नेशनल हाईवे-30 पर तिलहर बायपास चौराहा से घासीराम हॉस्पिटल तक का मार्ग आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है, जहाँ बदहाल व्यवस्था राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बन रही है। यह क्षेत्र, जो विकास का प्रतीक होना चाहिए था, आज दुर्घटनाओं का पर्याय बन चुका है। इस क्षेत्र में बायपास चौराहा पर फ्लाईओवर समाप्त होते ही सर्विस लेन अचानक खत्म हो जाती है, जो कुछ दूरी पर डायमंड होटल के पास फिर दिखाई देती है और घासीराम हॉस्पिटल के आसपास पुनः समाप्त हो जाती है। यह अधूरी और असंगठित व्यवस्था लोगों को समझ नहीं आने देती कि उन्हें कहाँ चलना है – मुख्य हाईवे पर, सर्विस लेन में, या जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना है। ऐसी स्थिति हर दिन दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रही है, जिसमें कभी किसी का हाथ-पैर टूट जाता है तो कभी कोई अपना सदस्य हमेशा के लिए खो देता है। सबसे भयावह स्थिति कल्लू ढाबा के सामने है, जहाँ सर्विस लेन समाप्त होते ही खतरे का वास्तविक खेल शुरू हो जाता है। एक ओर सर्विस लेन से तेज गति में वाहन निकलते हैं, वहीं दूसरी ओर फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहन भी हाई स्पीड में आते हैं, जिससे दोनों के बीच टकराव का खतरा हर समय बना रहता है। स्थिति तब और भी गंभीर हो जाती है जब ढाबे के सामने बड़ी संख्या में बसें और अन्य वाहन हाईवे के किनारे अथवा कभी-कभी मुख्य मार्ग पर खड़े हो जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से दयनीय स्थिति में होते हैं, क्योंकि उन्हें पीछे से आती तेज रफ्तार गाड़ियों से भी बचना पड़ता है और सड़क किनारे खड़े वाहनों के बीच से भी निकलना पड़ता है। स्थानीय नागरिक प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस समस्या को कब गंभीरता से लेंगे और क्या यहाँ से रोज़ाना गुज़रने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता नहीं है। जनता की माँग है कि इस पूरे क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए, सर्विस लेन को व्यवस्थित और निरंतर बनाया जाए, अवैध रूप से सड़क घेरने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो, तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर उचित संकेतक, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। यह जनहित में उठाई गई आवाज़ है और चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी उन सभी संबंधित विभागों की होगी जिन्होंने चेतावनी के बावजूद आँखें मूंदे रखीं। तिलहर की जनता अब प्रशासन से जवाब चाहती है कि विकास के नाम पर बने इस मार्ग पर उन्हें सुरक्षित चलने का अधिकार कब मिलेगा और कब प्रशासन कागज़ों से निकलकर ज़मीनी हकीकत देखने आएगा।
नेशनल हाईवे-30 पर तिलहर बायपास चौराहा से घासीराम हॉस्पिटल तक का मार्ग आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है, जहाँ बदहाल व्यवस्था राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बन रही है। यह क्षेत्र, जो विकास का प्रतीक होना चाहिए था, आज दुर्घटनाओं का पर्याय बन चुका है। इस क्षेत्र में बायपास चौराहा पर फ्लाईओवर समाप्त होते ही सर्विस लेन अचानक खत्म हो जाती है, जो कुछ दूरी पर डायमंड होटल के पास फिर दिखाई देती है और घासीराम हॉस्पिटल के आसपास पुनः समाप्त हो जाती है। यह अधूरी और असंगठित व्यवस्था लोगों को समझ नहीं आने देती कि उन्हें कहाँ चलना है – मुख्य हाईवे पर, सर्विस लेन में, या जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना है। ऐसी स्थिति हर दिन दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रही है, जिसमें कभी किसी का हाथ-पैर टूट जाता है तो कभी कोई अपना सदस्य हमेशा के लिए खो देता है। सबसे भयावह स्थिति कल्लू ढाबा के सामने है, जहाँ सर्विस लेन समाप्त होते ही खतरे का वास्तविक खेल शुरू हो जाता है। एक ओर सर्विस लेन से तेज गति में वाहन निकलते हैं, वहीं दूसरी ओर फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहन भी हाई स्पीड में आते हैं, जिससे दोनों के बीच टकराव का खतरा हर समय बना रहता है। स्थिति तब और भी गंभीर हो जाती है जब