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का जादू डारे ओ | न्यू cg सोंग 2026 | इस गाने को सपोर्ट करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें Kunal Music Studio
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- KUNAL MUSIC STUDIOपंडरिया, कबीरधाम, छत्तीसगढ़फुल सोंग लिंक 👇👇👇 https://youtu.be/cp4fXFbOFZ8?si=2_gNLwLWc6GAjqHk12 hrs ago
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- Post by KUNAL MUSIC STUDIO1
- कवर्धा वासियों के लिए अच्छी खबर है,शहर में जल्द ही सर्वसुविधायुक्त 'मित्र मिलन चौपाटी' का शुभारंभ होने वाला है। यह चौपाटी वॉर्ड क्रमांक 09 में स्थित है और बहुत जल्द जनता के लिए खोल दी जाएगी। यहाँ एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध होंगे यह चौपाटी स्वाद, सफाई और सुकून का संगम होगी, जहाँ स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद वातावरण मिलेगा। यह एक सर्वसुविधायुक्त चौपाटी होगी, जो।नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी और स्थानीय पार्षदों के अनुसार, यह चौपाटी कवर्धा के विकास और शहर की गौरवशाली पहचान में एक नई कड़ी होगी संपूर्ण कार्य पूर्ण व्यापारी भाइयों को स्थल आबंटित भी किया गया है।1
- Post by Hed office Cg news1
- “सैया भये कोतवाल, अब डर काहे का?” 😳 कवर्धा के मरका धान केंद्र में बड़ा खेल सामने आया… 👉 110 बोरी का अंतर 👉 पानी डालकर बढ़ाया वजन 👉 जांच में खुला पूरा घोटाला क्या ऐसे ही चलता रहेगा सिस्टम? 🤔 आपकी क्या राय है, कमेंट में जरूर बताएं 👇 ⚡ Short Hook (Reel/पोस्ट के लिए) “धान में पानी… और 110 बोरी का खेल!” 🔥 Hashtags #Kawardha #ChhattisgarhNews #BreakingNews #ScamExposed #धानघोटाला #NewsUpdate #HindiNews #ViralNews #GroundReport #IndiaNews #LocalNews #TrendingNews1
- Post by Chandan Singh Maravi1
- मुंगेली के सिटी कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। फल्ली दुकान संचालक के पुत्र राहुल सारथी पर आरोपी सोमनाथ साहू ने लोहे के चापड़ से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। #MungeliNews #CrimeNews #AttemptToMurder #ChhattisgarhPolice #BreakingNews #LocalNews #HindiNews #PoliceAction #MungeliPolice1
- *बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर* *रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन* *बस्तर से बंदरगाह तक सीधी राह, इकोनॉमिक कॉरिडोर से विकास को मिलेगी नई दिशा* बिलासपुर.बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा। *दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत* वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। *नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार* रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा। *बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश* इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा। *सामाजिक और आर्थिक उत्थान* बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है। *औद्योगिक और खनिज विकास* बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। *पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार* कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। *पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल* कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे। *रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर* रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी। *"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय* *"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" - उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव*1
- कबीरधाम जिले के मरका धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी में बड़ा गड़बड़ी सामने आई है। शिकायत के बाद हुई जांच में पाया गया कि धान की बोरियों में पानी डालकर वजन बढ़ाया गया और रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। रविवार की दो 12 बजे के आसपास मिली जानकारी अनुसार जांच टीम द्वारा बीते 19 फरवरी 2026 को किए गए भौतिक सत्यापन में ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिला। ऑनलाइन रिकॉर्ड में 31,311 बोरी दर्ज थी, जबकि मौके पर 31,421 बोरी पाई गईं, यानी 110 बोरी का अंतर सामने आया।1