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हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में आधुनिक 'अल्फा पैडागोजी' शिक्षण पद्धति लागू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक स्तर के बच्चों के बुनियादी ज्ञान को मजबूत करने के मकसद से राज्य सरकार ने लखनऊ स्थित 'देवी संस्थान' के साथ तीन वर्षों के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस साझेदारी की घोषणा करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में 'देवी संस्थान' के सहयोग से सोलन और शिमला जिलों के कुछ चुनौतीपूर्ण ब्लॉकों में प्रायोगिक (Pilot) आधार पर इसकी शुरुआत की गई थी। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए पहले इसे 6 जिलों और अब प्रदेश के सभी 12 जिलों के प्राथमिक स्कूलों में लागू किया जा रहा है। प्रथम चरण में यह समझौता 3 साल के लिए 'वन-टाइम' पहल के रूप में किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए पढ़ाई को तनावमुक्त, सहज और आनंददायक बनाकर बुनियादी स्तर (FLN) में सुधार करना है। भविष्य में आवश्यकता महसूस होने पर इस समझौते को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

4 hrs ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
4 hrs ago

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए पूरे प्रदेश में आधुनिक 'अल्फा पैडागोजी' शिक्षण पद्धति लागू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक स्तर के बच्चों के बुनियादी ज्ञान को मजबूत करने के मकसद

से राज्य सरकार ने लखनऊ स्थित 'देवी संस्थान' के साथ तीन वर्षों के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस साझेदारी की घोषणा करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में 'देवी संस्थान' के सहयोग से सोलन और शिमला जिलों के

कुछ चुनौतीपूर्ण ब्लॉकों में प्रायोगिक (Pilot) आधार पर इसकी शुरुआत की गई थी। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए पहले इसे 6 जिलों और अब प्रदेश के सभी 12 जिलों के प्राथमिक स्कूलों में लागू किया जा रहा है। प्रथम चरण में यह समझौता 3 साल के

लिए 'वन-टाइम' पहल के रूप में किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के लिए पढ़ाई को तनावमुक्त, सहज और आनंददायक बनाकर बुनियादी स्तर (FLN) में सुधार करना है। भविष्य में आवश्यकता महसूस होने पर इस समझौते को आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

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  • हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' (क्लस्टर सिस्टम) और अपनी 25 सूत्रीय लंबित मांगों के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन बेहद उग्र हो गया है। अपनी मांगों को लेकर 11 जुलाई को कांगड़ा के माता बगलामुखी मंदिर से शुरू हुई प्राथमिक शिक्षक संघ की पदयात्रा विभिन्न जिलों से गुजरते हुए शिमला पहुंच चुकी है। मामले को शांत करने के लिए सरकार ने शिक्षक संघ को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। इसके बावजूद शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विवादित अधिसूचना को रद्द करने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में प्रस्तावित उनका विशाल धरना-प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। शिक्षकों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक आंदोलन करार दिया है। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक शिक्षा का मौजूदा मजबूत ढांचा वर्ष 1984 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह की सरकार के दौरान तैयार किया गया था, लेकिन आज उसी पार्टी की सरकार इस ऐतिहासिक ढांचे को मिटाने पर तुली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 से 20 प्राथमिक स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल के अधीन करना गुणात्मक सुधार के नाम पर छलावा है, जिसका असल मकसद जेबीटी के 5,000 रिक्त पदों को न भरना है। प्रदेश के करीब 3,000 प्राथमिक विद्यालयों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है और 200 स्कूल शिक्षकों की कमी से तालाबंदी झेल रहे हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को चुनाव व जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है। इन तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद प्राथमिक शिक्षकों की मेहनत के बल पर हिमाचल प्रदेश ने 'असर' (ASER) रिपोर्ट 2023 में केरल को पछाड़कर देश में पहला स्थान पाया और नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) 2024 में तीसरी कक्षा के वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इन उपलब्धियों की सराहना करने के बजाय पिछले दो सालों से अंडर-12 खेल गतिविधियों को बंद रखकर बच्चों का विकास रोक रही है। सरकार ने 26 अप्रैल 2025 के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद संघ के आठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया और कई पर एफआईआर दर्ज करवा दी। रमेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम रद्द नहीं हुआ और जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन पर लगी तीन साल की रोक, दो साल बाद हायर ग्रेड पे की बहाली तथा छठे वेतन आयोग व महंगाई भत्ते के बकाए का भुगतान नहीं किया गया, तो संघ वर्ष 2027 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन चलाएगा। इस आंदोलन को प्रदेश के 60 हजार बेरोजगार जेबीटी युवाओं और एनटीटी अभ्यर्थियों का भी समर्थन प्राप्त है।
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    हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए गए 'न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम' (क्लस्टर सिस्टम) और अपनी 25 सूत्रीय लंबित मांगों के विरोध में प्राथमिक शिक्षकों का आंदोलन बेहद उग्र हो गया है। अपनी मांगों को लेकर 11 जुलाई को कांगड़ा के माता बगलामुखी मंदिर से शुरू हुई प्राथमिक शिक्षक संघ की पदयात्रा विभिन्न जिलों से गुजरते हुए शिमला पहुंच चुकी है। मामले को शांत करने के लिए सरकार ने शिक्षक संघ को शाम पांच बजे मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। इसके बावजूद शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विवादित अधिसूचना को रद्द करने का ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक 26 जुलाई को शिमला के चौड़ा मैदान में प्रस्तावित उनका विशाल धरना-प्रदर्शन तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। शिक्षकों ने इसे अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक आंदोलन करार दिया है।

हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने प्रेसवार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक शिक्षा का मौजूदा मजबूत ढांचा वर्ष 1984 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह की सरकार के दौरान तैयार किया गया था, लेकिन आज उसी पार्टी की सरकार इस ऐतिहासिक ढांचे को मिटाने पर तुली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 से 20 प्राथमिक स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल के अधीन करना गुणात्मक सुधार के नाम पर छलावा है, जिसका असल मकसद जेबीटी के 5,000 रिक्त पदों को न भरना है। प्रदेश के करीब 3,000 प्राथमिक विद्यालयों में केवल एक ही शिक्षक तैनात है और 200 स्कूल शिक्षकों की कमी से तालाबंदी झेल रहे हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों को चुनाव व जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है।

इन तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद प्राथमिक शिक्षकों की मेहनत के बल पर हिमाचल प्रदेश ने 'असर' (ASER) रिपोर्ट 2023 में केरल को पछाड़कर देश में पहला स्थान पाया और नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) 2024 में तीसरी कक्षा के वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया। संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इन उपलब्धियों की सराहना करने के बजाय पिछले दो सालों से अंडर-12 खेल गतिविधियों को बंद रखकर बच्चों का विकास रोक रही है। सरकार ने 26 अप्रैल 2025 के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद संघ के आठ पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया और कई पर एफआईआर दर्ज करवा दी। रमेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि न्यू कॉम्प्लेक्स सिस्टम रद्द नहीं हुआ और जेबीटी से टीजीटी प्रमोशन पर लगी तीन साल की रोक, दो साल बाद हायर ग्रेड पे की बहाली तथा छठे वेतन आयोग व महंगाई भत्ते के बकाए का भुगतान नहीं किया गया, तो संघ वर्ष 2027 तक अनिश्चितकालीन आंदोलन चलाएगा। इस आंदोलन को प्रदेश के 60 हजार बेरोजगार जेबीटी युवाओं और एनटीटी अभ्यर्थियों का भी समर्थन प्राप्त है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    4 hrs ago
  • हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को नशा मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ आयोजित यूथ मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे के खिलाफ एकजुट होकर जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत है और नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं की भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मैराथन के दौरान युवाओं ने नशा मुक्त हरियाणा के समर्थन में संदेश दिए और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ते हुए नशे के प्रति जनजागरण फैलाना रहा।
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    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को नशा मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ आयोजित यूथ मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे के खिलाफ एकजुट होकर जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत है और नशे जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं की भागीदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मैराथन के दौरान युवाओं ने नशा मुक्त हरियाणा के समर्थन में संदेश दिए और समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेल, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ते हुए नशे के प्रति जनजागरण फैलाना रहा।
    user_Shri ram
    Shri ram
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    2 hrs ago
  • हर बार केवल युवाओं को ही परीक्षा क्यों देनी पड़े और सरकारों की परीक्षा क्यों न हो, इसे लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिर क्यों हर बार परीक्षा का सारा सामना युवाओं को ही करना पड़ता है, जबकि सरकारों की कोई परीक्षा नहीं होती।
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    हर बार केवल युवाओं को ही परीक्षा क्यों देनी पड़े और सरकारों की परीक्षा क्यों न हो, इसे लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए यह प्रश्न खड़ा किया गया है कि आखिर क्यों हर बार परीक्षा का सारा सामना युवाओं को ही करना पड़ता है, जबकि सरकारों की कोई परीक्षा नहीं होती।
