अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक लापता लड़की की माँ ने पुलिस पर ही उसे फंसाने और आरोपी के साथ मिलीभगत करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिला ने सीधे “कप्तान साहब” को संबोधित करते हुए सवाल उठाया है कि उनके पुलिसकर्मी, खासकर एक दरोगा, पीड़ित को ही आरोपी के घर क्यों भेज रहे हैं, और यदि वहाँ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। पीड़िता का आरोप है कि उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है, लेकिन पुलिस मदद करने के बजाय उसे ही आरोपी के घर जाने के लिए कह रही है। इस मामले में पुलिस की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि विवेचना के दौरान पीड़ित पक्ष को आरोपी के घर भेजने के पीछे क्या कारण है। यह भी संदेह जताया गया है कि क्या दरोगा जी आरोपी पक्ष से मिले हुए हैं, और क्या दोनों पक्षों के अलग-अलग जाति के होने के कारण दरोगा जी के मन में कुछ और चल रहा था। पीड़ित परिवार छप्पर में रहकर जीवन यापन करता है और दर-दर भटकता रहा है, जबकि पुलिस पर अपने 'कारनामे' करते रहने का आरोप है। इस संबंध में एक ऑडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें पीड़िता रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रही है और मीडिया में मामला आने के बाद दरोगा द्वारा उसे आरोपी के घर जाकर बात कराने के लिए कहने की बात सामने आई है। आगे बताया गया है कि अगले भाग में एक ऐसा ऑडियो भी सुनाया जाएगा जिसमें पैसे मांगने की बात है, और यह सवाल उठ रहा है कि कौन दरोगा बनकर पैसा मांग रहा है। पीड़िता के अनुसार, FIR में उसके सभी नंबर छिपे हुए हैं, तो फिर उसका नंबर किसने दिया। हालाँकि, ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह पूरा मामला जांच का विषय है। पीड़िता और जनता की ओर से इस पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि आरोप है कि पीड़ित महिला को ही फंसाने का जाल बुना जा रहा है।
अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक लापता लड़की की माँ ने पुलिस पर ही उसे फंसाने और आरोपी के साथ मिलीभगत करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिला ने सीधे “कप्तान साहब” को संबोधित करते हुए सवाल उठाया है कि उनके पुलिसकर्मी, खासकर एक दरोगा, पीड़ित को ही आरोपी के घर क्यों भेज रहे हैं, और यदि वहाँ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। पीड़िता का आरोप है कि उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है, लेकिन पुलिस मदद करने के बजाय उसे ही आरोपी के घर जाने के लिए कह रही है। इस मामले में पुलिस की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि विवेचना के दौरान पीड़ित पक्ष को आरोपी के घर भेजने के पीछे क्या कारण है। यह भी संदेह जताया गया है कि क्या दरोगा जी आरोपी पक्ष से मिले हुए हैं, और क्या दोनों पक्षों के अलग-अलग जाति के होने के कारण दरोगा जी के मन में कुछ और
चल रहा था। पीड़ित परिवार छप्पर में रहकर जीवन यापन करता है और दर-दर भटकता रहा है, जबकि पुलिस पर अपने 'कारनामे' करते रहने का आरोप है। इस संबंध में एक ऑडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें पीड़िता रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रही है और मीडिया में मामला आने के बाद दरोगा द्वारा उसे आरोपी के घर जाकर बात कराने के लिए कहने की बात सामने आई है। आगे बताया गया है कि अगले भाग में एक ऐसा ऑडियो भी सुनाया जाएगा जिसमें पैसे मांगने की बात है, और यह सवाल उठ रहा है कि कौन दरोगा बनकर पैसा मांग रहा है। पीड़िता के अनुसार, FIR में उसके सभी नंबर छिपे हुए हैं, तो फिर उसका नंबर किसने दिया। हालाँकि, ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह पूरा मामला जांच का विषय है। पीड़िता और जनता की ओर से इस पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि आरोप है कि पीड़ित महिला को ही फंसाने का जाल बुना जा रहा है।
- अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी के मामले को लेकर टीनू यादव का एक बयान सामने आया है।1
- अयोध्या के कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित अंगूरी बाग, फैजाबाद निवासी मोहित पुत्र स्वर्गीय किशन लाल गुप्ता ने अपने पड़ोसी आशीष जायसवाल पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है। पीड़ित के अनुसार, यह विवाद सूदखोरी से जुड़ा है। मोहित ने पुलिस को बताया है कि उसने कुछ समय पहले आशीष जायसवाल से 20 हजार रुपये उधार लिए थे, जिस पर 10 प्रतिशत ब्याज तय हुआ था। पीड़ित का दावा है कि वह मूलधन और ब्याज की पूरी रकम पहले ही वापस कर चुका है। इसके बावजूद, आरोपी आशीष जायसवाल उससे लगातार अतिरिक्त ब्याज की मांग कर रहा है। पीड़ित मोहित के आरोपों के मुताबिक, 15 जून 2026 को सुबह करीब 8 बजे से 8:30 बजे के बीच, जब वह घर का सामान लेने बाजार जा रहा था, तब आरोपी आशीष जायसवाल ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसे रोका। इस दौरान, गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मोहित के साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें भी आईं। मारपीट के साथ ही, उसे रुपये न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना के बाद, मोहित ने कोतवाली नगर पुलिस से मामले की गहन जांच करने और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। साथ ही, उसने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।1
