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पश्चिमी चंपारण जिले के योगापट्टी चमैनिया बाजार से लेकर नवलपुर के बीच एक डिग्री कॉलेज बनाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। क्षेत्रवासियों का तर्क है कि सड़क किनारे कॉलेज का निर्माण होने से छात्रों को बस और अन्य वाहनों की बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी।
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पश्चिमी चंपारण जिले के योगापट्टी चमैनिया बाजार से लेकर नवलपुर के बीच एक डिग्री कॉलेज बनाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। क्षेत्रवासियों का तर्क है कि सड़क किनारे कॉलेज का निर्माण होने से छात्रों को बस और अन्य वाहनों की बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी।
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- योगापट्टी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों द्वारा एक डिग्री कॉलेज को लेकर लगातार तीव्र होती जा रही है। लोगों का कहना है कि यह डिग्री कॉलेज कोहरा भवानीपुर में संचालित हो रहा है, जहाँ आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। इस परिवहन की कमी के कारण दूर-दराज के गाँवों से आने वाले छात्रों को कॉलेज पहुँचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।1
- बताया गया है कि मां के साथ सम्राट चौधरी से मुलाकात की जाएगी, क्योंकि हत्या करने का आदेश पटना से आया था। इस संदर्भ में यह कड़ी चेतावनी भी दी गई है कि यदि भारत भूषण कन्या अगले 15 दिनों के भीतर नहीं मिलते हैं, तो सम्राट चौधरी का घेराव किया जाएगा।1
- बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर (पीके) पूरी ताकत से सक्रिय हैं, जहाँ जन सुराज ने इसे प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया है। पीके का दावा है कि उनकी पार्टी बीजेपी को कड़ी चुनौती देकर हराने का दम रखती है। जन सुराज ने बांकीपुर में अपनी ताल ठोकी है, जिससे यह मुकाबला बिहार की सबसे बड़ी जंग बन गया है और पीके ने बीजेपी को हराकर ही दम लेने की बात कही है।1
- बिहार में NEET Re-Exam में हुए फर्जीवाड़े की जांच अब EOU करेगी। यह सेंधमारी मेडिकल छात्रों और बायोमिट्रिक स्टाफ की आपसी साठगांठ के जरिए की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इस धांधली का खुलासा हुआ है।1
- कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के मिठहा माफी गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ दिन पहले खरीदी गई एक नई टाटा सियारा कार अचानक आग की लपटों में घिर गई। यह आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में पूरी गाड़ी धू-धू कर जलकर राख हो गई।1
- Post by Times of Uttar Pradesh1
- पश्चिम चंपारण के चनपटिया से एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक माँ पर अपने तीन मासूम बच्चों की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगा है। यह मामला चनपटिया थाना क्षेत्र के लोहियरिया पंचायत के भंगहा वार्ड संख्या-4 का है। शुरुआत में महिला ललिता देवी ने अपने पति रामबाबू यादव पर तीनों बच्चों की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागी। इस आरोप के बाद पुलिस ने पति रामबाबू यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। हालांकि, जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी, पुलिस ने घटनास्थल, परिवार के सदस्यों और दोनों पक्षों से लगातार पूछताछ की। मंगलवार सुबह छौरहिया गांव के समीप एक नहर से एक बच्चे का शव बरामद होने के बाद कुछ घंटों के भीतर उसी नहर से दो और बच्चों के शव मिले, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने बताया कि गहन पूछताछ के दौरान ललिता देवी ने खुद अपने तीनों बच्चों की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, महिला घर की आर्थिक तंगी, पति-पत्नी के बीच लगातार होने वाले विवाद और घरेलू तनाव के कारण मानसिक रूप से परेशान थी। उसने बताया कि पति द्वारा शराब के नशे में मारपीट और प्रताड़ना किए जाने से वह तंग आ चुकी थी। इसी बीच, एक विवाद के बाद उसने अपने तीनों बच्चों की गला दबाकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शवों को नहर में फेंक दिया। इसके बाद वह अपने मायके पहुँच गई और पति पर हत्या का झूठा आरोप लगा दिया। पति रामबाबू यादव ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात खाना खाने के बाद वह सो गया था और सुबह उठने पर पत्नी व बच्चे घर पर नहीं थे, जिसके बाद वह उनकी तलाश में ससुराल पहुँचा। जाँच में यह भी सामने आया है कि सोमवार देर रात पति-पत्नी के बीच पानी को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद ललिता देवी तीनों बच्चों को साथ लेकर घर से निकली थी। पुलिस ने बताया है कि महिला ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है, लेकिन मामले में अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। इस दर्दनाक घटना ने पूरे पश्चिम चंपारण को स्तब्ध कर दिया है और रिश्तों, भरोसे तथा मातृत्व को लेकर समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब पुलिस जाँच और अदालत की प्रक्रिया से ही सामने आने की उम्मीद है।1
- पश्चिमी चंपारण जिले के योगापट्टी चमैनिया बाजार से लेकर नवलपुर के बीच एक डिग्री कॉलेज बनाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। क्षेत्रवासियों का तर्क है कि सड़क किनारे कॉलेज का निर्माण होने से छात्रों को बस और अन्य वाहनों की बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी।1