राइस मिल के राखड़ से लोग परेशान , पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ाते मिल मालिक, मानव जीवन पर खतरा राइस मिल के राखड़ से लोग परेशान , पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ाते मिल मालिक गोबरा नवापारा, व्यापारिक नगरी में दर्जनों राइस मिलें संचालित हो रही हैं, जहां धन्नासेठ मिल मालिक बिना किसी रोक-टोक के व्यापार चला रहे हैं। उनकी प्राथमिकता सिर्फ मुनाफा है, भले ही इससे स्थानीय लोगों की सेहत और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा हो। इन मिलों से निकलने वाली राखड़ इन दिनों हवा में घुलकर लोगों की आंखों में सीधे घुस रही है, जिससे जलन, लालिमा और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। राखड़ के कण इतने बारीक होते हैं कि वे सड़कों, घरों और स्कूलों तक फैल जाते हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। राइस मिल मालिक मानवीय मूल्यों और पर्यावरणीय नियमों को ताक पर रखकर कारखाने चला रहे हैं। चिमनियों से बिना उचित फिल्टर के धुआं और राख निकल रही है। एयर पॉल्यूशन कंट्रोल उपकरण या तो लगाए ही नहीं गए या बेकार पड़े हैं। परिवहन के दौरान भी राखड़ खुलेआम उड़ाई जा रही है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे दुष्प्रभावों पर सख्त निगरानी रखे, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। यह स्थिति सिर्फ स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय लापरवाही है। राखड़ हवा के साथ मिट्टी और पानी को भी प्रदूषित कर रही है। अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो इलाके में गंभीर बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। मिल मालिकों को आधुनिक ESP या बैग फिल्टर लगाने चाहिए, राख का वैज्ञानिक निपटान करना चाहिए और परिवहन को कवर करके करना चाहिए। पर्यावरण विभाग को नियमित जांच, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर मिल बंद करने की कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों को भी संगठित होकर आवाज उठानी होगी। स्वस्थ पर्यावरण हर किसी का अधिकार है। व्यापार महत्वपूर्ण है, लेकिन लोगों की जान से ऊपर नहीं। गोबरा नवापारा के निवासियों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और विभाग त्वरित कदम उठाएं, वरना यह समस्या और विकराल रूप लेगी।
राइस मिल के राखड़ से लोग परेशान , पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ाते मिल मालिक, मानव जीवन पर खतरा राइस मिल के राखड़ से लोग परेशान , पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ाते मिल मालिक गोबरा नवापारा, व्यापारिक नगरी में दर्जनों राइस मिलें संचालित हो रही हैं, जहां धन्नासेठ मिल मालिक बिना किसी रोक-टोक के व्यापार चला रहे हैं। उनकी प्राथमिकता सिर्फ मुनाफा है, भले ही इससे स्थानीय लोगों की सेहत और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा हो। इन मिलों से निकलने वाली राखड़ इन दिनों हवा में घुलकर लोगों की आंखों में सीधे घुस रही है, जिससे जलन, लालिमा और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। राखड़ के कण इतने बारीक होते हैं कि वे सड़कों, घरों और स्कूलों तक फैल जाते हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। राइस मिल मालिक मानवीय मूल्यों और पर्यावरणीय नियमों को ताक पर रखकर कारखाने चला रहे हैं। चिमनियों से बिना उचित फिल्टर के धुआं और राख निकल रही है। एयर पॉल्यूशन कंट्रोल उपकरण या तो लगाए ही नहीं गए या बेकार पड़े हैं। परिवहन के दौरान भी राखड़ खुलेआम उड़ाई जा रही है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे दुष्प्रभावों पर सख्त निगरानी रखे, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। यह स्थिति सिर्फ स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय लापरवाही है। राखड़ हवा के साथ मिट्टी और पानी को भी प्रदूषित कर रही है। अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो इलाके में गंभीर बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं। मिल मालिकों को आधुनिक ESP या बैग फिल्टर लगाने चाहिए, राख का वैज्ञानिक निपटान करना चाहिए और परिवहन को कवर करके करना चाहिए। पर्यावरण विभाग को नियमित जांच, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर मिल बंद करने की कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों को भी संगठित होकर आवाज उठानी होगी। स्वस्थ पर्यावरण हर किसी का अधिकार है। व्यापार महत्वपूर्ण है, लेकिन लोगों की जान से ऊपर नहीं। गोबरा नवापारा के निवासियों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और विभाग त्वरित कदम उठाएं, वरना यह समस्या और विकराल रूप लेगी।
