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होली एवं ग्रहण के बारे में भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो जाएगा और शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन हो जाएगा. चंद्र ग्रहण की अवधि कितनी है? साल के इस पहले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगी. हालांकि, भारत में दर्शकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है। देश के कई हिस्सों में चंद्रमा के उदय के समय ही ग्रहण शुरू हो चुका होगा। इसका मतलब है कि यहां ग्रहण का केवल अंतिम भाग ही दिखाई देगा । भारतीय दर्शकों के लिए ग्रहण का सबसे स्पष्ट चरण सूर्यास्त के आसपास होगा। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
Heera Pal
होली एवं ग्रहण के बारे में भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो जाएगा और शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन हो जाएगा. चंद्र ग्रहण की अवधि कितनी है? साल के इस पहले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगी. हालांकि, भारत में दर्शकों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है। देश के कई हिस्सों में चंद्रमा के उदय के समय ही ग्रहण शुरू हो चुका होगा। इसका मतलब है कि यहां ग्रहण का केवल अंतिम भाग ही दिखाई देगा । भारतीय दर्शकों के लिए ग्रहण का सबसे स्पष्ट चरण सूर्यास्त के आसपास होगा। 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
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- *भिटौरा ब्लॉक के बसोहनी में हंगामा: प्रधान पर गंभीर आरोप, पूर्व प्रधान की भूमिका पर भी उठे सवाल* *आदित्य शुक्ला* भिटौरा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले बसोहनी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने मौजूदा प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पंचायत में चल रहे अधिकांश कार्य मानक विहीन और गुणवत्ता विहीन हैं। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का दावा है कि भूतपूर्व प्रधान का भी ग्राम पंचायत के कार्यों में भारी हस्तक्षेप बना हुआ *कमीशनखोरी के कारण घटिया काम*” – ग्रामीणों का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि भारी कमीशनखोरी के चलते ठेकेदारों को खुलेआम काम सौंपे जा रहे हैं। आरोप है कि सीसी रोड, नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग, हैंडपंप मरम्मत और अन्य विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। कई जगहों पर आधा-अधूरा निर्माण, पतली परत, घटिया सामग्री और जल्द टूट-फूट के उदाहरण सामने आ रहे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि “काम शुरू होते ही कमीशन की बात पहले तय हो जाती है, गुणवत्ता की नहीं।” ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों को संरक्षण मिलने के कारण वे बेखौफ होकर घटिया निर्माण कर रहे हैं। पूर्व प्रधान की भूमिका पर सवाल ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि भूतपूर्व प्रधान आज भी पंचायत के निर्णयों में दखल दे रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान प्रधान केवल नाम मात्र के हैं, जबकि वास्तविक नियंत्रण किसी और के हाथ में है। अगर यह सच है तो यह पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है। प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल मामले को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग की है। अब सवाल यह उठता है कि क्या खंड विकास अधिकारी (BDO), पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक ने निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया है? क्या भुगतान से पहले गुणवत्ता की जांच की गई? क्या सोशल ऑडिट की प्रक्रिया पूरी की गई? यदि मानक विहीन कार्यों के बावजूद भुगतान हो रहा है, तो यह सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। जिलाधिकारी और सीडीओ से जांच की मांग ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी टीम गठित कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रधान, पूर्व प्रधान, पंचायत सचिव और ठेकेदार के खिलाफ वित्तीय व प्रशासनिक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। बड़ा सवाल गांव के विकास के नाम पर अगर कमीशन और भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है तो इसका खामियाजा सीधे आम जनता को भुगतना पड़ता है। बसोहनी ग्राम का मामला अब पूरे ब्लॉक में चर्चा का विषय बन चुका है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर संज्ञान लेता है या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।4
- Post by डॉ फूल सिंह लोधी पूर्व सैनिक समाज सेवा1
- श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर लठमार होली1
- होली पर्व पर वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के बीच बाँटी गईं खुशियाँ, छलका अपनत्व का रंग फतेहपुर होली का पर्व जहाँ चारों ओर रंग, उमंग और उल्लास लेकर आता है, वहीं वृद्धाश्रम में रह रहे कई बुजुर्गों के जीवन में यह दिन अक्सर अपनों की याद और एकांत का दर्द भी साथ लाता है। जिन हाथों ने कभी अपने परिवार को खुशियों से सजाया, आज वही हाथ अपनों के स्नेहिल स्पर्श की प्रतीक्षा करते दिखाई देते हैं। त्योहारों के अवसर पर यह अकेलापन उनके मन को और अधिक व्यथित कर देता है। ऐसे संवेदनशील समय में आज रविवार को विगत वर्षों की भांति होलिकोत्सव पर्व के पूर्व भोजन जन सेवा समिति के सदस्यों ने वृद्धाश्रम पहुँचकर बुजुर्गों के साथ होली मनाई।सर्वप्रथम सभी बुजुर्गों को हैप्पी होली की टोपी लगाई गुलाल लगाकर, होली गीत गाकर तथा गुजिया, पापड़ और मिठाई वितरित कर उनके जीवन में खुशी के रंग भरने का प्रयास किया गया। जब बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लौटी और उनकी आँखों में अपनत्व के आँसू छलके, तो वातावरण भावुक हो उठा।तत्पश्चात सभी बुजुर्ग व समिति सदस्य होली गीतों पर जमकर थिरके।समिति के संस्थापक कुमार शेखर ने कहा कि हमारे बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन में सम्मान, समय और स्नेह के रंग भरना ही सच्चे अर्थों में होली मनाना है।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी बुजुर्गों के साथ हर सुख-दुख में खड़े रहेंगे। इस अवसर पर समिति के नरेश गुप्ता,मनीष केसरवानी,रीता सिंह तोमर,साधना चौरसिया, शिवांशु चौरसिया,अंकिता सिंह,नरेश अग्रहरि,राकेश गुप्ता, रामेन्द्र सिंह,आशीष मिश्रा,सुरेश भाई,बल्लू बाबू श्रीवास्तव आदि रहे1
