मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले सहित प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर मूंग की सत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने आंदोलन को निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। आगामी 27 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के घेराव के निर्णय को सफल बनाने के लिए किसान संगठनों के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संपर्क साध रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भोपाल कूच करने का आह्वान कर रहे हैं। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री निवास घेराव की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से किसानों को आंदोलन की रणनीति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर मूंग की पूरी खरीदी किसानों का अधिकार है और मांग स्वीकार होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता संतोष पटवारे ने कहा कि राज्य के मूंग उत्पादक किसान लंबे समय से अपनी उपज की सत-प्रतिशत खरीदी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस कदम न उठाए जाने के कारण घेराव का फैसला लिया गया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। मोर्चा ने सभी किसानों से 27 जुलाई को बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की है।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले सहित प्रदेशभर में समर्थन मूल्य पर मूंग की सत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने आंदोलन को निर्णायक चरण में पहुंचा दिया है। आगामी 27 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास के घेराव के निर्णय को सफल बनाने के लिए किसान संगठनों के पदाधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संपर्क साध
रहे हैं और अधिक से अधिक संख्या में भोपाल कूच करने का आह्वान कर रहे हैं। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लीलाधर सिंह राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री निवास घेराव की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से किसानों को आंदोलन की रणनीति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि
समर्थन मूल्य पर मूंग की पूरी खरीदी किसानों का अधिकार है और मांग स्वीकार होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेता संतोष पटवारे ने कहा कि राज्य के मूंग उत्पादक किसान लंबे समय से अपनी उपज की सत-प्रतिशत खरीदी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस कदम न उठाए
जाने के कारण घेराव का फैसला लिया गया है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। मोर्चा ने सभी किसानों से 27 जुलाई को बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की अपील की है।
- सत्यनारायण ladhaबुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश😡10 hrs ago
- मध्य प्रदेश में इटारसी से जबलपुर के बीच सालों से बंद पड़ी शटल एक्सप्रेस (51189/51190) को फिर से शुरू करने की माँग तेज़ हो गई है। आम यात्रियों, छात्रों और व्यापारियों की सुविधा के लिए यह ट्रेन लाइफलाइन साबित होगी।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस कमेटी भोपाल के कार्यालय पर भाजपा भोपाल द्वारा जंगी प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा भोपाल के इस जंगी प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस कमेटी भोपाल कार्यालय पर हलचल बनी हुई है।4
- नर्मदापुरम के पिपरिया में एसडीओपी और थाना प्रभारी ने अधिकारियों को स्टार लगाकर नई जिम्मेदारी सौंपी। इसके तहत मंगलवारा थाने और यातायात चौकी में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षकों को पदोन्नत कर उपनिरीक्षक बनाया गया है।1
- नेता प्रतिपक्ष और देश के छात्रों की आवाज राहुल गांधी जी की गिरफ्तारी के विरोध में आज रायसेन में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। रायसेन शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सभी कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के खिलाफ अपना विरोध जताया।2
- सीहोर जिले के इछावर अंतर्गत कालापीपल जागीर के सरकारी स्कूल में छत से पानी टपकने की समस्या सामने आने पर शिक्षकों ने एक मिसाल पेश की है। जहाँ प्रशासनिक व्यवस्था रुक गई, वहाँ स्कूल के शिक्षकों ने खुद आगे आकर पूरी जिम्मेदारी निभाई। शिक्षकों ने स्थानीय जनसहयोग जुटाकर टपकती छत की मरम्मत कराई और शिक्षा के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया। शिक्षकों द्वारा किए गए इस कार्य को बेहद सराहनीय माना जा रहा है।1
- मंगलवारा पुलिस थाने के सामने स्थित आनंद बाग रोड अघोषित ऑटो स्टैंड में तब्दील हो गया है। सड़क पर लगातार ऑटो खड़े रहने के कारण आनंद बाग की ओर जाने वाले वाहनों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार पर सदन की मर्यादा खत्म करने का आरोप लगाया है। विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि उन्होंने छात्रों या आंदोलनकारियों को 'कीड़ा' नहीं कहा और उनके जैसे जिम्मेदार व्यक्ति पर ऐसे झूठे आरोप लगाना बेहद असहनीय है। पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर सिंह शेखावत ने दिल्ली के जंतर-मंतर की घटना को अचानक सदन में उठाया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते कैलाश विजयवर्गीय कांग्रेस नेताओं और नेता प्रतिपक्ष को समझाने पहुंचे। इस बातचीत के दौरान उन पर छात्रों को कीड़ा कहने का आरोप लगा दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता सदन का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री कक्ष के सामने धरने पर बैठ गए और मंत्री से माफी की मांग करने लगे। आज फिर सदन में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने मंत्री पर छात्रों और आंदोलनकारियों को कीड़ा कहने का आरोप दोहराया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने पूरी कार्यवाही को देखा, रिकॉर्डिंग निकलवाकर सुनी और स्पष्ट कर दिया कि मंत्री के मुंह से ऐसा कोई शब्द नहीं निकला है। विधानसभा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वह उमंग सिंगार को समझाएंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष से कोई खेद प्रकट करने या माफी मांगने की अपेक्षा नहीं रख रहे हैं, लेकिन जिस तरह कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार द्वारा सदन की मर्यादा खत्म की जा रही है, वह चिंताजनक है।1
- प्रयागराज में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब बेहद व्यापक रूप ले चुका है, जहाँ जिले की प्रमुख सड़कों पर हजारों प्रतियोगी छात्रों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार का मुद्दा पूरे देश के युवाओं से जुड़ा हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक शासन और प्रशासन उनकी चिंताओं का ठोस समाधान नहीं निकालते, तब तक उनका यह आर-पार का आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। वहीं, क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1