- तिल्दा-नेवरा में सेवा का अनोखा उदाहरण, महिला मंडल ने बांटा शरबत-छाछ1
- Post by सत्य के अंजोर न्यूज1
- भीम जयंती में आयोजित कव्वाली में सैकड़ो की संख्या में लोगों ने उठाया आनंद।1
- तिल्दा नेवरा में माहेश्वरी महिला मंडल के तत्वावधान में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गर्मी को देखते हुए सेवा कार्य का आयोजन किया गया। बुधवार, दिनांक 15 अप्रैल 2026 को बुधवार बाजार में प्याऊ, शरबत और छाछ वितरण का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य में हजारों राहगीरों ने शीतल पेय का लाभ उठाया और गर्मी से राहत पाई। जानकारी देते हुए भाई कैलाश गांधी ने बताया कि यह आयोजन समाज सेवा की भावना से हर वर्ष किया जाता है। कार्यक्रम में महिला मंडल की अध्यक्ष समत गांधी, सचिव कनक भट्टर, मयूरी डागा, समाज की वरिष्ठ सदस्य विमला देवी लाहोटी, डॉ. आशा भट्टर, उषा राठी, पूनम गांधी, राखी सोनी, शारदा राठी सहित बड़ी संख्या में महिला मंडल एवं समाज के सदस्य उपस्थित रहे। गर्मी के इस दौर में यह पहल लोगों के लिए राहत और सेवा का बेहतरीन उदाहरण बनी।4
- सहकार से समृद्धि: CM विष्णुदेव साय ने किया 515 नई सहकारी सोसायटियों का शुभारंभ, साजा के दनिया-सिल्ली-पथरिया में भी खुली समिति रायपुर/साजा, 15 जून 2026: छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को नई गति देते हुए आज प्रदेश में *515 नवगठित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों* का एक साथ भव्य शुभारंभ हुआ। *मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी* के कर-कमलों से सहकारिता विभाग द्वारा साजा विधानसभा, बोरी-लिटिया भाजपा मंडल के *ग्राम दनिया (पंजीयन क्र. 3420), ग्राम सिल्ली (पंजीयन क्र. 3436) एवं ग्राम पथरिया (पंजीयन क्र. 3421)* की नवगठित सोसायटियों का विधिवत शुभारंभ किया गया। CM साय ने कहा कि नई समितियों से किसानों को धान उपार्जन, खाद-बीज, ऋण व भंडारण की सुविधा अब गांव में ही मिलेगी। यह 'मोदी की गारंटी' को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है। *शुभारंभ अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे:* जिला किसान मोर्चा उपाध्यक्ष *श्री कृष्णा पटेल*, सोसायटी अध्यक्ष *श्री संजय कश्यप जी*, मीडिया प्रभारी *श्री दिनेश पटेल जी*, जिला युवा मोर्चा मंत्री *श्री राजेन्द्र पटेल जी*, सरपंच *श्री हुलास पटेल*, उपसरपंच *श्री हिमांचल पटेल*, प्राधिकृत अधिकारी दनिया *सुश्री प्रीति सोनी*, समिति प्रबंधक *श्री लेखराम साहू*, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष *श्री शुभम मानिकपुरी*, मंडल उपाध्यक्ष पथरिया *श्री श्यामू पारकर*, कोषाध्यक्ष सिल्ली *श्री सीताराम पटेल*। इनके साथ *श्री गणेश पटेल, श्री रोमन पटेल, श्री बिरसिंग पटेल, श्री मानस पटेल, श्री पवन पटेल, पंच श्री ओमप्रकाश पटेल, पंच श्री पुन्नी पटेल, श्री महावीर पटेल, पूर्व सरपंच दनिया श्री रामपालक पटेल, श्री लक्ष्मीनारायण पटेल, समिति प्रबंधक श्री महेंद्र धीवर, श्री बृजलाल निषाद* एवं क्षेत्र के समस्त किसान बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।1
- छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा हो गया। बॉयलर ब्लास्ट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 14 मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। 👉 मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी 👉 प्रशासन और पुलिस की टीम तैनात 👉 हादसे के कारणों की जांच शुरू ⚠️ मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है 📢 Jay Johar CG News — खबर सच की जड़ तक1
- Post by Rameshwar sahu1
- स्वामी आत्मानंद स्कूल की छात्राओं ने लिया पुलिस सिस्टम का अनुभव, मिली देश सेवा की प्रेरणा थाने में पहुंचीं छात्राएं, सीखी कानून और सुरक्षा की बारीकियां1