- Post by Sandeep tvnews1
- फतेहपुर के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव में तालाब में अज्ञात युवती का शव मिला। युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। रेप के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। कल किशनपुर थाना क्षेत्र इलाके में पांच दिन से लापता मासूम का मिला था शव। सूचना पर पहुंची हुसैनगंज थाने की पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। और युवती के शव की शिनाख्त के प्रयास में जुटी हुई है।1
- हुसैनगंज क्षेत्र में किशोरी की हत्या से सनसनी मकनपुर गांव में खेत के पास मिला शव भारी पुलिस बल मौके पर, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव परिजनों की तहरीर का इंतजार, जांच जारी जनपद में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर उठे सवाल 📰 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा 📍 स्थान: मकनपुर गांव 📌 थाना क्षेत्र: हुसैनगंज 📅 दिनांक: 29 फरवरी 2026 | दिन: रविवार l रिपोर्ट : यूपी हेड नागेंद्र पांडये 🟥 बड़ी खबर | मकनपुर गांव में किशोरी की हत्या, क्षेत्र में दहशत l फतेहपुर का हुसैनगंज… मकनपुर गांव… और खेतों के बीच पड़ी एक किशोरी की लाश! सवाल सिर्फ एक हत्या का नहीं है… सवाल है उस कानून व्यवस्था का, जो बार-बार अपराध के सामने बौनी साबित हो रही है। 14 से 16 साल की मासूम… घर से निकली… और फिर वापस लौटी तो सिर्फ एक शव बनकर! कौन है कातिल? क्यों हुई हत्या? और सबसे बड़ा सवाल — क्या प्रशासन फिर देर से जागा? उत्तर प्रदेश के फतेहपुर ज़िले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव में एक किशोरी का शव खेत के पास मिलने से इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पुलिस के अनुसार, मृतका की उम्र लगभग 14 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की गई है। फतेहपुर जनपद के हुसैनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मकनपुर गांव में एक किशोरी की हत्या की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 14 से 16 वर्षीय किशोरी खेतों की ओर गई थी, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हत्या किस कारण से की गई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। खबर लिखे जाने तक परिजनों द्वारा औपचारिक तहरीर नहीं दी गई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। ⚖️ बढ़ते अपराध पर चिंता जनपद में हाल के दिनों में चोरी, लूट, डकैती, छेड़छाड़ और हत्या जैसी घटनाओं में वृद्धि ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ती दिख रही है। 📢 ND NEWS की अपील (जनहित संदेश) 👉 किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। 👉 ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए। 👉 महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। 👉 समाज में जागरूकता और सतर्कता बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है। सुरक्षित समाज के लिए प्रशासन और जनता दोनों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा — बड़ी खबर मकनपुर की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे जनपद के लिए चेतावनी भी है। अब निगाहें पुलिस जांच और त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जा सके। मकनपुर गांव की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की परीक्षा भी है। अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पर टिकी हैं। प्रशासन के लिए चुनौती दोहरी है—दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाना और साथ ही क्षेत्र में विश्वास व सुरक्षा की भावना बहाल करना। जांच के निष्कर्ष ही आगे की दिशा तय करेंगे। मकनपुर की यह हत्या सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं… यह पूरे जिले की कानून व्यवस्था पर लगा सवाल है। यदि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा नहीं मिली… यदि पुलिस गश्त, खुफिया तंत्र और निगरानी मजबूत नहीं हुई… तो यह सिर्फ एक केस नहीं रहेगा — यह प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन जाएगा। फतेहपुर पूछ रहा है — क्या फिर वही रूटीन बयान आएंगे? या इस बार जिम्मेदारी तय होगी? क्योंकि डर का माहौल लोकतंत्र की पहचान नहीं होता। और न्याय में देरी… न्याय से इनकार के बराबर होती है। ND NEWS इस मामले की हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा। 👇👇 @dgpup @RSSorg @UPGovt @wpl1090 @RSSgeet @Uppolice @MIB_India @PMOIndia @HMOIndia @VHPDigital @igrangealld @myogioffice @InfoDeptUP @dmfatehpur @sdmsadarftp @CMOfficeUP @CMOUP_RC @ChiefSecyUP @ChiefSecyUP @MahantYogiG @FatehpurSdm @fatehpurpolice @BajrangDalOrg @112UttarPradesh @myogiadityanath @CommissionerPrg @ADGZonPrayagraj @ANOOPSINGH_IPS1
- Post by डॉ फूल सिंह लोधी पूर्व सैनिक समाज सेवा2