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उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर कलेक्ट्रेट में आज दोपहर करीब 3:30 बजे किन्नरों ने एक व्यक्ति की पिटाई कर दी, जिससे वहाँ हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। यह घटना कल किन्नरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में की गई है।
Dharmendra kumar mishra
उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर कलेक्ट्रेट में आज दोपहर करीब 3:30 बजे किन्नरों ने एक व्यक्ति की पिटाई कर दी, जिससे वहाँ हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। यह घटना कल किन्नरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में की गई है।
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- Post by MAHARAJ SINGH1
- शाहजहांपुर के तिलहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गुरुवार को टीबी परीक्षण कक्ष का जर्जर लिंटर अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना के समय कक्ष में कोई मरीज या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लिंटर काफी समय से जर्जर हालत में था और इसकी खराब स्थिति को लेकर पहले भी चिंता जताई जा चुकी थी। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों और मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत कराई जाती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती। अब सवाल उठ रहा है कि जर्जर भवन की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में जांच और आवश्यक कार्रवाई की बात कही जा रही है। लोगों में यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है कि इस लापरवाही के लिए आखिर कौन जवाबदेह होगा।1
- शाहजहांपुर से संबंधित एक वीडियो में किडनी को ठीक करने के घरेलू उपाय बताए गए हैं। इस वीडियो को लाइक करने, शेयर करने और फॉलो करने का आग्रह किया गया है।1
- शाहजहाँपुर जिले के तिलहर थाना क्षेत्र के कुंवर सदा गाँव में, पुलिस ने हत्या के एक मामले में वांछित एक महिला को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस मामले से संबंधित है जिसमें महिला की तलाश की जा रही थी।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर कलेक्ट्रेट में आज दोपहर करीब 3:30 बजे किन्नरों ने एक व्यक्ति की पिटाई कर दी, जिससे वहाँ हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। यह घटना कल किन्नरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बैनामा प्रक्रिया में बदलाव के सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने इस बदलाव को जनविरोधी बताते हुए कहा कि जन सेवा केंद्रों के माध्यम से रजिस्ट्री कराने से आम आदमी के साथ लूट होगी और लाखों अधिवक्ताओं का रोजगार छिन जाएगा। महासचिव राजेश अवस्थी ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध के तहत, अधिवक्ता कल जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपेंगे, मानव श्रृंखला बनाएंगे और रजिस्ट्री ऑफिस में तालाबंदी करेंगे। इसके साथ ही, अधिवक्ताओं ने पुलिस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग की और जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने का सुझाव भी दिया।1
- Post by MAHARAJ SINGH1
- शाहजहाँपुर जनपद के मदनापुर थाना क्षेत्र में एक पति ने अपनी पत्नी पर जान से मारने की नीयत से तेजाब डाल दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने इस घटना पर तत्काल कार्रवाई की है।1
- उत्तर प्रदेश के मीरानपुर कटरा स्थित शान मैरिज हॉल में भारतीय कृषक दल ने एक विशाल किसान कार्यकर्ता सम्मेलन और संगठनात्मक बैठक का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित, प्रमोद कुमार यादव और संगठन के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के सैकड़ों किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों की मौजूदा समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रभावी रणनीति बनाना था। किसानों ने मंच के माध्यम से अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से रखा, जिसमें विशेष रूप से आवारा पशुओं द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुद्दा उठाया गया। किसानों ने बताया कि आवारा पशुओं के कारण उनकी मेहनत से तैयार फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। बैठक में कृषि उत्पादों के उचित मूल्य, खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई से जुड़ी समस्याओं और किसानों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं व योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता बढ़ाने और व्यवस्था में सुधार लाने की आवश्यकता है। इस दौरान किसान भाइयों ने अपने सुझाव भी दिए और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार साझा किए। संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करने का भरोसा दिलाया। यह सम्मेलन किसानों की एकता, जागरूकता और अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना, जहां बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि वे अपनी समस्याओं के समाधान और अधिकारों के लिए संगठित होकर आगे बढ़ रहे हैं।1