- अयोध्या के राम मंदिर में दानपेटिका से चढ़ावा चोरी होने के मामले को लेकर सनातन हिन्दू धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे ने राम जन्मभूमि थाने में एक तहरीर दी है। इस तहरीर में 4 नामजद व्यक्तियों सहित अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है। जिन लोगों का नाम तहरीर में शामिल है, उनमें चंपत राय के ड्राइवर, अनिल मिश्रा और गोपाल राव शामिल हैं। संतोष दुबे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो वे न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।1
- आजकल पड़ रही तेज़ गर्मी और धूप के मद्देनज़र, लोगों से अपील की गई है कि वे केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। इस दौरान सभी से अपने जीवन को अनमोल समझते हुए एक-दूसरे का ख्याल रखने का आग्रह भी किया गया है। इसके साथ ही, समाज से यह आह्वान भी किया गया है कि सभी मिलकर अपने देश को स्वच्छ और सुंदर बनाएँ, पर्यावरण का संरक्षण करें, और शुद्ध हवाओं के साथ योग करें ताकि पर्यावरण भी स्वच्छ और सुंदर बन सके। यह भी ज़ोर दिया गया है कि भारत सरकार और राज्य सरकारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण बचाने के प्रयासों में सभी को आगे आना चाहिए। यह जानकारी लाल चंद सोनी द्वारा 'आज सुबह टाइम्स' के लिए रिपोर्ट की गई है।1
- सुल्तानपुर के कूरेभार में लव जिहाद का एक और मामला सामने आया है, जहाँ एक किराए के घर में नाबालिग हिंदू युवती को मुस्लिम युवक शकील के साथ पाया गया। इस मामले की जानकारी मिलने पर कटका क्लब सामाजिक संस्था के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मिश्रा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। डॉ. मिश्रा और स्थानीय पुलिस ने शुरू में युवती और शकील को हिरासत में लिया। कूरेभार थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला अयोध्या जनपद के इनायत नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इसके बाद, इनायत नगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह को अग्रिम विधिक कार्यवाही के लिए जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर इनायत नगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिग लड़की और मुस्लिम युवक को अपनी कस्टडी में ले लिया। जनपद के पत्रकारों को जानकारी देते हुए प्रभारी निरीक्षक श्री सिंह ने बताया कि दोनों उनके थाना क्षेत्र के निवासी हैं, युवती नाबालिग है और वे अलग-अलग समुदायों से संबंधित हैं। पुलिस ने संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।4
- अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक लापता लड़की की माँ ने पुलिस पर ही उसे फंसाने और आरोपी के साथ मिलीभगत करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित महिला ने सीधे “कप्तान साहब” को संबोधित करते हुए सवाल उठाया है कि उनके पुलिसकर्मी, खासकर एक दरोगा, पीड़ित को ही आरोपी के घर क्यों भेज रहे हैं, और यदि वहाँ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। पीड़िता का आरोप है कि उसकी लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है, लेकिन पुलिस मदद करने के बजाय उसे ही आरोपी के घर जाने के लिए कह रही है। इस मामले में पुलिस की मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि विवेचना के दौरान पीड़ित पक्ष को आरोपी के घर भेजने के पीछे क्या कारण है। यह भी संदेह जताया गया है कि क्या दरोगा जी आरोपी पक्ष से मिले हुए हैं, और क्या दोनों पक्षों के अलग-अलग जाति के होने के कारण दरोगा जी के मन में कुछ और चल रहा था। पीड़ित परिवार छप्पर में रहकर जीवन यापन करता है और दर-दर भटकता रहा है, जबकि पुलिस पर अपने 'कारनामे' करते रहने का आरोप है। इस संबंध में एक ऑडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें पीड़िता रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रही है और मीडिया में मामला आने के बाद दरोगा द्वारा उसे आरोपी के घर जाकर बात कराने के लिए कहने की बात सामने आई है। आगे बताया गया है कि अगले भाग में एक ऐसा ऑडियो भी सुनाया जाएगा जिसमें पैसे मांगने की बात है, और यह सवाल उठ रहा है कि कौन दरोगा बनकर पैसा मांग रहा है। पीड़िता के अनुसार, FIR में उसके सभी नंबर छिपे हुए हैं, तो फिर उसका नंबर किसने दिया। हालाँकि, ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यह पूरा मामला जांच का विषय है। पीड़िता और जनता की ओर से इस पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है, क्योंकि आरोप है कि पीड़ित महिला को ही फंसाने का जाल बुना जा रहा है।2
- चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल जी पर सीधा आरोप लगाया गया है। इन पर मनमानी करने का आरोप है और बताया गया है कि ये ऐसे लोग हैं जिन्हें बाहर से थोपा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने एक बैठक की, जिसमें राज्य की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई।1