मंडला जिले के मुडढा झीला गाँव में नवीन अमृत सरोवर के निर्माण में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सोमवार, 22 जून को शाम चार बजे सरपंच रूप सिंह पंद्राम ने बताया कि निर्माण कार्य में तकनीकी प्राक्कलन को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। ग्रामीणों और क्षेत्र के समाजसेवियों द्वारा मौके पर किए गए निरीक्षण में पाया गया कि 3 मीटर गहरी नींव खोदकर क्ले कोर बनाने के बजाय, पुरानी मेढ़ पर ही थोड़ी मिट्टी-मुर्रम डालकर उसे ट्रैक्टर से दबा दिया गया। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर कोई सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तालाब के गहरीकरण और सफाई न होने के कारण पहली ही बारिश में इसके ढहने का खतरा है। इस स्थिति से मुडढा झीला सहित पाँच अन्य गाँवों के लोगों और वन्यजीवों के सामने जल संकट खड़ा होने की संभावना है। सरपंच रूप सिंह पंद्राम और समाजसेवी रामलाल कुलस्ते सहित गाँव के अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस गुणवत्ताविहीन कार्य की जांच कराने और मूल एस्टीमेट के अनुसार सरोवर का पुनः निर्माण करने की मांग की है।
मंडला जिले के मुडढा झीला गाँव में नवीन अमृत सरोवर के निर्माण में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सोमवार, 22 जून को शाम चार बजे सरपंच रूप सिंह पंद्राम ने बताया कि निर्माण कार्य में तकनीकी प्राक्कलन को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। ग्रामीणों और क्षेत्र के समाजसेवियों द्वारा मौके पर किए गए निरीक्षण में पाया गया कि 3 मीटर गहरी नींव खोदकर क्ले कोर बनाने के बजाय, पुरानी मेढ़ पर ही थोड़ी मिट्टी-मुर्रम डालकर उसे ट्रैक्टर से दबा दिया गया। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर कोई सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तालाब के गहरीकरण और सफाई न होने के कारण पहली ही बारिश में इसके ढहने का खतरा है। इस स्थिति से मुडढा झीला सहित पाँच अन्य गाँवों के लोगों और वन्यजीवों के सामने जल संकट खड़ा होने की संभावना है। सरपंच रूप सिंह पंद्राम और समाजसेवी रामलाल कुलस्ते सहित गाँव के अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस गुणवत्ताविहीन कार्य की जांच कराने और मूल एस्टीमेट के अनुसार सरोवर का पुनः निर्माण करने की मांग की है।
- मंडला में नारायणगंज के चुटका परमाणु परियोजना से प्रभावित 44 विस्थापित परिवारों ने ग्राम गौंझीमाल स्थित आधुनिक पुनर्वास एवं पुर्नस्थापन कॉलोनी में अपने नए आवासों में गृह प्रवेश किया। प्रशासन ने इस पहल को प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। प्रदेश की पीएचई मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके ने स्वयं नए आवासों में पहुंचकर इन परिवारों का पारंपरिक स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंत्री श्रीमती उईके ने प्रभावितों को पुनर्वास अवार्ड राशि के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे और कहा कि सरकार प्रत्येक परिवार को बेहतर जीवन और सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि इस कॉलोनी में श्रीराम, हनुमान, राधा-कृष्ण के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति के आराध्य बड़ादेव मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए, मंत्री ने आगामी दो दिनों के भीतर बच्चों के लिए स्कूल संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि परियोजना से प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। एनपीसीआईएल की इस परियोजना के तहत कुल 330 परिवारों में से अब तक 119 परिवारों को इस कॉलोनी में बसाया जा चुका है। कार्यक्रम में उपस्थित कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने बताया कि नए आवासों में शिफ्ट हुए 44 परिवारों के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक माह तक नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस सर्वसुविधायुक्त कॉलोनी में स्वच्छ पेयजल, निर्बाध बिजली, पक्की सड़कें और सुदृढ़ नाली जैसी आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, एसडीएम सोनल सिडाम, एसडीएम सीएल वर्मा, स्थानीय सरपंच श्री विश्राम सहित एनपीसीआईएल के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।1
- Post by Neelesh THAKUR1
- मण्डला के माहिष्मती घाट पर आज 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहद उत्साह के साथ मनाया गया। इस जिला स्तरीय सामूहिक योग अभ्यास में पीएचई मंत्री श्रीमती संपतिया उईके, नगर पालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे, प्रशासनिक अमले और नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- महिष्मति घाट पर भारी मात्रा में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। क्षेत्र में कूड़ेदानों की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मंडला जिला कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने एक अनुकरणीय पहल की। उन्होंने जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक पहुंचकर रक्तदान किया। कलेक्टर ने इस पुनीत कार्य के माध्यम से आमजन को भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी यह कार्रवाई एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई।1
- भीषण गर्मी और लगातार घटते जलस्तर के कारण घुघरी क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि ग्रामीणों को अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए भी पानी की एक-एक बूंद जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर, कुओं का जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि लोगों को रस्सी और छोटे बर्तनों की मदद से थोड़ा-थोड़ा पानी निकालना पड़ रहा है। जनपद पंचायत घुघरी की चोवा ग्राम पंचायत में ग्रामीण एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, जो क्षेत्र में जल संकट की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।1
- जय श्री रामधर्म संगठन द्वारा व्यक्त एक गहन भावनात्मक संदेश में, यह कामना की गई है कि काश सब साथ होते। इस भावना के अनुसार, यदि सब मिलकर चलते, तो लोग बुराई के रास्ते से दूर रहते और उनकी जिंदगी संस्कारों में ढलती। संदेश में यह भी इच्छा व्यक्त की गई है कि ऐसे में किसी का प्यार बेरहमी से बिछड़ता नहीं।1
- मंडला जिले के मुडढा झीला गाँव में नवीन अमृत सरोवर के निर्माण में भारी लापरवाही का आरोप लगा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सोमवार, 22 जून को शाम चार बजे सरपंच रूप सिंह पंद्राम ने बताया कि निर्माण कार्य में तकनीकी प्राक्कलन को पूरी तरह से अनदेखा किया गया है। ग्रामीणों और क्षेत्र के समाजसेवियों द्वारा मौके पर किए गए निरीक्षण में पाया गया कि 3 मीटर गहरी नींव खोदकर क्ले कोर बनाने के बजाय, पुरानी मेढ़ पर ही थोड़ी मिट्टी-मुर्रम डालकर उसे ट्रैक्टर से दबा दिया गया। इसके अतिरिक्त, निर्माण स्थल पर कोई सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है, जिससे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि तालाब के गहरीकरण और सफाई न होने के कारण पहली ही बारिश में इसके ढहने का खतरा है। इस स्थिति से मुडढा झीला सहित पाँच अन्य गाँवों के लोगों और वन्यजीवों के सामने जल संकट खड़ा होने की संभावना है। सरपंच रूप सिंह पंद्राम और समाजसेवी रामलाल कुलस्ते सहित गाँव के अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस गुणवत्ताविहीन कार्य की जांच कराने और मूल एस्टीमेट के अनुसार सरोवर का पुनः निर्माण करने की मांग की है।1