ढाबे के सामने बड़ी संख्या में बसें और अन्य वाहन हाईवे के किनारे अथवा कभी-कभी मुख्य मार्ग पर खड़े हो जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से दयनीय स्थिति में होते हैं, क्योंकि उन्हें पीछे से आती तेज रफ्तार गाड़ियों से भी बचना पड़ता है और सड़क किनारे खड़े वाहनों के बीच से भी निकलना पड़ता है। स्थानीय नागरिक प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस समस्या को कब गंभीरता से लेंगे और क्या यहाँ से रोज़ाना गुज़रने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता नहीं है। जनता की माँग है कि इस पूरे क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए, सर्विस लेन को व्यवस्थित और निरंतर बनाया जाए, अवैध रूप से सड़क घेरने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो, तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर उचित संकेतक, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। यह जनहित में उठाई गई आवाज़ है और चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी उन सभी संबंधित विभागों की होगी जिन्होंने चेतावनी के बावजूद आँखें मूंदे रखीं। तिलहर की जनता अब प्रशासन से जवाब चाहती है कि विकास के नाम पर बने इस मार्ग पर उन्हें सुरक्षित चलने का अधिकार कब मिलेगा और कब प्रशासन कागज़ों से निकलकर ज़मीनी हकीकत देखने आएगा।
- नेशनल हाईवे-30 पर तिलहर बायपास चौराहे से लेकर घासीराम हॉस्पिटल तक का क्षेत्र अब आम जनता के लिए एक गंभीर खतरे का विषय बन गया है। यह सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास और सुगम यातायात का माध्यम बनना चाहिए था, आज अव्यवस्था, लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इस मार्ग पर बनी सर्विस लेन की व्यवस्था बेहद असंगठित है, जो बायपास चौराहे से फ्लाईओवर समाप्त होते ही अचानक खत्म हो जाती है, फिर डायमंड होटल के पास दिखती है और घासीराम हॉस्पिटल के पास फिर से समाप्त हो जाती है। यह अनियमितता पैदल राहगीरों, साइकिल चालकों और बाइक सवारों के लिए लगातार असमंजस और दुर्घटना का कारण बन रही है। विशेषकर कल्लू ढाबा के सामने की स्थिति सबसे भयावह है, जहाँ सर्विस लेन खत्म होते ही वाहन अचानक हाईवे पर प्रवेश करते हैं, जबकि फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहन अत्यधिक तेज गति में होते हैं, जिससे हर समय बड़े टकराव का खतरा बना रहता है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब कल्लू ढाबा के सामने बड़ी संख्या में निजी बसें और अन्य वाहन सीधे हाईवे पर यात्रियों को बैठाने या उतारने के लिए खड़े हो जाते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा धीरे-धीरे पार्किंग स्थल में बदल जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। रात के समय यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जहाँ दिनभर की मेहनत के बाद घर लौटने वाले लोगों को हर पल अपनी जान का खतरा महसूस होता है। वाहनों की भीड़, तेज रफ्तार और अंधेरे में छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, राहगीरों को सड़क किनारे खड़े वाहनों और बसों से फेंके जाने वाले पान मसाले की पीक, प्लास्टिक की बोतलें और कचरे से भी बचना पड़ता है, जो गंदगी फैलाने के साथ-साथ आम नागरिकों की गरिमा और सुविधा को भी प्रभावित करता है। सबसे चिंताजनक प्रश्न यह है कि प्रशासन इस स्थिति पर क्या कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या को क्यों नहीं देख पा रहे, जो बायपास चौराहे से कुछ ही दूरी पर लंबे समय से बनी हुई है। जनता की सुरक्षा के प्रति यह गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय नागरिक इस पूरे क्षेत्र के तत्काल निरीक्षण, व्यवस्थित और निरंतर सर्विस लेन, स्पष्ट संकेतक, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई, नियमित यातायात पुलिस की तैनाती, तथा फ्लाईओवर और सर्विस लेन के मिलन बिंदुओं पर सुरक्षा बैरियर, चेतावनी संकेत और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। यह केवल सड़क की समस्या नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा, जीवन और भविष्य से जुड़ा विषय है। तिलहर की जनता पूछ रही है कि आखिर प्रशासन कितनी और जानों के जाने का इंतजार कर रहा है? अब समय आ गया है कि इस समस्या को केवल चर्चा का विषय न बनाकर समाधान का विषय बनाया जाए, क्योंकि जब जनता जागती है और एकजुट होकर अपनी बात रखती है, तभी व्यवस्था को बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। तिलहर की जनता सुरक्षित सड़कें, व्यवस्था और समाधान चाहती है, केवल आश्वासन नहीं।1
- मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुरूप, क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई है। कई स्थानों पर बिजली भी चमक रही है, जिससे लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। खराब मौसम के दौरान, मौसम विभाग ने खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की विशेष सलाह दी है। इसके साथ ही, प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने और केवल आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलने की अपील की है।1
- शाहजहाँपुर के थाना रोज़ा पुलिस ने एक महिला को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। मुखबिर की सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने जमुका दोराहा के पास से अभियुक्त अर्जुन को दबोच लिया, जिसकी उम्र 30 वर्ष है और वह ग्राम सिसनई का निवासी है। इस मामले में, गत 20 अप्रैल 2026 को पीड़ित पति की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, मामले में धारा 69 और 351(3) की वृद्धि की गई थी। पुलिस ने आरोपी अर्जुन के खिलाफ वैधानिक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली है और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान शाहजहांपुर के जी.एफ. कॉलेज परीक्षा केंद्र के बाहर, मनीषी ताइक्वांडो वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे अभ्यर्थियों की सहायता के लिए एक सराहनीय निःशुल्क पेयजल वितरण अभियान चलाया। इस पहल के तहत करीब 1500 पेयजल पाउच वितरित किए गए, जिससे दूर-दराज से आए परीक्षार्थियों की प्यास बुझी और उन्हें भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। यह सेवा अभियान संस्था के महासचिव एवं संस्थापक एडवोकेट डॉ. पुनीत मनीषी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें स्पर्श ग्रोवर, अभिषेक दुबे, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद शोएब अंसारी ने सक्रिय योगदान दिया। इस अवसर पर, एड. डॉ. पुनीत मनीषी ने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा में जाने का सपना देखने वाले युवा देश का भविष्य हैं। उन्होंने इस प्रयास को संस्था की सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बताया, जिसका मूल उद्देश्य समाज सेवा और मानव सेवा है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्य निरंतर जारी रहेंगे। संस्था की इस मानवीय पहल की परीक्षार्थियों ने भी खूब सराहना की। लखीमपुर खीरी से परीक्षा देने आए अभ्यर्थी आदेश श्रीवास्तव ने बताया कि कड़ी धूप और गर्मी के बीच निःशुल्क पेयजल की व्यवस्था उनके लिए बेहद लाभकारी साबित हुई, जिससे उन्हें काफी राहत मिली और वे परीक्षा पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर पाए। इसी प्रकार, बरेली से आई छात्रा सबा ने भी इस व्यवस्था को "वास्तव में प्रशंसनीय पहल" करार दिया और संस्था तथा एड. डॉ. पुनीत मनीषी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और युवाओं के प्रति संवेदनशीलता दर्शाते हैं। कार्यक्रम के अंत में, संस्था के पदाधिकारियों ने एक बार फिर जनहित और समाज सेवा के ऐसे कार्यों को भविष्य में भी लगातार जारी रखने का अपना संकल्प दोहराया।1
- शाहजहाँपुर के रोज़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मारपीट और जानलेवा हमले के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई संबंधित मामले में की है।1
