UGC कानून पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा हमला — “गृहयुद्ध से बचना है तो तुरंत वापस लो कानून!” 👉 रामकथा मंच से केंद्र सरकार को खुली चेतावनी, बोले — “मेरे रहते लागू नहीं होगा ये कानून” उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने सियासी गलियारों से लेकर शिक्षा जगत तक हलचल मचा दी है। रामकथा के मंच से देश की शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने University Grants Commission (UGC) कानून को लेकर केंद्र सरकार को खुली चेतावनी दे डाली। बढ़नी मिश्र गांव में चल रही रामकथा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रामभद्राचार्य ने कहा कि सरकार को यह कानून हर हाल में वापस लेना पड़ेगा, वरना देश गंभीर सामाजिक टकराव की ओर बढ़ सकता है। ⚡ मंच से गरजे रामभद्राचार्य रामकथा सुनाते-सुनाते अचानक उनका स्वर राजनीतिक हो गया और उन्होंने सीधे सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा— “UGC की आखिर जरूरत क्या थी? समाज में भेदभाव क्यों पैदा किया जा रहा है? अगर देश को गृहयुद्ध जैसी स्थिति से बचाना है तो यह कानून तुरंत वापस लो।” उन्होंने आगे कहा कि जब तक वे धर्माचार्य हैं, तब तक किसी को “मनमानी” करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 🚨 सरकार पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश? रामभद्राचार्य के इस बयान को कई जानकार केंद्र सरकार पर धार्मिक और सामाजिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं। रामकथा जैसे धार्मिक मंच से दिया गया यह बयान अब राजनीतिक रंग पकड़ता दिखाई दे रहा है। 18 फरवरी से शुरू हुई रामकथा 26 फरवरी तक चलेगी, लेकिन बीच कथा में दिया गया यह बयान अब पूरे देश में बहस का विषय बन चुका है। 🔥 संत समाज बनाम शिक्षा नीति? रामभद्राचार्य ने सवाल उठाया कि क्या नई व्यवस्था समाज में विभाजन पैदा करेगी? उन्होंने संकेत दिए कि संत समाज इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए हैं, जिससे बहस और तेज हो गई है। ❗ अभी तक सरकार की चुप्पी इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार या UGC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस अंदाज़ में चेतावनी दी गई है, उससे आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा होना तय माना जा रहा है।
UGC कानून पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा हमला — “गृहयुद्ध से बचना है तो तुरंत वापस लो कानून!” 👉 रामकथा मंच से केंद्र सरकार को खुली चेतावनी, बोले — “मेरे रहते लागू नहीं होगा ये कानून” उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने सियासी गलियारों से लेकर शिक्षा जगत तक हलचल मचा दी है। रामकथा के मंच से देश की शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने University Grants Commission (UGC) कानून को लेकर केंद्र सरकार को खुली चेतावनी दे डाली। बढ़नी मिश्र गांव में चल रही रामकथा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रामभद्राचार्य ने कहा कि सरकार को यह कानून हर हाल में वापस लेना पड़ेगा, वरना देश गंभीर सामाजिक टकराव की ओर बढ़ सकता है। ⚡ मंच से गरजे रामभद्राचार्य रामकथा सुनाते-सुनाते अचानक उनका स्वर राजनीतिक हो गया और उन्होंने सीधे सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा— “UGC की आखिर जरूरत क्या थी? समाज में भेदभाव क्यों पैदा किया जा रहा है? अगर देश को गृहयुद्ध जैसी स्थिति से बचाना है तो यह कानून तुरंत वापस लो।” उन्होंने आगे कहा कि जब तक वे
धर्माचार्य हैं, तब तक किसी को “मनमानी” करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 🚨 सरकार पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश? रामभद्राचार्य के इस बयान को कई जानकार केंद्र सरकार पर धार्मिक और सामाजिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं। रामकथा जैसे धार्मिक मंच से दिया गया यह बयान अब राजनीतिक रंग पकड़ता दिखाई दे रहा है। 18 फरवरी से शुरू हुई रामकथा 26 फरवरी तक चलेगी, लेकिन बीच कथा में दिया गया यह बयान अब पूरे देश में बहस का विषय बन चुका है। 🔥 संत समाज बनाम शिक्षा नीति? रामभद्राचार्य ने सवाल उठाया कि क्या नई व्यवस्था समाज में विभाजन पैदा करेगी? उन्होंने संकेत दिए कि संत समाज इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए हैं, जिससे बहस और तेज हो गई है। ❗ अभी तक सरकार की चुप्पी इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार या UGC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस अंदाज़ में चेतावनी दी गई है, उससे आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा होना तय माना जा रहा है।
