने की अपील की गई है।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की मालथोन तहसील में आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा अब सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। ये कार्यकर्ताएँ स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर सीधे आरोप लगा रही हैं। उनका कहना है कि जो आशा कार्यकर्ताएँ गांव-गांव जाकर लोगों की जान बचाती हैं, उन्हें अपनी मेहनत का पैसा पाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत देनी पड़ती है, और जब वे अपनी आवाज उठाती हैं तो उन्हें अपमानित किया जाता है। इसी वजह से आज वही कार्यकर्ताएँ अपने हक के लिए आवाज उठाने को मजबूर हैं।1