भोजपुर के पसौर ग्राम में शनिवार 20 जून को जनमित्र, आरा और कौशल्या इंटरप्राइजेज, पसौर के संयुक्त तत्वावधान में 'ग्राम प्रतिभा महोत्सव–2026' का सफल आयोजन किया गया। यह महोत्सव स्वर्गीय कामता सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस महोत्सव में दर्जनों क्षेत्रीय गाँवों के सैकड़ों प्रतिभागियों ने अपनी कला और कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने संगीत, दौड़, चित्रकला, भाषण, गायन, नृत्य, लेखन और मेहंदी आर्ट जैसी विभिन्न विधाओं में भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता ने उपस्थित लोगों को खासा प्रभावित किया। चित्रकला में बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपने विचारों को उकेरा, वहीं भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सामाजिक, शैक्षिक और राष्ट्रीय विषयों पर सशक्त विचार प्रस्तुत किए। गायन और नृत्य ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग घोले, जबकि लेखन और मेहंदी आर्ट प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों की सृजनशीलता देखने लायक थी। महोत्सव को संबोधित करते हुए अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल उचित अवसर और मंच की आवश्यकता है। 'ग्राम प्रतिभा महोत्सव' का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास जगाना, उनकी रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है। महोत्सव के समापन पर, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और सभी को प्रमाण-पत्र व मेडल प्रदान किए गए। इसके साथ ही, समाज की बेहतरी में योगदान देने वाले लोगों को 'जनजागृति सम्मान' से नवाजा गया। आयोजकों ने स्वर्गीय कामता सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। 'ग्राम प्रतिभा महोत्सव–2026' ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि यदि अवसर मिले तो गाँव की प्रतिभाएँ भी किसी से कम नहीं हैं और वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कौशल्या देवी, विश्वनाथ सिंह और रमता सिंह ने संयुक्त रूप से की। नीता कुमारी, रितेश श्रीवास्तव, सुमनलता, फिरोज हुसैन, मधु कुमारी, पंकज प्रसाद दिनकर, रूपा कुमारी और मुस्कान कुमारी निर्णायक मंडल में शामिल थे, जबकि मंच संचालन कृपाशंकर सिंह और मंटू सिंह ने किया। कार्यक्रम की सफलता में शिखा कुमारी, श्रीकांत कुमार, मुकेश सिंह, विकास कुमार, अंकित कुमार, अंजलि कुमारी और प्रभात कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भोजपुर के पसौर ग्राम में शनिवार 20 जून को जनमित्र, आरा और कौशल्या इंटरप्राइजेज, पसौर के संयुक्त तत्वावधान में 'ग्राम प्रतिभा महोत्सव–2026' का सफल आयोजन किया गया। यह महोत्सव स्वर्गीय कामता सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस महोत्सव में दर्जनों क्षेत्रीय गाँवों के सैकड़ों प्रतिभागियों ने अपनी कला और कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने संगीत, दौड़, चित्रकला, भाषण, गायन, नृत्य, लेखन और मेहंदी आर्ट जैसी विभिन्न विधाओं में भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता
ने उपस्थित लोगों को खासा प्रभावित किया। चित्रकला में बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपने विचारों को उकेरा, वहीं भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सामाजिक, शैक्षिक और राष्ट्रीय विषयों पर सशक्त विचार प्रस्तुत किए। गायन और नृत्य ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग घोले, जबकि लेखन और मेहंदी आर्ट प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों की सृजनशीलता देखने लायक थी। महोत्सव को संबोधित करते हुए अतिथियों ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल उचित अवसर और मंच की आवश्यकता है। 'ग्राम प्रतिभा महोत्सव' का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास जगाना, उनकी रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा
देना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है। महोत्सव के समापन पर, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और सभी को प्रमाण-पत्र व मेडल प्रदान किए गए। इसके साथ ही, समाज की बेहतरी में योगदान देने वाले लोगों को 'जनजागृति सम्मान' से नवाजा गया। आयोजकों ने स्वर्गीय कामता सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।
