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बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, और इसे लेकर हैरानी के साथ-साथ गहन चिंता भी जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर अधिक ध्यान और चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

2 hrs ago
user_AAM JANATA
AAM JANATA
लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
2 hrs ago

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, और इसे लेकर हैरानी के साथ-साथ गहन चिंता भी जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर अधिक ध्यान और चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

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  • झारखंड के एक अति पिछड़े क्षेत्र में असुर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस परियोजना पर काम कर रहे मजदूरों को उनका भुगतान नहीं दिया जा रहा है।
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    झारखंड के एक अति पिछड़े क्षेत्र में असुर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस परियोजना पर काम कर रहे मजदूरों को उनका भुगतान नहीं दिया जा रहा है।
    user_Sirf such
    Sirf such
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    4 min ago
  • बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, और इसे लेकर हैरानी के साथ-साथ गहन चिंता भी जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर अधिक ध्यान और चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
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    बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, और इसे लेकर हैरानी के साथ-साथ गहन चिंता भी जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर अधिक ध्यान और चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।
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    लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र में भारी वाहनों के चालक प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इन चालकों ने नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे थाना क्षेत्र में दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि सोशल पुलिसिंग के लाभ के बावजूद, भारी वाहन चालक भयमुक्त होकर नियमों का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।
    user_आलोक कुमार
    आलोक कुमार
    पत्रकार सेन्हा, लोहरदगा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।
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    झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    1 hr ago
  • नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।
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    नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    12 hrs ago
  • गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है। किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।
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    गुमला के सिसई में झारखंड राज्य किसान सभा की जिला कमेटी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन से पहले किसान मोर्चा ने थाना चौक सरना स्थल से एक रैली निकाली, जो मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान 'बीडीओ, सीओ की मनमानी नहीं चलेगी', 'जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे' जैसे नारे लगाए, जो कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनमानी के खिलाफ उनके आक्रोश को दर्शाता है।

किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को समय पर धान बीज और खाद-यूरिया नहीं मिलते, जिससे वे अपनी खेती नहीं कर पाते और रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर होते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सड़क, बिजली और पानी की बढ़ती समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रशासन से इन ज्वलंत मुद्दों का जल्द समाधान करने की मांग की।

झारखंड राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निरंकुश होने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें बारिश के मौसम में भी सड़क पर उतरना पड़ा। उन्होंने मानसून के आगमन के बावजूद खाद, बीज, यूरिया और डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान न होने की बात कही और सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने तथा उनका कर्ज माफ करने की मांग की। कश्यप ने जंगली हाथियों के आतंक का भी मुद्दा उठाया, जिससे कई गरीब किसानों के घर ध्वस्त हो गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से हाथियों द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन का ऑनलाइनकरण करने, अवैध कब्जा वाली जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की।

झारखंड राज्य किसान सभा ने किसानों के हक और अधिकार के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक चलेगा जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। इस विरोध प्रदर्शन में आयता उरांव, अनिल उरांव, पूनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों ग्रामीण किसान मौजूद रहे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    14 hrs ago
  • लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।
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    लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।
    user_Nihit Kumar
    Nihit Kumar
    Latehar, Jharkhand•
    1 day ago
  • झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।
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    झारखंड के लोहरदगा जिले में ट्रेन सेवा का परिचालन शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से संबंधित समाचार को अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    15 hrs ago
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