    user_खबर आज
    खबर आज
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के लंबे समय से चले आ रहे प्रदर्शन के बाद आखिरकार अपना इस्तीफा दे दिया है।
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    शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के लंबे समय से चले आ रहे प्रदर्शन के बाद आखिरकार अपना इस्तीफा दे दिया है।
    user_Daily Media 24 News
    Daily Media 24 News
    पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    18 hrs ago
  • हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार पंचकूला में NEET और CBSE के छात्रों के समर्थन में कैंडल मार्च, प्रदर्शन एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचकूला विधायक चौ चंद्रमोहन और कालका से पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने की। प्रदर्शन में जिले के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
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    हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार पंचकूला में NEET और CBSE के छात्रों के समर्थन में कैंडल मार्च, प्रदर्शन एवं सत्याग्रह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचकूला विधायक चौ चंद्रमोहन और कालका से पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने की। प्रदर्शन में जिले के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।

यह प्रदर्शन जंतर-मंतर पर छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराती रहेगी।
    user_Newz India 27
    Newz India 27
    Crime News Channel Panchkula, Haryana•
    19 hrs ago
  • NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी सियासी घटनाक्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। AICC प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की बहुत बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और उनके द्वारा छेड़े गए आंदोलन का परिणाम है। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी छात्रों के पक्ष में उतरे थे। उन्होंने कहा कि आधी रात में प्रधानमंत्री को वीडियो संदेश जारी करना पड़ा, जिससे स्थिति का अंदाजा हो गया था और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा। राठौर ने स्पष्ट किया कि उनकी धर्मेंद्र प्रधान से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन वे अपने मंत्रालय को संभालने में असमर्थ थे। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
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    NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी सियासी घटनाक्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है। AICC प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की बहुत बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि छात्रों की आवाज और उनके द्वारा छेड़े गए आंदोलन का परिणाम है।

कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी छात्रों के पक्ष में उतरे थे। उन्होंने कहा कि आधी रात में प्रधानमंत्री को वीडियो संदेश जारी करना पड़ा, जिससे स्थिति का अंदाजा हो गया था और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को पद छोड़ना पड़ा। राठौर ने स्पष्ट किया कि उनकी धर्मेंद्र प्रधान से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन वे अपने मंत्रालय को संभालने में असमर्थ थे। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    4 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में रात को हुई भारी बारिश के कारण डीम रोड स्थित भैखवा नाले में मलबा आ गया है, जिसके चलते मार्ग बंद हो गया है।
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    हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में रात को हुई भारी बारिश के कारण डीम रोड स्थित भैखवा नाले में मलबा आ गया है, जिसके चलते मार्ग बंद हो गया है।
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
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