- मऊ बस स्टैंड पर बेकाबू डंपर का तांडव — उपखंड अधिकारी की बोलेरो को बना दिया कबाड़! 👉 जूस पी रहे थे अधिकारी, पीछे से मौत बनकर आया डंपर! 👉 लापरवाही की रफ्तार ने उड़ाए बोलेरो के परखच्चे, बस स्टैंड पर मचा हड़कंप! 👉 सार्वजनिक जगह पर भारी वाहनों की एंट्री पर उठे बड़े सवाल! चित्रकूट के मऊ बस स्टैंड में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक बेकाबू डंपर ने खड़ी बोलेरो गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर कबाड़ में तब्दील हो गई। जानकारी के मुताबिक उपखंड अधिकारी मऊ अपनी बोलेरो बस स्टैंड के पास खड़ी कर पास की जूस की दुकान पर जूस पी रहे थे। तभी प्रयागराज की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहा डंपर डावल रोड की ओर मुड़ते समय अचानक अनियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर चालक ने लापरवाही दिखाते हुए वाहन को बैक किया और सीधे खड़ी बोलेरो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की आवाज सुनते ही बस स्टैंड परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे में बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह टूट गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय गाड़ी के अंदर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, डंपर को कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ शुरू कर दी गई है। वहीं स्थानीय लोगों ने बस स्टैंड क्षेत्र में बेलगाम दौड़ रहे भारी वाहनों पर तुरंत रोक लगाने और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। 👉 सवाल बड़ा है — क्या प्रशासनिक क्षेत्र में भी सुरक्षित नहीं हैं खड़े वाहन? 👉 आखिर कब रुकेगी भारी वाहनों की लापरवाही?1
- Post by ओम प्रकाश पत्रकार1
- ramjan mubarak apko aapke pariwar ko1
- *कौशांबी: अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर हमले में 8 गिरफ्तार* *कौशांबी संदेश * कौशांबी | जनपद में सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं जानलेवा हमला करने के मामले में सैनी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि 21 फरवरी को ग्राम गौरहार मजरा रामपुर धमावा में अवैध कब्जा हटाने पहुंची राजस्व टीम एवं पुलिस टीम पर आरोपियों द्वारा पथराव किया गया था, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।सैनी कोतवाली प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के तहत सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस के अनुसार मामले में गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- कौशांबी: अवैध कब्जा हटाने गई टीम पर हमले में 8 गिरफ्तार* कौशांबी संदेश कौशांबी | जनपद में सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं जानलेवा हमला करने के मामले में सैनी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि 21 फरवरी को ग्राम गौरहार मजरा रामपुर धमावा में अवैध कब्जा हटाने पहुंची राजस्व टीम एवं पुलिस टीम पर आरोपियों द्वारा पथराव किया गया था, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।सैनी कोतवाली प्रभारी धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के तहत सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस के अनुसार मामले में गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- Post by Journalist Shubham Pandey1
- jabardasti ka vivad ismein Koi matter nahin karta1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने सियासी गलियारों से लेकर शिक्षा जगत तक हलचल मचा दी है। रामकथा के मंच से देश की शिक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने University Grants Commission (UGC) कानून को लेकर केंद्र सरकार को खुली चेतावनी दे डाली। बढ़नी मिश्र गांव में चल रही रामकथा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रामभद्राचार्य ने कहा कि सरकार को यह कानून हर हाल में वापस लेना पड़ेगा, वरना देश गंभीर सामाजिक टकराव की ओर बढ़ सकता है। ⚡ मंच से गरजे रामभद्राचार्य रामकथा सुनाते-सुनाते अचानक उनका स्वर राजनीतिक हो गया और उन्होंने सीधे सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा— “UGC की आखिर जरूरत क्या थी? समाज में भेदभाव क्यों पैदा किया जा रहा है? अगर देश को गृहयुद्ध जैसी स्थिति से बचाना है तो यह कानून तुरंत वापस लो।” उन्होंने आगे कहा कि जब तक वे धर्माचार्य हैं, तब तक किसी को “मनमानी” करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। 🚨 सरकार पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश? रामभद्राचार्य के इस बयान को कई जानकार केंद्र सरकार पर धार्मिक और सामाजिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं। रामकथा जैसे धार्मिक मंच से दिया गया यह बयान अब राजनीतिक रंग पकड़ता दिखाई दे रहा है। 18 फरवरी से शुरू हुई रामकथा 26 फरवरी तक चलेगी, लेकिन बीच कथा में दिया गया यह बयान अब पूरे देश में बहस का विषय बन चुका है। 🔥 संत समाज बनाम शिक्षा नीति? रामभद्राचार्य ने सवाल उठाया कि क्या नई व्यवस्था समाज में विभाजन पैदा करेगी? उन्होंने संकेत दिए कि संत समाज इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए हैं, जिससे बहस और तेज हो गई है। ❗ अभी तक सरकार की चुप्पी इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार या UGC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन जिस अंदाज़ में चेतावनी दी गई है, उससे आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा होना तय माना जा रहा है।2