झारखंड पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है, जहाँ कुख्यात 'झांगुर ग्रुप' के प्रमुख और ₹5 लाख के इनामी अपराधी रामदेव उरांव ने अपने दो सक्रिय सहयोगियों के साथ राँची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। राँची और गुमला जिला की सीमा पर हुई इस कार्रवाई में 47 वर्षीय रामदेव उरांव के साथ 24 वर्षीय प्रसाद उरांव और 23 वर्षीय सुबास उरांव, तीनों देवरागानी, बिशुनपुर, गुमला निवासी, पकड़े गए। आज, 30 मई 2026 को राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि रामदेव उरांव अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने की फिराक में सीमावर्ती क्षेत्र में घूम रहा है। इस सूचना पर राँची पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देश पर डीएसपी बेड़ो दीपक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जो बेड़ो थाना क्षेत्र के लमकाना पहुँची। इसी बीच, गुमला पुलिस कप्तान के निर्देश पर घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह की टीम भी राँची-गुमला बॉर्डर पर पहुँच गई। संयुक्त पुलिस टीम को देखते ही अपराधियों ने खुद को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताया और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा जताते हुए सरेंडर कर दिया। पुलिस ने इनके पास से 01 स्वचालित हथियार (जिस पर A56-2 571072 अंकित था), 01 स्वचालित SLR रायफल, कुल 45 चक्र जिंदा कारतूस (30 स्वचालित हथियार के और 15 SLR के), और 02 अदद मैगजीन बरामद की है। रामदेव उरांव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिस पर गुमला के बिशुनपुर, घाघरा और डुमरी थानों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और लूटपाट जैसे लगभग 29 संगीन मामले दर्ज हैं। उसके सहयोगी प्रसाद उरांव पर 2 और सुबास उरांव पर 1 आपराधिक मामला पहले से दर्ज है। इस बड़ी कार्रवाई को सफल बनाने में बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेड़ो थाना प्रभारी मो. कफील अहमद, पु०अ०नि० उत्तम कुमार पासवान, पु०अ०नि० शौकत अली के साथ-साथ गुमला जिले से घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह, पु०अ०नि० विकास कुमार और राँची-गुमला जिला का सशस्त्र बल शामिल रहा।
झारखंड पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है, जहाँ कुख्यात 'झांगुर ग्रुप' के प्रमुख और ₹5 लाख के इनामी अपराधी रामदेव उरांव ने अपने दो सक्रिय सहयोगियों के साथ राँची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। राँची और गुमला जिला की सीमा पर हुई इस कार्रवाई में 47 वर्षीय रामदेव उरांव के साथ 24 वर्षीय प्रसाद उरांव और 23 वर्षीय सुबास उरांव, तीनों देवरागानी, बिशुनपुर, गुमला निवासी, पकड़े गए। आज, 30 मई 2026 को राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि रामदेव उरांव अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करने की फिराक में सीमावर्ती क्षेत्र में घूम रहा है। इस सूचना पर राँची पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देश पर डीएसपी बेड़ो दीपक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जो बेड़ो थाना क्षेत्र के लमकाना पहुँची। इसी बीच, गुमला पुलिस कप्तान के निर्देश पर घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह की टीम भी राँची-गुमला बॉर्डर पर पहुँच गई। संयुक्त पुलिस टीम को देखते ही अपराधियों ने खुद को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताया और झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा जताते हुए सरेंडर कर दिया। पुलिस ने इनके पास से 01 स्वचालित हथियार (जिस पर A56-2 571072 अंकित था), 01 स्वचालित SLR रायफल, कुल 45 चक्र जिंदा कारतूस (30 स्वचालित हथियार के और 15 SLR के), और 02 अदद मैगजीन बरामद की है। रामदेव उरांव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है, जिस पर गुमला के बिशुनपुर, घाघरा और डुमरी थानों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और लूटपाट जैसे लगभग 29 संगीन मामले दर्ज हैं। उसके सहयोगी प्रसाद उरांव पर 2 और सुबास उरांव पर 1 आपराधिक मामला पहले से दर्ज है। इस बड़ी कार्रवाई को सफल बनाने में बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय, बेड़ो थाना प्रभारी मो. कफील अहमद, पु०अ०नि० उत्तम कुमार पासवान, पु०अ०नि० शौकत अली के साथ-साथ गुमला जिले से घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह, पु०अ०नि० विकास कुमार और राँची-गुमला जिला का सशस्त्र बल शामिल रहा।
- बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, और इसे लेकर हैरानी के साथ-साथ गहन चिंता भी जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर अधिक ध्यान और चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।1
- गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।3
- झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।1
- बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में एनटीपीसी द्वारा आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई का विरोध करने के लिए स्थानीय ग्रामीण शंकर उरांव ने रविवार सुबह 11:00 बजे आह्वान किया है। जानकारी के अनुसार, बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में 1 मई को एनटीपीसी की पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की गई है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भाग लेंगे। हालांकि, स्थानीय ग्रामीण और आजसू नेता शंकर उरांव ने अधिक से अधिक ग्रामीणों से इस जनसुनवाई का विरोध करने की अपील की है।1
- गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के सलगी भुड़िया टोली निवासी 16 वर्षीय नेहा कुमारी की कीटनाशक का सेवन करने से रिम्स से ले जाने के दौरान मौत हो गई। इस घटना की सूचना मिलने पर एसआई अरविंद कुमार ने शव का सदर अस्पताल गुमला में पोस्टमार्टम कराया और शनिवार को परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद वे मामले की छानबीन में जुट गए हैं। मृतिका की मां अमेरिका देवी ने बताया है कि 29 मई की शाम करीब 7 बजे गांव का ही एक किशोर नेहा को हरिश्चंद्र उरांव के खेत में स्थित बारी के एक कमरे में ले गया था। वहां उस किशोर ने सब्जी पर इस्तेमाल होने वाला कीटनाशक लाकर नेहा को खिलाया और खुद भी उसका सेवन कर लिया। कीटनाशक खाने वाला दूसरा किशोर फिलहाल अस्पताल में इलाजरत है, जबकि नेहा की मौत हो चुकी है। परिजनों ने इस मामले में मोतीलाल उरांव पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।1