- यह पोस्ट थायराइड के घरेलू उपायों पर आधारित एक वीडियो के बारे में है। पोस्ट में दर्शकों से इस वीडियो को लाइक करने, शेयर करने और फॉलो करने का आह्वान किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के खुटार थाना क्षेत्र में एक पड़ोसी युवक ने एक साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस जघन्य अपराध के आरोपी को मंगलवार देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसके बाद उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक देहात भंवरे दीक्षा अरुण ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को खुटार थाना क्षेत्र के एक गांव में गुड्डू नामक युवक ने पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के घर में घुसकर उसकी एक साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर जब उसकी मां वहां पहुंची तो उसने गुड्डू की हरकत को देखा। अपनी बच्ची को बचाने के लिए मां ने गुड्डू पर डंडे से वार किया, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। एसपी देहात ने आगे बताया कि पुलिस ने तत्काल गुड्डू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए। देर रात करीब ग्यारह बजे पुलिस को सूचना मिली कि गुड्डू भागने की नीयत से मैलानी रोड पर धनसिंहपुर मोड़ के पास खड़ा है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गुड्डू को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान गुड्डू ने पुलिस टीम पर अवैध हथियार से फायर कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गुड्डू के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।4
- नेशनल हाईवे-30 पर तिलहर बायपास चौराहा से घासीराम हॉस्पिटल तक का मार्ग आम जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है, जहाँ बदहाल व्यवस्था राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बन रही है। यह क्षेत्र, जो विकास का प्रतीक होना चाहिए था, आज दुर्घटनाओं का पर्याय बन चुका है। इस क्षेत्र में बायपास चौराहा पर फ्लाईओवर समाप्त होते ही सर्विस लेन अचानक खत्म हो जाती है, जो कुछ दूरी पर डायमंड होटल के पास फिर दिखाई देती है और घासीराम हॉस्पिटल के आसपास पुनः समाप्त हो जाती है। यह अधूरी और असंगठित व्यवस्था लोगों को समझ नहीं आने देती कि उन्हें कहाँ चलना है – मुख्य हाईवे पर, सर्विस लेन में, या जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करना है। ऐसी स्थिति हर दिन दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रही है, जिसमें कभी किसी का हाथ-पैर टूट जाता है तो कभी कोई अपना सदस्य हमेशा के लिए खो देता है। सबसे भयावह स्थिति कल्लू ढाबा के सामने है, जहाँ सर्विस लेन समाप्त होते ही खतरे का वास्तविक खेल शुरू हो जाता है। एक ओर सर्विस लेन से तेज गति में वाहन निकलते हैं, वहीं दूसरी ओर फ्लाईओवर से उतरने वाले वाहन भी हाई स्पीड में आते हैं, जिससे दोनों के बीच टकराव का खतरा हर समय बना रहता है। स्थिति तब और भी गंभीर हो जाती है जब ढाबे के सामने बड़ी संख्या में बसें और अन्य वाहन हाईवे के किनारे अथवा कभी-कभी मुख्य मार्ग पर खड़े हो जाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। पैदल चलने वाले और दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से दयनीय स्थिति में होते हैं, क्योंकि उन्हें पीछे से आती तेज रफ्तार गाड़ियों से भी बचना पड़ता है और सड़क किनारे खड़े वाहनों के बीच से भी निकलना पड़ता है। स्थानीय नागरिक प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस समस्या को कब गंभीरता से लेंगे और क्या यहाँ से रोज़ाना गुज़रने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता नहीं है। जनता की माँग है कि इस पूरे क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए, सर्विस लेन को व्यवस्थित और निरंतर बनाया जाए, अवैध रूप से सड़क घेरने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो, तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर उचित संकेतक, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। यह जनहित में उठाई गई आवाज़ है और चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी उन सभी संबंधित विभागों की होगी जिन्होंने चेतावनी के बावजूद आँखें मूंदे रखीं। तिलहर की जनता अब प्रशासन से जवाब चाहती है कि विकास के नाम पर बने इस मार्ग पर उन्हें सुरक्षित चलने का अधिकार कब मिलेगा और कब प्रशासन कागज़ों से निकलकर ज़मीनी हकीकत देखने आएगा।1