'ग्राम प्रतिभा महोत्सव–2026' ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि यदि अवसर मिले तो गाँव की प्रतिभाएँ भी किसी से कम नहीं हैं और वे हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कौशल्या देवी, विश्वनाथ सिंह और रमता सिंह ने संयुक्त रूप से की। नीता कुमारी, रितेश श्रीवास्तव, सुमनलता, फिरोज हुसैन, मधु कुमारी, पंकज प्रसाद दिनकर, रूपा कुमारी और मुस्कान कुमारी निर्णायक मंडल में शामिल थे, जबकि मंच संचालन कृपाशंकर सिंह और मंटू सिंह ने किया। कार्यक्रम की सफलता में शिखा कुमारी, श्रीकांत कुमार, मुकेश सिंह, विकास कुमार, अंकित कुमार, अंजलि कुमारी और प्रभात कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- पीरो अनुमंडल के नारायणपुर गाँव से एक प्रेरक खबर सामने आई है, जहाँ के मनीकांत ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में डीएसपी का पद हासिल किया है। रविवार शाम करीब 5:00 बजे यह सूचना मिली कि मनीकांत ने पूरे बिहार में 30वीं रैंक प्राप्त कर अपने गाँव और इलाके का नाम रोशन किया है। मनीकांत का परिवार एक साधारण व्यवसायी पृष्ठभूमि से आता है; उनके पिता श्याम किशोर प्रसाद छोटा व्यवसाय करते हैं और माता शीला देवी गृहिणी हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, मनीकांत ने हार नहीं मानी और अपने चौथे प्रयास में यह बड़ी सफलता अर्जित की। उन्होंने बताया कि उनके चचेरे भाई कैप्टन हरिहर नाथ गुप्ता, जो मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं, ने उन्हें हर कदम पर प्रेरित किया और मुश्किल समय में हौसला दिया। परिवार के सहयोग और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर ही उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। मनीकांत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कातर हाई स्कूल, बिक्रमगंज कॉलेज और आरा के महर्षि कॉलेज से पूरी की, जिसके बाद उन्होंने पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। जैसे ही उनके डीएसपी बनने की खबर नारायणपुर गाँव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने मिठाइयाँ बांटकर जश्न मनाया। मनीकांत की यह उपलब्धि उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने के लिए अथक प्रयास करते हैं।1
- संदेश के पूर्व विधायक अरुण यादव ने बिलौटी गाँव में भारत तिवारी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत तिवारी के नाम पर एक स्मारक का निर्माण होना चाहिए। पूर्व विधायक अरुण यादव ने विशेष रूप से भारत तिवारी के नाम पर स्मारक बनाने की मांग उठाई।1
- भोजपुर के आरा में आयोजित गरीब चौपाल कार्यक्रम में पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, और यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या गलती सामने आती है, तो दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखने की भी अपील की। इस गरीब चौपाल कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार काम कर रही है।1
- आरा, 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, शुभ नारायण नगर, मझौवों, आरा स्थित 'शान्ति स्मृति' सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय में एक समारोहपूर्वक 'सामूहिक योग अभ्यास शिविर' का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र और प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर योग दिवस समारोह का उद्घाटन किया। समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा अभिभावकों को संबोधित करते हुए, प्राचार्या डॉ० अर्चना सिंह ने बताया कि योग शरीर और मन को मजबूत व स्वस्थ बनाता है, तथा बुद्धि को प्रखर करता है। उन्होंने जोर दिया कि 'योग' न केवल शरीर, मन और बुद्धि को जोड़ता है, बल्कि मानवता को भी एक सूत्र में पिरोता है, हिंसा, क्रूरता, कट्टरता एवं विनाशकारी सोच को सात्विक, सकारात्मक एवं प्रकृति के अनुकूल विचारों में बदलता है। डॉ० सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि आधुनिक विज्ञान ने भी योग को शरीर और मन को स्वस्थ व संतुलित बनाने, रोगों को ठीक करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने में सहायक माना है, और विश्व की अनेक गंभीर समस्याओं का समाधान योग विज्ञान में निहित है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रबंध निर्देशक डॉ० कुमार द्विजेन्द्र ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में योग के महत्व और विशेषताओं को विस्तार से समझाया गया है, जहां योग के विभिन्न आयामों को मंत्रों के माध्यम से सहज रूप से प्रस्तुत किया गया है, जैसे पतंजलि ऋषि के अष्टांग सूत्र (यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि) और "योगः अथ अनुशासनम्", "योगश्चितवृतिः निरोधः", "योगः कर्मशु कौशलम्" जैसे सूत्र। इस अवसर पर योगाभ्यास कराते हुए विद्यालय के योग शिक्षक श्री शशीभूषण सिंह ने कहा कि योग हमें जीने, स्वस्थ रहने, सकारात्मक सोचने, प्रेम से रहने तथा शरीर, मन को आनंदित कर आत्मा को परमात्मा से मिलाने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि यह प्राचीन भारतीय पद्धति आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर खरी उतरकर विश्व पटल पर छा गई है, जिसका एक छोटा सा प्रमाण विश्व योग दिवस के रूप में प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर मनाया जाना है, जिसमें आगे प्रगति की प्रबल संभावना है। योग प्रशिक्षक श्री शशीभूषण सिंह के दिशानिर्देश में, विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने समान्य योग अभ्यासक्रम (प्रोटोकॉल) के अनुसार विभिन्न योगाभ्यास किए। चालन क्रिया के तहत ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन, कटि चालन और घुटना संचालन का अभ्यास किया गया। योगासन में खड़े होकर किए जाने वाले आसनों में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्द्धचक्रासन, त्रिकोणासन शामिल थे; बैठकर किए जाने वाले आसनों में भद्रासन, वज्रासन, अर्द्धउष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशकासन, उतानमंडूकासन और वक्रासन सम्मिलित थे। उदर के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में मकरासन, भुजंगासन और शलभासन का अभ्यास हुआ, जबकि पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्द्धहलासन, पवनमुक्तासन और शवासन किए गए। इसके अतिरिक्त कपालभाति (प्राणायाम), अनुलोम-विलोम प्राणायाम (नाडीशोचन), शीतली प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान संकल्प का भी अभ्यास किया गया। समारोह का समापन शांति पाठ "ॐ सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वेसंतु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्विद-दुःख भाग्भवेत। ॐ शांतिः, शांतिः शांतिः।" के साथ हुआ। कार्यक्रम के अंत में सनातनी गंगा फाऊंडेशन भोजपुर इकाई द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को फ्रूट जूस का वितरण किया गया। मंच संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक श्री अरविंद ओझा ने किया, तथा धन्यबाद ज्ञापन विद्यालय के उप-प्राचार्य श्री ऋषिकेश ओझा ने किया। इस समारोह को सफल बनाने में योग शिक्षक श्री शशी भूषण सिंह के साथ-साथ कला शिक्षक श्री संजीव सिन्हा, श्री विष्णु शंकर, श्री ब्रजेश कुमार तिवारी, श्री राजेश रमण, श्री जय शंकर सिंह तथा संगीत शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार व अमितेश रंजन का अहम योगदान रहा।4
- पूर्व सांसद आरके सिंह ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इस मामले में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- भरत की मौत के बाद गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह पुलिस को परेशान करने का नतीजा है या इसके पीछे कोई और वजह है। यह बात विशेष रूप से उठाई जा रही है कि भरत ने अपनी गतिविधियां 'लाइव' की थीं, जिसके बावजूद पुलिस की भूमिका और उसकी कार्रवाई पर अब गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर चरपोखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और इसके तहत आने वाले सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों पर योग कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।1
- भरत तिवारी आरा के भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले भरत तिवारी आरा के रहने वाले1